शनिवार, 31 जुलाई 2021

शिक्षा मंत्री ने शिक्षको के 15 प्रतिशत की वृद्धि और करोना में मृत शिक्षको के साथ क्या करना है इस पर दिया जवाब।देखिए ये रिपोर्ट



बिहार विधानमंडल के अंतिम दिन बिहार विधान परिषद में राज्य सूचना आयोग के वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 के वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति रखी गई। परिषद में शिक्षा मंत्री से भी सवाल जवाब हुए जो इस प्रकार है।

मुकेश यादव द्वारा सरकार से सवाल किया गया कि क्या सरकार बिहार के नियोजित शिक्षकों को वेतन वृद्धि देने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों?

इस सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि वस्तुस्थिति यह है कि विभागीय संकल्प संख्या-1157 दिनांक-29.08.2020 के द्वारा पंचायतीराज संस्थानों एवं नगर निकाय संस्थानों अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के वर्तमान वेतन संरचना में 01 अप्रैल, 2021 को देय मूल वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया गया है। उक्त संकल्प में यह भी वर्णित है कि वर्द्धित दर से वेतन के निर्धारण हेतु वित्त विभाग के परामर्श से प्रशासी विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से निर्गत किया जायेगा। विस्तृत दिशा-निर्देश देने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

वही एमएलसी केदारनाथ पांडेय ने सवाल किया कि  करोना काल मे मरने वाले शिक्षको के बारे सरकार क्या सोच रही है? 

इस सवाल के जवाब में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना काल में बिहार में 693 शिक्षकों की मौत हुई है। इन सभी की जिलाधिकारी द्वारा जांच कराकर 4-4 लाख रुपए का जल्द भुगतान किया जाएगा। ये सारी बाते जब हो रही थी उस समय मुख्यमंत्री सदन में उपस्तिथ थे । शिक्षा मंत्री ने बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता कैसे बढ़ेगी इस बात पर भी चर्चा की।

संजीव चौरसिया ने भी अयांश का मामला सदन में उठाया जिसमे उन्होंने  सरकार से हस्तक्षेप कर इलाज कराने की अपील की। पटना का रहने वाला अयांश स्पाइनल मस्कुलर स्ट्रॉफी बीमारी से ग्रसित है।



शुक्रवार, 30 जुलाई 2021

स्कूलों के प्रधानाध्यापको को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने दिया कड़ा निर्देश।देखिए ये रिपोर्ट


राज्य के सभी राजकीयकृत, प्रोजेक्ट (परियोजना) हाईस्कूलों व उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्थानीय विधायक,विधान पार्षद, लोकसभा अथवा राज्य सभा के सदस्य की अध्यक्षता में एक माह के भीतर विद्यालय प्रबंध समिति गठित  होगी। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को गुरुवार को एक माह के अंदर सभी विद्यालयों में नियमानुसार प्रबंध समिति गठित करने का आदेश दिया है।

गौरतलब है कि दो दिन पूर्व बिहार विधानसभा में पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने  प्रबंध समिति नहीं गठित होने का मामला उठाया था और इसपर गहरी नाराजगी भी जाहिर की थी तब शिक्षा मंत्री विजय कुमार  चौधरी ने जहां कमेटी नहीं है, वहां एक माह के भीतर कमेटी गठित कर लेने का भरोसा  दिया था। उनकी घोषणा के दो दिन में ही  विभाग ने जिलों को इसको लेकर निर्देशित कर दिया है।

अपर मुख्य सचिव ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों से कहा है कि एक माह के अंदर समिति का गठन सुनिश्चित करते हुए इस आशय का प्रमाण  पत्र सभी हेडमास्टर से प्राप्त करें और उसे विभाग में उपलब्ध कराएं। हेडमास्टर यह प्रमाणित करेंगे कि उनके स्कूल में प्रबंध समिति का गठन किया जा चुका है। प्रबंध समिति के गठन में शिथिलता बरतने के लिए दोषी को चिह्नित कर डीईओ कार्रवाई प्रस्ताव के साथ रिपोर्ट विभाग को देंगे ताकि दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।

हेडमास्टर जिम्मेवार

समिति का गठन नहीं होने के लिए हेडमास्टर जिम्मेवार अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रबंध समिति गठित नहीं किया जाना गंभीर विषय है और इसके लिए सीधे तौर पर हेडमास्टर जिम्मेवार हैं। वे समिति के सदस्य सचिव होते हैं, उनकी जवाबदेही है कि प्रबंध समिति का गठन सुनिश्चित करें।


गुरुवार, 29 जुलाई 2021

पंचायत चुनाव में महिला शिक्षको के लिए सरकार ने जारी किया निर्देश।देखिए ये रिपोर्ट



मिश्रित मतदान दल में भी पुरुषकर्मियों की नियुक्ति रैंडमाइजेशन के आधार पर होगी तरह और महिलाकर्मियों की नियुक्ति रैंडमाइजेशन तकनीक द्वारा अपने  का पदस्थापन प्रखंड के अंतर्गत ही की जाएगी। लेकिन उनका पदस्थापन उनके रजिस्टर्ड मतदान केंद्र पर नहीं होगा। पंचायत चुनाव में मतदानकर्मियों की नियुक्ति को लेकर मतदान  राज्य निर्वाचन आयोग पदाधिकारी ने दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। 

आयोग ने कहा कि पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट एवं माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में महिला कर्मी निर्वाचन में नहीं लगाई जाएगी। आयोग ने कहा है कि प्रत्येक मतदान दल में एक पीठासीन पदाधिकारी एवं पांच अधिकारी होंगे। यह पहले से दो अधिक होंगे। आयोग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त और  निर्वाचन पदाधिकारी को जारी निर्देश में कहा है कि पंचायती  राज व्यवस्था में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित है। 

चुनाव की में अधिक कर्मियों की आवश्यकता  को देखते हुए महिलाकर्मियों को इलाकों सभी भी निर्वाचन कार्य में लगाया जाएगा। आयोग ने कहा है कि महिलाकर्मियों को ऐसे चिह्नित स्थानों पर लगाया जाए, जहां आवागमन की सुबिधा,मोबाइल नेटवर्क एवं अन्य बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुबिधा हो। इसको ध्यान में रखकर महिला कंर्मियो को मुख्यालय या आसपास में ही उनकी तैनाती करने को कहा गया है। आपको बता दे कि 6 पदों के लिए पंचायत चुनाव होना है इसमें दो पदों का चुनाव बैलेट पेपर से जबकि चार पदों का चुनाव ईवीएम के माध्यम से होगा।


मंगलवार, 27 जुलाई 2021

बिहार के सभी प्रधानध्यापको और शिक्षको के लिए विभाग का निर्देश।देखिए ये रिपोर्ट



राज्य के छह हजार विद्यालयों के तकरीबन 56 हजार प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों की निष्ठा प्रशिक्षण आनलाइन होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी 38 जिलों में टेक्निकल टीम सेल बनाने का निर्देश दिया है। एक अगस्त से शिक्षकों की आनलाइन ट्रेनिंग होगी।  शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला  कार्यक्रम पदाधिकारियों (समग्र शिक्षा अभियान) को निर्देश दिया गया है कि निष्ठा ट्रेनिंग कार्यक्रम की तैयारियां 30 जुलाई से पहले पूरी कर लें। इसके मद्देनजर राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने सभी जिलों में टेक्निकल टीम सेल के गठन को लेकर सोमवार को 12 बजे दिन तक जानकारी मांगा ली है।

जिला स्तर के टेक्निकल टीम  को आनलाइन मोड में उन्मुखीकरण कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षित किया  जाएगा। उसे एक सोशल मीडिया ग्रुप से जोड़ा जाएगा, जिसे समय-समय पर निष्ठा ट्रेनिंग से संबंधित अपडेट दिया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के प्रशिक्षण में आने वाले समस्याओं के निराकरण के लिए टेक्निकल टीम के सभी अधिकारीयो का मेल आइडी और मोबाइल नंबर जिला स्तर पर सभी प्रधानाध्यापकों एवं उपलब्ध कराया जाएगा।


एक अगस्त से पहले चरण की ट्रेनिंग शुरू होगी। इसके पहले जिला स्तर पर यह सुनिश्चित होगा कि सभी प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों का दीक्षा पोर्टल पर शत प्रतिशत स्वयं पंजीकरण हो जाए। ट्रेनिंग के तहत शिक्षकों को 13 माड्यूल पूर्ण करने हैं। 12 जेनरिक कोर्स  एवं एक विषय आधारित कोर्स होगा। जेनरिक कोर्स पूरा करने की अवधि तीन से चार घंटे तथा विषय आधारित कोर्स पूरा करने की अवधि 24 से 25 घंटे की होगी। 30 दिनों में तीन जनरिक कोर्स पूर्ण करने है।

प्रत्येक माझ्यूल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद में शिक्षकों का एक असेसमेंट टेस्ट होगा। उसमें 20 प्रतिशत प्रश्न विकल्प के साथ मौजूद रहेंगे। असेसमेंट टेस्ट सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए 70 फीसदी स्कोर लाने होंगे। उसके बाद ही सभी संबधित कोर्स के सर्टिफिकेट संबंधित शिक्षक  को मिलेंगे। हर असेसमेंट टेस्ट को पूर्ण करने के  लिए अधिकतम तीन प्रयासों की व्यवस्था होगी।




बुधवार, 21 जुलाई 2021

समग्र शिक्षा मद में 2 अरब रुपए जारी।13 करोड़ बच्चो के लिए जारी।देखिए ये रिपोर्ट



Vसमग्र शिक्षा अभियान के तहत 2 अरब 59 करोड़ 99 लाख 37 हजार 274 रुपये स्वीकृत के  करते हुए जारी हुई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में समग्र शिक्षा अभियान स्कीम अंतर्गत केंद्रांशमद एवं में द्वितीय किस्त के रूप में प्राप्त 1 अरब 55 करोड़ के 99 लाख 62 हजार 365 रुपये एवं इसके विरुद्ध राज्यांश की राशि 1 अरब 3 करोड़ के  99 लाख 74 हजार 909 रुपये की राशि वित्तीयब2021-22 में सहायक अनुदान मद में व्यय की स्वीकृति के साथ विमुक्त की गयी है। समग्र शिक्षा अभियान केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र एवं राज्य की हिस्सेदारी 60 40 होती है।


Vवही राज्य में सरकारी व अनुदानित विद्यालयों के अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के 1 ली से 8वीं के बच्चे, जो वित्तीय वर्ष प्रभारी 2020-21 में छात्रवृति से वंचित रह गये, उन्हें कोषांग परिषद छात्रवृति मिलेगी। इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में 13 करोड़ 45 लाख 33 हजार 800 रुपये की राशि  जारी हुई है। इस राशि से राजकीय, राजकीयकृत, सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों, प्रस्वीकृत मदरसा एवं सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के 1ली से 8वीं कक्षा में नामांकित अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के वैसे छात्र-छात्राओं है को छात्रवृति  मिलेगी, जो चूक गये थे। खास बात यह है कि ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए 75 फीसदी उपस्थिति की हटा दी गयी है। ऐसा कोरोनाकाल को लेकर किया गया है।


मंगलवार, 20 जुलाई 2021

शिक्षको की ये लापरवाही पड़ेगी भारी ।देखिए ये रिपोर्ट




Vपटना प्रदेश में 2006-2015 के बीच नियुक्त हुए 91 हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों में से करीब 65 हजार शिक्षकों ने ही निगरानी जांच के विशेष पोर्टल पर अपने दस्तावेज अपलोड किये हैं,इस तरह अब 36 हजार नियोजित शिक्षकों पर गाज गिरना तय है। हालांकि, शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक दस्तावेज जमा करने के लिए अभी आज का समय बाकी है। समय सीमा पूरी होने के बाद दस्तावेज अपलोड न करने वाले सभी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी होगी।

Vविभाग का कहना है कि दस्तावेज अपलोड नहीं करने वाले 36000 नियोजित मान को लिया जायेगा कि उनके दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ न केवल प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी। बल्कि उनसे अब तक दिये गये वेतन की वसूली भी की जायेगी। शिक्षा विभाग ने अपने एक आदेश में इस बात का साफ तौर पर उल्लेख किया है कि अपलोड दस्तावेजों की जल्द होगी जांच ,जिन 65 हजार नियोजित शिक्षकों ने विशेष पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड किये हैं, उनके दस्तावेजों का जांच विभाग 20 जुलाई के बाद से शुरू कर देगा।सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में विशेष रूप से उनके टीइटी और शैक्षणिक दस्तावेजों की विशेष जांच होगी, क्योंकि सरकार को इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा इन्हीं दस्तोवजों में हुई है। 

Vआपको बता दे की 11 जुलाई तक केवल साढ़े दस हजार शिक्षकों ने दस्तावेज जमा किये थे, जबकि अंतिम हफ्ते में दस्तावेज जमा करने वाले शिक्षकों की संख्या 65 हजार पहुंच गया है जानकारी के मुताबिक सामान्य तौर पर एक लाख से अधिक शिक्षकों को दस्तावेज अपलोड करने थे. इनमें 10 हजार ऐसे शिक्षक हैं, जो या तो त्यागपत्र दे चुके हैं या फिर उनकी मौत हो चुकी है।




रविवार, 18 जुलाई 2021

हाइकोर्ट के इस आदेश से छाई खुशी की लहर।देखिए ये रिपोर्ट



Vप्रदेश में लाइब्रेरियन की बहाली मामले में हाईकोर्ट के आदेश का ऑल बिहार ट्रेंड लाइब्रेरी एसोसिएशन के जिला इकाई ने स्वागत किया है ।साथ ही इस खुशी में एक दुसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया है। एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने कहा कि हाईकोर्ट के इस आदेश से लाइब्रेरियनो की बहाली का रस्ता साफ हो गया है। एसोसिएशन के जिलाअध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक

Vविद्यालयों में 12 हजार से अधिक लाइब्रेरियनो का पद रिक्त है। जिसके लिए कई वर्षों से चरणबद्ध तरिकों से आन्दोलन किया जा रहा था परन्तु सरकार ने एक न सुनी । जिसके बाद ऐसोसिएशन के प्रदेश के पदाधिकारियों ने सुझ बुझ से धैर्य का परिचय देते हुए हाईकोर्ट में बहाली को लेकर एक जनहित याचिका दायर की 

गई। हम सबको न्यायालय पर पूर्ण विश्वास था। जिसका परिणाम है कि हमे न्याय मिला है। इसके लिए प्रदेश के पदाधिकारि धन्यवाद के पात्र है। न्यायालय ने 60 दिनों के अंदर नियुक्ती सुनिश्चित करने का आदेश दिया है इससे शिक्षा जगत में लाइब्रेरियनो के बीच खुशी की लहर हैं। 

शुक्रवार, 16 जुलाई 2021

डीए के साथ मकान भत्ता में बढ़ोतरी। डबल फायदा।शिक्षक देखिए ये रिपोर्ट



केंद्र सरकार के कर्मियों को डबल फायदा फीसदी मिलने जा रहा है। 28 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दिए जाने की घोषणा के बाद अब सरकारी महंगाई कर्मियों के हाउस रेंट अलाउंस यानी मकान भत्ता में भी इजाफा हो सकता  है। महंगाई भत्ते की दरों में बढ़ोतरी के साथ ही मकान भत्ता में वृद्धि होने का नियम है।आपको बता दे कि मौजूदा समय में 'एक्स' श्रेणी वाले फीसदी शहरों में जिन कर्मियों की पोस्टिंग है उन्हें मकान भत्ता अपने मूल वेतन का 25 फीसदी मिलता है। 'वाई' श्रेणी वालों को 16 फीसदी और 'जेड' श्रेणी वाले शहरों में कार्यरत स्टाफ को 8 की फीसदी मकान भत्ता दिया जाता है।

कैबिनेट की बैठक के बाद 28 फीसदी की दर से डीए देने की घोषणा हुई है।डीए की बढ़ोतरी दर 25 फीसदी से ऊपर है, लेकिन 50 फीसदी से नीचे है, इसलिए यहां पर कर्मियों को मकान भत्ता 25 फीसदी वाले नियम के हिसाब से मिलेगा।डीए बढ़ने के बाद अब इन तीन श्रेणियों वाली जगहों पर कार्यरत कर्मियों का मकान भत्ता बढ़ाया जा सकता है। मकान भत्ता बढ़ोतरी के बाद 'एचआरए' की नयी दर के हिसाब से  25 फीसदी वालों को 27 फीसदी,16 फीसदी वालो को 18 फीसदी और 8 फीसदी वालो को 9 फीसदी का लाभ मिलेगा।

आपको बता दे कि केंद्र सरकार द्वारा मकान भत्ता में बढ़ोतरी करने के बाद इसका लाभ शिक्षको को भी मिल सकता है अब ये राज्य सरकार पर निर्भर करता है कि ओ कितनी जल्दी नियोजित शिक्षकों के मकान भत्ता में संसोधन करती है।

गुरुवार, 15 जुलाई 2021

क्या कह रही है सरकार डीए के बकाया भुगतान पर।देखिए रिपोर्ट



केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) को एक जुलाई, 2021 से बहाल करने का फैसला किया है।

इसके साथ ही महंगाई भत्ते की दर को 17 फीसद से वढ़ाकर 28 फीसद कर दिया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को कैविनेट की बैठक के वाद संवाददाताओं से कहा कि इस कदम से केंद्र सरकार के 48.34 लाख कर्मचारियों तथा 65.26 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा। कोरोना के कारण सरकार ने डीए और डीआर की तीन अतिरिक्त किस्तों को रोक लिया था। ये किस्तें एक जनवरी, 2020, एक जुलाई, 2020 और एक जनवरी, 2021 से बकाया थीं।इसके अलावा कैविनेट ने एक जुलाई से डीए और डीआर की तीन किस्तों को वहाल करने की मंजूरी दे दी है। 

आपको बता दे कि डीए बकाया भुगतान पर सरकार का कहना है कि एक जनवरी, 2020 से 30 जून, 2021 की अवधि में कोई वकाया भुगतान नहीं मिलेगा। लेकिन कर्मचारी संघ का कहना है कि ओ इस बकाया राशि की भुगतान के लिए सरकार पर दबाब बनाएंगे।


सोमवार, 12 जुलाई 2021

शिक्षक और कर्मियों को डबल इंक्रीमेंट,प्रोमोशन,आवास,ईपीएफ में इंक्रीमेंट दे रही है सरकार।देखिए ये रिपोर्ट



योगी आदित्यनाथ सरकार ने नए पॉपुलेशन कंट्रोल एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। स्टेट लॉ कमीशन ने इसे तैयार किया है। अगर ये ड्राफ्ट कानून में बदला तो जिनके 2 से ज्यादा बच्चे होंगे, उन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। ऐसे लोग कभी चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।लॉ कमीशन का दावा है कि अनकंट्रोल पॉपुलेशन के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कमीशन ने ड्राफ्ट पर 19 जुलाई  तक राय मांगी है। सीएम योगी आज पॉलिसी का ऐलान भी कर सकते हैं।वन चाइल्ड पॉलिसी स्वीकार करने वाले बीपीएल कैटेगरी के पेरेंट्स को विशेष तौर पर प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसके तहत जो पेरेंट्स पहला बच्चा पैदा होने के बाद आपरेशन करा लेंगे, उन्हें कई  तरह की सुविधाएं दी जाएंगी।पहली सुबिधा जैसे ही आपका पहला बच्चा बालिग होगा आपको सरकार के द्वारा  77 हजार और बालिका पर एक लाख की विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।आपकी बेटी को हायर एजुकेशन तक मुफ्त पढाई मिलेगी ,जबकि बेटे को 20 वर्ष तक फ्री एजुकेशन मिलेगी।

दो बच्चे की नीति अपनाने वाले पेरेंट्स को भी कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी।ऐसे पेरेंट्स जिनके दो बच्चे हैं और सरकारी नौकरी में हैं और इच्छा से नसबंदी कराते हैं तो उन्हें दो एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट, प्रमोशन, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूट, पीएफ में एप्लायर कॉन्ट्रिब्यूशन जैसी सुविधाएं मिलेगी।इतना ही नहीं, उन्हें पानी, बिजली, हाउस  टैक्स में भी राज्य सरकार की ओर से छूट मिलेगी।एक संतान पर स्वयं नसबंदी कराने वाले पेरेंट्स की संतान को 20 साल तक मुफ्त इलाज, एजुकेशन और सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता की सिफारिश है।

इस कानून के लागू होने से आम जनता को तो फायदा मिलेगा ही,साथ ही जिन शिक्षको की नई शादी हुई है या फिर जिनकी शादी होने वाली है उन्हें अपनी नौकरी में काफी फायदा मिलेगा। 





रविवार, 11 जुलाई 2021

शिक्षा विभाग का शिक्षको के लिए एक्सन प्लान।सबको मिला निर्देश।देखिए ये रिपोर्ट


 

राज्य में आठ हजार मिडिल स्कूलों में पोषण वाटिका तैयार है । बाकी बचे मिडिल स्कूलों में भी पोषण के वाटिका विकसित की जा रही है। आजादी का अमृत महोत्सव स्कूलों में पोषण वाटिका के माध्यम से ही मनाने में की तैयारी है।

Vकेंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने राज्यों से कहा है कि आजादी का 75वां  साल पूरा होने के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव स्कूलों में पोषण वाटिका के माध्यम से मनाया जाय।इसके अनुपालन में मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक सतीश की चन्द्र झा द्वारा सभी जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न भोजन योजना) को निर्देश दिये गये हैं। निर्देश में कहा गया है कि पोषण वाटिका के माध्यम से बच्चों में प्राकृतक वातावरण, बागवानी एवं खेती के क्रियाकलापों की क्षमता को विषयों के माध्यम से जागृत की जा सकती है। 

Vमध्याह्न भोजन योजना कार्यक्रम अंतर्गत विद्यालय में पोषण वाटिका का निर्माण कर उससे उत्पादित फल एवं सब्जियों को मध्याह्न भोजन में शामिल कर आवश्यक विटामिन, मिनिरल की प्रतिपूर्ति के साथ ही शारीरिक एवं मानसिक विकास संभव हो सकेगा। विद्यालयों में पोषण वाटिका के निर्माण से स्वच्छ, ताजा फल एवं सब्जियों का मध्याह्न भोजन में उपयोग, वातावरण में हानिकारक इस दुष्प्रभाव से बचाव संभव हो सकेगा।

जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिये गये निर्देश के मुताबिक आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए त्वरित विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कि आयोजित की जानी है। इसके लिए बिहार शिक्षा परियोजना है परिषद से समन्वय स्थापित किया जाना है, जिसमें विद्यालयों में पोषण वाटिका विकसित किये जाने हेतु एक्सन प्लान तैयार किया जाना है।विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पोषण वाटिका के महत्व की जानकारी प्रदान की जानी है।आजादी का अमृत महोत्सव के माध्यम से बच्चों को घर में भी किसी गमले, बर्तन एवं खाली जगह में बागवानी किये जाने हेतु प्रेरित किया जाना है। बच्चों द्वारा घर में विकसित किये गये बागवानी में लगाये गये पौधों के साथ फोटो विद्यालय शिक्षक के साथ साझा किया जाना है। 

शिक्षकों द्वारा छात्रों से प्राप्त फोटो में से उत्कृष्ट फोटो का चयन कर वेबसाइट पर डाला जाना है। चयनित फोटो को पुरस्कृत किया जाना है। कार्यक्रम के संचालन के लिए स्कूलों में  Vनोडल शिक्षक नामित होंगे, जो विद्यालय पोषण वाटिका से जुड़ी गतिविधियों यथा बीज-बीजारोपण, खास इत्यादि की व्यवस्था, कृषि विज्ञान केंद्र से समन्वय स्थापित कर विद्यालय में उपलब्ध करायेंगे। आजादी का अमृत महोत्सव मनाने में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड साधन सेवी,विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव-अध्यक्ष व सदस्यों,विद्यालय के रसोइयों एवं छात्रों के अभिभावकों का सहयोग लिया जायेगा। 


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शनिवार, 10 जुलाई 2021

अच्छी खबर।अब प्रधानाध्यापक संभालेंगे बीईओ की कुर्सी।देखिए ये रिपोर्ट



दरअसल, तकरीबन दो सौ प्रखंडों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के पद खाली हैं। इसका असर छठे चरण के तहत 94 हजार प्रारंभिक शिक्षकों की बहाली पर पड़ रहा है।इसके मद्देनजर प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया में सहयोग हेतु प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के रिक्त पदों पर अवर शिक्षा सेवा संवर्ग  के राजकीय बुनियादी विद्यालयों में पदस्थापित प्रधानाध्यापकों को उनकी वरीयता को ध्यान में रखते हुए प्रतिनियुक्ति की जाय। 

यह व्यवस्था पूर्णतः अस्थायी है। छठे चरण की तहत नियोजन की प्रक्रिया समाप्त होने के उपरांत यह व्यवस्था स्वतः समाप्त हो में जायेगी। इसकी प्रति सभी खाली जिलाधिकारियों एवं क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों को भी दी गयी है। उल्लेखनीय है कि पहले चरण में उन नियोजन इकाइयों के लिए काउंसलिंग चल रही है, जहां छूटे हुए दिव्यांग  अभ्यर्थियों के आवेदन नहीं पड़े हैं। 

आपको बता दे कि प्रधानाध्यापको को बीईओ में प्रमोशन केवल नियोजन को देखते हुए किया जा रहा है। नियोजन की प्रक्रिया समाप्त होते ही सभी लोग अपने पुराने जगह पर वापस स्थापित हो जाएंगे।


अनुकंपा पर नौकरी लेने वालों को बिहार सरकार ने दिया झटका।देखिए ये रिपोर्ट



राज्य में नियोजन इकाइयों के मृत शिक्षकों के आश्रितों को भी अनुकंपा पर बहाली होगी। इसके लिए राज्य सरकार पहली बार बड़ा  फैसला लेते हुए 1172 विद्यालय सहायक (लिपिक) और 1129 विद्यालय परिचारी (आदेशपाल) पदों की स्वीकृति दी है।इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विद्यालय सहायकों एवं परिचारियों के 50 फीसद पदों पर अनुकंपा बहाली वेतन सुनिश्चित होगी। शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी  कर दिया।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल सिंह द्वारा जारी आदेश के मुताबिक सेवाकाल में नियोजन इकाइयों के मृत शिक्षकों के आश्रित नियत वेतन पर बहाल किए जाएंगे। इसका लाभ लेने के लिए आश्रित को उसी नियोजन इकाई में अनुकंपा बहाली के लिए आवेदन करना होगा जहां पर उनके अभिभावक बहाल थे। यह व्यवस्था सभी राजकीयकृत माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा प्रोजेक्ट कन्या माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयो में लागू की गई है।

नियत वेतन के तहत अनुकंपा पर बहाल विद्यालय सहायक को प्रतिमाह 16,500 तथा विद्यालय परिचारी को  15,200 रुपये मिलेगा। माध्यमिक निदेशक ने बताया कि 21 अगस्त 2020 के तहत विद्यालय सहायक एवं विद्यालय परिचारी के पद सृजन किए गए हैं।जुलाई, 2006 के बाद सेवाकाल में शिक्षक या शिक्षकेत्तर कर्मचारी के मृत्यु  होने पर संबंधित आश्रित उस क्षेत्र के विद्यालय से संबंधित नियोजन जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम आवेदन करेंगे जहां उनके अभिभावक कार्यरत थे। अनुकंपा की बहाली में आवेदक के शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नियोजन अनुमान्य होगा।


शुक्रवार, 9 जुलाई 2021

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बेटे ने किया अगरबत्ती का कारोबार शुरू।देखिए ये रिपोर्ट

 


Vलालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप हमेशा अपने निराले अंदाज और बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। उन्होंने राजनीति के साथ अब कारोबार में हाथ लगा दिया है। तेज प्रताप ने अगरबत्‍ती का उधोग शुरू किया है। उन्होंने अगरबत्ती के ब्रांड का नाम LR रखा है। जब उनसे LR का मतलब पूछा  गया तो उन्होंने  'लारजेस्ट रिच' बताया। हालांकि इनके करीबी इसे लालू-राबड़ी बताते हैं। यानी तेज प्रताप अपने पिता और माता के नाम को एक बार फिर लोगों के बीच अगरबत्ती के कारोबार के माध्यम से  पहुंचा रहे हैं। तेज प्रताप का कहना है कि मैं पूजा पाठ करने वाला आदमी हूँ। मुझे शुरू से ही अगरबत्ती से प्रेम रहा है। उन्होंने बताया दिल्ली में मेरा दोस्त ने मुझे फूलों से अरबत्ती बनाने की राय दी मैंने उसी से प्रेरित होकर इसे बनाना शुरू किया है। 

Vआपको बता दे कि ये अगरबत्तियां पटना में ही तैयार की जा रही हैं। इसका शोरूम  पटना में दानापुर के पास लालू खटाल यानी गौशाला में बनाया गया है। यहां बड़ी संख्या में लालू प्रसाद गाय और भैंस रखा करते थे। इन्हीं गौशाला में अगरबत्तियां बनती हैं और शोरूम के माध्यम से बेची जाती हैं। अगरबत्‍ती का निर्माण भी इसी खटाल में ही होता है। बताते हैं कि मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों को एकत्र कर उनसे अगरबत्‍ती बनाई जाती है। इसकी लकड़ी बांस की नहीं बल्कि नारियल के पत्‍ते की होती हैं। साथ ही इन अगरबत्तियों में किसी रसायन का इस्‍तेमाल नहीं किया जाता है।


तेजप्रताप यादव पूरी तरह कृष्‍ण भक्ति में लीन रहते हैं। माथे पर त्रिपुंड, गले में माला पहने हुए वे सार्वजनिक जगहों पर नजर आते हैं। अक्‍सर वृंदावन की गलियों में घूमते उनकी फोटो सामने आती रही है। इन अगरबत्तियों के नामों पर भी तेज प्रताप यादव की कृष्‍ण भक्ति की झलक दिखाई देती है। जैसे-कृष्ण लीला अगरबत्ती, बरसाना, सेवा कुंज, विष्णु प्रिया, निधि वन, वृंदा तुलसी, पारिजात आदि। यहां अगरबत्ती के अलावा धूप, परफ्यूम, रुद्राक्ष आदि कई चीजें भी बिकती हैं।


गुरुवार, 8 जुलाई 2021

मोदी सरकार ने 14 मंत्रियों को किया मंत्रिमंडल से बाहर।बड़े बड़े नाम शामिल।देखिए ये रिपोर्ट


नरेंद्र मोदी कैबिनेट के विस्तार और फेरबदल से पहले कुल 14 मंत्रियों ने मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर का भी मंत्री परिषद से इस्तीफा हो गया है। इसके अलावा शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार, रसायन एवं उरर्वक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री प्रताप सारंगी शामिल हैं।इसके अलावा वन और पयार्वरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया और खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राव साहेब दानवे शामिल हैं। इससे पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कनार्टक का राज्यपाल बनाये जाने की घोषणा के बाद त्यागपत्र दिया है।

आपको बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वुधवार को  मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही अपने मंत्रियों के विभागों में भी भारी फेरवदल  कर दिया। गृह मंत्री अमित शाह को नए सहकारिता मंत्रालय का भार सौंपा गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया सिविल एविएशन व अनुराग ठाकुर नए सूचना एवं प्रसारण मंत्री होंगे। धर्मेंद्र प्रधान नए शिक्षा 22मंत्री वनाए गए हैं। हरदीप पुरी को तेल व गैस, अश्वनी वैष्णव को रेल मंत्री बनाया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री विदेश मंत्री और सीतारमण वित्त मंत्री वनी रहेंगी। 


मंगलवार, 6 जुलाई 2021

पत्र हुवा जारी।50% उपस्तिथि के साथ खुलेंगे विद्यालय।देखे क्या है गाइड लाइन ।देखिए ये रिपोर्ट

 


5 जुलाई को आपातकालीन प्रबंधन समूह की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार निर्धारित मानक संचालक प्रक्रिया का पालन करते हुए राज्य के सरकारी विद्यालयों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ ही निजी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, मेडिकल इंजीनियरिंग कॉलेज, सभी सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के खोलने के संबंध में निम्न निर्णय लिया गया।

12 जुलाई सोमवार से विश्वविद्यालय, सभी प्रकार कॉलेज एवं तकनीकी शिक्षण संस्थान तथा ग्यारहवीं से बारहवीं तक के विद्यालयों में कुल छात्र संख्या की 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने का निर्णय लिया गया है।

ऑनलाईन माध्यम से शिक्षण की व्यवस्था को प्राथमिकता दिया जायेगा एवं शैक्षणिक संस्थानों के वयस्क छात्र/छात्राओं, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों कोविङ-19 का टीका लेना सुनिश्चित करेंगे।

स्कूल/कोचिंग/ट्रेनिंग एवं शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। इस अवधि में विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों द्वारा किसी भी तरह की परीक्षाएँ नहीं ली जाएंगी। वर्ग-01 से 10 वीं तक के विद्यालय में शिक्षण कार्य नहीं होंगे, परन्तु विद्यालय में शिक्षक/शिक्षकेत्तर कर्मी संख्या का 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ आयेंगे

टास्क टीम का गठन करना

विद्यालय में आकस्मिक सुरक्षात्मक संबंधी तैयारी के लिए उत्तरदायी टीम का गठन करना जो संस्थान/विद्यालय के सेनेटाइजेशन, साफ-सफाई, समाजिक दूरी आदि के लिए उत्तरदायी बनाई जाय। इस टीम में विद्यार्थी/शिक्षक/विद्यालय शिक्षा समिति आदि के सदस्योंनको भी उत्तरदायित्व दिया जाय।

उच्च शैक्षणिक संस्थान/ विद्यालय में बैठने की व्यवस्था:

गाईड लाईन के अनुसार विद्यार्थी के बीच कम से कम छ फीट की दूरी के साथ बैठाने की व्यवस्था की जाय यदि संस्थान/विद्यालय में एक सीट का बेंच-डेस्क हो तो इसे भी छ: फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था की जाय।इसी प्रकार शिक्षक भी  कही भी छ. फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था को 'चिन्हित करे।

शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश एवं,निकास द्वार को भी विभिन्न वर्गों के अनुसार क्रमवार समय आवंटित करते हुए आने एवं जाने के लिए चिन्हित किया जाय। द्वार खुला रखा जाए ताकि भीड़ एकत्रित न हो।

नोटिश बोर्ड के द्वारा समाजिक दूरी का पालन करने,मास्क लगाने,सेनेटाइजेशन,हाथ सफाई,यत्र-तत्र थूक फेकने से प्रतिबंध के संबंध में मुद्रित पोस्टर का प्रदर्शन किया जाय।

उच्च शैक्षणिक संस्थान/विद्यालय की समय तालिका:

प्रत्येक कक्षा में छात्रों की कुल क्षमता की 50 प्रतिशत उपस्थिति प्रथम दिन रहे तथा शेष 50 प्रतिशत की उपस्थिति दूसरे दिन रहे। इस प्रकार किसी भी कार्य दिवस पर किसी भी कक्षा में कुल क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति नहीं होगी। विद्यालय खुलने के पूर्व सभी विद्यार्थियों को पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाय।

हमेशा छुए जाने वाले ताले ,दरवाजे की कुंडी, डैशबोर्ड, डस्टर,बेंच-डेस्क आदि का निरंतर सफाई एवं सेनेटाईजेसन किया जाय। सभी अधिगम शिक्षण सामग्री का भी सेनेटाईजेसन किया जाय।कचरा का निपटारा डस्टबीन में किया जाना चाहिए, यत्र-तत्र फेकने से बचना चाहिए। उस्टबीन साफ एवं पूरी तरह ठका होना चाहिए एवं उचित जगह पर रखा जाना चाहिए।

हाथ की सफाई ,साफ पानी,बाथरूम एवं शौचालय को नियमित अंतराल पर सफाई की उपलब्धता होनी चाहिए,विद्यार्थियों को घर से पानी बोलत लाने हेतु प्रोत्साहित किया जाय। सेनेटाईजेसन की व्यवस्था किया जाय।

बच्चों को मास्क अदला-बदली नहीं करने का निदेश दिया जाय। सभी बच्चों को नाक, आंख, कान, मुंह आदि छुने से बचने एवं कफ सर्दी, बुखार आदि के बारे में जानकारी दी जाय। यत्र-तत्र थूकने से प्रतिबंधित किया जाय।

विद्यार्थियों को घर से ही पका-पकाया पौस्टिक खाना लाने कहा जाय तथा भोजन का साझा नहीं किया जाय। बाहरी वेडर को शैक्षणिक संस्थान के अंदर खाद्य सामग्री की बिक्री से रोका जाय।

विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था:

शैक्षणिक संस्थान की बसों को प्रतिदिन दो बार (एक बार बच्चों को लाने के पहले एवं दूसरी बार स्कूल से प्रस्थान के पूर्व) सेनेटाइज किया जाय।बसों के चालक, शिक्षक और बच्चो को बगैर मास्क के किसी को भी बस में बैठने की अनुमति नहीं दी जाय। बस के सभी खिड़कियों में पर्दा नहीं रखा जाय। सभी खिड़कियां खुली रहनी चाहिए।


उपर्युक्त निदेशों का अनुपालन संबंधित जिला के जिला पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा एवं इसके कार्यान्वयन हेतु संबंधित जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी का सहयोग लिया जाएगा।


।।बटन पर क्लिक करके विभागीय पत्र करे डाउनलोड।।







बड़ी खबर।घर में है नौकरी तो नहीं मिलेगी अनुकंपा पर नौकरी।हाइकोर्ट।देखिए ये रिपोर्ट


पटना हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि जब परिवार का एक सदस्य सरकारी नौकरी में है तो परिवार के किसी अन्य सदस्य को अनुकम्पा पर नौकरी नहीं दी जा सकती।

आपको बता दे कि आवेदक हरेंद्र कुमार के पिता पुलिस विभाग में तैनात थे। नौकरी में रहने के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पिता के मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के लिए आवेदक ने विभाग में आवेदन को दिया। विभाग ने यह कहते हुए उनके आवेदन को नामंजूर कर दिया कि परिवार के अन्य सदस्य सरकारी नौकरी में हैं तो परिवार के दूसरे सदस्य को अनुकंपा पर बहाली नहीं की जा सकती। 

Vविभाग के निर्णय को मृतक कर्मी के पुत्र हरेंद्र कुमार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय की एकल पीठ ने किया। कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा पर नौकरी पाना किसी कर्मी के सदस्य का अधिकार नहीं है। यह व्यवस्था कर्मी की मृत्यु के बाद परिवार में वित्तीय संकट उत्पन्न नहीं हो, इसलिए सरकार ने यह नीति बनाई है।

Vपरिवार को वित्तीय सहायता करने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है, लेकिन जब परिवार के ही अन्य सदस्य पहले से सरकारी नौकरी में हैं तो दूसरे सदस्य को अनुकम्पा पर नौकरी नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि आवेदक ने भी माना है कि उसका एक भाई पहले से सरकारी नौकरी में है। ऐसे में उन्हें आर्थिक मदद की कोई जरूरत नहीं है। कोर्ट ने विभाग के अनुकंपा पर नौकरी नही देने के निर्णय को सही ठहराते हुए अर्जी को खारिज कर दिया।


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खुलेंगे सभी स्कूल और कॉलेज।शिक्षा मंत्री।देखिए ये रिपोर्ट




शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालय (कक्षा एक से दस तक) के खोलने पर निर्णय 15 दिनों के बाद लिया जाएगा। कोरोना संक्रमण में सुधार की स्थिति जारी रहती है तो इंटर की पढ़ाई आरंभ होने के दो सप्ताह बाद इन विद्यालयों के खोले जाने को लेकर समीक्षा की जाएगी।सभी संबंधित के विचार और सलाह से ही इस पर अंतिम फैसला होगा। ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यालयों में जो पाठ  Vपहले दिन पढ़ाये जायेंगे, उन्हें ही दूसरे दिन भी दुहराया जाएगा ताकि 50 फीसदी रोजाना उपस्थिति के कारण किसी बच्चे को कोई पाठ न छूटे।

Vराज्य सरकार ने अनलॉक-4 में 11वीं 12वीं के स्कूल, विश्वविद्यालय, कॉलेज, तकनीकी शिक्षण संस्थान, सरकारी प्रशिक्षण संस्थान खोलने का फैसला किया है। ये सभी 12 जुलाई से 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय अब सामान्य रूप से खुलेंगे। सरकारी कार्यालयों में केवल कोरोना का टीका लिए हुए आगंतुकों का प्रवेश होगा।

इस अवधि में विद्यालयों व विश्वविद्यालयों द्वारा किसी भी तरह की परीक्षाएं नहीं ली जाएंगी।अध्यक्षता में सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में कोरोना की स्थिति की समीक्षा के बाद अनलॉक-4 पर निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद दोपहर 1.25 बजे ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।




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सोमवार, 5 जुलाई 2021

अनलॉक 4 में खुल जायेगा बिहार में सब कुछ। शिक्षको के लिए अच्छी खबर।देखिए ये रिपोर्ट

 


अनलॉक 4 में बिहार में उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की छूट मिल सकती है। शुरुआत में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शोध संस्थानों को खोलने की अनुमति दिए जाने की उम्मीद है। वहीं, दुकानों को खोलने के मामले में भी और रियायतें दी जा सकती हैं। सभी तरह की दुकानों को सातों दिन खोलने के साथ-साथ इसे खुला रखने के समय में बढ़ोतरी करने पर भी विचार चल रहा है। अभी दुकानों को शाम सात बजेअनलॉक 4 में बिहार में उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की छूट मिल सकती है। शुरुआत में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शोध संस्थानों को खोलने की अनुमति दिए जाने की उम्मीद है। वहीं, दुकानों को खोलने के मामले में भी और रियायतें दी जा सकती हैं। सभी तरह की दुकानों को सातों दिन खोलने के साथ-साथ इसे खुला रखने के समय में बढ़ोतरी करने पर भी विचार चल रहा है। अभी दुकानों को शाम सात बजे तक खुला रखने की अनुमति है।

Vबिहार के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज प्रदेश में अनलॉक-4 को लेकर उच्चस्तरीय बैठक होगी। बैठक में मंत्रीगण और पदाधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। राज्य में अभी अनलॉक-3 चल रहा है, जो छह जुलाई तक प्रभावी है।

बिहार में अनलॉक-4 सात जुलाई से प्रभावी होगा, जिसमें उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की अनुमति मिलने के साथ-साथ कुछ और रियायतें मिलने की उम्मीद है। मालूम हो कि अनलॉक के दौरान भी कोरोना संक्रमण में निरंतर गिरावट आई है, पर अब भी राज्य में 100 से अधिक नए मामले प्रतिदिन मिल रहे हैं। जिलों से भी सुझाव आए हैं कि पूरी तरह से पाबंदियों को अभी नहीं हटाया जाना चाहिए। बैठक में लिए गए निर्णय के बाद गृह विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा।


Vशादी समारोह में अभी 25 लोगों तक की उपस्थिति की अनुमति है। साथ ही, डीजे और बारात जुलूस पर पूरी तरह रोक है। अनलॉक 4 में शादी समारोह में रियायतें मिलने की उम्मीद है। समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या को और अधिक बढ़ाया जा सकता है। इसी तरह अंतिम संस्कार, श्राद्ध कार्यक्रम में भी उपस्थित होने वाले लोगों की संख्या को और बढ़ाया जा सकता है।


 तक खुला रखने की अनुमति है।


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज प्रदेश में अनलॉक-4 को लेकर उच्चस्तरीय बैठक होगी। बैठक में मंत्रीगण और पदाधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। राज्य में अभी अनलॉक-3 चल रहा है, जो छह जुलाई तक प्रभावी है।


Vबिहार में अनलॉक-4 सात जुलाई से प्रभावी होगा, जिसमें उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की अनुमति मिलने के साथ-साथ कुछ और रियायतें मिलने की उम्मीद है। मालूम हो कि अनलॉक के दौरान भी कोरोना संक्रमण में निरंतर गिरावट आई है, पर अब भी राज्य में 100 से अधिक नए मामले प्रतिदिन मिल रहे हैं। जिलों से भी सुझाव आए हैं कि पूरी तरह से पाबंदियों को अभी नहीं हटाया जाना चाहिए। बैठक में लिए गए निर्णय के बाद गृह विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा।


शादी समारोह में अभी 25 लोगों तक की उपस्थिति की अनुमति है। साथ ही, डीजे और बारात जुलूस पर पूरी तरह रोक है। अनलॉक 4 में शादी समारोह में रियायतें मिलने की उम्मीद है। समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या को और अधिक बढ़ाया जा सकता है। इसी तरह अंतिम संस्कार, श्राद्ध कार्यक्रम में भी उपस्थित होने वाले लोगों की संख्या को और बढ़ाया जा सकता है।


काउंसलिंग के लिए जा रहे अभ्यार्थियों को विभाग की चेतावनी।देखिए ये रिपोर्ट


राज्य में प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सोमवार से शुरू होने वाली काउंसलिंग में अभ्यर्थी जिस नियोजन इकाई अंतर्गत नियोजित होने हेतु इच्छुक होंगे, निर्धारित काउंसलिंग दिवस पर उस नियोजन  इकाई से संबंधित काउंटर पर पूर्वाह्न 11 बजे निश्चित रूप से उपस्थित रहेंगे। नियोजन इकाई द्वारा वरीयता के अनुसार 50-50 अभ्यर्थी को क्रमवार नाम से पुकारा जायेगा।

Vनिःशक्त अभ्यर्थी के लिए जिस नियोजन इकाई में पद आरक्षित होगा, वहां नि:शक्त अभ्यर्थी को सर्वप्रथम नियोजन का अवसर उनके लिए उपलब्ध रिक्ति के सापेक्ष में देने का दायित्व संबंधित नियोजन इकाई का होगा। इसके पश्चात स्वतंत्रता सेनानी, जिन्हें केंद्र सरकार नाती-नतिनी को यथा उपलब्ध रिक्ति द्वारा पेंशन स्वीकृत है, के पोता-पोती,के सापेक्ष काउंसलिंग कराया जायेगा।

प्रत्येक अभ्यर्थी का नाम लाउडस्पीकर के माध्यम से तीन बार पुकारा जायेगा और अगर वे उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके बाद के क्रमवार अभ्यर्थी को उसी लाउडस्पीकर के माध्यम से तीन-तीन बार पुकारा जायेगा। इस दौरान तीन बार नाम पुकारे जाने के बाद यदि वह अभ्यर्थी उपस्तिथ नहीं हुए तो उस समय उन्हें काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Vवैसे अभ्यार्थी जिनका नाम पुकार होने पर अनुपस्थित रहे, वैसे छुटे हुए अभ्यर्थी को मेधा सूची के अनुसार काउंसलिंग की प्रक्रिया में शामिल किया जायेगा । काउंसलिंग को लेकर जारी अधिसूचना के मुताबिक काउंसलिंग तिथि को काउंसलिंग पूर्ण होने के पश्चात अभ्यर्थियों की उपस्थिति पंजी को नियोजन इकाई द्वारा क्लोज कर दिया जायेगा। इसका अवलोकन जिला शिक्षा पदाधिकारी अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा करते हुए कार्यालय का मोहर भी पंजी पर लगा दिया जायेगा।



शनिवार, 3 जुलाई 2021

शिक्षको की खुशियों पर सरकारी ग्रहण।देखिए ये रिपोर्ट


बिहार में अरसे से शिक्षक बनने का सपना संजोने वाले अभ्यर्थियों के साथ ही स्वैच्छिक तबादले की बाट जो रहे शिक्षकों को पंचायत चुनाव के कारण आचार संहिता का झटका लग सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग पांच जुलाई बाद किसी भी दिन पंचायत चुनाव की डुगडुगी  बजाने की तैयारी में जुट गया है।  ऐसे में त्रिस्तरीय पंचायत और ग्राम दशक कचहरियों के चुनाव का एलान होते  ही तमाम नियुक्ति और तबादले की प्रक्रिया पर आचार संहिता का अड़ंगा लग जाएगा। नई विकास योजनाओं का सरकार एलान नहीं कर सकेगी।  अहम यह है कि आयोग की तैयारी आचार संहिता का सर्वाधिक प्रभाव परीक्षण 1.25 लाख शिक्षकों की नियुक्ति  और करीब 1.50 लाख शिक्षकों के प्रस्तावित स्वैच्छिक तबादले की प्रक्रिया पर पड़ेगा। 

शिक्षा विभाग डेढ़ दशक से अंतर जिला तबादले की बाट जोह रही महिला और दिव्यांग शिक्षकों के हक में स्वैच्छिक तबादला करने की तैयारी में जुटा है। इसी के साथ पुरुष शिक्षकों को तबादले की सौगात देने की तैयारी है। आनलाइन पोर्टल का परीक्षण करने के बाद शिक्षा विभाग आवेदन लेने की तैयारी कर रहा है। 

इसके अलावा 94 हजार प्रारंभिक और 30 हजार माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होनी है। इनमें 90 फीसद से ज्यादा शिक्षकों के तबादले ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्र में होने हैं। इसी तरह नियुक्ति वाले शिक्षकों में भी बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों की है। फिलवक्त शिक्षा विभाग की तैयारियों को देखते हुए नहीं लगता है अगले दो महीने में भी नियुक्ति और तबादले की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी।


शुक्रवार, 2 जुलाई 2021

सरकार की स्कूलों के प्रति दूरगामी सोच।कर रही है बदलाव।देखिए ये रिपोर्ट



राज्य के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों की बुनियादी जानकारी हासिल कर सकेंगे। सरकार की ओर से पूर्व में लिए गए निर्णय के तहत स्कूली पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा को शामिल कर लिया गया है। बच्चे सिलेबस में सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी हासिल कर सकेंगे। बिहार में सरकारी स्कूल में पढ़ाई करने वाले 9वीं व 10वीं के बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में पढ़ाया जाएगा। परिवहन विभाग ने पहले ही शिक्षा विभाग को इसका प्रस्ताव भेजा था। उसी के आलोक में राज्य शिक्षा बोर्ड की ओर से सड़क सुरक्षा नियम को पाठयक्रम में शामिल कर लिया है। सड़क सुरक्षा को शामिल करते हुए किताबों का प्रकाशन भी कर लिया गया है। इसी सत्र से स्कूलों में सुरक्षा नियमों की पूरी जानकारी बच्चों को दी जाएगी।


स्कूली बच्चों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी देने के पीछे सरकार की दूरगामी सोच है। एक तो यही बच्चे जब आगे चलकर सड़क पर गाड़ी चलाएंगे तो उनके मन-मष्तिष्क में इन बुनियादी नियमों की जानकारी रहेगी।