मंगलवार, 30 अगस्त 2022

राज्य सरकार सभी मांगों को करेगी पूरा। अभियान शुरू। देखिए ये रिपोर्ट


गोपालगंज में समान काम के लिए समान वेतन , राज्य कर्मी का दर्जा देने और पुरानी पेंशन लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर जिले के नियोजित शिक्षकों ने आंदोलन तेज वूं वु कर दिया है । इस क्रम में सोमवार को बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ गोपालगंज के आह्वान पर जिले के शिक्षकों ने हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत की । संघ के जिलाध्यक्ष रतिकांत साह ने बताया कि सूबे के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने वादा किया था कि महागठबंधन की सरकार बनने पर राज्य के नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा पुरानी पेंशन योजना , समान काम का समान वेतन सहित सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी । सूबे के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि बिहार के शिक्षक अपने स्कूलों में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाएं तो राज्य सरकार उनकी सभी मांगों को पूरा कर देगी । इसको लेकर सभी नियोजित शिक्षक हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर नई सरकार से अपना वादा पूरा करने की मांग करेंगे ।हस्ताक्षर अभियान में शिक्षक जलेसर प्रसाद ,  ताजुद्दीन , नितेश कुमार के साथ अन्य शिक्षक भी शामिल थे। 

आपको बता दे की  गोपालगंज शहर स्थित जिला कार्यालय में सोमवार को प्रारंभिक माध्यमिक शिक्षक संघ की भी बैठक हुई । बैठक की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष रणदीप सिंह ने की । बैठक में प्रखंड स्तरीय व जिला स्तरीय मुद्दों पर चर्चा की गई । जिला अध्यक्ष ने कहा कि संघ | को मजबूती प्रदान करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे । जिले किसी भी शिक्षक को यदि कोई समस्या हो तो संघ के | पदाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या से अवश्य अवगत कराएं , ताकि समस्या का समाधान जिला स्तर पर कराया जा सके । | बैठक में एरियर भुगतान , नव नियुक्त शिक्षकों का सेवा पुस्तिका , महगाई भत्ता का एरियर भुगतान , अर्जिता अवकाश संबंधी पत्र निर्गत आदि पर विस्तृत चर्चा की गई । जिलाध्यक्ष ने संघ द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में जिला से शिक्षक को चयनित करने पर चर्चा की । बैठक में जिले के सभी प्रखंडों से शिक्षक प्रतिनिधि ने भाग लिया ।




सोमवार, 29 अगस्त 2022

प्रबंधन समिति की निगरानी में प्रधानाध्यापक और शिक्षक करेंगे कार्य। देखिए ये रिपोर्ट




राज्य के सभी 9430 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की प्रबंध समितियों को व्यापक अधिकार दिए गए हैं। इससे संबंधित प्रविधान बिहार राजकीयकृत माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रबंध समिति गठन एवं संचालन नियमावली में किए गए हैं। यह तत्काल प्रभाव से लागू भी है।प्रविधान के मुताबिक प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के कार्यकलापों पर प्रबंध समिति की निगरानी रहेगी . विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में सुधार , शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों पर नियंत्रण , उन्हें समयनिष्ठ बनाना , उपस्कर एवं अन्य सामग्री का संरक्षण उनका लेखा , रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए सक्षम प्राधिकार का ध्यान आकृष्ट कराना , शिक्षक प्रशिक्षण की व्यवस्था संचालन में अभिभावकों एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के सहयोग की व्यवस्था , विद्यालय भवन की मरम्मती एवं सफाई की व्यवस्था , विद्यालय के विकास कार्यक्रमों की व्यवस्था , अनुदान राशि का समय पर उपयोग व लेखा संधारण की व्यवस्था जैसे अधिकार प्रबंध समितियों को दिए गए हैं। प्रबंध समिति के सभी निर्णय बहुमत द्वारा लिए जायेंगे। 

शिक्षा विभाग ने नए प्रविधान के तहत प्रबंध समितियों के लिए विद्यालय विकास कार्य योजना बनाकर उसका ससमय क्रियान्वयन को अनिवार्य कर दिया है। यहां तक कि प्रबंध समिति की बैठक समय - समय पर बुलाने , शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों पर पूर्ण नियंत्रण , विद्यालय में समुचित अनुशासन , शिक्षण की प्रगति , पाठ्यक्रम के तहत शिक्षको की प्रगति , विद्यालय भवन , उपस्कर , पाठ्यसामग्री , कक्षा , प्रयोगशाला , पुस्तकालय की समुचित साफ - सफाई , मासिक , त्रैमासिक , अद्ववार्षिक एवं वार्षिक परीक्षाओं का समय से संचालन , मूल्यांकन एवं परीक्षाफल , खेलकूद एकेडमिक कैलेंडर का जिम्मा भी प्रबंध समितियों के अधिकार में होगा। 

सोमवार, 1 अगस्त 2022

स्कूल जांच मे एमडीएम की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं । प्रधानाध्यापक ने दिया जवाब। देखिए ये रिपोर्ट


विक्रमगंज। स्कूली बच्चों को पोषण युक्त आहार उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में संचालित मध्याहन भोजन योजना का नाम बदल कर प्रधानमंत्री पोषण योजना कर दिया गया है । नाम बदलने के बाद भी विद्यालयों में दिए जाने वाले मिड डे मील की तस्वीर नहीं बदली है । इन दिनों पंचायतों में संचालित स्कूलों की जांच की जा रही है । निरीक्षण के दौरान 60 फीसदी से अधिक विद्यालयों में संचालित एमडीएम योजना की गुणवत्ता में कमी पाई जा रही है । निरीक्षण से स्पष्ट है कि कहीं बच्चों को कम एमडीएम दिया जा रहा है , तो कहीं है । बताया जाता है कि लिमिट और महंगाई ने प्रधानमंत्री पोषण योजना का जायका बिगाड़ दिया है । 

प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत एक पांच कक्षा के बच्चों को 4.97 रुपये और कक्षा छह से आठ तक के छात्रों को 7.45 रुपये की दर से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है । दाल , सब्जी , तेल , रसोई गैस की कीमतों में प्रत्येक दिन तेजी आ रही है । ऐसे में प्रधानाध्यापक के लिए इतनी कम राशि में गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है ।

दूसरी ओर विद्यालयों का लिमिट तय कर दिया गया है । किसी विद्यालय में अगर 70 या 80 प्रतिशत बच्चे आते हैं , तो भी प्रधानाध्यापक को 63 प्रतिशत बच्चे के लिए निर्धारित राशि ही मिलेगी । ऐसे में शेष बच्चों को प्रधानाध्यापक अपनी जेब से कैसे मध्याह्न भोजन खिलाएंगे । प्रधानमंत्री पोषण योजना में किसी भी प्रकार की खर्च की गई राशि का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जाना है । यह राशि भी सीधे वेंडर के खाते में जाएगी । शिक्षक शेखर गुप्ता ने कहा कि पीएफएमस प्रणाली से राशि भुगतान में काफी परेशानी आती है । अभी तक आधे विद्यालयों का भी बीते माह के विपत्र का भुगतान नहीं हो पाया है । प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रेणु देवी कहती हैं कि पोर्टल पर विपत्र अपलोड करने में समस्या आ रही है । इसके बावजूद 50 प्रतिशत से अधिक के विपत्र का भुगतान हो गया है । 

सोमवार, 25 जुलाई 2022

शिक्षकों का नियोजन रद्द कर वेतन लौटाने का आदेश। देखिए रिपोर्ट


करगहर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियोजित 14 शिक्षकों का नियोजन रद्द कर दिया गया । इस आशय की जानकारी बीईओ राज किशोर यादव ने दी । उन्होंने बताया कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के निर्देश पर उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद दिल्ली से निर्गत इंटरमीडिएट के अंकपत्र व प्रमाण पत्रों के आधार पर नियोजन का लाभ लेने वाले शिक्षकों का नियोजन रद्द करते हुए उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है ।

उन्होंने बताया कि यह संस्था बिहार सरकार द्वारा अमान्य घोषित की गई है । इसके बाद भी नियोजन इकाइयों द्वारा शिक्षक पद पर नियोजित कर दिया गया । 2008 से 2012 के बीच किए गए नियोजित शिक्षकों का वेतन लौटाने का आदेश दिया गया है । उन्होंने बताया कि फर्जी प्रमाण के आधार पर उत्क्रमित मध्य  विद्यालय कुडिआरी , संजय सिंह ,  मोहम्मद औरंगजेब आलम , प्राथमिक विद्यालय कनक सेमरियां हाजरा खातून , प्राथमिक विद्यालय ठोरसन मनोज कुमार पासवान प्राथमिक विद्यालय अमवलिया सदानमोइन आरजु , प्राथमिक विद्यालय अमवलिया पुष्पा कुमारी प्राथमिक विद्यालय घोरडीहां रंभा कुमारी प्राथमिक विद्यालय कौवाखोच संगीता कुमारी , प्राथमिक विद्यालय उग्रसेनपुर गोपाल तिवारी , प्राथमिक विद्यालय खड़कपुरा सुनीता कुमारी , प्राथमिक विद्यालय मठिया रसूलपुर हिमांशु सिंह , प्राथमिक विद्यालय जैतपुरा माधुरी कुमारी व रमेश कुमार सिंह सहित 14 नियोजित शिक्षकों का प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर नियोजन रद्द किया गया है ।

चयन रद्द करने वाले शिक्षकों ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा जारी किए गए अमान्य संस्थाओं की सूची में इस संस्था का नाम नहीं है । फिर भी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा भावना से ग्रसित होकर यह कार्रवाई की गई है । जो जांच का विषय है ।




 

गुरुवार, 14 जुलाई 2022

जांच में शिक्षको का कटा वेतन। प्रधानाध्यापक को हटाने की मांग। देखिए यह रिपोर्ट




राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में प्रत्येक बुधवार को योजनाओं की मौके पर की जाने वाली जांच में बेनीपुर के जिलाधिकारी राजीव रौशन और संबंधित अधिकारियों ने पंचायतों जाकर योजनाओं और शिक्षण संस्थानों की जांच की । जिसमें गंभीर अनियमितता सामने आई । जिलाधिकारी स्वयं पोहद्दी पंगायत में जांच के लिए पहुंचे । जिलाधिकारी के साथ क्षेत्रीय विधायक डॉ . विनय कुमार चौधरी भी थे । इस क्रम में जब जिलाधिकारी पोहद्दी पंचायत के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय पर पहुंचे , तो विद्यालय बंद मिला। इस दौरान ग्रामीणों ने स्कूल में व्याप्त कुव्यवस्था , शैक्षणिक एवं वित्तीय अनियमितता को लेकर डी एम के सामने शिकायतों की बौछार कर दी ।विद्यालय में झूल रहे ताला एवं ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल बीईओ इन्दु सिन्हा को तलब कर उन्हें जमकर फटकार लगाते हुए सभी शिक्षकों का 1 दिन का वेतन काटने  का आदेश दे दिया।वहीं ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक विनोद पासवान पर नशे के हालात में विद्यालय आने की शिकायत करते हुए उन्हें प्रधानाध्यापक कार्य से मुक्त करने की भी मांग की ।


इसके बाद जिलाधिकारी प्लस टू उच्च विद्यालय , महिनाम पहुंचे । जहां उन्होंने साफ - सफाई शैक्षणिक व्यवस्था आदि की गहन जांच की । इस दौरान शिक्षक बसंत कुमार को 11:00 बजे विद्यालय पहुंचने तथा लाइबेरियन श्रद्धा भारती को विद्यालय से कई दिनों से गायब होने का भी मामला प्रकाश में आया वैसे प्रधानाध्यापक ने कहा कि लाइबेरियन जिला में कहीं प्रति नियोजन पर है । महीना में उच्च विद्यालय पर एक से दो दिन विद्यालय आ जाती है ।


जिलाधिकारी के आने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और यहां भी व्याप्त शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने डीएम से जमकर शिकायत करते हुए प्रधानाध्यापक विनोद कुमार को यहां से हटा देने की मांग की । जिलाधिकारी ने पढ़ा रहे शिक्षकों की बीच गये जहां छात्रा नन्दनी कुमारी से सवाल किये , फिर शिक्षकों से भी गणित से सवाल किए फिर शिक्षक घनश्याम झा ने सहजता से सवाल छात्रों को समझाया विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए शिक्षकों के साथ बैठक कर कई सुझाव दिए । पोहद्दी पंचायत के आरटीपीएस काउंटर का निरीक्षण किया । जहां कार्यपालक सहायक अंशु कुमारी आरटीपीएस काउंटर संचालन की महज खानापूरी में जुटी हुई थी । ग्रामीणों ने कहा कि आरटीपीएस काउंटर अधिकांश समय बंद ही रहता है । इसके अलावा वार्ड 12 एवं 7 में पीएचईडी विभाग द्वारा बने नल जल योजना का भी निरीक्षण किया जो पूर्णतः बंद मिला । इस दौरान विधायक डॉ . विनय कुमार चौधरी , प्रमुख चौधरी मुकुंद , पंचायत समिति सदस्य प्रेम कुमार , जदयू नेता अमित कुमार राय आदि मौजूद थे । 

बुधवार, 6 जुलाई 2022

राशि नही मिलने पर शिक्षको पर तलवार से वार। शिक्षको का भुगतान शुरू



राज्य में  हो गया है । नवनियुक्त प्रारंभिक शिक्षकों की संख्या तकरीबन 42 हजार है । शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी के निर्देश के बाद नवनियुक्त प्रारंभिक शिक्षकों का वेतन भुगतान शुरू हुआ है । अब तक कटिहार , नवादा , समस्तीपुर , रोहतास में नवनियुक्त शिक्षकों को गत फरवरी एवं मार्च माह के वेतन का भुगतान किया जा चुकाW है । कटिहार जिले के नवनियुक्त शिक्षकों के खाते में अप्रैल और मई का वेतन भी जल्द जाने वाला है । यह बात दीगर है कि कई जिलों में नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन का अभी भी इंतजार है । नवनियुक्त शिक्षक सौरव कुमार ने बताया कि जमुई में अब तक कागजी प्रक्रिया ही चल रही है । उन्होंने बाकी जिलों में भी भुगतान को लेकर गतिरोध की स्थिति समाप्त करने का आग्रह किया है ।



अररिया जिले के जोकीहाट प्रखंड में भगवानपुर पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय भगवानपुर में मंगलवार को एक अजीबोगरीब घटना घटी। विद्यालय में शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे। इसी बीच लुंगी पहने एक व्यक्ति अकबर  को गाली देने लगा। तलवार से मारने की धमकी दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। अकबर के बच्चे उस विद्यालय में पढ़ते हैं।लेकिन अब तक उसके बच्चे को किताब और पोशाक राशि नहीं मिल पाई है। इस वजह से वह नाराज था।

शनिवार, 2 जुलाई 2022

सरकारी कर्मियों के लिए अच्छी खबर।वेतन में 6% की वृद्धि।देखिए ये रिपोर्ट



सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर आई है।मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार  सरकार सरकारी कर्मचारियों के लगभग डेढ़ साल के डीए एरियर का एकमुश्त भुगतान करने का मन बना रही है  देश के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के लिए यह अच्छी खबर है।  सरकारी कर्मी  काफी लंबे वक्त से अपने बकाया डीए की मांग कर रहे हैं।

आपको बता दें मार्च में हुए महंगाई के आंकड़ों में वृद्धि के चलते सरकारी कर्मचारियों का डीए यानी महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला हुआ था।फिलहाल सरकारी कर्मचारियों को 34 फीसदी हिसाब से डीए मिल रहा है . हालांकि जल्द ही सरकारी कर्मचारियों के डीए में फिर से बढ़ोतरी होगी . माना जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों का डीए 4 से 6 फीसदी तक बढ़ सकता है . ऐसी उम्मीदें हैं कि सरकारी कर्मचारियों के डीए में इस साल जुलाई से ही बढ़ोतरी संभव है . अगर जुलाई में सरकारी कर्मचारियों का डीए 4 फीसदी तक बढ़ता है तो यह 38 फीसदी तक हो जाएगा।

गुरुवार, 31 मार्च 2022

शिक्षको के वेतन में हुई वृद्धि।मैट्रिक रिजल्ट का समय जारी।देखिए ये रिपोर्ट


शिक्षको और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है । सूत्रों के मुताबिक सरकार ने उनके महंगाई भत्ते  में तीन फीसदी की बढ़ोतरी का फैसला किया है। डीए साल में दो बार जनवरी से जुलाई के बीच अपडेट किया जाता है । महंगाई भत्ते की वर्तमान दर को मूल वेतन से गुणा करके डीए का कैलकुलेशन किया जाता है । सरकारी कर्मचारियों और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को डीए दिया जाता है । यह कर्मचारियों को उनके रहने के खर्च में मदद करने के लिए दिया जाता है । डीए में बढ़ोतरी से केंद्रीय कर्मचारियों को राहत मिलेगी । इसके साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों का डीए अब 31 फीसदी से बढ़कर 34 फीसदी हो गया है । यानी कि जनवरी 2022 में डीए में 3% की वृद्धि की गई है।

बिहार बोर्ड मैट्रिक का रिजल्ट आज एक बजे जारी होगा।

शिक्षा विभाग के सभागार में अपराह्न एक बजे वेबसाइट पर रिजल्ट जारी होगा । बिहार बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि रिजल्ट शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी जारी करेंगे । शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे । पहली बार मैट्रिक का रिजल्ट मार्च में जारी हो रहा है । अभी तक अप्रैल या उसके बाद ही रिजल्ट निकलता था । 2021 में पांच अप्रैल , 2020 में पांच मई को रिजल्ट जारी हुआ था । कोरोना संक्रमण के कारण 2020 और 2021 में रिजल्ट जारी करने में देरी हुई थी । मैट्रिक परीक्षा 17 से 24 फरवरी तक ली गयी थी । परीक्षा में राज्यभर से 16 लाख 48 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे ।


बुधवार, 30 मार्च 2022

समय सीमा के साथ स्कूल हुवा मॉर्निंग।देखिए ये रिपोर्ट



शिक्षा विभाग के द्वारा दिए गये आदेश के आलोक में पश्चिम चंपारण जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों बुनियादी सहित  / माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में दिनांक 04.04.2022 से प्रातःकालीन सत्र का संचालन किया जाएगा। आपको बता दे कि प्रातःकालीन सत्र ग्रीष्मावकाश के पहले प्राथमिक / मध्य विद्यालय में दिनांक 07 जून  तक , राजकीय बुनियादी विद्यालय में दिनांक 31 मई तक एवं माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय दिनांक 22 मई तक संचालित करने का आदेश दिया गया है । ग्रीष्मावकाश के पश्चात सभी विद्यालय का संचालन पूर्व में निर्गत विभागीय निदेश के आलोक में संचालित होगा ।  विद्यालय प्रातःकालीन सत्र में पूर्वाहन 06 बजकर 30 मिनट से 11बजकर 30 मिनट  तक संचालित होगी तथा प्रारंभिक विद्यालयों में  मध्याहन भोजन  संचालित करने की व्यवस्था 11 बजकर 30 मिनट पूर्वाहन से की जाएगी।





डिजिटल पे स्लिप शिक्षक करे डाउनलोड। लिंक पर क्लिक करके।

 

डिजीटल पे स्लिप डाउनलोड करने के लिए शिक्षक नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके अपना डिजिटल पे स्लिप डाउनलोड कर सकते है।


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✅ डाऊनलोड करने के लिए ऊपर के ब्लू लिंक में क्लिक करने से पेज खुलेगा।

✅ अपना UAN नं, आधार नं के अंतिम 5 अंक और जन्मतिथि दर्ज कर Search बटन पर क्लिक करें।

☑️ अपना मोबाइल नं दर्ज कर Send OTP पर क्लिक करें।

☑️ आपके मोबाइल पर SMS से जो OTP प्राप्त हुआ है उसे दर्ज कर verify करें।

✳️ आपके नाम का सूची आ जायेगा view पर क्लिक करने से आपका Pay-Slip डाऊनलोड हो जाएगा।


शिक्षको का एरियर भुगतान करने का आदेश जारी।देखिए ये रिपोरी



बेगूसराय के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी बीइओ को आदेश दिया है कि 15 % वेतन वृद्धि के साथ वेतन निर्धारण उपरांत दिनांक 01.04.2021 से अंतर वेतन की राशि की गणना करते हुए सम्बंधित विपत्र अधोहस्ताक्षरी को पत्र निर्गत तिथि से 24 घंटे के अन्दर उपलब्ध करावे ताकि इस संबंध में अग्रेतर कार्रवाई की जा सके । विपत्र बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाय कि पूर्व में गलत वेतन निर्धारण के कारण भुगतान की गयी राशि का समायोजन करने के उपरांत ही विपत्र भेजा जाय । अन्यथा इसकी सम्पूर्ण जवाबदेही बीइओ की होगी । साथ ही डिजिटल हस्ताक्षरित निर्धारित विपत्र की प्रति उपलब्ध होने पर ही बकाया वेतन विपत्र उपस्थापित किया जाय , विपत्र बनाते समय अगर किसी भी प्रकार की त्रुटि FIXATION SIP मे दिखाई देती  तो इसकी सूचना यथाशीघ्र अधोहस्ताक्षरी को दे एव तत्पश्चात प्राप्त निदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई करें । नीचे डिस्क्रिप्शन में पत्र का लिंक दिया हुआ है आप लिंक पर क्लिक करके पत्र डाउनलोड कर सकते है।






मंगलवार, 29 मार्च 2022

1 अप्रैल से स्कूल मॉर्निंग।वेतन मद में राशि जारी।देखिए ये रिपोर्ट

 


एक अप्रैल से स्कूलों में चलेगा मॉर्निंग क्लास। अधिकतम तापमान में वृद्धि को देखते हुए एक अप्रैल से जहानाबाद के सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों में कक्षा एक से लेकर आठ तक का संचालन सुबह से होगा । जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस आशय का निर्देश जारी किया है । उन्होंने कहा है कि सभी विद्यालय सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े 12 बजे तक संचालित किए जाएंगे । हिन्दी विद्यालय शनिवार तथा उर्दू विद्यालय गुरुवार को साढ़े छह बजे से 10 बजे तक संचालित किए जाएंगे ।

समग्र शिक्षा अभियान मद में 15 अरब 63 करोड़ 62 लाख 30 हजार 667 रुपये की राशि जारी हुई है । इसमें 9 अरब 40 करोड़ 19 लाख 22 हजार रुपये की राशि केंद्रांश मद की एवं 6 अरब 23 करोड़ 43 लाख 8 हजार 667 रुपये की राशि राज्यांश मद की है । यह राशि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए है । आपको याद दिला दूं कि केंद्र सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान , राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान एवं शिक्षक शिक्षा की योजनाओं को एकीकृत कर प्री स्कूल से 12 वीं कक्षा तक के लिए नयी योजना ' समग्र शिक्षा अभियान ' शुरू किया है।

सोमवार, 7 मार्च 2022

प्रधानाध्यापको के कार्यों की अब होगी निगरानी ।नए सत्र से लागू।देखिए ये रिपोर्ट


राज्य में राजकीयकृत , परियोजना एवं उत्क्रमित माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पदस्थापित प्रधानाध्यापकों कार्यों एवं शिक्षकों शैक्षणिक कार्यों की अब निगरानी होगी । यह व्यवस्था नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगी । इसका खासा प्रविधान स्कूलों की प्रबंध समिति की संशोधित नियमावली में की गई है । प्रबंध समिति को व्यापक अधिकार भी दिए गए है। समिति को शैक्षणिक वित्तीय प्रशासनिक अधिकार भी दिए गए हैं शिक्षा विभाग के मुताबिक बिहार राजकीयकृत माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रबंध समिति गठन एवं संचालन नियमावली , 2022 के तहत स्कूलों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के कार्यकलापों पर प्रबंध समिति की निगरानी रहेगी । 


विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में सुधार हेतु समुचित अनशासन , शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों पर समुचित नियंत्रण शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को समयनिष्ठ बनाना , उपस्कर एवं अन्य सामग्री का संरक्षण उनका लेखा रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए सक्षम प्राधिकार का ध्यान आकृष्ट कराना , शिक्षकों के गहन प्रशिक्षण की व्यवस्था विद्यालय के संचालन में अभिभावकों एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के सहयोग की व्यवस्था विद्यालय भवन की मरम्मती एवं सफाई की व्यवस्था विद्यालय के विकास कार्यक्रमों की व्यवस्था , विकास के लिए प्राप्त अनुदान राशि का समय पर उपयोग व लेखा संधारण की व्यवस्था तथा विद्यालय के हित में अन्य आवश्यक कार्रवाई के अधिकार प्रबंध समिति को दिये गये हैं ।

शुक्रवार, 4 मार्च 2022

नौकरी की उम्र और पेंशन देने की तैयारी कर रही सरकार।देखिए ये रिपोर्ट



कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र और पेंशन की राशि बढ़ाने पर दिल्ली सरकार विचार कर रही है । प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति की तरफ से ये प्रस्ताव भेजा गया है । इसमें देश में लोगों के काम करने की उम्र सीमा बढ़ाई जाने की बात की गई है । साथ ही पीएम की आर्थिक सलाहकार समिति ने कहा है कि देश में रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने के साथ यूनिवर्सल पेंशन सिस्टम भी शुरू किया जाना चाहिए । समिति की रिपोर्ट के अनुसार , इस सुझाव के तहत कर्मचारियों को हर महीने कम से कम 2000 रुपये का पेंशन दिया जाना चाहिए । आपको बता दें कि आर्थिक सलाहकार समिति ने देश में सीनियर सिटीजन की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था करने की सिफारिश की है । रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कामकाजी उम्र की आबादी को बढ़ाना है तो इसके लिए सेवनिर्विति की उम्र को बढ़ाने की सख्त जरूरत है । सामाजिक सुरक्षा प्रणाली परT दबाव को कम करने के लिए ऐसा किया जा सकता है । रिपोर्ट में 50 साल से ऊपर के व्यक्तियों के लिए भी स्किल डेवलपमेंट की बात भी कही गई है ।

गुरुवार, 3 मार्च 2022

प्रधानाध्याप नियक्ति में 50% अंक के साथ 8 साल का अनुभव जरूरी।परीक्षा में कटेंगे नंबर।देखिए ये रिपोर्ट



अप्रैल से राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में 40,506 प्रधान शिक्षकों और माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 6421 प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा। इस पर शिक्षा विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग के बीच सहमति बन गई है। दोनों पदों पर नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा होगी और 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी  के मुताबिक प्रत्येक प्रश्न एक अंक के होंगे। 0.25 प्रतिशत निगेटिव मार्किंग होगी। यानी चार प्रश्न के गलत उत्तर देने पर एक अंक कटेंगे। दो घंटे की परीक्षा होगी। परीक्षा में संबंधित हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामान्य अध्ययन और शिक्षक एप्टीट्यूट से जुड़े प्रश्न  पूछे जाएंगे। प्रधानाध्यापक का संवर्ग प्रमंडल और प्रधान शिक्षक का संवर्ग जिला स्तर का होगा। प्रधानाध्यापक का तबादला प्रमंडल और प्रधान शिक्षक का तबादला जिला स्तर पर होगा। राज्य सरकार के नियमित कर्मियों की तरह इन शिक्षकों को सरकार से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिलेगा। प्रधान शिक्षक के सबसे अधिक 1980 खाली पद पटना जिले में हैं। जबकि प्रधानाध्यापक के सबसे अधिक पद 342 पूर्वी चंपारण रिक्त हैं। प्रधान शिक्षक के सबसे कम पद 216 शिवहर जिले में हैं।


आपको बता दे कि न्यूनतम 31 और अधिकतम 47 वर्ष आयु के शिक्षक प्रधानाध्यापक के लिए आवेदन के पात्र होंगे। 2012 या उसके प्रारंभिक बाद नियुक्त शिक्षक के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यक  है। मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर उतीर्ण होना चाहिए। एससी एसटी अति पिछड़ा, पिछड़ा, दिव्यांग, महिला और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के शिक्षक लिए न्यूनतम निर्धारित अंक में पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। मौलाना मजहरूल हक अरबी व फारसी विश्वविद्यालय, राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी आलिम की डिग्री और केएस डी एस शास्त्री की डिग्री को स्नातक के  समतुल्य माना जाएगा।


प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक नियुक्ति के लिए पंचायत या नगर प्रारंभिक शिक्षक के पद पर न्यूनतम 8 साल तक लगातार सेवा कर चुके शिक्षक आवेदन कर सकेंगे। 2012 या उसके बाद नियुक्त शिक्षक के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यक है।मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कमसे कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ सनातक उत्तीर्ण होना जरूरी है। एससी,एसटी, अति पिछड़ा, पिछडा, दिव्यांग,महिला और आर्थिक रूप से कमजोर के लिए न्यूनतम निर्धारित अंक में 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी।



शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2022

अपर सचिव ने बताया क्यो हो रही पे स्लिप में देरी।देखिए ये रिपोर्ट



3.57 लाख शिक्षकों को 15 प्रतिशत वेतन वृद्ध का लाभ 1 अप्रैल 2021 से मिलना है। 11 माह से शिक्षक बढ़े हुए वेतन का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण अब शिक्षकों के शिक्षा विभाग ने जिलों के लिए एनआईसी द्वारा ऑनलाइन पे कैलकुलेटर सॉफ्टवेयर तैयार कराया, ताकि वेतन निर्धारण में गलती नहीं हो। 

राज्य के विभिन्न जिलों में 23 फरवरी तक 3 लाख 25 हजार 341 शिक्षकों के वेतन का डाटा अपलोड हो चुके हैं। लेकिन इसमें मात्र 88 हजार 773 शिक्षकों की जिला में डीपीओ स्थापना के स्तर पर डिजिटल सिग्नेचर कर स्वीकृति दी है। 2.36 लाख शिक्षकों कोडिजिटल सिग्नेचर के साथ पे स्लिप नहीं मिली है। शिक्षा विभाग ने 31 जनवरी तक सभी जिलों को शिक्षकों का पे स्लीप पूरा करने का निर्देश दिया था। पेस्लीप पूरा नहीं होने से अब जनवरी और फरवरी का वेतन भी शिक्षकों का अटक रहा है। शिक्षक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। डीपीओ के डिजिटल सिग्नेचर के आधार पर ही नए वेतन का लाभ मिलना है।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने कहा कि सभी शिक्षकों का डिजिटल पे स्लिप जल्द मिल जाएगा। मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा के कारण भी देरी हुई है। सभी काम एक साथ चल रहे हैं। थोड़ा समय तो लग रहा है। जनवरी और फरवरी का शिक्षकों का वेतन बाधित नहीं होगा।


बुधवार, 9 फ़रवरी 2022

प्रधानाध्यापको की नियुक्ति पर पहल शुरू।35% आरक्षण।देखिए ये रिपोर्ट



प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के लिए रिक्तियां बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी गयी हैं। रिक्तियां सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग को गयी हैं। बिहार लोक सेवा आयोग को भेजने के लिए शिक्षा विभाग ने दिसंबर अंतिम सप्ताह में रिक्तियां सामान्य प्रशासन विभाग को दी थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने रोस्टर आदि चेक कर रिक्तियां आयोग को भेजी है। आयोग रिक्तियों की समीक्षा कर रहा है। किसी प्रकार की रिक्ति में कमी होने पर शिक्षा विभाग से पृच्छा करेगा। इस माह के अंत तक रिक्ति का विज्ञापन जारी होगा। आयोग के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग से रिक्ति मिल गई है। रिक्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने पर इस माह के अंत तक रिक्ति जारी कर ऑनलाइन आवेदन के लिए लगभग एक माह का समय दिया जाएगा। आवेदन आने के बाद स्क्रूटनी कर परीक्षा आयोजन में लगभग तीन माह लग जाएंगे।

माना जा रहा है कि 2022 23 सत्र में प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को प्रधान शिक्षक और प्राधानाध्यापक की नियुक्ति हो जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग के आरक्षण प्रावधान लागू रहेगा। प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक के कुल पदों में 35 प्रतिशत यानी 16424 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। एससी, एसटी, पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान लागू रहेगा।


रविवार, 6 फ़रवरी 2022

आज सरकार के साथ बैठक।शिक्षको को मिलेगी अच्छी खबर।देखिए रिपोर्ट



बिहार में कोरोना को लेकर लागू पाबंदियां हटाने पर अब सीएम नीतीश कुमार के साथ सरकार के आलाधिकारियों की बैठक आज रविवार की दोपहर में होगी। इस बैठक में पाबंदियां हटाने पर फैसला होगा। हालांकि सरकार में ज्यादातर पाबंदियों को हटाने परसहमति बन गयी है। हम आपको बता दें कि राज्य सरकार ने कोरोना को लेकर कई तरह की रोक लगा रखी है। शनिवार को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक होनी थी, जिसमें कोरोना को लेकर लागू पाबंदियों की समीक्षा कर उन्हें हटाने पर फैसला लेना था। हालांकि अब ये बैठक आज रविवार को होगी लेकिन सरकार ने सूबे में स्कूल खोलने का फैसला कर रखा है। स्कूल खोलने के  साथ बाजारों को रात 8 बजे तक ही खुले रखने की बंदिश हटायी जा सकती है। दरअसल बिहार में कोरोना सक्रमण दर काफी होने के कारण सरकार छूट देने पर राजी है।

आपको बता दे कि कोरोना के नए संक्रमण के मामले में बिहार अभी देशभर में 23वें नंबर पर है। बिहार सरकार ने कोरोना संक्रमण को जो पाबंदियां लगायी हैं उनकी मियाद 6 फरवरी को पूरी हो रही है।रविवार को दिन में मुख्यमंत्री के साथ अधिकारियों की बैठक होगी और इसके बाद ही नया नियम आम लोगों के लिए जारी कर दिया जाएगा।  हालांकि अधिकारियों ने इसे लेकर होमवर्क कर दिया है। शुक्रवार को भी मुख्य सचिव आमिर सुबहानी की अध्यक्षता में कोरोना को लेकर बैठक हुई थी बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार  चौधरी पहले ही कह चुके हैं कि शिक्षा विभाग 7 फरवरी से स्कूलों को खोलने पर सहमत है। शिक्षा विभाग बच्चों की पूरी क्षमता के साथ स्कूल खोलने की अनुशंसा  कर चुका है। ऑफलाइन क्लास को पूरी तरह से बहाल करने को लेकर शिक्षा विभाग ने अपनी तैयारी भी कर ली है लेकिन  आखिरी फैसला मुख्यमंत्री के स्तर पर होना है, जो  रविवार की दोपहर तक आ सकता है।


शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2022

शिक्षको पर कठोर कारवाई के लिए शिक्षा मंत्री तैयार।देखिए ये रिपोर्ट



शिक्षा मंत्री ने कहा कि सर्टिफिकेट नहीं देने वाले पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों पर कारवाई होगी। तकरीबन एक लाख पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों के सर्टिफिकेट के फोल्डर नियोजन इकाइयों में उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत संरचना का विकास एवं उनमें शिक्षकों की कमी पर विस्तारपूर्वक विमर्श के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया। 

शिक्षा मंत्री श्री चौधरी ने बताया प्राथमिक कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अतिरिक्त वर्गकक्षों के निर्माण एवं योग्य शिक्षकों की बहाली का निर्देश दिया है। इसकी तैयारी शिक्षा विभाग कर रहा है ।शिक्षा मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि दो-ढाई वर्षों में शिक्षा में सुधार की प्राथमिकता का रोडमैप तैयार किया गया है। इसकी प्रस्तुति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष दी गयी। रोडमैप के तहत साढ़े छह हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त वर्गकक्षों के निर्माण के साथ योग्य शिक्षकों की बहाली की दिशा में काम चल रहा है ।  

शिक्षा मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश से पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों के सभी प्रकार के प्रमाण पत्रों की जांच चल रही है। एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित फोल्डर नियोजन इकाइयों में उपलब्ध नहीं हैं । इससे जांच प्रभावित है । निर्णय हुआ है कि ऐसे शिक्षक संबंधित कागजात उपलब्ध नहीं करायेंगे, तो न्यायालय के संज्ञान में लाकर कठोर काररवाई की जायेगी।

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मंगलवार, 1 फ़रवरी 2022

7 फरवरी से खुलेंगे स्कूल-शिक्षा मंत्री।देखिए ये रिपोर्ट


राज्य में कोरोना की तीसरी लहर से बचाव को लेकर बंद पड़े स्कूल- कॉलेजों में जल्दी ही पढ़ाई  शुरू होने के आसार हैं।शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी की मानें, तो शिक्षा विभाग की राय है कि स्कूल खुले, ताकि बच्चों को पढ़ाई का नुकसान नहीं हो, लेकिन बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस पर स्वास्थ्य विभाग के परामर्श के बाद आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में निर्णय होगा।

इस बीच प्राइवेट स्कूलों का संगठन 'बिहार पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन' का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी से सोमवार को मिला प्रतिनिधिमंडल ने सात फरवरी से स्कूल खोलने की मांग की,प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने सात फरवरी से स्कूल खोलने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल के उपाध्यक्ष डॉ. एसएम सोहैल, सचिव रंजन एवं मनन कुमार सिन्हा तथा कोषाध्यक्ष विजय कुमार सिंह शामिल थे।

आपको बता दूं कि कोरोना से बचाव को लेकर राज्य के सभी स्कूल कॉलेज-यूनिवर्सिटी एवं कोचिंग सहित सभी कोटि के शिक्षण संस्थान तीन जनवरी से बंद हैं। शिक्षण संस्थानों में साल के पहले दिन एक जनवरी को नव वर्ष के आगमन पर छुट्टी थी। दो जनवरी को रविवार था। और, तीन जनवरी से कोरोना से बचाव को लेकर शिक्षण संस्थान बंद हो गये। यानी नये साल में पढ़ाई के लिए शिक्षण संस्थान एक दिन भी नहीं खुले हैं।


रविवार, 23 जनवरी 2022

इन शिक्षको का नहीं होगा वेतन निर्धारण।25 तक शिक्षक कर सकते है आपत्ति।देखिए ये रिपोर्ट

पंचायती राज संस्थानों के माध्यम से नियुक्त प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों के मूल वेतन में 15 प्रतिशत वृद्धि के साथ वेतन निर्धारण का काम जिला शिक्षा विभाग की ओर से किया जा रहा है। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सह विशेष सचिव ने वेतन निर्धारण को लेकर किए जा रहे कार्यों की समय सीमा निर्धारित करते हुए कई निर्देश जारी किए हैं।

इसमें उन्होंने जिला शिक्षा विभाग कार्यालय द्वारा पोर्टल पर शिक्षकों का डाटा अपलोड करने के बाद इसमें त्रुटि होने पर 21 से 25 जनवरी तक शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों को ऑनलाइन पोर्टल पर दावा-आपत्ति दर्ज कराने का निर्देश दिया है। वहीं, इसके बाद शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों की वेतन पर्ची शिक्षा विभाग के स्थापना डीपीओ के अनुमोदन व डिजिटल हस्ताक्षर से 27 जनवरी से जारी करने का निर्देश दिया है। माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सह विशेष सचिव के पत्र के मुताबिक इस पर्ची के आधार पर ही शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों का जनवरी 2022 का वेतन भुगतान पुनरीक्षित दर पर किया जाएगा। 

आपको बता दे कि शिक्षकों की सेवा पुस्तिका का निर्धारण एक प्रति में ही होना है।स्थापना डीपीओ ने पत्र में कहा कि किसी भी स्थिति में दो प्रति में सेवा पुस्तिका का संधारण नहीं होगा। वहीं,अप्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन निर्धारण नहीं होगा। डीपीओ ने इसके अलावा दक्षता फेल और परीक्षा में शामिल नही होने वाले शिक्षकों से संबंधित रिपोर्ट भी बीईओ से तलब की है।


रविवार, 16 जनवरी 2022

जब चाहे तब मिलेगा ईपीएफ से दोगुना पैसा मिंटो में।देखिए ये रिपोर्ट



आपकी सैलरी से धीरे-धीरे कट रहा पीएफ का पैसा आपको किसी भी मुसीबत के वक्त काम आ सकता  है। जब से सरकार  ने पीएफ के पैसे को निकालने के लिए ऑनलाइन सुबिधा दी है। तब से लोगों को बहुत सहूलियत हो गई है। अब तक पीएफ से पैसे निकालने के लिए कई दिन का इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब पीएफ का पैसा कुछ ही घंटों में आपके अकाउंट में आ जाएगा। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों हुए सरकार ने फैसला किया कि अब कर्मचारी अपने पीएफ अकाउंट से डबल पैसे निकाल सकते दरअसल, कोरोना संक्रमण को देखते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने भी अपने स्तर पर तैयारी कर रखी है। 

कोरोना काल मे ही रहे बदलाव और आर्थिक स्थिति को देखते हुए ईपीएफओ ने कर्मचारियों को दोगुने तक पैसे निकालने की अनुमति दी है। ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण को देखे हुए ईपीएफओ ने दूसरी लहर में दो बार नॉन रिफंडेबल एडवांस निकालने की अनुमति दी थी। यानी कोरोना से पैदा हुई इमरजेंसी में कर्मचारी अपने ईपीएफ अकाउंट से एडवांस में पैसे निकाल सकते हैं लेकिन अब यह सुविधा दोगुना तक या दो बार एडवांस पैसे निकालने की मिल रही है। यानी अब कोरोना से परेशान कर्मचारी इस फंड को दो बार निकाल सकता है, जबकि पहले यह सुविधा बस एक बार ही मिलती थी। दरअसल, सरकार की तरफ से मेडिकल इमरजेंसी के तहत यह खास सुविधा दी जा रही है ताकि कोई कर्मचारी आर्थिक रूप से परेशान न हो।अगर किसी को कोरोना हो जाता है और उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं तो वह अपने पीएफ अकाउंट में जमा पैसे निकाल कर इलाज करा सकता है। इस खास सुविधा में एक घंटे में पैसा अकाउंट में आ जाता है।


मंगलवार, 11 जनवरी 2022

दिसंबर माह के लिए राशि जारी।देखिए ये रिपोर्ट

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राज्य में समग्र शिक्षा के लाखों प्रारंभिक शिक्षकों के दिसंबर माह के वेतन के लिए सात अरब 20 करोड़ 13 लाख 50 हजार 980 रुपये की राशि जिलों को जारी हुई है। यह राशि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक श्रीकान्त शास्त्री के हस्ताक्षर से जारी हुई है। दूसरी ओर माध्यमिक शिक्षा के लिए तीन करोड़ 97 लाख 65 हजार 333 रुपये की राशि जारी हुई है। यह राशि वित्तीय वर्ष 202122 में समग्र शिक्षा समग्र शिक्षा अंतर्गत प्राप्त केंद्रांश की राशि 61करोड़ 10 लाख 15 हजार रुपये एवं उसके समानुपातिक राज्यांश 4073.433 लाख के विरुद्ध शेष राज्यांश मद की है।

शनिवार, 8 जनवरी 2022

वेतन मद में राशि जारी।देखिए ये रिपोर्ट



राज्य में समग्र शिक्षा अभियान के राज्यांश के मद में 586 करोड़ 41 लाख 39 हजार 42 रुपये की राशि जारी हुई है। इससे प्रारंभिक विद्यालयों एवं उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों के समग्र शिक्षा अभियान के पदों पर कार्यरत लाखों शिक्षकों का वेतन भुगतान होगा। ऐसे शिक्षकों की संख्या तकरीबन पौने तीन लाख है। इनमें 2.67 लाख प्रारंभिक शिक्षक हैं। समग्र शिक्षा अभियान के तहत राशि जारी करने को लेकर शिक्षा विभाग ने महालेखाकार को पत्र भेज दिया है। समग्र शिक्षा अभियान केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60-40 है।


 1ली से 8वीं कक्षा तक की पढ़ाई वाले सरकारी स्कूलों के 21 जनवरी तक बंद रहने के बावजूद बच्चों को मध्याह्न भोजन के अनाज एवं उसे पकाने के पैसे मिलेंगे। 1ली से 5वीं कक्षा के बच्चों को प्रति कार्यदिवस 100 ग्राम खाद्यान एवं पकाने के मद में 4.97 रुपये मिलते हैं। इसी प्रकार 6ठी से 8वीं कक्षा के बच्चों को प्रति कार्यदिवस 150 ग्राम खाद्यान एवं पकाने के मद में 7.45 रुपये मिलते हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बच्चों को मध्याह्न भोजन के अनाज एवं उसे पकाने के पैसे देने को लेकर निर्देश दिये जा रहे हैं।


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गुरुवार, 6 जनवरी 2022

समय पर करते अपना काम तो हो जाता वेतन निर्धारण।निदेशक।देखिए ये रिपोर्ट



राज्य के 15 जिलों ने शिक्षकों का 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि के बाद कितना वेतन हुआ, यह डाटा अपलोड नहीं किया है। इन 15 जिलों में अररिया औरंगाबाद,बांका, भगलपुर,भोजपुर,गोपालगंज, जहानाबाद, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा,मधुबनी,पश्चिम चंपारण,पूर्वी चंपारण,शिवहर और सुपौल शामिल हैं। इन 15 जिलों के मामले को शिक्षा विभाग ने गभीरता से लेते हुए डाटा अपलोड करने की एक दिन की मोहलत दी है। इस संबंध में बुधवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार ने इन जिलों डीईओ और डीपीओ (स्थापना) को पत्र भेज कर हर हाल में छह जनवरी तक डाटा अपलोड करने करने के लिए कहा है। साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा है कि आखिर अपलोड करने इतनी देर कयों की।

आपको बता दे कि  बढ़ा हुआ वेतन देखने और आपत्ति दर्ज कराने का शिड्यूल भी बदलेगा । सभी जिलों को 31 दिसंबर तक ही ऑनलाइन कैलकुलेटर के माध्यम से वेतन निर्धारण कर अपलोड करना था। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीईओ और डीपीओ (स्थापना) से कहा है कि निर्धारित समयसीमा में डाटा अपलोड नहीं करने और स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो माना जाएगा कि इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। विभाग जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए बाध्य होगा।

पंचायत और नगर निकायों के लगभग 3.57 लाख शिक्षकों को 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि के बाद संशोधित वेतन निर्धारण इस महीने पूरा होना है। 15 जिलों द्वारा डाटा अपलोड नहीं करने के बाद अब  बढ़ा हुआ वेतन देखने और आपत्ति दर्ज कराने के शिड्यूल भी नए सिरे से जारी होगा। पहले शिक्षकों के लिए तीन से सात जनवरी तक अपना संसोधित वेतन देखबे का समय दिया गया था और 10 जनवरी तक इस पर आपत्ति दर्ज करने का समय दिया गया था।  10 जनवरी से विद्यालय के ने लॉगइन से मेधासॉफ्ट के माध्यम से पे स्लिप  डाउनलोड करने का समय दिया गया था।

आपको बता दे कि एनआईसी द्वारा ऑनलाइन पे कैलकुलेटर सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। जिसकी मदद से वेतन निर्धारण हो जाएगा। प्रांरभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को वेतन में लगभग तीन से चार हजार रुपए प्रतिमाह वृद्धि का लाभ मिलेगा। 


बुधवार, 5 जनवरी 2022

कल से 50% उपस्तिथि के खुलेंगे स्कूल।देखिए ये रिपोर्ट


कोरोना गाइड लाइन जारी करते हुए सरकार ने राज्य के सरकारी विद्यालयों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ ही निजी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, सभी सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को 21.01.2022 तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। सभी शिक्षक/शिक्षकेत्तर कर्मी कार्यालीय, प्रशासनिक एवं ऑनलाईन शैक्षणिक कार्य हेतु प्रति कार्य दिवस को 50 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।

राज्य के सभी 9वीं तथा उच्चतर वर्ग से संबंधित विद्यालय कोचिंग एवं शिक्षण संस्थान दिनांक 06.01.2022 से 50% उपस्थिति के साथ खोलने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक छात्र एक दिन बीच होकर उपस्थित हो सकेंगे। सभी विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहेगा।ऑनलाईन माध्यम से शिक्षण की व्यवस्था को प्राथमिकता दिया जायेगा एवं शैक्षणिक संस्थानों के 15-18 वर्ष के छात्र/छात्राओं कोविड-19 का टीका लेना सुनिश्चित करेगे।

सभी सरकारी प्रशिक्षण संस्थान भी प्रशिक्षुओं की 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक प्रशिक्षु एक दिन के अंतराल पर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेगा।प्रतियोगि परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थान कल छात्रों की 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक छात्र एक दिन का गैप कर कोचिंग संस्थान आ सकेंगे। कोचिंग संस्थानों में केवल कोविड टीका प्राप्त व्यक्तियों को ही कार्य करने की अनुमति होगी।

जिला के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह निदेश दिया गया है कि शैक्षणिक संस्थानों के 15 से 18 आयु वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर टीकाकरण की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

विद्यालय कैम्पस एवं सभी भवन के कक्षाओं फर्नीचर,उपकरण, स्टेशनरी, भंडारकक्ष, पानी टंकी, किचेन, वाशरूम, प्रयोगशाला, लाईब्ररी की सफाई एवं विसंक्रमित कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। विशेषकर शौचालयों की सफाई पर ध्यान दिया जायेगा। संस्थान/विद्यालय में हाथ सफाई की सुविधा क्रियाशील करना।

गाईड लाईन के अनुसार विद्यार्थियों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी के साथ बैठाने की व्यवस्था की जाय यदि संस्थान/विद्यालय में एक सीट का बेंच-डेस्क हो तो इसे भी 3 फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था की जाय।

सभी विद्यार्थी एवं शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय के कर्मी जो कार्य पर आयेंगे उन्हें नियमित रूप से फेस कवर/मास्क पहनने का निदेश दिया जाय। विशेषकर उस समय जब वे क्लास में हों या समूह में कोई कार्य कर रहे हों या मेस में खाना खा रहे हों या प्रयोगशाला में कार्य कर रहे हों या पुस्तकालय में अध्ययन कर रहे हों।



पैसे उगाही के लिए हो रही शिक्षको की गलत डाटा इंट्री।देखिए ये रिपोर्ट


जिले में पंचायत, प्रखंड व नगर निकाय द्वारा नियोजित शिक्षकों के  ऑनलाइन डाटा अपलोड करने में गलती करने वाले पर कार्रवाई करने के लिए शिक्षक संगठन ने सोमवार को डीईओ को आवेदन दिया है। इस संदर्भ में बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ पचरुखी के अंचल सचिव जयप्रकाश सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर नियोजित शिक्षकों के 15 फीसदी ने डीईओ को दिया आवेदन वेतन बढ़ोतरी के आनलाइन डाटा में गलत इंट्री करने वाले कर्मियों को 

चिंहित कर कार्रवाई की मांग की है। शिक्षक नेता ने बताया कि जिले के करीब तीन हजार शिक्षकों के विवरण में जान बूझकर गलती की गई है, ताकि सुधारने के लिए पैसे की उगाही की जा सके। शिक्षक नेता ने बताया कि 15 फीसदी वेतनवृद्धि का लाभ जनवरी 2022 से मिलना है, परंतु डाटा इंट्री में किसी शिक्षक का नाम,पति, पिता का नाम,प्रशिक्षण की तिथि आदि गलत अंकित की गई है और यह गलती प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और प्रखंड के एकाउंटेंट के स्तर से हुई है। इसलिए ऐसे वीईओ और एकाउंटेंट को चिन्हित कर कार्रवाई करने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में शिक्षकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इस तरह अभी तक तीन हजार से ज्यादा शिक्षक परेशान है। लेकिन उनकी परेशानी को दूर नही की जा रही है। इससे शिक्षको के बीच नाराजगी है।


मंगलवार, 4 जनवरी 2022

कोरोना पर फैसला ।पूर्ण रूप से बंद होंगे ये सब।देखिए रिपोर्ट


राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार (आपदा प्रबंधन समूह/Crisis Management Group) की बैठक में निम्नांकित निर्णय लिए गए है:-

आवश्यक सेवाओ को छोड़ कर सभी दुकाने 8 बजे  तक खुली रहेंगी।रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू जारी रहेगी।

क्लास 9, 10, 11 एवम 12 की क्लास एवम सभी कॉलेज 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। ऑनलाइन क्लास को प्राथमिकता देंगे।क्लास 8 तक के सभी क्लास ऑनलाइन ही चलेंगे।कोचिंग क्लास 9, 10, 11, 12 के लिए 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। 

सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय 50 प्रतिशत उपस्थित के साथ खुलेंगे। किसी भी बाहरी व्यक्ति के कार्यालय में प्रवेश वर्जित रहेगा।सभी पूजा स्थल श्रद्धालुओं के लिए अगले आदेश तक बन्द रहेंगे। केवल पुजारी ही पूजा कर सकेंगे।

सिनेमा हॉल/ जिम/पार्क/ क्लब/ स्टेडियम/ स्वीमिंग पूल पूर्णतः बन्द रहेंगे।रेस्टोरेंट/ ढाबे आदि 50% कैपेसिटी के साथ खुलेंगे।शादी विवाह में अधिकतम 50 व्यक्ति तथा अन्तिम संस्कार में 20 व्यक्ति की अनुमति होगी।

सभी राजनीतिक/ सामुदायिक/ सांस्कृतिक सार्वजनिक आयोजनों में अधिकतम 50 व्यक्ति की अनुमति होगी। परंतु इसके लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।शॉपिंग मॉल पूर्णतः बन्द रहेँगे।

निदेशक ने कहा शिक्षको की वेतन विसंगति होगी दूर।3% का हो रहा है नुकसान।देखिए ये रिपोर्ट

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने शिक्षकों के वेतन निर्धारण में होने वाली विसंगतियों के निराकरण की दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिया है। दरअसल, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष व विधान पार्षद केदारनाथ पांडेय एवं विधान पार्षद प्रो.संजय कुमार सिंह सोमवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक से मिले। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को बताया कि ऑनलाइन कैलकुलेटर के माध्यम से शिक्षकों के वेतन निर्धारण के लिए आदेश दिये गये हैं ।सरकार का एक अप्रैल, 2021 से शिक्षकों के मूल वेतन में 15 फीसदी बढ़ोतरी का निर्णय है। लेकिन, एक जनवरी, 2022 से वेतनवृद्धि का लाभ देने के आदेश से वेतन निर्धारण में शिक्षकों तीन प्रतिशत वेतन का घाटा हो रहा है।

 आपको बता दे कि जिन शिक्षको को जुलाई में 3% का वेतन वृद्धि का लाभ मिलता है उनका 15% वेतन वृद्धि से इस 3% का नुकसान हो रहा है और वेतन वृद्धि का समय जनवरी हो जा रहा है।

बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष व विधान पार्षद केदारनाथ पांडेय एवं महासचिव व पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इसे गंभीरता से लिया तथा संबंधित उपनिदेशक को संचिका उपस्थापित करने को कहा है। कतिपय मामलों में शिक्षकों के वेतन एवं पेंशन में कटौती की ओर भी माध्यमिक शिक्षा निदेशक का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की गयी। इस पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।


डीएम ने डीपीओ को किया निलंबित।देखिए रिपोर्ट



डीएम के आदेश का अनुपालन नहीं करने और अपने अधीनस्थों पर कारगर नियंत्रण नहीं रखने का आरोप पहली नजर में प्रमाणित होने पर समग्र शिक्षा अभियान बेतिया के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी निलंबित कर दिये गये हैं। शिक्षा विभाग के निदेशक( प्रशासन) सह अपर सचिव सुशील कुमार के स्तर से जारी निलंबन आदेश में डीपीओ का मुख्यालय तिरहुत प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक के कार्यालय को बनाया गया है, जारी आदेश में निलंबित डीपीओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी पर सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के बिना ही अवकाश पर चले जाने का आरोप लगाया गया है।

डीपीओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि विभाग के स्तर से सोमवार को प्राप्त एक ई-मेल से निलंबित किये जाने और वर्णित आरोपों की जानकारी मिली है। कार्रवाई से पहले मुझसे कोई स्पष्टीकरण तक निदेशालय से नहीं मांगा गया है। जिलाधिकारी के आदेश की अवमानना के बाबत डीपीओ ने बताया कि बीते साल सरकारी ड्यूटी में रहते मैं खुद कोरोना संक्रमित हो गया था। हालत बिगड़ने पर मुझे वेंटिलेटर पर कई दिनों तक लाइफ स्पोर्ट्स सिस्टम पर रखा गया.

इन सभी बातों की तथ्यात्मक जानकारी मैं डीएम को प्रस्तुत अपने स्पष्टीकरण में दे चुका हूँ। इधर प्रभारी डीइओ श्रीभगवान ठाकुर ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी बीते 28 दिसंबर से ही अवकाश पर है।मुझे केवल रूटीन कार्यों का प्रभार प्राप्त है। डीपीओ के विरुद्ध हुई निलंबन की कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं है।


सोमवार, 3 जनवरी 2022

कड़ाके की ठंड में भी शिक्षक करेंगे विद्यालय कार्य।देखिए ये रिपोर्ट




जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के आदेशानुसार जिले में तापमान में गिरावट एवं ठंड के कारण बच्चों के स्वास्थ्य एवं उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए जिलान्तर्गत सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में कक्षा-नर्सरी से कक्षा-8 तक सभी शैक्षणिक गतिविधियाँ दिनांक-03.01.2022 से दिनांक 08.01.2022 तक स्थगित की जाती है।सभी शिक्षक/शिक्षिकायें एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी अन्य दिनों की भाँति विद्यालय में उपस्थित रहकर अन्य विभागीय कार्यों को सम्पादित करेंगे।


आपको बता दे कि सभी जिलों में अब एक एक करके अब पत्र निकलना शुरू हो गया है।