मंगलवार, 28 सितंबर 2021

विभागीय करवाई से शिक्षको में हड़कंप।देखिए ये रिपोर्ट


बिना सूचना विद्यालय से फरार शिक्षकों के ऊपर कारवाई प्रारंभ करते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी गोरौल दिनेश प्रसाद सिंह ने मध्य विद्यालय बकसामा के प्रधानाध्यापक सहित 4 शिक्षकों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण पूछा है। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार के द्वारा माध्यमिक वार्षिक परीक्षा 2022 के फॉर्म भरने में अधिक राशि वसूलने को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही विद्यालय का संपूर्ण प्रभार बनाकर प्रखंड संसाधन केंद्र कार्यालय को 7 दिनों के अंदर उपस्थापित करने का निर्देश प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को दिया गया है ।


मालूम हो कि जूनियर शिक्षक होने के बावजूद विगत कई वर्षों से प्रखंड शिक्षक प्रमोद कुमार विद्यालय के प्रभारी के पद पर जमे हुए है। स्थानीय होने के कारण बहुत कम लोग इनके खिलाफ आवाज उठा पाते हैं जिसका नतीजा है कि विद्यालय की स्थिति दिनोंदिन खराब होते जा रही है। विगत दिनों बी ई ओ के द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान विद्यालय की दयनीय स्थिति का खुलासा हुआ था निरीक्षण में प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार सहित शिक्षक उमेश कुमार , काजल किरण एवं यासमीन खातून बिना किसी सूचना के विद्यालय से गायब पाए गए थे ।इन सभी शिक्षकों का अनुपस्थित तिथि का वेतन स्थगित करते हुए बी ई ओ के द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया है। अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई से फरारी शिक्षकों में हड़कंप मच गया है तो कुछ राजनीतिक पहुंच वाले फरारी शिक्षक शिक्षा अधिकारी को ही दुरुस्त कर देने की बात भी कर रहे हैं।


शनिवार, 25 सितंबर 2021

6750 रुपए मिलेगा चुनाव में शिक्षको को।देखिए ये रिपोर्ट


बिहार पंचायत चुनाव में चुनाव कर्मियो को कितना मिलेगा दैनिक भत्ता जानेंगे इस रिपोर्ट में।

पीठासीन पदाधिकारी को प्रथम चुनाव में कुल 3250 रुपए मिलेंगे। यानी कि रोज का 500 रुपए और खाना का 250 रुपए, इस हिसाब से अगर आप लगातार तीन चुनाव कराते है तो आपका कुल 12 दिनों का  दैनिक भत्ता होगा 6750 रूपए। (12*500+250*3=6750)

पी वन ओर पी टू को प्रथम चुनाव में कुल 2500 रुपए मिलेंगे।यानी कि रोज का 375 रुपए और खाना का 250 रुपए, इस हिसाब से अगर आप लगातार तीन चुनाव कराते है तो आपका कुल 12 दिनों का दैनिक भत्ता होगा 5250 रूपए। (12*375+250*3=5250)

मतदान पदाधिकारी थ्री ए, थ्री बी,थ्री सी को प्रथम चुनाव में कुल 1750 रुपए मिलेंगे। यानी कि रोज का 250 रुपए और खाना का 250 रुपए, इस हिसाब से अगर आप लगातार तीन चुनाव कराते है तो आपका कुल 12 दिनों का दैनिक भत्ता होगा 3750 रूपए। (12*250+250*3=3750)

सेक्टर पदाधिकारी, जोनल दंडाधिकारी और गस्ती दल को एक मुश्त कुल 2250 रुपए मिलेंगे।सरकारी चालक को चुनाव में एक मुस्त कुल 1375 रुपए मिलेंगे।मतगणना पर्यवेक्षक को कुल 1000 रुपए मिलेंगे।मतगणना सहायक को कुल 750 रुपए मिलेंगे। पर्दानशीं के मिहिला कर्मी को एक दिन का 250 रुपए मिलेगा।

 


आदेश । प्रधानाध्यापक अपने स्तर से करे ये कार्य।देखिए ये रिपोर्ट




निर्वाचन पदाधिकारी चनपटिया ने सभी प्रधानाध्यापको को आदेश दिया है कि प्रखण्डान्तर्गत जितने भी विद्यालय में मतदान केन्द्र अवस्थित है, उसमें आवश्यक सामग्री के रुप मे 07 बेंच, 07 डेस्क/15 कुर्सी,.08 टेबल,लाइट और चार्जिंग प्वाइंट की व्यवस्था करनी है अगर ये विद्यालय में नहीं है तो उस परिस्थिति में बगल के विद्यालय से समन्वय स्थापित कर मतदान केन्द्रों पर बेंच, डेस्क/कुर्सी, टेबल उपलब्ध कराते हुए लाईटिंग और चार्जिग प्वाइंट का व्यवस्था अपने स्तर से कराना सुनिश्चित करेंगे। प्रधानाध्यापक इसे अत्यावश्यक समझें। किसी भी तरह की लापरवाही इसमें न हो।







शुक्रवार, 24 सितंबर 2021

वेतन अपडेट।देखिए ये रिपोर्ट



प्राप्त सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि जिओबी से वेतन पाने वाले शिक्षको का चार माह का आवंटन की जारी हुवा है ये बताया जा रहा है कि अगले हफ्ते यह राशि सभी जिलों के खाते में भेज दी जाएगी। वही एसएसए से वेतन पाने वालों शिक्षको का भी  आवंटन जारी हो गया है यह राशि सोमवार तक सभी जिलों के खाते में भेज दी जाएगी। कुछ विभागीय कारणों से अब तक राशि जारी करने में देरी हुई लेकिन अब विभाग ने समस्या का समाधान कर दिया है।


मंगलवार, 21 सितंबर 2021

डीईओ ने किया प्रधानाध्यापक को कार्य से मुक्त।देखिए ये रिपोर्ट



सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद शिक्षा विभाग में व्यवस्था सुधरने का नाम नही ले रही है। एक तरफ राज्य स्तरीय टीम तो दूसरी ओर जिला स्तरीय पदाधिकारियों का विद्यालयों में लगातार निरीक्षण हो रहा है, परन्तु शिक्षक हैं कि विद्यालय से अनुपस्थित रहने से बाज नही आ रहे हैं। 

ताजा मामला जिले के उत्क्रमित उच्च विद्यालय लाखापुर का है, जहां सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी रौशन आरा ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में विद्यालय की कई खामियां उजागर हुई, जिसका जांच प्रतिवेदन डीईओ ने जिलाधिकारी को भेजा है। डीईओ ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेख किया कि निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में  कुल पदस्थापित १२ शिक्षकों में से ३ शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिनका वेतन कटौती करने का आदेश दिया गया । साथ ही विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों का प्रतिस्थापन विवरणी एवं वर्ग रूटीन नहीं पाया गया। उन्होंने प्रतिवेदन में कहा है कि ग्रामीणों ने बताया है कि विद्यालय का संचालन नियमित ढंग से नहीं किया जाता है, और ना ही कोई शिक्षक विद्यालय में  नियमित रूप से ससमय उपस्थित होते हैं। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी बात यह सामने आई है कि छात्र-छात्राओं की उपस्थिति चालू शैक्षणिक सत्र में दर्ज नहीं की गई है। इस बाबत पूछे जाने पर वर्ग शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय प्रधान द्वारा उपस्थिति पंजी, उपस्थिति दर्ज करने के लिए नहीं दिया जाता है। 

डीईओ लिखा है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक के द्वारा निरीक्षण के दौरान विद्यालयी अभिलेख उपलब्ध नही कराना व विद्यालय का संचालन सुचारू रूप से नही किया जाना कर्तव्य के प्रति लापरवाह एवं स्वेच्छाचारी होना दर्शाता है। इसके आलोक में उन्हें प्रभारी प्रधानाधयापक के कार्य से तत्काल मुक्त कर दिया गया है।


सोमवार, 20 सितंबर 2021

जितना ज्यादा वेतन उतना बड़ा ड्यूटी मिलेगा चुनाव में महिलाओं को।देखिए ये रिपोर्ट

 

पंचायत चुनाव में महिला शिक्षक भी ड्यूटी बजायेंगी। ड्यूटी बजाने के लिए महिला शिक्षकों की ट्रेनिंग शुरू हो गयी है। महिला शिक्षकों की पहली ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। अब, दूसरी ट्रेनिंग की बारी है। पुरुष शिक्षकों की तरह ही महिला शिक्षकों की ड्यूटी भी उनके ओहदे के हिसाब से लगी है। यानी, जिनका वेतन जितना ज्यादा, उनका ओहदा उतना ऊंचा। खासकर पंचायतीराज एवं नगर निकाय महिला शिक्षकों की बात करें, तो ड्यूटी के लिए उन्हें नियुक्ति पत्र पोलिंग ऑफिसर के रूप में मिले हैं। पोलिंग ऑफिसर की तीन श्रेणियां हैं। पोलिंग ऑफिसर-वन, पोलिंग ऑफिसर-टू एवं पोलिंग ऑफिसर-थ्री। ओहदे के अनुसार इन्हीं श्रेणियों की पोलिंग ऑफिसर के रूप में पंचायतीराज एवं नगर निकाय महिला शिक्षक ड्यूटी बजायेंगी।आपको याद दिला दूं कि पंचायत चुनाव का पहला चरण 24 सितंबर को और आखिरी चरण 12 दिसंबर को है। यैसे में हो सकता है कि एक महिला शिक्षक को 2 से 3 चरण में डियूटी करनी पड़े।



सभी शिक्षक एवं प्रधानाध्यापको को निर्देश।वेतन हो सकता है बाधित।देखिए ये रिपोर्ट।

 


जिले के करीब 13 हजार नियोजित शिक्षकों को पेशा कर जमा करने के लिए अब बैंक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा क्योंकि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं सभी प्रधानाध्यापक व चिन्हित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक को पत्र के माध्यम से निर्देश दिया है कि जिले कार्यरत सभी प्रकार के नियमित एवं नियोजित शिक्षकों के पेशा कर की कटौती उनके सितंबर माह के वेतन में समाहित करवेतन विपत्र उपलब्ध कराये। प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष ने यह दावा किया है कि उनके प्रयास से ही डीपीओ ने पत्र जारी किया है। मालूम हो कि पूर्व में पेशा कर के दायरे में आने वाले शिक्षकों को 'चालान के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक शिक्षक को अपना टैक्स भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा छपरा मे जमा करना पड़ता था। बैंक में लाइन लगानी पड़ती थी। पेशा कर वैसे नियोजित शिक्षक को देना है जिनकी वार्षिक वेतन तीन लाख से अधिक है।

प्रत्येक वर्ष सितंबर माह में पेशा कर की राशि जमा करना अनिवार्य है अन्यथा वेतन भी बाधित हो सकता है। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव दिनेश कुमार सिंह अध्यक्ष ब्रजेश कुमारसिंह संयुक्त सचिव सुरेंद्र सिंह मीडिया प्रभारी संजय कुमार, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष शिखा सिन्हा, कोषाध्यक्ष विजेंद्र कुमार विजय व अन्य ने खुशी जाहिर की है।

रविवार, 19 सितंबर 2021

शिक्षको को सितंबर के वेतन में हुई वृद्धि।देखिए ये रिपोर्ट



सरकार के द्वारा शिक्षको को दिनांक 01/07/2021 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दर 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत स्वीकृत कर लिया गया है और इसका पत्र भी जारी कर दिया गया है। अभी तक शिक्षको को केवल 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता के साथ ही भुगतान किया जारहा था ।आपको बता दे कि महंगाई भत्ता की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक पैसे को रूपये में बदल दिया जाता है तथा 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जायेगा। आप ये जान ले कि बढ़ी हुई महंगाई भत्ता दिनांक-01/07/2021 से भुगतेय है और बढी हुई दर से महंगाई भत्ता का भुगतान माह सितम्बर, 2021 के वेतन में जोड़कर होगा, परन्तु इसके पूर्व के माह जुलाई 2021 के बकाये राशि का भुगतान माह अक्टूबर, 2021 में होगा।




प्रधान शिक्षक को पीटकर फाड़ डाली पंजी।देखिए ये रिपोर्ट



भोरे प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिसई युगल टोला में शिक्षा समिति का सचिव नहीं बनाये जाने पर विद्यालय के प्रधान शिक्षक को मारपीट कर घायल करते हुए पंजी फाड़ दिया गया। साथ ही एक सप्ताह के अंदर सचिव नहीं बनाये जाने पर 10 हजार रुपए प्रति माह रंगदारी वसूलने की धमकी भी दी गयी। 

मामले को लेकर विद्यालय के प्रधान शिक्षक बृज बिहारी विश्वकर्मा ने सिसई टोला राम नगर के मुन्ना सिन्हा, मनीष कुमार सिन्हा और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है।कहा गया है कि भोरे थाने के खजुरहां गांव के निवासी बृज बिहारी विश्वकर्मा राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिसई युगल टोला में प्रधान शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।

  15 सितंबर को अपने विद्यालय पर थे। उसी समय रामनगर गांव के मुन्ना सिन्हा और मनीष कुमार सिन्हा तीन अज्ञात लोगों के साथ लाठी-डंडे से लैस होकर पहुंचे और गाली गलौज करते हुए कहने लगे कि बिना हमारी उपस्थिति के विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव का चुनाव कैसे करा दिया। मेरी पत्नी को सचिव क्यों नहीं बनाया।उनलोगों ने धमकी भी दी कि अगर एक सप्ताह के अंदर मेरी पत्नी को सचिव नहीं बनाया, तो 10 हजार रुपए प्रति माह रंगदारी वसूल किया जायेगा। 

विद्यालय के अन्य शिक्षकों को भी मारने की धमकी दी गयी।साथ ही छात्र उपस्थिति पंजी और शिक्षक उपस्थिति पंजी भी फाड़ दी गयी।जाते समय वे लोग मुंह पर थूक कर भी चले गये।पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है। इस तरह के मामलों में शिक्षक संघ को जरूर इस पर कड़ा कदम उठाते हुए अपने शिक्षक की मदद करनी चाहिए।


शनिवार, 18 सितंबर 2021

प्रधानाध्यापको के लिए जारी हुवा आदेश।देखिए ये रिपोर्ट

 



16 सितंबर को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी  मध्याहन भोजन योजना के साथ बैंक खाता खोलने से संबंधित Virtual webinar के माध्यम से बैठक किया गया। बैठक में कतिपय जिला के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना द्वारा मार्गदर्शन की मांग की गई कि वर्तमान समय में अधिकांश विद्यालयों में विद्यालय शिक्षा समिति का गठन नहीं हुआ है। इस प्रकार के विद्यालयों में बैंक खाता के संचालन हेतु संयुक्त हस्ताक्षरी कौन होगें ?

इस पर विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों में विद्यालय शिक्षा समिति वर्तमान में भंग है, तत्काल उन विद्यालयों का बैंक खाता केवल प्रधान शिक्षक या प्रभारी प्रधान शिक्षक के सिंगल हस्ताक्षर से खुलेगा। विद्यालय शिक्षा समिति गठन के पश्चात् अविलंब चुने हुए सचिव को संयुक्त हस्ताक्षर बनाया जाएगा। विभाग ने सभी जिला में मध्याह्न भोजन योजना से अच्छादित विद्यालयों का बैंक खाता दिनांक 22.09.2021 तक Zero Balance पर खोलकर निदेशालय को सूची उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।


पत्र



शुक्रवार, 17 सितंबर 2021

सरकारी स्कूलों को मिला 400 करोड़ रूपए ।देखिए ये रिपोर्ट


राज्य के तकरीबन 72 हजार सरकारी प्राइमरी-मिडिल स्कूलों के 2री से 8वीं कक्षा के बच्चों को किताब के पैसे मिलने शुरू हो गये हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पाठ्यपुस्तक के पैसे सीधे बच्चों के बैंक खाते में डीबीटी के जरिये जा रहे हैं । 2री से 5वीं कक्षा के बच्चों को प्रति बच्चा 250 रुपये एवं 6ठी से 8वीं कक्षा के बच्चों को प्रति बच्चा 400 रुपये की दर से पैसे दिये जा रहे हैं 2री से 8वीं कक्षा के 1 करोड़ 29 लाख 6 हजार 662 बच्चों के खाते में 402 करोड़ 71 लाख 15 हजार 200 रुपये की राशि डीबीटी के जरिये हस्तांतरित की जा रही है।


शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 1ली से 8वीं कक्षा के बच्चों नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था है । इसी व्यवस्था के तहत 1ली से 8वीं कक्षा के बच्चों को पाठ्यपुस्तक खरीदने के लिए पैसे दिये जाते हैं। वर्तमान में 1ली कक्षा के बच्चों के लिए राशि इसलिए नहीं जा रही है, क्योंकि उसमें दाखिला चल ही रहा है। 

गुरुवार, 16 सितंबर 2021

अब शिक्षको को स्कूल आने में नहीं होगी देरी।देखिए ये रिपोर्ट




शिक्षा विभाग के वो शिक्षक जो अपनी मर्जी से अपने समय के अनुरूप स्कूल आते-जाते हैं, उनके लिए अच्छी खबर नहीं है। क्योंकि, वैसे शिक्षकों की लेटलतीफी पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने ऐप जारी कर दिया है। उसी ऐप पर शिक्षकों को हाजिरी बनानी होगी। ऐसा नहीं है कि इस ऐप पर जिले में पहली बार काम हो रहा है। बल्कि, शिक्षा विभाग इससे अछूता था, जिस पर विभाग की नजर अब पड़ी है। विभाग के आदेश पर ऐप पर केवल शिक्षक नहीं, बल्कि डीईओ व डीपीओ से लेकर कार्यालय के सभी कर्मियों को हाज़िरी बनानी होगी।

डीएम योगेन्द्र सिंह ने बताया कि ऐप में सेटिंग के अनुसार कार्यालय पहुंचने पर ही हाज़िरी बन सकेगी। जब तक शिक्षक या अन्य कर्मी कार्यालय नहीं पहुंचेंगे, हाजिरी नहीं बनेगी। स्कूल या कार्यालय पहुंचने व छोड़ते वक्त शिक्षकों व अन्य अधिकारियों और कर्मियों को उसी ऐप के जरिए हाजिरी बनानी होगी। ऐप की सबसे बड़ी विशेषता यह कि संबंधित लोग जितने बजे हाजिरी बनाएंगे, उसपर समय भी स्पष्ट दिखने लगेगा। उसके बाद चाहकर भी कोई उसमें फेरबदल नहीं कर सकेगा। ऐप से बनने वाली हाज़री पर डीएम व डीईओ नज़र रखेंगे।


सरकार ने सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की।देखिए ये रिपोर्ट



राज्य में 11 चरणों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थानों के लिए होने वाले मतदान के दिन  सरकार ने संबंधित प्रखंडों में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है ।सामान्य प्रशासन से जारी अधिसूचना के  अनुसार बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 तथा संशोधित को धारा 131 में कनहित प्रावधानों के आलोक  में पंचायत आम निर्वाचन 2021 के तहत त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी के निर्वाचन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त अनुसूची के अनुसार जिन क्षेत्रों में जिस तिथि को मतदान निर्धारित है, उन निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मात्र उस तिथि के लिए सवैतनिक अवकाश घोषित किया जाता है। इस अधिसूचना की प्रति सभी सरकारी कार्यालयों एवं निजी संस्थानों को भेज दी गयी है ।अधिसूचना के अनुसार चुनाव कुल 11 चरणों मे हो रहा है जिसमे प्रथम चरण का चुनाव 24 सितंबर से शुरू हो रहा है  और 12 दिसंबर को 11 वे चरण के चुनाव के साथ समाप्त हो रहा है।  आप नीचे डिस्क्रिप्शन में दिए लिंक पर क्लिक करके सभी पंचायतों का नाम देख सकते है जहाँ जहाँ चुनाव होने वाले है।




बुधवार, 15 सितंबर 2021

शिक्षको के बकाया भुगतान पर जारी हुवा पत्र।देखिए ये रिपोर्ट




विभाग ने पत्र जारी करके बताया कि शिक्षकों का मातृत्वकाश, चिकित्सा अवकाश एवं बकाया वेतनादि का बकाया विवरणी भुगतान हेतु भेजा जाता है, परन्तु उक्त विवरणी के साथ वांछित अभिलेख संलग्न कर नही दिया जाता है,जिसके कारण भुगतान में काफी कठिनाई उत्पन्न होती है। इसलिए शिक्षकों का निम्नांकित वेतनादि विवरणी के साथ जरूरी कागज देना जरूरी है।

मातृत्वकाश के भुगतान के लिए जरूरी कागज के रूप में शिक्षिका द्वारा मातृत्वाकाश में जाने की अनुमति, शिक्षिका का चिकित्सक द्वारा प्रदत प्रमाण पत्र,शपथ पत्र ( दो सन्तान तक के लिए), सक्षम प्राधिकार द्वारा स्वीकृति आदेश एवं अवकाश की स्वीकृति का सेवा पुस्तिका पर प्रविष्टि की, छायाप्रति देनी होगी।

चिकित्सा अवकाश के भुगतान के लिए जरूरी कागज के रूप में शिक्षक को  चिकित्सावकाश में जाने का अनुमति पत्र, चिकित्सक द्वारा प्रदत प्रमाण पत्र ,सक्ष्म प्राधिकार द्वारा चिकित्सावकाश का स्वीकृति आदेश एवं सेवा पुस्तिका पर प्रविष्टि की छायाप्रति देनी होगी।

बकाया वेतन के भुगतान के लिए  शिक्षकों के बकाया वेतनादि के विवरणी में वेतन नहीं मिलने का कारण स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए साथ ही उक्त अवधि के संदर्भ में आदेश से संबंधित वांछित अभिलेख संलग्न करना होगा।

जिला कार्यकर्म पदाधिकारी ने सभी बीइओ को आदेश दिया है कि उपरोक्त परिपेक्ष्य में नगर/प्रखण्ड/पंचायत शिक्षक का मातृत्वकाश/चिकित्सा अवकाश/ पितृत्वकाश अवधि का वेतनादि विवरणी वांछित अभिलेख के साथ ही संलग्न कर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध करायेगे। अगर उपरोक्त अवधि से संबंधित वेतनादि विवरणी के साथ अंकित वांछित अभिलेख संलग्न नही किया जाता है तो वैसे मामले में भुगतान नही होने की स्थिति में सारी जवाबदेही बीइओ की होगी। नीचे डिस्क्रिप्शन में पत्र का लिंक दिया हुवा है आप लिंक पर क्लिक करके पत्र डाउनलोड कर सकते है।




रविवार, 12 सितंबर 2021

शिक्षकों के ट्रांसफर पर आ रही है बड़ी खबर।देखिए ये रिपोर्ट




नियोजित शिक्षकों की ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर सरकार व विभाग द्वारा अधिसूचना तो जारी कर दी गयी, लेकिन यह केवल अधिसूचना भर ही रह गयी। ट्रांसफर प्रक्रिया इससे एक कदम आगे भी नहीं बढ़ी है। नतीजतन इससे सबसे अधिक लाभान्वित होने वाले महिला और दिव्यांग शिक्षकों में मायूसी देखी जा रही है। 
वहीं सारण जिला परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया है कि इस प्रक्रिया को पूरा ही नहीं कराया जा सकता है। सरकार की मंशा इस मामले में भी ठीक नहीं दिख रही है। इधर, विभागीय अधिकारियों की माने, तो जारी की गयी स्थानांतरण अधिसूचना पर आचार संहिता की मार पड़ गयी है।सबसे अधिक महिला व दिव्यांग शिक्षकों में नाराजगी है।

शिक्षक संगठनों ने सरकार की ट्रांसफर- पस्टिंग नियमावली को लेकर सवाल खड़े कर दिये।शिक्षकों का कहना था कि नियमावली को इतना पेचीदा बना दिया गया है कि प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती।सरकार को चाहिए था कि जहां-जहां महिला या दिव्यांग शिक्षकों की रिक्ति है, फिलहाल वहां उनके इच्छा अनुसार पोस्टिंग कर दी जाये. लेकिन नियमावली में जो बातें रखी गयी हैं उसके अनुसार महिला व दिव्यांग शिक्षकों को सुविधा की जगह असुविधा अधिक हो रही है। इसी को लेकर सभी शिक्षक संघों ने सरकार के सामने अपनी मांगे रखी और नियमावली को सरल बनाने की मांग की। इधर पंचायत चुनाव भी शुरू हो चुका है और इसे आचार संहिता के दायरे में ला दिया गया है। कुल मिलाकर ट्रांसफर-पोस्टिंग का यह मामला फिलहाल कुछ महीनों के लिए फंसता दिख रहा है।

ट्रांसफर का लाभ पहली से उच्च माध्यमिक विद्यालय में काम कर रहे नियोजित  शिक्षक, शिक्षिकाओं और पुस्तकालय अध्यक्ष को मिलना था। इसके अलावा जिन शिक्षकों ने तीन साल या उससे अधिक की नौकरी कर ली है, उन्हें भी ट्रांसफर का लाभ मिलना था निलंबित शिक्षकों और अनुशासनात्मक कार्रवाई का दंश झेल रहे शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिलता यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि नियोजित शिक्षकों में जिनके प्रमाणपत्र सही थे या किसी तरह की जांच में कोई खामी नहीं पायी गयी उन्हें ही ट्रांसफर का लाभ मिलेगा।







शनिवार, 11 सितंबर 2021

शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षको पर विभाग ने बैठाई जांच।देखिए ये रिपोर्ट



आपको याद दिला दूं कि इस बार शिक्षक दिवस पर राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए बीस शिक्षक चयनित हुए थे। उनमें दस महिला शिक्षक थीं और दस पुरुष शिक्षक थे। लेकिन, शिक्षक दिवस के ठीक दो दिन पहले बीस चयनित शिक्षकों में शामिल बिहारशरीफ स्थित आवासीय माडल मध्य विद्यालय, भैंसापुर की प्रधान शिक्षिका सुनीता सिन्हा पर पूर्व में लगे गबन का आरोप संबंधी शिकायत प्राप्त होने और सारण के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टेसुआर के शिक्षक शशिभूषण शाही पर प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग ने उन्हें तत्काल पुरस्कार देने पर रोक लगी दी। 

इसके साथ ही दोनों शिक्षकों के मामले में संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गयी। विभाग ने तय किया कि जांच में निर्दोष पाये जाने के बाद उन्हें पुरस्कार दिया जायेगा ।यही वजह रही कि शिक्षक दिवस पर दोनों शिक्षक राजकीय शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत नहीं किये गये। बाकी अठारह चयनित शिक्षक शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी के हाथों राजकीय शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत हुये। उनमें नौ महिला एवं नौ पुरुष शिक्षक थे। राजकीय पुरस्कार के तहत प्रत्येक शिक्षक-शिक्षिका को पुरस्कार स्वरूप पन्द्रह हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र दिये जाते हैं।



शुक्रवार, 10 सितंबर 2021

शिक्षक हुए चुनाव कार्य से मुक्त।देखिए ये रिपोर्ट



आपको बता दे कि 11 सितम्बर 2021 से नालन्दा खुला विश्वविद्यालय द्वारा बीएड की परीक्षा आयोजित की गई है जिसमें शिक्षक परीक्षार्थियों ने भी भाग लिया है। बिहार सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या-4715 दिनांक-24.08.2021 के आलोक में जिलावार एवं प्रखंडवार चुनाव की तिथिया निर्धारित कर दी गई हैं। इस चुनाव में वैसे शिक्षकों को भी लगाया गया है जो नालन्दा विश्वविद्यालय के बीएड की परीक्षा में शामिल होने जा रहें हैं।इसलिए विभाग ने आदेश दिया है कि परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षक/शिक्षकाओं को उनके परीक्षा एडमिट कार्ड के आधार पर चुनाव कार्य से मुक्त किया जाता है। नीचे डिस्क्रिप्शन में पत्र का लिंक दिया हुवा है आप लिंक पर क्लिक करके पत्र डाउनलोड कर सकते है।




चुनाव प्रशिक्षण में भाग नहीं लेने पर एफआईआर-डीएम।देखिए ये रिपोर्ट


कलेक्ट्रेट स्थित डीआरडीए सभाकक्ष में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक के प्रथम चरण में पंचायत आम निर्वाचन की तैयारियों से संबंधित समीक्षा की गयी। बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी रोहतास धर्मेन्द्र कुमार, डीडीसी शेखर आनंद, अनुमंडल पदाधिकारी डेहरी समीर सौरभ, अनुमंडल पदाधिकारी बिक्रमगंज प्रियंका रानी, सभी जिलास्तरीय नोडल पदाधिकारी,सभी निर्वाची पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित रहे। 

प्रभारी पदाधिकारी , प्रशिक्षण कोषांग को निदेश दिया गया कि पंचायत निर्वाचन हेतु डीएवी विद्यालय में जारी कार्मिकों के प्रशिक्षण में अनुपस्थित पाए जा रहे कर्मियों को अंतिम रूप से सूचना देते हुए 11 सितंबर को दिए जाने वाले विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में अचूक रूप से उपस्थित रहते हुए प्रशिक्षण प्राप्त करने का निदेश दिया। उक्त दिवस को भी अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई यथा प्राथमिकी इत्यादि का निदेश दिया गया। 

उसी प्रकार अन्य सभी कोषांगों तथा सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी निर्वाची पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी को नामांकन, आदर्श आचार संहिता, ईवीएम मैनेजमेंट, मतगणना इत्यादि से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिया गया। जिले में आदर्श आचार संहिता के 4 मामलों में अब तक प्राथिमिकी दर्ज की गई है।



स्कूल जांच में 19 शिक्षकों पर गिरि गाज।देखिए ये रिपोर्ट



7 सितंबर को जब पटना के उच्च माध्यमिक विद्यालय पैनाल का निरीक्षण किया गया तो पूरी पोल खुल गई जिस विद्यालय में 21 शिक्षक और कर्मी हों उसमें केवल 2 शिक्षक व 2 कर्मी ही विद्यालय में मौजूद थे। 
दरअसल पटना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अरुण कुमार मिश्रा ने उच्च माध्यमिक विद्यालय पैनाल का निरीक्षण किया तो स्थिति की पूरी पोल खुल गई. शिक्षकों की बात कौन करे न तो प्रधानाध्यापक थे न अन्य शिक्षक. सिर्फ 2 शिक्षक विद्यालय में मौजूद थे। स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहम्मद नजमुलहसन चालान कार्य के लिए एक अन्य शिक्षक जितेंद्र कुमार यादव के साथ बैंक गए हुए थे।


जबकि विद्यालय में लिपिक तो हैं ही। प्रधान शिक्षक पढ़ाई का काम छोड़ एक अन्य शिक्षक को लेकर बैंक का चक्कर लगा रहे थे।विद्यालय में जो चार कर्मी मौजूद थे उनमें एक चपरासी, एक और दो शिक्षक मौजूद थे। पटना के डीपीओ स्थापना अरुण कुमार मिश्र ने अपनी जांच रिपोर्ट डीईओ कार्यालय को दे दिया। रिपोर्ट में लिखा गया है कि स्कूल में कार्यरत सभी शिक्षक और कर्मी द्वारा उपस्थिति निर्धारित समय सारणी के अनुसार नहीं था. डीपीओ ने प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया कि विद्यालय निरीक्षण के क्रम में अनुपस्थित शिक्षककर्मी से स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध कराएं।बता दें, स्कूल के प्रधानाध्यापक पर पहले भी कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। विकास निधी की राशि में गड़बड़ी, उपस्कर व प्रयोगशाला के लिए सरकार की तरफ से भेजी गई राशि का बंदरबांट करने, छात्रों से फार्म के नाम पर अधिक पैसे लेने, स्कूल परिसर में लगे पेड़ों की कटाई कराने समेत कई अन्य आरोप हैं। इस मामले में जांच भी हुई है और शो-कॉज पूछा गया था।


गुरुवार, 9 सितंबर 2021

बिहार में बढ़ रहा है बच्चो में वारस का प्रकोप।देखिए ये रिपोर्ट


  बिहार में इन दिनों बच्चों को एक नई बीमारी हो रही है. राज्य के पटना, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सारण, सीवान, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण समेत लगभग दर्जनभर जिलों में रहस्यमयी वायरल बुखार से हड़कंप मच गया है. सूबे के गोपालगंज जिले में दो और मुजफ्फरपुर जिले में एक बच्चे की मौत हो गई है. दिन प्रतिदिन बीमार बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ते ही जा रही है, जो डॉक्टरों के लिए भी एक बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है. डॉक्टर भी टेंशन में हैं  क्योंकि वे इस नए वायरस से अनजान हैं।राजधानी पटना में एम्स और पीएमसीएच समेत चार बड़े अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित लगभग 200 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं. पटना के पीएमसीएच में 30 नए बच्चों को भर्ती कराया गया है. पीएमसीएच के शिशु विभाग क़में 276 बेड है, जिसमें 131 बेड पर वायरल से पीड़ित बच्चे हैं. जबकि दूसरे बेड़ों पर अन्य बीमारी से पीड़ित बच्चे हैं।

इसके अलावा मुजफ्फरपुर, सारण, गोपालगंज, सीवान और पश्चिमी चंपारण में भी यह बुखार तेजी से फ़ैल रहा है. बुधवार को मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज अस्पताल में 40 व केजरीवाल अस्पताल में 25 बच्चों को भर्ती कराया गया. इस बीच एसकेएमसीएच के पीकू वार्ड में भर्ती पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली निवासी अमित कुमार की एक्सप्रेशनल निमोनिया से मौत हो गई. उसे दो दिन पहले गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया था.

गया के मगध मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में 71 में से 47 बेड फुल हैं. जबकि सीवान जिले के सदर हॉस्पिटल में 80 से 90 बच्चे पहुंच रहे हैं. पटना एम्स में शिशु रोग के विभागाध्यक्ष डॉ लोकेश तिवारी बीमारी का कारण अज्ञात वायरल को बता रहे हैं. पीएमसीएच शिशु रोग के पूर्व विभागाध्यक्ष और एईएस समेत कई महामारी का एसओपी बनाने वाले डॉ निगम प्रकाश नारायण के अनुसार चार विरस के गठजोड़ के कारण इस साल यह वायरल तेजी से फ़ैल रहा है। बीमार बच्चों में फ्लू, एक्यूट ब्रांकियोलाइटिस, वायरल निमोनिया और डेंगू वायरस के लक्षण है. ब्रांकियोलाइटिस वायरस के कारण बच्चों के फेफड़े संक्रमित हो रहे और उनका दम फुल रहा है. बच्चों को इससे सांस लेने में दिक्कत हो रही है. उन्हें बुखार और उल्टी की भी शिकायत है।



बुधवार, 8 सितंबर 2021

प्रधानाध्यापकों का होगा 35 हजार मूल वेतन।देखिए ये रिपोर्ट


राज्य के प्राथमिक विद्यालयों के लिए प्रधान शिक्षकों के 40,518 एवं उच्च  माध्यमिक विद्यालयों के लिए  5,334 पद सृजित किये गये हैं। इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालयों में 40,518 प्रधान शिक्षकों एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 5,334 प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से लिखित परीक्षा के आधार पर होनी है। राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालयों में 40,518 प्रधान शिक्षक के पद सृजन के प्रस्ताव पर मंगलवार को कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी। इसी प्रकार राज्य के माध्यमिक विद्यालय विहीन पंचायतों में स्थापित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के 5,334 पदों के सृजन के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी। प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के लिए अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेजी जायेगी। उसके बाद आयोग द्वारा परीक्षा ली जायेगी। परीक्षा के लिए शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोग सिलेबस बनायेगा। 


उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त होने वाले प्रधानाध्यापकों का मूल वेतन पैंतीस हजार रुपये होगा। मूल वेतन में महंगाई भत्ता एवं आवास भत्ता सहित अन्य भत्ते की राशि जुड़ेगी। आपको बता दे कि राज्य माध्यमिक विद्यालय विहीन पंचायतों में सरकार द्वारा एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय खोले गये हैं। ऐसे 5,334 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक नियुक्त किये जाने हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 1,087 माध्यमिक विद्यालय खोले गये हैं, जो उच्च माध्यमिक हो चुके हैं। इनमें प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति होनी है। प्रधानाध्यापकों के पद नये वेतन संरचना के हैं। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों के पद भी नये वेतन संरचना के हैं।




सोमवार, 6 सितंबर 2021

डीएम का आदेश स्कूलों के संचालन में किया बदलाव।देखिए ये रिपोर्ट


मोतिहारी के जिलाधिकारी ने कहा कि कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों का वर्ग संचालन कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड का अनुपालन करते हुए वर्ग का संचालन करने में मुश्किल हो रहा है। डीएम ने कहा कि इन कक्षाओं के बच्चे कम उम्र के होते है इसलिए मास्क लगाने की अनिवार्यता कष्टप्रद होता है। साथ ही इन कक्षाओं में बच्चों की संख्या भी अधिक होती है, जिससे समाजिक दूरी(social distensing) का पालन कराना कठिन हो जाता है।इसलिए  कक्षा 1 से 5 तक के वर्ग का संचालन एक दिन के अंतराल पर होगा यानी Alternate Day पर संचालन करने का आदेश दिया जाता है।आपको बता दे कि जिलाधिकारी को यह अधिकार दिया गया है कि स्थानीय परिस्थितियों की समीक्षा कर उपर्युक्त प्रतिबंधो के अतरिक्त एवं अधिक सख्त प्रतिबंध लगा सकेंगे। यह आदेश दिनांक-06.09.2021 से 25.09.2021 तक प्रभावी रहेगा।






शनिवार, 4 सितंबर 2021

अपर सचिव का आदेश।सभी सरकारी स्कूलों में बिना देरी के करना है ये काम।देखिए ये रिपोर्ट





अपर सचिव ने  राज्य के तकरीबन  80 हजार सरकारी विद्यालयों में सेपटी आडिट कराने का निर्देश जारी किया है। सभी 72 हजार प्रारंभिक और आठ हजार माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में किसी प्रकार की आपदा  की स्थिति पैदा होने पर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर क्या-क्या इंतजाम है, यदि सुरक्षा व्यवस्था की कमी है तो क्या इसके लिए कौन-कौन सा उपाय करने की जरूरत है, इसके  बारे में सूचीबद्ध अंकेक्षण जरूरी है। इसके मद्देनजर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार की ओर से सभी 38 जिलों से रिपोर्ट मांगी गयी है।

शिक्षा विभाग की ओर से  80 हजार सरकारी विद्यालयों में सेफ्टी आडिट कराया जाएगा समितियों के गठन को अनिवार्य किया गया है। इन समितियों के सदस्यों और शिक्षकों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग की ओर से जिन विद्यालयों में आपदा प्रबंधन समितियों का गठन नहीं हुआ है उन विद्यालयों  में अविलंब समितियों का गठन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। 

प्रत्येक विद्यालय में अग्निशमन यंत्र का इंतजाम अनिवार्य किया गया है। मौजूदा समय में प्रदेश के 34 फीसद सरकारी विद्यालयों में अग्निशमन अग्निशमन यंत्र नहीं है। सभी विद्यालयों में सुरक्षा कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से सभी विद्यालयों में लागू करने का आदेश जिला शिक्षा अधिकारियों को दिया है। इस कार्यक्रम के तहत विद्यालय स्तर पर प्रशिक्षण, स्कूल सुरक्षा गाइड-लाइन का लेखन, जागरुकता, विद्यालय आपदा प्रबंधन योजनाएं और मॉक ड्रिल का आयोजन कराया जाएगा। शिक्षकों और विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। 



शिक्षको के वेतन मद में राशि जारी।देखिए ये रिपोर्ट



राज्य में सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 4,050 अतिथि शिक्षकों के पारिश्रमिक के भुगतान के लिए 80 करोड़ 35 लाख 50 हजार रुपये की राशि जारी हुई है। इसमें 77 करोड़ 35 लाख 50 हजार रुपये की राशि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 के निर्धारित पारिश्रम मद की है। इसके साथ ही तीन करोड़ रुपये की राशि विभिन्न वादों में न्यायादेश से आच्छादित मामलों के तहत किये जाने वाले भुगतान के लिए है।

आपको बता दूं कि राजकीय, राजकीयकृत एवं उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध सेवा दे रहे 4,050 अतिथि शिक्षकों को प्रति अतिथि शिक्षक प्रति कार्यदिवस एक हजार रुपये की दर से पारिश्रमिक के भुगतान की व्यवस्था है। भुगतान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सह-निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा किया जाना है।


शुक्रवार, 3 सितंबर 2021

टीईटी शिक्षको का ये सपना नहीं हो पायेगा पूरा।देखिए ये रिपोर्ट




राज्य में माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास हजारों माध्यमिक शिक्षक बिहार लोक सेवा आयोग से होने वाली प्रधानाध्यापकों की बहाली में छंट जायेंगे। ऐसे शिक्षक प्रधानाध्यापक पद के लिए आवेदन भी नहीं कर पायेंगे। दरअसल, माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के लिए संबंधित नियमावली में यह प्रावधान है कि वर्ष 2012 या उसके बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही यह भी शर्त है कि सरकारी स्कूलों के वैसे ही माध्यमिक शिक्षक आवेदन कर पायेंगे, जिनके पास कम से कम दस वर्षों का शिक्षण अनुभव होगा। 

नियुक्ति के लिए पहली बार शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ष 2012 में हुई। नतीजतन, उस शिक्षक पात्रता परीक्षा के आधार पर नियुक्त माध्यमिक शिक्षकों के पास अधिकतम आठ वर्षों का ही शिक्षण अनुभव पूरा हो पाया है। यही वजह है कि ऐसे शिक्षक आवेदन नहीं कर पायेंगे। इसके मद्देनजर ऐसे शिक्षकों ने शिक्षा विभाग दरवाजा खटखटाया है। ऐसे शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्यसचिव को ज्ञापन देकर कहा है कि प्रधानाध्यापक पद के लिए सरकारी स्कूलों के उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए जहां कम से कम आठ वर्ष का शिक्षण अनुभव रखा गया है, वहीं प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान अध्यापक पद के लिए 1ली से 5वीं कक्षा के शिक्षक हेतु आठ वर्ष का शिक्षण अनुनभव एवं 6ठी से 8वीं कक्षा के स्नातक शिक्षक के लिए शिक्षण अनुभव के रूप में मात्र सेवा सम्पुष्ट होना ही अनिवार्य माना गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक पद हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण माध्यमिक शिक्षकों के प्रधानाध्यापक बनने की कोई उमीद नहीं है।






गुरुवार, 2 सितंबर 2021

शिक्षको को मिलना चाहिए सबसे ज्यादा वेतन।हाइकोर्ट।देखिए ये रिपोर्ट



प्राथमिक शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक सरकार के सबसे अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों में से एक होना चाहिए। इसके लिए प्राथमिक शिक्षक के पद से जुड़े वेतन-भत्ते बेहतर होने चाहिए,जिससे अध्यापन के लिए समाज के मेधावी वर्ग को आकर्षित किया जा सके। शिक्षक के वास्तविक गुण वाले को ही इस पद पर नियुक्त किया जा सके। ग्वालियर खंडपीठ की जस्टिस शील नागू और जस्टिस दीपक अग्रवाल की युगलपीठ ने शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (डीएलएड) से संबंधित याचिका खारिज करते हुए यह बात कही। याचिका में पाठ्यक्रम के छात्र ने द्वितीय वर्ष में एक से अधिक सैद्धांतिक विषय में अनुत्तीर्ण अनुमति मांगी थी। 

न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षक पद के लिए न्यूनतम मानक तय किए हैं। इसी वजह से सरकारी प्राथमिक स्कूलों में औसत या उससे भी निचले स्तर के व्यक्ति शिक्षक बन गए हैं। न्यायालय ने सरकार से अपेक्षा की है कि राज्य सरकार और उसके जो अधिकारी शिक्षक पद की योग्यता के मानक तय करते हैं, वे सभी प्राथमिक शिक्षा के तेजी से गिरते स्तर होने पर दोबारा परीक्षा में बैठने की को रोकने का प्रयास करें।


बिना सूचना स्कूल से गायब पाए गए शिक्षको के लिए बुरी खबर।देखिए ये रिपोर्ट

माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों से बिना सूचना के गायब शिक्षकों पर नो वर्क-नो पे लागू किया है। इसके तहत 18 जिलों के 165 शिक्षकों का विना सूचना के गायब वाले दिन का वेतन कटेगा। इससे संबंधित शिक्षकों की सेवा में टूट हो जायेगी। इससे संबंधित आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्वारा संबंधित 18 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिये गये हैं। संबंधित 165 शिक्षक विद्यालयों के अनुश्रवण के दौरान नौ अगस्त से 13 अगस्त के बीच बिना सूचना के गायब पाये गये थे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार ने संबंधित शिक्षकों पर की गयी काररवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।165 शिक्षकों में पटना के छह, रोहतास के 67, गया के दो, जहानाबाद के एक, औरंगाबाद के 11, मुजफ्फरपुर के छह, पूर्वी चंपारण के सात, शिवहर के 11, समस्तीपुर के चार, सहरसा के छह, पूर्णिया के दो, अररिया के नौ, बांका के एक, मुंगेर के 16, शेखपुरा के दो, लखीसराय के 10, खगड़िया के दो एवं बेगूसराय के दो शिक्षक शामिल हैं।