गुरुवार, 2 सितंबर 2021

शिक्षको को मिलना चाहिए सबसे ज्यादा वेतन।हाइकोर्ट।देखिए ये रिपोर्ट



प्राथमिक शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक सरकार के सबसे अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों में से एक होना चाहिए। इसके लिए प्राथमिक शिक्षक के पद से जुड़े वेतन-भत्ते बेहतर होने चाहिए,जिससे अध्यापन के लिए समाज के मेधावी वर्ग को आकर्षित किया जा सके। शिक्षक के वास्तविक गुण वाले को ही इस पद पर नियुक्त किया जा सके। ग्वालियर खंडपीठ की जस्टिस शील नागू और जस्टिस दीपक अग्रवाल की युगलपीठ ने शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (डीएलएड) से संबंधित याचिका खारिज करते हुए यह बात कही। याचिका में पाठ्यक्रम के छात्र ने द्वितीय वर्ष में एक से अधिक सैद्धांतिक विषय में अनुत्तीर्ण अनुमति मांगी थी। 

न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षक पद के लिए न्यूनतम मानक तय किए हैं। इसी वजह से सरकारी प्राथमिक स्कूलों में औसत या उससे भी निचले स्तर के व्यक्ति शिक्षक बन गए हैं। न्यायालय ने सरकार से अपेक्षा की है कि राज्य सरकार और उसके जो अधिकारी शिक्षक पद की योग्यता के मानक तय करते हैं, वे सभी प्राथमिक शिक्षा के तेजी से गिरते स्तर होने पर दोबारा परीक्षा में बैठने की को रोकने का प्रयास करें।


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