शुक्रवार, 27 अगस्त 2021

प्रधानध्यापक पर एफआईआर।शिक्षक बर्खास्त।देखिए ये रिपोर्ट



जिला परिषद कार्यालय रोहतास के कथित निर्गत आदेश पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर कर नियोजित शिक्षक बन कर पढ़ाने  वाले चार माध्यमिक शिक्षकों के विरुद्ध जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त सुरेंद्र प्रसाद ने स्थापना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कर सूचित करने का आदेश निर्गत किया है। जिनमें उत्क्रमित उच्च विद्यालय खनेठी करगहर में नियोजित राकेश कुमार 
रौशन, उत्क्रमित उच्च विद्यालय  सरैया तिलौथू में नियोजित उपेंद्र कुमार एवं सुषमा कुमारी तथा उत्क्रमित उच्च विद्यालय चंदनपुरा तिलौथू में नियोजित राकेश दुबे शामिल हैं। 


आपको बता दे कि जिला परिषद द्वारा जारी आदेश पत्र की जांच के बाद यह पाया गया कि  यह आदेश जिला परिषद कार्यालय द्वारा जारी नहीं किया गया है तथा संबंधित ज्ञापन पर अधोहस्ताक्षरी का फर्जी हस्ताक्षर किया गया है। जिसके आलोक में डीडीसी ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को उपरोक्त सभी शिक्षकों एवं योगदान स्वीकृत करने वाले प्रधानाध्यापक के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सूचित करने का आदेश निर्गत किया है। साथ ही जिला परिषद क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक  सहित शिक्षा विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि ऐसे किसी भी मामले के संज्ञान में आने पर तत्काल जिला परिषद नियोजन इकाई को सूचित करें। जिससे दोषी व्यक्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा एक अन्य मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुरोध एवं विभागीय जांच के उपरांत श्री सीताराम उच्च विद्यालय बरांव कला डिहरी में नियोजित उच्चतर माध्यमिक शिक्षक प्रमोद कुमार पांडे को फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर तत्काल सेवा से बर्खास्त करने एवं सभी तरह के लंबित वेतन के भुगतान पर रोक सहित सेवा अवधि के दौरान लिए गए वेतन वापसी की कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी आदेश जिल्ला परिषद ने जारी किया है।


गुरुवार, 26 अगस्त 2021

5 सितंबर से पहले क्या है शिक्षकों के लिए सरकार का प्लान।किसके वेतन मद में राशि हुई जारी।देखिए ये रिपोर्ट




कोरोना संक्रमण के भय से बंद पड़े स्कूलों खुलने शुरू हो गए है। इसी  बीच केंद्र सरकार सभी जरूरी एहतियात उठाने में जुटी है। फिलहाल इसे लेकर जो बड़ा कदम उठाया गया है,उसमें देश भर के सभी शिक्षकों को अब प्राथमिकता पर कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। राज्यों को इसके लिए हर माह दी जाने वाली वैक्सीन की निर्धारित डोज के अतिरिक्त वैक्सीन की करीब दो करोड़ डोज दी जाएंगी। शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने यह कदम, कोरोना की पिछली लहरों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की मौत के मामले देखते हुए उठाया है। जब फिर से स्कूल और शिक्षण संस्थानों को खोलने की तैयारी चल रही है तब कुछ खास तैयारियां सरकार को करनी जरूरी हैं।कुछ राज्यों में नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को रोटेशन के तहतस्कूलों में बुलाना भी शुरू कर दिया गया है, शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर सरकार किसी तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहती। सरकार ने शिक्षकों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है, उनमें शिक्षक दिवस यानी पांच सितंबर से पहले सभी को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगानी है।


राज्य के 227 संबद्धता प्राप्त डिग्री कालेजों के शिक्षक और कर्मियों के वेतन का रास्ता साफ हो गया है। वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त होने के बाद सरकार की सहायता और अनुदान पर चलने वाले संबद्धता प्राप्त डिग्री कालेजों को सरकार ने 2021-22 में 250 करोड़ रुपये का अनुदान देने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की  बैठक में इस प्रस्ताव समेत कुल 14 प्रस्ताव मंजूर किए गए। 



बिहार में लॉकडाउन में पाबंदियां खत्म। 100% छात्रों के साथ स्कूल।दुकानदारों को राहत।देखिए ये रिपोर्ट





आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में राज्य में कोरोना के संक्रमण की स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु लागू प्रतिबंधों को शिथिल करने की प्रक्रिया को रखते हुए दिनांक-26.08.2021 से 25.09 2021 तक प्रतिबन्धों की निम्न रूपरेखा के साथ लागू करने का निर्णय लिया गया।

समी दुकानें एवं प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुल सकेंगे। भी दुकानदारों को के हमेशा मास्क पहनना अनिवार्य होगा।काउंटर पर दुकानदार द्वारा कर्मियों एवं आगंतुकों केनउपयोग हेतु सैनिटाईजर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।दुकानों में केवल कोविड टीका प्राप्त व्यक्तियों को ही कार्य करने की अनुगति होगी।सभी दुकानों को अपने यहाँ कार्यरत कर्मियों का टीकाकरण सुनिश्चित करना होगा उपर्युक्त शर्तों का पालन नहीं किए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सभी विश्वविद्यालय, कॉलेज एवं तकनीकी शिक्षण संस्थान तथा विद्यालय- पहली से बारहवीं कक्षा तक के लिये-सामान्य रूप से खोले जा सकेंगे। यानी 50 प्रतिशत की बाध्यता समाप्त कर दी गयी है। ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण की व्यवस्था के विकल्प को भी उपलब्ध रखा जाएगा। सभी सरकारी प्रशिक्षण संस्थान भी सामान्य रूप से खोले जा सकेंगे।कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय तथा अनुसूचित जाति/जनजाति आवासीय विद्यालय/कर्पूरी छात्रावासों का संचालन पूर्व की भाँति अनुमान्य होगा।

राज्य के विश्वविद्यालयों/कॉलेजों/विद्यालयों द्वारा सभी प्रकार की  परीक्षाएँ कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया के अनिवार्य अनुपालन के साथ आयोजित की जा सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग शैक्षणिक संस्थानों के वयस्क छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मियों के लिए टीकाकरण की विशेष व्यवस्था यथावत जारी रखेगा। सभी कोचिंग संस्थान सामान्य रूप से खोले जा सकेंगे। कोचिंग संस्थानों में केवल कोविड टीका प्राप्त व्यक्तियों को ही कार्य करने की अनुमति होगी। सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहाँ कार्यरत कर्मियों का टीकाकरण सुनिश्चित करना होगा तथा उनकी विवरणी सहित सूची संधारित करनी होगी।

सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का आयोजन जिला प्रशासन की अनुमति तथा कोविड नियमो का पालन के साथ किया जा सकेगा। जिला प्रशासन को आयोजन में व्यक्तियों की अधिकतम संख्या के निर्धारण का अधिकार होगा।  विवाह समारोहों का आयोजन कोविड नियमो के साथ किया जा सकेगा, किन्तु इनमें डीजे एवं बारात जुलूस की इजाजत नहीं होगी। विवाह की पूर्व सूचना स्थानीय थाने को कम-से-कम 03 दिन पूर्व देनी होगी। 


अंतिम संस्कार/श्राद्ध कार्यक्रम भी कोविड नियमो  के साथ आयोजित किए जा सकेंगे। सभी पार्क एवं उद्यान सामान्य रूप से खुल सकेंगे। संबंधित पार्क का प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि आगंतुकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने के नियमो का पालन किया जाए। सभी धार्मिक स्थल सामान्य रूप से खुल सकेंगे। संबंधित धार्मिक स्थल का प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि वहाँ आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि नियमो का पालन किया जा रहा है कि नहीं। 




बुधवार, 25 अगस्त 2021

प्रचार्य और शिक्षको को डीएम का शख्त आदेश।देखिए ये रिपोर्ट

 


जहानाबाद जिले में बेहतर शिक्षा व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के साथ जिला पदाधिकारी हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ मे समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण काफी समय तक बच्चों की पढ़ाई अवरुद्ध रही है,जिसे हम सभी को पुनः प्रयास कर  सुधार करना होगा। उन्होंने स्पष्ट  निदेश दिया कि विद्यालय के प्रचार्य एवं शिक्षक बच्चों की समग्र शिक्षा पर ध्यान दें, ताकि पिछले कुछ समय से शिक्षा से दूर रहे बच्चों की पढ़ाई को सतत रूप से जारी रखा जा सके। इसके लिए हम सभी को काफी गंभीर एवं चरणबद्ध तरीके से कार्य करना होगा। उन्होंने निदेश दिया कि विद्यालय में मूलभूत सुविष्ट यथा-शौचालय, पेयजल, रोशनी की उचित व्यवस्था, बच्चों के बैठने इत्यादि की पर ध्यान रखें। शिक्षक समय से स्कूल में उपस्तिथ रहे और बच्चो के पठन-पाठन पर ध्यान दे।


इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बरदाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण समाप्त नहीं हुआ है, जिसके मद्देनजर विद्यालय में सरकार द्वारा मानक नियमों का पूरी तरह पालन करें। इसके साथ ही ध्यान रखें। बैठक में जिलाधिकारी , जिला शिक्षा पदाधिकारी व पदाधिकारियों से ने संचालित योजना के प्रगति  का समीक्षा किया और योजना का लाभ पात्र छात्रों को देने का आदेश दिया।


मंगलवार, 24 अगस्त 2021

डीईओ ने दी प्रधानध्यापको कड़ी हिदायत।शिक्षिका का वेतन रुका।देखिए ये रिपोर्ट



मान्यता प्राप्त माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को हिदायत दी गयी है कि इंटरमीडिएट तथा मैट्रिक परीक्षा फॉर्म भरने वाले छात्र-छात्राओं से तय शुल्क ही लिये जायें। यह हिदायत जिला शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार द्वारा दी गयी है। दरअसल, तय शुल्क से अधिक राशि लिये जाने की छात्र-छात्राओं की डीईओ की हिदायत शिकायत के मद्देनजर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को हिदायत दी गयी है। इसके मुताबिक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा तय शुल्क की राशि ही छात्रछात्राओं से लिये जायेंगे।ली जाने वाली राशि की रसीद दी जायेगी। हालांकि, पूर्व से बकाया राशि ली जायेगी।

बिना किसी सूचना के विद्यालय से गायब एक और शिक्षिका का वेतन रोका गया है। मामला अनुग्रह नारायण सर्वोदय उच्च माध्यमिक विद्यालय  का है । विद्यालय की एक सहायक शिक्षिका सोमवार को अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पायी गयीं। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने संबंधित शिक्षिका काअनधिकृत रूप से अनुपस्थित वाले दिन का वेतन स्थगित करने का आदेश दिया है । इसके साथ ही संबंधित शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है, जिसका जवाब उन्हें प्रधानाध्यापक के माध्यम से 27 अगस्त तक जिला शिक्षा पदाधिकारी को देना है।

 


शिक्षा विभाग में होने जा रहा है अनोखा बदलाव।देखिए ये रिपोर्ट



राज्य में आने वाले दिनों में किन्नर भी शिक्षक बनेंगे। स्कूलों में माध्यमिक बच्चों को पढ़ायेंगे। राज्य में प्रारंभिक विद्यालयों में  शिक्षक बनने के लिए किन्नरों को टीईटी पास होना जरूरी है। माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए किन्नरो को  एसटीईटी का पेपर वन पास होना और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने  के लिए माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर-टू पास होना जरूरी है। 

किन्नर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक बनना चाहते माध्यमिक शिक्षक 9वीं-10वीं कक्षा में जबकि उच्च माध्यमिक शिक्षक 11वीं-12वीं कक्षा को पढ़ाते है। अपने इसी सपने को साकार करने के लिए योग्यताधारी किन्नर बीएड की पढ़ाई करना चाह रहे हैं। ऐसे किन्नरों ने बीएड पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए इस बार हुई बीएड प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने का फॉर्म भी भरा है। यह पहला अवसर था, जब बीएड प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए किन्नरों द्वारा फॉर्म भरे गये। यह परीक्षा 13 अगस्त को राजधानी पटना सहित राज्य के 11 शहरों में 276 परीक्षा केंद्रों पर हुई है। इसमें बैठने के लिए फॉर्म भरने वाले 1,36,772 अभ्यर्थियों में 75,525 पुरुष, 61,238 महिला एवं नौ किन्नर अभ्यर्थी थे। बहरहाल, बीएड की पढ़ाई के प्रति किन्नरों का आकर्षण इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में स्कूलों में किन्नर शिक्षक भी दिखेंगे।







रविवार, 22 अगस्त 2021

विभागीय आदेश के शिकार बन गए ये शिक्षक।देखिए ये रिपोर्ट




शिक्षा निदेशक के निर्देशानुसार जिल्ला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याहन भोजन योजना, पश्चिम चम्पारण, बेतिया द्वारा कल दिनांक 21.06 2021 को प्रखंड योगापट्टी का अनुश्रवण किया गया। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याहन भोजन योजना, पश्चिम चम्पारण, बेतिया ने अपने  अनुश्रवण प्रतिवेदन यह जिक्र किया है। कि उच्च विद्यालय नवलपुर, प्रखंड-योगापट्टी के शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित पाये गये है।


अनुपस्थित शिक्षको में  कुमारी कबिता,योगेन्द्र सिंह,आदित्य आलोक,मृत्युंजय कुमार,राजरंजिश कुमार पाए गए है। आपको बता दे कि पदाधिकारी को  एक ही विद्यालय के पांच शिक्षक एक साथ अनुपस्थित मिले। पदाधिकारी ने अनुश्रवण के में विद्यालय से अनुपस्थित पाये गये उपरोक्त शिक्षको के वेतन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। साथ ही, संबंधित सभी शिक्षको अपना स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के दो दिनों के अंदर समर्पित करना सुनिश्चित कर दियाहै। यैसा नहीं करने पर शिक्षको के  विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने को विभाग बाध्यता हो जेएगा।







शनिवार, 21 अगस्त 2021

सराकरी नौकरी में है तो भुल कर भी चुनाव के समय ना करे ये गलती।देखिए ये रिपोर्ट

 




बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियां अपने चरम पर हैं। 11 चरण में पंचायत चुनाव हो सकते हैं। अभी लोगों को अधिसूचना जारी किए जाने का इंतजार है। पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों और प्रस्तावकों की लिए नियम तय कर दिए हैं। नियम के  तहत आंगनबाडी केंद्र पर तैनात सेविका व सहायिका किसी भी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकेगी और ना ही वे चुनाव मैदान में उतरने वाले अभ्यर्थी की प्रस्तावक बन सकेगी।

सरकारी नौकरी करने वाले ना तो अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे और न ही किसी व्यक्ति का प्रस्तावक बन सकेंगे। वहीं, विशेष शिक्षा परियोजना, साक्षरता अभियान, शिक्षा केंद्रों पर मानदेय पर कार्यरत अनुदेशक, पंचायत के अधिन मानदेय व अनुबंध पर कार्यरत शिक्षा मित्र, न्याय मित्र, विकास मित्र, टोला सेवक व दलपति केंद्र व राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकार से वित्तीय सहायता पाने वाले शैक्षणिक-गैर शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी, रसोइया व मानदेय पर कार्यरत कर्मी, गृहरक्षक एवं सरकारी वकील भी पंचायत चुनाव नहीं लड सकेंगे और ना ही किसी भी पद के लिए किसी व्यक्ति का प्रस्तावक ही बन सकते हैं।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में किसी पद के प्रस्तावक होने के लिए संबंधित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है। वहीं, 21 वर्ष से कम आयु वर्ग वाले किसी का प्रस्तावक नहीं बन सकेंगे। प्रस्तावक बनने के लिए भारत का नागरीक होना जरूरी है। केंद्र व राज्य सरकार सहित किसी स्थानीय प्राधिकार की सेवा में रहने वाले व्यक्ति भी प्रस्तावक नहीं बनेंगे। सक्ष्म न्यायालय द्वारा विकृतचित घोषित व्यक्ति एवं कोर्ट से राजनीतिक अपराध से अलग किसी भी अपराध के लिए छह महिने के कारावास की सजा पाने वाले व्यक्ति किसी का प्रस्तावक नहीं होंगे। वहीं, एक सक्षम व्यक्ति एक ही अभ्यर्थी का प्रस्तावक बन सकेंगे।

नौकरी से है अगर प्यार। शिक्षा निदेशक का पत्र पढ़ ले एक बार।देखिए ये रिपोर्ट



शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को आदेश दिया है कि कोविड 19 वैश्विक गहामारी के कारण विद्यालय लंबे समय तक बंद रहा है। विभाग के निर्णयानुसार कोबिड 19 प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के सभी कक्षाओं को प्रतिदिन 50 प्रतिशत छात्रो के साथ दिनांक 16.08.2021 से शुरू कर दिया गया है।चुकी लंबे समय तक विद्यालय का संचालन बंद रहा है इसलिए विद्यालयों के संचालन की दैनिक अनुश्रवण करना बहुत आवश्यक है।

दैनिक अनुश्रवण के दौरान विद्यालयों में बच्चों के नामांकन एवं उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय का समय पर खुलना, विद्यालय में स्वच्छता की स्थिति, कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन, पठन-पाठन कार्य का सुचारू रूप से संचालित होना आदि का अनुश्रवण किया जाना आवश्यक है।

शिक्षा निदेशक ने आदेश दिया है पदाधिकारी अपने स्तर से एवं अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों के माध्यम से जिलों में अवस्थित सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों का नियमित रूप से गुणवतापूर्ण निरीक्षण कराना सुनिश्चित करें। विद्यालय निरीक्षण के क्रम में सभी पदाधिकारी विद्यालय में कम से कम एक घण्टे का समय व्यतीत करेंगे और प्रत्येक कार्य दिवस की शिक्षकों की उपस्थिति पंजी की जांच अवश्य करेंगे। अगर शिक्षक बिना  अवकाश स्वीकृत कराये या बिना किसी सूचना के  विद्यालय से अनुपस्थित पाए जाते है तो उनके विरुद्ध  अनुशासनिक कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही शिक्षकों द्वारा की जा रही पाठ्यचर्या का अवलोकन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों को प्रोत्साहित भी करेंगे।

आपको बता दे कि विद्यालय निरीक्षण के दौरान निरीक्षी पदाधिकारी द्वारा वर्ग कक्ष में जाकर अध्यनरत छात्रों की उपस्थिति का अवलोकन करना है तथा कोविड 19 प्रोटोकॉल का अनुपालन वर्ग कक्ष में किया जा रहा है अथवा नहीं, इसकी भी जांच करना है। अध्यनरत छात्रों से शिक्षकों द्वारा पढ़ाए जा रहे  विषय में भी पूछताछ करना है। निरीक्षण के उपरान्त प्रति कार्यदिवस का निरीक्षण प्रतिवेदन विद्यालयवार समेकित  संलग्न विहित प्रपत्र में संबंधित शिक्षा उप निदेशक को अपराहन 4:00 बजे तक अनिवार्य रुप से उपलब्ध करा देना है।


अगर निरीक्षण कार्य में शिथिलता बरतने के संबंध में किसी भी तरह की प्रतिकूल सूचना संबंधित क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक या जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को दिया जाता है तो उस स्थिति में संबंधित निरीक्षी पदाधिकारी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों की जांच को सभी अधिकारी सबसे पहले प्राथमिकता दे।







शुक्रवार, 20 अगस्त 2021

नियोजित शिक्षकों और शिक्षा विभाग मेहरबान।देखिए ये रिपोर्ट




पंचायतीराज एवं नगर निकायों के वैसे हजारों शिक्षकों को
राहत मिली है, जो शिक्षा विभाग के वेबपोर्टल पर सर्टिफिकेट अपलोड नहीं कर पाये थे।ऐसे शिक्षक 23 अगस्त से 31 अगस्त तक वेबपोर्टल पर सर्टिफिकेट अपलोड कर सकेंगे। इसके लिए 23 अगस्त से 31 अगस्त तक वेबपोर्टल खुला रहेगा। इस बाबत प्राथमिक शिक्षा निदेशक अमरेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों निर्देश दिये गये हैं । निर्देश के मुताबिक इसके बाद सर्टिफिकेट अपलोड करने के लिए अवसर नहीं मिलेगा।

दरअसल, पटना उच्च न्यायालय के न्यायादेश के अनुपालन में वर्ष 2006 से 2015 तक नियुक्त पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों के सर्टिफिकेट की निगरानी जांच करायी जा रही है। तकरीबन 3,12,180 शिक्षकों में से तकरीबन 89,874 शिक्षकों के सर्टिफिकेट के फोल्डर जांच के लिए जब निगरानी को नहीं मिले, तो उनसे सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपलोड कराने का फैसला लिया गया।

इसके लिए एनआईसी के सहयोग से शिक्षा विभाग का पोर्टल बना। वेबसाइट पर उन शिक्षकों की सूची जारी की गयी, जिनके.सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपलोड होने थे। उसके बाद शिक्षकों को 21 जून से लेकर 20 जुलाई तक सर्टिफिकेट इस चेतावनी के साथ पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया कि ऐसा नहीं करने पर उनकी नौकरी तो जायेगी ही, उनके द्वारा वेतनादि मद में ली गयी राशि भी वसूल की जायेगी। सर्टिफिकेट अपलोड करने की अवधि में शिक्षक संगठनों द्वारा यह सवाल भी उठाये गये कि वेबसाइट पर शिक्षकों से जुड़ी जानकारियों में कई प्रकार की त्रुटियां हैं, जिससे शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके मद्देनजर त्रुटियों के निराकरण के निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को दिये गये। त्रुटियों के निराकरण के बाद वेबपोर्टल खोले जा रहे हैं। हालांकि, 20 जुलाई तक निगरानी जांच से छूटे शिक्षकों में से तकरीबन 95 फीसदी शिक्षकों के सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपलोड हो गये थे।


गुरुवार, 19 अगस्त 2021

नियमावली 20 के तहत 50% सीट पर प्रधानाध्यापक के लिए शिक्षको की प्रोन्नति।देखिए ये रिपोर्ट



पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों ने प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों के पदों को प्रोन्नति से नहीं भरे जाने का विरोध किया है । इस मुद्दे पर पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षक संगठनों ने आंदोलन पर उतरने की चेतावनी दी है। टीईटी-एसटीईटी उतीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट) के  प्रदेश अध्यक्ष मार्कण्डेय पाठक एवं प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पाण्डेय ने टीईटी-एसटीईटी शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा है कि चार एवं पांच सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर शिक्षक सत्याग्रह का आयोजन किया जायेगा। संगठन ने नियामवली, 2020 के तहत प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों के  50 फीसदी पदों को प्रोन्नति से भरने की मांग की है।

संगठन ने कहा है कि का परीक्षा देकर बहाल होने पर प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक का कैडर अलग हो सकता है, तो टीईटी- एसटीईटी पास कर बहाल शिक्षकों टीईटी का कैडर अलग क्यों नहीं? दूसरी ओर बिहार राज्य प्रारंभिक मुख्यमंत्री शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों के पदों पर प्रोन्नति से पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों को वंचित किये जाने का विरोध करते हुए कहा है कि 21 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर कैबिनेट के निर्णय की प्रतियां जलायी जायेंगी।

स्नातकोत्तर प्लसटू शिक्षक संगठन के प्रदेश महासचिव डॉ.कृतन्जय चौधरी ने कहा है कि उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के बदले प्राचार्य का पद होना चाहिये। उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्राचार्य के पद पर नियुक्ति हेतु न्यूनतम योग्यता उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर चार वर्ष का अनुभव होना चाहिये। टीईटी शिक्षक संघ मूल के प्रदेश

अध्यक्ष अमरदीप डिसूजा ने कहा है कि प्रधान शिक्षक की बहाली में टीईटी पास शिक्षकों को 20 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिये। यह मांग मुख्यमंत्री कार्यालय को ईमेल भेज कर की गयी है।


प्रधानाध्यापक पद की बहाली के लिए जारी हुई गाइड लाइन।देखिए ये रिपोर्ट




माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद पर नियुक्ति हेतु अनिवार्य अर्हताB निम्नवत् होंगी।जो भी शिक्षक बहाली प्रक्रिया में भाग लेंगे उनका भारत का नागरिक तथा बिहार राज्य का निवासी होना जरूरी है। वे मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर उत्तीर्ण हो। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति/अत्यन्त पिछड़ा वर्ग/पिछड़ा वर्ग/ दिव्यांग/ महिला एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए न्यूनतम निर्धारित अंक 45 प्रतिशत है। 

मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, पटना/बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदत आलिम की डिग्री एवं कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त शास्त्री की डिग्री को स्नातक के समतुल्य माना जायेगा। शिक्षक मान्यता प्राप्त संस्था से बी एस ,बीएड / बीएससीएज उत्तीर्ण हो। तथा वर्ष 2012 या उसके बाद नियुक्त शिक्षक हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण हो।

शिक्षक राज्य सरकार के माध्यमिक शिक्षक के पद पर न्यूनतम 10 वर्ष की लगातार सेवा की हो। अगर प्राइवेट शिक्षक है तो सीबीएसई /आईसीएसई ,बीएसईबी से स्थायी संबद्धता प्राप्त विद्यालय में माध्यमिक शिक्षक के पद पर न्यूनतम 12 वर्ष की लगातार सेवा की हो। शिक्षक राज्य सरकार के उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर न्यूनतम 8 वर्ष की लगातार सेवा की हो अगर प्राइवेट है तो  सीबीएसई /आईसीएसई ,बीएसईबी  से स्थायी संबद्धता प्राप्त विद्यालय में उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर न्यूनतम 10 वर्ष की लगातार सेवा की हो।नौकरी के सेवा काल की गणना योगदान की तिथि अथवा प्रशिक्षण अर्हता प्राप्त करने की तिथि, जो बाद की तिथि हो, के आधार पर की जाएगी।

बहाली में भाग लेने वाले शिक्षक की आयु 31 वर्ष और अधिकतम आयु 47 वर्ष होगी। आरक्षित वर्ग में शिक्षक के लिए अधिकतम आयु सीमा में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रावधानित छूट दी जाएगी।आरक्षण की बात करे तो राज्य सरकार के अधीन सीधी नियुक्ति में सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा लागू आरक्षण का प्रावधान प्रभावी होगा। प्रधानाध्यापक, उच्च माध्यमिक विद्यालय की नियुक्ति प्रमण्डल स्तर पर आरक्षण रोस्टर के अनुसार किया जायेगा। आरक्षण-समाशोधन से संबंधित कार्य प्रमण्डलीय आयुक्त द्वारा किया जायेगा।


बुधवार, 18 अगस्त 2021

प्रधानाध्यापकों को मिलेगा वेतनमान।शिक्षा मंत्री।देखिए ये रिपोर्ट



आपको बता दूं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा  स्वतंत्रता दिवस पर स्कूली शिक्षा के विकास एवं गुणवत्ता में सुधार हेतु प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक संवर्ग एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए प्रधानाध्यापक संवर्ग के गठन की घोषणा की गयी। उन्होंने अपनी घोषणा में कहा कि प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से होगी। स्कूली शिक्षा के विकास एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता होती है। इसके लिए दोनों ही संवर्ग शिक्षा विभाग के अधीन गठित किये जायेंगे।

प्रधान शिक्षक के पदों पर नियुक्ति को होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने के लिए तय अर्हताओं के साथ ही कम से कम आठ साल का शैक्षणिक अनुभव जरूरी होगा। मध्य विद्यालयों में पहले से ही पद हैं ।उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति को बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली  प्रतियोगिता परीक्षा में तय अर्हताओं के साथ ही सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आठ वर्ष का शिक्षण अनुभव जरूरी होगा।

खास बात यह है कि प्रधान अध्यापकों एवं प्रधानाध्यापकों के पद नये वेतनमान संरचना में होंगे। यानी वेतनमान के आधार पर नियुक्ति के बाद प्रधानाध्यापक नियोजन इकाई से बाहर निकल कर सीधे शिक्षा विभाग के अधीन होंगे। विद्यालयों के संचालन के लिए उन्हें कई तरह के अधिकार भी दिये जायेंगे। हालांकि, पहले से सृजित पदों पर नियुक्त प्रधानाध्यापक बने रहेंगे। राज्य के 29 हजार मध्य विद्यालयों सहित पुराने राजकीय, राजकीयकृत एवं प्रोजेक्ट उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद पहले से सृजित हैं।


प्राइवेट स्कूल

राज्य के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अब प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक भी प्रधानाध्यापक बनेंगे। उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में सरकारी स्कूलों के योग्यताधारी शिक्षकों के साथ ही प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक भी बैठ सकेंगे।

इसमें सीबीएसई एवं आईसीएसई से सम्बद्धता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों के वैसे अर्हताधारी शिक्षक बैठ सकेंगे, जिनके पास कम से कम 12 वर्षों का शिक्षण अनुभव होगा। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए निम्नतम शिक्षण अनुभव आठ साल है।





पंचायत चुनाव की तारीख घोषित।कब कितने चरण में।देखिए ये रिपोर्ट


लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार बिहार पंचायत चुनाव की तिथियों की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा कर दिया गया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में चुनावी तारीखों पर मुहर लग गई। राज्य में 24 अगस्त को पंचायत चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी की जाएगी।

पंचायत चुनाव राज्य में 11 चरणों में संपन्न होंगे।चापअनयत चुनाव पहली बार ईवीएम से होगा।ईवीएम से संपन्न हो रहे पंचायत चुनाव कबपहले चरण का चुनाव 24 सितंबर, दूसरे चरण का चुनाव 29 सितंबर, तीसरे चरण का चुनाव 8 अक्टूबर, चौथे चरण का चुनाव 20 अक्टूबर, पांचवें चरण का चुनाव 24 अक्टूबर, छठे चरण का चुनाव 3 नवंबर, सातवें चरण का चुनाव 15 नवंबर, आठवें चरण का चुनाव 24 नवंबर, नौवें चरण का चुनाव 29 नवंबर, दसवें चरण का चुनाव 8 दिसंबर और ग्यारहवें चरण का चुनाव 12 दिसंबर को होगा।

आपको बता दे कि ग्राम कचहरी के दो पदों के लिए बैलेट पेपर से  चुनाव होगा। मुखिया, ग्राम पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के चार पदों पर मतदान ईवीएम से होगा। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से तैयार किए गए कार्यक्रम के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित प्रखंडों को चिन्हित कर लिया है। तैयारियों के मुताबिक बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में अंतिम चरण में मतदान होगा।

आपको बता दे कि बिहार में इस समय कुल 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि उत्तर बिहार के 11 जिलों में लगताार बाढ़ का पानी कम हो चुका है। 15 जिलों में अभी बाढ़ परेशानी का सबब बना हुआ है। जिन जिलों में अभी सबसे अधिक बाढ़ है, वो हैं पटना, वैशाली, भोजपुर, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, खगड़िया, सहरसा, भागलपुर, सारण, बक्सर, बेगूसराय, कटिहार, मुंगेर और समस्तीपुर।


कैबिनेट ने सेवाशर्त नियमावली,वेतन वृद्धि की दी स्वीकृति।MDM का खाता शुरू।मोहर्रम की छुट्टी केंसिल।देखिए ये रिपोर्ट


कल कैबिनेट की बैठक में बिहार राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक की नियुक्ति, स्थानान्तरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त नियमावली 2021 के लिए कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।वही बिहार राज्य उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक की नियुक्ति, स्थानान्तरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त नियमावली, 2021 के लिए कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।

वित्त विभाग ने पुनरीक्षित वेतन सरचना में वेतन या पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों/पेंशनभोगियों/नपारिवारिक पेंशनभोगियों को दिनांक 01/07/2021 केनप्रभाव से 17 प्रतिशत के स्थान पर 28 प्रतिशत DA  (महेंगाई भता) देने की स्वीकृति दे दी है।

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मुहर्रम को लेकर खबर आ रही है कि में चाँद दिखाई देने के अनुसार राज्य में मोहर्रम अब 20 अगस्त शुक्रवार को मनाया जायेगा। इसलिए 19 अगस्त गुरुवार को घोषित सरकारीअवकाश के स्थान पर अब 20 अगस्त शुक्रवार को एनआई0 एक्ट के तहत अवकाश घोषित किया जाता है। यानी कि मोहर्रम की छुट्टी अब 19 अगस्त की जगह 20 अगस्त को होगी।

                                      विभागीय पत्र

भारत सरकार, वित्त मंत्रालय ने MDM के लिए 01 जुलाई 2021 से नई प्रक्रिया,Single Nodal Account का प्रावधान किया है। केन्द्र प्रायोजित योजना के अन्तर्गत केन्द्र और राज्य का एक बैंक खाता एवं राज्य योजना के लिए एक बैंक खाता खोला जाना है। इस प्रकार जिला स्तर पर दो बैंक खाता खोलने एवं विद्यालय स्तर पर सिर्फ एक बैंक खाता खोला जाना है।

आपको बता दे कि केन्द्र प्रायोजित मध्याह भोजन योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु मुख्यालय स्तर पर HDFC बैंक, राजा बाजार शाखा, पटना में जीरो बैलेंस पर बैंक खाता खोला गया है। जिला स्तर एवं विद्यालय स्तर पर भी HDFC बैंक में Zero Balance पर बैंक खाता खोला जाना है।मध्यान भोजन निदेशक ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को आदेश दिया है कि जल्द से जल्द HDFC बैंक में Zero Balance पर बैंक खाता खोलवाकर निदेशालय को सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे।इसे अतिआवश्यक और महत्वपूर्ण समझा जाय।


                                   विभागीय पत्र







शिक्षको के वेतन मद में केंद्र और राज्य ने जारी की राशि।देखिए ये रिपोर्ट




कल कैबिनेट की बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 में समग्र शिक्षा अभियान स्कीम अन्तर्गत केन्द्र मद में द्वितीय किस्त के रूप में प्राप्त राशि के रूप में एक अरब पच्चपन करोड़ निन्यानवें लाख बासठ हजार तीन सौ पैंसठ रूपये एवं इसके समानुपातिक राज्य सरकार द्वारा एक अरब तीन करोड़ निन्यानवें लाख चौहत्तर हजार नौ सौ नौ रूपये की राशि  की वित्तीय वर्ष 2021-22 में सहायक अनुदान मद में शिक्षको के भुगतान मद में स्वीकृत की गई है।


आपको बता दे कि जून से ही यसयसए शिक्षको का वेतन भुगतान रुका हुआ है जाहिर सी बात है वेतन आवंटन की ये खबर   शिक्षको  को राहत देगी।समग्र शिक्षा अभियान केन्द्र प्रायोजित प्रयोजना है, जिसमें केन्द्र एवं राज्य के हिस्सेदारी 60:40 है।

                                

                                   विभागीय पत्र




मंगलवार, 17 अगस्त 2021

बिहार के 72 हजार सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षा मंत्री का एलान।देखिए ये रिपोर्ट




राज्य के 72 हजार सुनिश्चित सरकारी प्राइमरी-मिडिल स्कूलों में पाठ्यपुस्तक 2री से 8वीं कक्षा के एक करोड़ 29 लाख बच्चों को पाठ्यपुस्तक खरीदने इसके के पैसे मिलेंगे। इस पर 402 करोड़ रुपये खर्च होंगे। निदेशक शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी के ने बताया कि पाठ्यपुस्तक खरीदने के उपलब्धता लिए हफ्ते भर में बच्चों के खाते में है राशि जानी शुरू हो जायेगी। राशि डीबीटी के जरिये बच्चों के खाते में जायेगी। इसे लेकर शिक्षा विभाग के कक्षा डीबीटी कोषांग द्वारा एनआईसी को उपलब्ध निर्देश दिये जा चुके हैं।

शिक्षा मंत्री श्री चौधरी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि लिए पाठ्यपुस्तक खरीदने के लिए दी जाने वाली राशि से बच्चे ही खरीदें। इसके लिए उन्होंने बिहार राज्य पाठ्यपुस्तक प्रकाशन निगम के प्रबंध निदेशक को पाठ्यपुस्तक विक्रेताओं के साथ बैठक कर पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा है। आपको बता दूं कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 1ली से 8वीं कक्षा के बच्चों निःशुल्क पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था है । इसी व्यवस्था के तहत 1ली से 8वीं कक्षा के बच्चों को पाठ्यपुस्तक खरीदने के लिए पैसे दिये जाते हैं । इसके लिए  कक्षावार राशि तय है। वर्तमान में 1ली कक्षा के बच्चों के

लिए राशि इसलिए नहीं जा रही है क्योंकि उसमें दाखिला चल ही रहा है 1ली कक्षा में दाखिला समाप्त होने के बाद इस कक्षा के बच्चों को पाठ्यपुस्तक खरीदने के लिए तय राशि मिलेगी। प्रदेश के 72 हजार प्राइमरी-मिडिल स्कूलों में 43 हजार प्राइमरी स्कूल हैं, जिनमें 1ली से 5वीं कक्षा की पढ़ाई होती है। बाकी 29 हजार मिडिल स्कूल हैं, जिनमें 1ली 8वीं कक्षा की पढ़ाई होती है।


स्कूल निरीक्षण पर पहुँचे डीएम शिक्षक पर हुए नाराज।देखिए ये रिपोर्ट


बेतिया जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा आज बेतिया प्रखंड अंतर्गत राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, धांगड़ टोली, पूर्वी करगहिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में समुचित साफ-सफाई, रंग-रोगन, बाला पेन्टिंग, शौचालय, पीने का पानी सहित अन्य बेसिक आवश्यकताओं की समुचित व्यवस्था अपडेट रखने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में पठन-पाठन कर रहे बच्चों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा। बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की समुचित व्यवस्था हर हाल में होनी चाहिए। इस हेतु जिले के सभी प्रधानाध्यापकों को निदेशित करने का आदेश दिया।


राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, धांगड़ टोली, पूर्वी करगहिया के निरीक्षण के क्रम में उपस्थित शिक्षक, श्री प्रमोद कुमार सिंह को विद्यालय की समुचित साफ-सफाई, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों के लिए शौचालय, पीने के पानी सहित अन्य व्यवस्था कराने का निदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व में स्कूलों की साफ-सफाई, सैनेटाईजेेेेशन आदि कार्य करने का निदेश दिया गया था। लेकिन इस विद्यालय में झाड़-झंखाड़ उग आये हैं, बांस-बल्ला इधर-उधर बिखरे पड़े हैं। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। अविलंब झाड़-झंखाड़ की सफाई करवाना सुनिश्चित करें अन्यथा कार्रवाई की जायेगी।


निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी स्मार्ट क्लास का लाभ ले रहे दसवीं के विद्यार्थियों के बीच पहुंचे। यहां जिलाधिकारी एक शिक्षक के रूप में नजर आएं। जिलाधिकारी ने बच्चों से पूछा-कैसी पढ़ाई हो रही है, बच्चों ने कहा-बहुत ही अच्छा। स्मार्ट क्लास टीचर द्वारा पढ़ाये जा रहे फिजिक्स विषय से संबंधित अवतल एवं उतल लेंस के बारे में विद्यार्थी नैतिक कुमार, अमन आलम, राहुल कुमार, पृथ्वी कुमार, रौशन कुमार से फीडबैक लिया गया। बच्चों द्वारा संतोषजनक जानकारी दी गयी, जिस पर जिलाधिकारी ने बच्चों सहित शिक्षक का उत्साहवर्धन किया। जिलाधिकारी द्वारा विद्यार्थियों से पढ़ाई समझ में आ रही है या नहीं, कोई परेशानी तो नहीं है, स्मार्ट क्लास नियमित रूप से चलता है कि नहीं आदि बातों की जानकारी प्राप्त की गयी।


जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के सभी हाईस्कूलों में नियमित रूप से स्मार्ट क्लास का संचालन किया जाय। संबंधित शिक्षक बच्चों को अच्छे तरीके से पढ़ाये। स्मार्ट क्लास के सभी संसाधन को उचित रख-रखाव के बीच सुरक्षित रखा जाय। इस अवसर पर एसडीएम, बेतिया, श्री विद्यानाथ पासवान, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनोद कुमार विमल, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, श्री बैद्यनाथ प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सोमवार, 16 अगस्त 2021

बड़ी खबर।हफ्ते में तीन दिन स्कूल जांच।शिक्षा मंत्री ।देखिए ये रिपोर्ट।



शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्कूल खोलने को लेकर बीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा की। इसमें सभी जिलाधिकारियों व जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिये। उनकी अध्यक्षता में शनिवार को दोपहर 1 बजे से करीब सवा घंटे तक चली इस बैठक में मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण और शिक्षा 
विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार के अलावा प्राथमिक और माध्यमिक निदेशक भी मौजूद रहे। बैठक में शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी प्रारंभिक कक्षाएं सुबाह 9 से 3 बजे 

तक जबकि माध्यमिक-उच्च माध्यमिक की पढ़ाई 9 से 4 बजे तक संचालित को जाएंगी। डीईओ, डीपीओ समेत सभी क्षेत्रीय अधिकारी सप्ताह में दो से तीन दिन स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। वे एक क्षेत्र के कम से कम तीन स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और स्कूल में कम से कम एक घंटा बितायेंगे। मंत्री ने आग्रह किया कि सभी डीएम मासिक समीक्षा बैठक में स्कूलों के निरीक्षण को भी शामिल करें। मुख्यालय के पदाधिकारी किसी भी दिन क्षेत्र में जाकर विद्यालय निरीक्षण की हकीकत को जांच कर सकते हैं। शिक्षक व कर्मचारी अनिवार्य रूप से टीका का दोनों डोज लें इसे भी सुनिश्चत करें।


रविवार, 15 अगस्त 2021

शिक्षको को प्रधानाध्यापक बनने के लिए देनी होगी परीक्षा।देखिए ये रिपोर्ट

 



बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में गांधी मैदान से कई महत्वपूर्ण बातें कही। मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षा, स्कूली शिक्षा, स्कूल में प्रधानाध्यापक की कमी दूर करने समेत अन्य क्षेत्रों के लिए 9 महत्वपूर्ण घोषणाएं की है। 15 अगस्त पर बिहारवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की कमी को दूर करने की कोशिश की जा रही है। CM ने एलान किया कि अब स्कूलों में प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा से की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा के विकास एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता होती है। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधीन प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक का संवर्ग और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक संवर्ग का गठन किया जाएगा। प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से होगी।

बता दें कि अब तक प्रमोशन और वरीयता के आधार पर स्‍कूलों में प्रधानाचार्य बनाए जाते रहे हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। अब प्राचार्य बनने के लिए प्रतियोगिता परीक्षा पास करनी होगी। मुख्‍यमंत्री ने कहा है कि स्‍कूली शिक्षा के विकास एवं गुणवत्‍ता में सुधार के लिए विद्यालय स्‍तर पर कुशल एवं प्रभावी प्रबंधन की आवश्‍यकता होती है। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधीन प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक का संवर्ग और उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्‍यापक संवर्ग का गठन किया जाएगा। इन पदों पर नियुक्ति प्रति‍योगिता परीक्षा के माध्‍यम से होगी।

मुख्‍यमंत्री की इस घोषणा से कई ऐसे वरीय एवं प्रमोशन प्राप्‍त शिक्षकों को बड़ा झटका लगेगा। गौरतलब है कि स्‍कूलों में प्रिंसिपल की नियुक्ति में कई जगह से विवाद की खबरें आती रहती हैं। कहीं वरीयता सूची की अनदेखी का आरोप लगता है तो कहीं कुछ और। ऐसे में अब इन सारे विवादों की वजह ही समाप्‍त हो जाएगी। प्रतियोगिता के आधार पर जब बहाली होगी तो इस तरह का विवाद ही नहीं होगा। साथ ही संवर्ग का गठन हो जाने से इसका दूरगामी असर पड़ेगा।

15 अगस्त के मौके पर शिक्षको को दिया नीतीश कुमार ने तोहफा।देखिए ये रिपोर्ट





स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गांधी मैदान से अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य कर्मियों और शिक्षको को बड़े तोहफे की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज गांधी मैदान से ऐलान कर दिया कि सरकारी सेवकों को बिहार में 28 फ़ीसदी महंगाई भत्ता दिया जाएगा. सरकार इसके लिए जल्द ही अधिसूचना भी जारी कर देगी। सीएम नीतीश ने कहा कि महंगाई भत्ता केंद्र सरकार ने बढ़ाने का फैसला किया और आज हम भी इसे बढ़ाने का एलान करते हैं।


बिहार में सरकारी कर्मियों को महंगाई भत्ता पहले 11 घोषणा थी। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में इजाफा किया था और अब राज्य सरकार ने भी अपने कर्मियों के लिए इसे बढ़ाने की घोषणा कर दी है. नीतीश कुमार ने आज गांधी मैदान में अपने संबोधन के दौरान सरकार के उपलब्धियों की खूब चर्चा की, सरकार की तरफ से नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, साथ ही साथ ईको टूरिज्म को लेकर ने विभाग की स्थापना के बारे में नीतीश ने घोषणा की।


कोरोना महामारी के दौर में सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों के बारे में चर्चा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि हमने जरूरतमंदों को हर संभव मदद दी है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच में नीतीश ने लोगों से यह भी अपील की कि वह सावधानी बरतें, मास्क जरूर लगाएं और भीड़भाड़ वाली जगहों से परहेज करें। नीतीश कुमार ने कहा कि जब कोरोना के तीसरे लहर की आशंका जताई जा चुकी है तो हमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।


नीतीश कुमार ने कहा कि वैक्सीनेशन कार्यक्रम बिहार में रिकॉर्ड स्तर पर चलाया जा रहा है। इतना ही नहीं नीतीश कुमार ने बिहार में आपदा की स्थिति को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। नीतीश ने कहा कि बिहार में कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और इन जगहों पर सरकार की तरफ से राहत का काम चलाया जा रहा है।

शनिवार, 14 अगस्त 2021

बिना स्पष्टीकरण शिक्षक निलबंन पर शरू हुवा विरोध।देखिए गए रिपोर्ट



इसकी अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष राम प्रवेश महतो ने की। निदेशक मध्याह करने भोजन योजना द्वारा 22 जुलाई को विद्यालय प्रधान को बोरा बेचकर  बोरा की राशि जमा करने संबंधी आदेश निर्गत किया था जो शिक्षकों के आचरण, उनकी गरीमा, स्वाभिमान व सामाजिक सम्मान के विरूद्ध है। उन्होंने शिक्षामंत्री और मुख्यमंत्री  बिहार से अविलंब तुगलकी अव्यवहारिक फरमान को निरस्त कर शिक्षकों के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाले दोषी शिक्षा विभाग के अधिकारी को बर्खास्त करने की मांग की है। संघ ने कहा कि इतिहास में ऐसा स्पष्टीकरण पहली बार हुआ है कि जब उच्चाधि नियमावली के आदेश का अनुपालन करने पर शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई की गई।

कटिहार जिले के कदवा प्रखंड यक्ष प्राथमिक विद्यालय कांताडीह गत प्रधानाध्यापक मो.तमीजुद्दीन ने बोरा बेचकर निदेशक मध्याह भोजन योजना के आदेश का अनुपालन किया। ऐसी परिस्थिति में बिना ऐसा स्पष्टीकरण पूछे निलंबन करना उच्चाधि नियमावली के विरुद्ध है। संघ ने सरकार से अविलम्ब निलंबन की निरस्त करने की माँग की। 

शुक्रवार, 13 अगस्त 2021

शिक्षा विभाग ने जांच में फंसे इन शिक्षको का वेतन किया बंद।देखिए ये रिपोर्ट




स्कूल के औचक निरीक्षण में अनुपस्थिति रहने वाले चार शिक्षकों पर पटना डीईओ ने कार्रवाई की है। इन सभी चार शिक्षकों का तत्काल वेतन रोक दिया गया है। साथ ही सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सभी शिक्षकों को 18 अगस्त तक जवाब देना है। नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इसी के तहत 11 अगस्त को कई स्कूलों के शिक्षक अनुपस्थित पाये गए।इसमें पार्वती उच्च माध्यमिक विद्यालय विक्रम के सरबत बिलकिस बानो,रामलखन सिंह यादव उच्च माध्यमिक विद्यालय दुल्हिन बाजार के राजीव कुमार रंजन, राजकीय बालिका उच्च विद्यालय राजेंद्रनगर के किरण लता और उच्च विद्यालय सालिमपुर बख्तियारपुर की शिक्षिका आशा सिंह शामिल हैं।

राज्य में  तमाम विद्यालयों का अनुसरण किया जाएगा और अनुश्रवण के बाद प्रमंडलीय शिक्षा निदेशक को इसकी सूचना दी जाएगी। अनुश्रवण के दौरान विभिन्न पदाधिकारी विद्यालय का निरीक्षण कर सभी गतिविधि खामियां एवं अन्य जानकारी को सरकार के साथ साझा करेंगे। इसलिए सभी शिक्षक समय से अपने विधालय में बने रहे।

अमृत महोत्सव 

75 वाँ अमृत महोत्सव मनाने का निर्णय शिक्षा विभाग ने लिया है। यह महोत्सव 13 अगस्त से 2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। 51 दिनों तक चलने वाली इस महोत्सव में जनभागीदारी से जन आंदोलन में आम जनों को संलिप्त कर विस्तार किया जाना है। इसके साथ ही दौड़ अन्य फिटनेस संबंधी विद्यालय की गतिविधि को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा सारी जानकारी फिट इंडिया पोर्टल से की जा सकती है। 


गुरुवार, 12 अगस्त 2021

बिहार के शिक्षको को मध्यान भोजन से राहत।नई योजना पर काम शुरू।देखिए ये रिपोर्ट


प्रदेश के 72 हजार प्रारभिक विद्यालयों  के एक करोड़ 70 लाख बच्चों का सेहत अब अक्षय पात्र रसोई से सुधरेगी। मध्याह्न भोजन में खामियों को दूर करने और शिक्षकों को इससे अलग रखने को ध्यान में रखते हुए अक्षय पात्र रसोई से बच्चों की सेहत का ख्याल रखने की तैयारी हो रही है।योजना को लागू करने से पहले अक्षय पात्र फाउंडेशन को पटना जिले में कुछ विद्यालयों में मध्यान भोजन की जिम्मेदारी दी गई है, जिसकी शिक्षकों द्वारा सतत निगरानी हो रही है। 

मध्याड भोजन योजना के संचालन में तकरीबन 3.25 लाख शिक्षकों के जुड़े रहने से पढ़ाई व्यवस्था बाधित हो रही है। अक्षय पात्र रसोई लागू होने से मध्याई भोजन से जुड़े शिक्षकों को अलग किया जाएगा ताकि उनका फोकस शिक्षण कार्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सुनिश्चित हो सके जबकि बच्चों के लिए बेहतर भोजन अक्षय पात्र रसोई संभालेगी।

अक्षय पात्र रसोई में एक साथ 50 हजार बच्चो का भोजन तैयार किया जाता है।साथ ही भोजन तैयार करने के बाद गरमागरम खाना बच्चो की थाली तक पहुँचाने की जिम्मेवारी रसोई संचालक की होती है। खाना कई मानकों पर परखने के बाद बच्चो को परोसा जाता है। फाउंडेशन द्वारा देश में उत्तर प्रदेश, प्रदेश असम छतीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, और तमिलनाडु में  रसोई का बचालन किया जा रहा है।रसोई में सभी के साफ-सफाई, शुद्ध मसाले और सब्जियों का विशेष ध्यान रखा जाता है।




सोमवार, 9 अगस्त 2021

सरकारं के खिलाफ प्रदर्शन करने पर शिक्षक हुए निलंबित।देखिए ये रिपोर्ट




सरकार ने घूम घूम कर बोरा बेचने वाले शिक्षक मो तमीजुद्दीन, जो पंचायत शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय कान्ताडीह में कार्यरत है उन पर विभागीय आदेश का ससमय अनुपालन नहीं करने का आरोप लगाया है तथा विभाग  ने यह भी कहा कि प्रतिवेदन की माँग किये जाने पर उनके द्वारा सोशल मिडिया पर खाली बैग का बंडल सिर पर रखकर "बोरा ले लो, बोरा" का नारा देते हुए सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन करते हुए विडियो वायरल किया गया है। मो. तमीजुद्दीप का यह आचरण "बिहार पंचायत प्रारंभिक विद्यालय सेवा नियमावली 2020 की कंडिका 17 के अन्तर्गत शिक्षक आचरण संहिता के प्रतिकूल है एवं सरकारी राजस्व की हानि तथा वित्तीय अनियमितता बरतने का द्योतक होने के साथ ही मो. तमीजुद्दीन के इस काम से जिला प्रशासन तथा सरकार की छवि धुमिल हुई है।

आपको बता दे कि  जिला शिक्षा पदाधिकारी, कटिहार के पत्रांक 444  दिनांक 08.08.2021 से प्राप्त आदेश के आलोक में मो. तमीजुद्दीन, पंचायत शिक्षक के विरूद्ध "बिहार प्रारंभिक विद्यालय सेवा नियमावली 2020 की कंडिका 18 के अन्तर्गत कार्य के प्रति निष्ठा नहीं रखने, निर्धारित आचरण संहिता का निर्वहन नहीं करने, विभागीय आदेश का अनुपालन नहीं करने, प्रशासन तथा सरकार की छवि धुमिल करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही के अधीन कर दिया गया है।

विभाग ने निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय कदवा निर्धारित किया  है, जहाँ पर योगदान करने के फलस्वरूप बिहार पंचायत प्रारंभिक विद्यालय सेवा नियमावली 2020 की कडिका-18 (iii) के तहत निलंबन अवधि में नियमानुसार मूल वेतन का 50 प्रतिशत राशि जीवन निर्वाह भत्ता के रूप में दिया जाएगा।विभाग ने इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालन हेतु आरोप पत्र का गठन करते हुए विभागीय कार्यवाही संचालन आदेश अलग से निर्गत करेगी।





रविवार, 8 अगस्त 2021

स्कूली स्तर पर शिक्षा मंत्रालय ने तेज की मुहिम। देखिए ये रिपोर्ट

 


पढ़ाई के साथ देश की नई पीढ़ी को हुनरमंद बनाने की पहल का असर दिखने लगा है। स्कूली स्तर से ही यह मुहिम तेज हुई है। इसके तहत उद्योगों की जरूरत के आधार पर स्किल से 
जुड़े नए-नए कोर्स डिजाइन किए जा रहे हैं। जिसमें संबंधित क्षेत्र की नामी कंपनियों की भी मदद ली जा रही है। इस दौरान स्कूलों में स्किल से जुड़े जिन कोर्स को प्रमुखता से शुरू किया जा रहा है, वे डाटा साइंस और  कोडिंग हैं। जिसके लिए इस क्षेत्र की बड़ी कंपनी माइक्रोसाफ्ट की मदद ली गई है।



स्कूलों में स्किल से जुड़े कोर्स को शुरू करने की यह पहल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के आने के बाद ही तेज हुई है, जिसमें वर्ष 2025 तक स्कूलों व उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले पचास फीसद छात्रों को किसी न किसी स्किल से जोड़ने की सिफारिश की गई है। जिसके बाद ही रुचि सामने आई है। हाल ही में सरकार ने शिक्षा मंत्रालय और स्किल मंत्रालय की जिम्मेदारी एक मंत्री को देकर इस मुहिम को और तेज करने के संकेत दिए हैं। फिलहाल अब तक जो जानकारी सामने आई है उनमें वर्ष 2021-22 के नए शैक्षणिक सत्र में ही देश भर के 12 हजार से ज्यादा स्कूलों ने स्किल के पाठ्यक्रमों को अपनाया है। इनमें सबसे ज्यादा करीब 12 सौ स्कूल अकेले मध्य प्रदेश के ही हैं। बाकी राज्यों में भी इसे लेकर रुझान बढ़ा है।




शनिवार, 7 अगस्त 2021

अपर सचिव ने की शिक्षको और स्कूलों की मिल रही शिकायत पर दिया ये कड़ा निर्देश।देखिए ये रिपोर्ट


राज्य में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों का नियमित इन्सपेक्सन  होगा। गायब पाये जाने वाले शिक्षकों पर कारवाई होगी। शिक्षा विभाग के अपर मुख्यसचिव संजय कुमार के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के नियमित इन्सपेक्सन का आदेश देते हुए कहा है कि विद्यालयवार रिपोर्ट हर दिन अपराह्न चार बजे तक की गयी काररवाई के साथ क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को उपलब्ध करायें। 

इसके लिए फॉर्मेट भी जारी किये गये हैं। दरअसल, इसके पहले शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को यह निदेशित करने को कहा कि सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों का नियमित रूप से अनुश्रवण करें एवं करायें। प्रतिदिन उपस्थिति की विवरणी समेकित कर निदेशालय को उपलब्ध करायें। साथ ही, अनुपस्थित शिक्षकों के विरुद्ध की जाने वाली काररवाई से भी दैनिक रूप से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को अवगत करायें। अपने इस निर्देश को अपर मुख्यसचिव ने अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि इसका नियमित अनुश्रवण माध्यमिक  शिक्षा निदेशालय द्वारा किया जाना अपेक्षीत है।

निर्देश में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि 12 जुलाई से सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 11वीं एवं 12वीं कक्षाओं को प्रतिदिन 50 प्रतिशत उपस्थिति के आधार पर खोला गया है।9वीं एवं 10वीं कक्षा सात अगस्त के प्रभाव से खोला जा रहा है । 1ली से 8वीं कक्षा 16 अगस्त से खोला जायेगा। अपर मुख्यसचिव ने कहा है कि कुछ जिलों के जिलाधिकारियों द्वारा संज्ञान में लाया गया है कि 11वीं एवं 12वीं कक्षाओं के विद्यालयों का खुलना लगभग नगण्य है। छात्र एवं छात्राओं की अनुपस्थिति चिंताजनक है, परंतु उससे भी ज्यादा चिंताजनक अधिकांश उच्च विद्यालयों के शिक्षकों का नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित नहीं होना है।


शुक्रवार, 6 अगस्त 2021

शिक्षा मंत्री ने शिक्षको को दिया भरोसा।देखिए ये रिपोर्ट


शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी से गुरुवार को प्राथमिक शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें 18 सूत्री मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा।बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के इस प्रतिनिधिमंडल में संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार, महासचिव नागेंद्रनाथ शर्मा एवं प्रवक्ता प्रेमचंद्र शामिल थे।  


संगठन की मांगों में प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत पुराने वेतनमान वाले शिक्षकों को 10, 20 एवं 30 वर्ष की सेवा के उपरांत वित्तीय उन्नयन का लाभ,पंचायतीराज व नगर निकाय शिक्षकों को  सरकार के निर्णय अनुसार 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि का अविलंब भुगतान, वेतन विसंगति का निराकरण, सेवानिवृति की आयु 65 वर्ष, पंचायतीराज व नगर निकाय महिला एवं विकलांग शिक्षकों के स्थानांतरण में आ रही कठिनाई का निराकरण, पांच सितंबर 2019 के वेतन का भुगतान, बकाये का भुगतान, यूटीआई योजना के अंतर्गत जमा राशि का सूद सहित एकमुश्त भुगतान, उच्च योग्यता के आधार पर नियुक्त सभी शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कउरते हुए वरीय वेतनमान, कोरोना ड्यूटी के दौरान मृत शिक्षकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी, पारिवारिक पेंशन एवं 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, स्नातक व प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति के उपरांत ग्रेड पर में वृद्धि व एक वेतन वृद्धि का लाभ तथा प्रमाण पत्र अपलोड करने के लिए समय दिया जाना शामिल है।शिक्षा मंत्री श्री चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनी तथा समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिया। 


गुरुवार, 5 अगस्त 2021

इन दो कारणों की वजह से मिल सकता है डेढ़ साल का बकाया DA का एरियर।देखिए ये रिपोर्ट



सरकारी कर्मचारियों ने महंगाई भत्‍ता (Dearness Allowance) बढ़ने के बाद अब डेढ़ साल का बकाया एरियर भी मांगा है। इसे लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की यूनियन सरकार से बातचीत कर रही है। JCM के नेशनल काउंसिल ने कैबिनेट सेक्रेटरी को एरियर जारी करने की 2 ठोस वजह दी हैं। उनका दावा है कि इससे कर्मचारियों का फायदा तो होगा ही, साथ ही इकोनॉमी की सुस्‍ती भी कम होगी।

नेशनल काउंसिल के कर्मचारी पक्ष के सचिव शिव गोपाल मिश्र ने बताया कि सरकार ने कोविड महामारी के बीच कर्मचारियों को जो महंगाई भत्ता बढ़ाकर दिया है, उससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। इसे लेकर काउंसिल की 26 जून को बैठक भी हुई थी। इसके बाद सरकार ने डीए बढ़ाने का ऐलान कर दिया। हालांकि सरकार ने बीते डेढ़ साल का एरियर का भुगतान करने  के बारे में कोई बात नहीं की है। सरकार की यह चुप्पी सही नहीं है।

पहली वजह

शिव गोपाल मिश्र ने बकाया एरियर की मांग के पीछे दो ठोस वजह भी बताईं। उन्‍होंने मिडिया से बातचीत में कहा कि डीए और डीआर (Dearness Relief) कर्मचारी और पेंशनर का अधिकार हैं। इसे किसी सूरत में नहीं रोका जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2021 में इसे लेकर फैसला भी दिया है। जिसमे कोर्ट ने कहा कि स्लैरी और पेंशन कर्मचारी का अपना पूर्ण अधिकार है और इस कानून के मुताबिक अदा करना चाहिए।


दूसरी वजह

दूसरी वजह शिव गोपाल मिश्र ने यह बताई कि अगर सरकार 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 के डीए का एरियर दे देती है तो इससे कर्मचारियों और पेंशनर का फायदा होगा। इससे बाजार में कैश फ्लो (Cash Flow) बढ़ेगा, जो  की कोरोना के कारण इकोनॉमी में आई सुस्‍ती को दूर करने में मदद करेगी। शिव गोपाल मिश्र ने बताया कि 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच रिटायर लोगों को Arrear ने मिलने से काफी नुकसान होगा। उनकी ग्रेचुयटी और लिव एनहैश्मेन्ट (Leave encashment ) की रकम घट जाएगी। यह उनके साथ अन्‍याय है क्‍योंकि उन्‍हें डीए में बढ़ोतरी का भी फायदा नहीं मिलेगा।