रविवार, 13 जून 2021

राज्य का बैक बोन है बिहार के शिक्षक।शिक्षको के इस कार्य की हो रही है सराहना।देखिए ये रिपोर्ट।Niyojit teacher news


राज्य के कई जिलों में नीदरलैंड के सहयोग से बाल श्रम उन्मूलन कार्यक्रम अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ और कई स्वयंसेवी संस्थाएं एक साथ मिल कर चला रही हैं। ये कार्यक्रम वर्क नो चाइल्ड बिजनेस के नाम से चलाये जा रहे हैं। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष व्रजनंदन शर्मा, उन्मूलन कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार एवं महासचिव नागेंद्रनाथ शर्मा ने शनिवार को बताया कि बिहार के अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा दिए गए निर्देशानुसार बाल श्रम की समाप्ति हेतु कटिबद्ध हैं। गया, पश्चिम चंपारण, पटना सहित कई जिलों में बाल श्रम उन्मूलन हेतु शिक्षक संगठन द्वारा कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो कोविड के चलते गति नहीं पकड़ सका है।


आपको बता दे कि बाल श्रम देश की सबसे बड़ी समस्या है जिसे लेकर सरकार इस पर चिंतीत है। शिक्षको के द्वारा इस पहल को समाज के साथ-साथ सरकार भी सराहना कर रही है।कोविड-19 के इस दौर में बाल श्रमिकों के बढ़ने की संभावना है। ऐसी स्थिति में राज्य के शिक्षकों का यह प्रयास होगा कि अधिक से अधिक संख्या में बाल श्रमिकों का विद्यालय में नामांकन कराया जाए और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

श्रम उन्मूलन हेतु अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में 14 जून को जूम एप के माध्यम से एक बैठक का आयोजन किया गया है। जिसे एनसीईआरटी के पूर्व निदेशकजे. एस. राजपूत एवं नेशनल कोएलिशन फॉर एजुकेशन केराष्ट्रीय संयोजक रामाकांत राय संबोधित करेंगे।


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