मंगलवार, 21 सितंबर 2021

डीईओ ने किया प्रधानाध्यापक को कार्य से मुक्त।देखिए ये रिपोर्ट



सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद शिक्षा विभाग में व्यवस्था सुधरने का नाम नही ले रही है। एक तरफ राज्य स्तरीय टीम तो दूसरी ओर जिला स्तरीय पदाधिकारियों का विद्यालयों में लगातार निरीक्षण हो रहा है, परन्तु शिक्षक हैं कि विद्यालय से अनुपस्थित रहने से बाज नही आ रहे हैं। 

ताजा मामला जिले के उत्क्रमित उच्च विद्यालय लाखापुर का है, जहां सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी रौशन आरा ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में विद्यालय की कई खामियां उजागर हुई, जिसका जांच प्रतिवेदन डीईओ ने जिलाधिकारी को भेजा है। डीईओ ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेख किया कि निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में  कुल पदस्थापित १२ शिक्षकों में से ३ शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिनका वेतन कटौती करने का आदेश दिया गया । साथ ही विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों का प्रतिस्थापन विवरणी एवं वर्ग रूटीन नहीं पाया गया। उन्होंने प्रतिवेदन में कहा है कि ग्रामीणों ने बताया है कि विद्यालय का संचालन नियमित ढंग से नहीं किया जाता है, और ना ही कोई शिक्षक विद्यालय में  नियमित रूप से ससमय उपस्थित होते हैं। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी बात यह सामने आई है कि छात्र-छात्राओं की उपस्थिति चालू शैक्षणिक सत्र में दर्ज नहीं की गई है। इस बाबत पूछे जाने पर वर्ग शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय प्रधान द्वारा उपस्थिति पंजी, उपस्थिति दर्ज करने के लिए नहीं दिया जाता है। 

डीईओ लिखा है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक के द्वारा निरीक्षण के दौरान विद्यालयी अभिलेख उपलब्ध नही कराना व विद्यालय का संचालन सुचारू रूप से नही किया जाना कर्तव्य के प्रति लापरवाह एवं स्वेच्छाचारी होना दर्शाता है। इसके आलोक में उन्हें प्रभारी प्रधानाधयापक के कार्य से तत्काल मुक्त कर दिया गया है।


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