मंगलवार, 24 अगस्त 2021

शिक्षा विभाग में होने जा रहा है अनोखा बदलाव।देखिए ये रिपोर्ट



राज्य में आने वाले दिनों में किन्नर भी शिक्षक बनेंगे। स्कूलों में माध्यमिक बच्चों को पढ़ायेंगे। राज्य में प्रारंभिक विद्यालयों में  शिक्षक बनने के लिए किन्नरों को टीईटी पास होना जरूरी है। माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए किन्नरो को  एसटीईटी का पेपर वन पास होना और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने  के लिए माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर-टू पास होना जरूरी है। 

किन्नर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक बनना चाहते माध्यमिक शिक्षक 9वीं-10वीं कक्षा में जबकि उच्च माध्यमिक शिक्षक 11वीं-12वीं कक्षा को पढ़ाते है। अपने इसी सपने को साकार करने के लिए योग्यताधारी किन्नर बीएड की पढ़ाई करना चाह रहे हैं। ऐसे किन्नरों ने बीएड पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए इस बार हुई बीएड प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने का फॉर्म भी भरा है। यह पहला अवसर था, जब बीएड प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए किन्नरों द्वारा फॉर्म भरे गये। यह परीक्षा 13 अगस्त को राजधानी पटना सहित राज्य के 11 शहरों में 276 परीक्षा केंद्रों पर हुई है। इसमें बैठने के लिए फॉर्म भरने वाले 1,36,772 अभ्यर्थियों में 75,525 पुरुष, 61,238 महिला एवं नौ किन्नर अभ्यर्थी थे। बहरहाल, बीएड की पढ़ाई के प्रति किन्नरों का आकर्षण इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में स्कूलों में किन्नर शिक्षक भी दिखेंगे।







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