गुरुवार, 10 जून 2021

सरकार के इस बदलाव से शिक्षको के कंधे पर पड़ेगा अतिरिक्त भार।देखिर ये रिपोर्ट



नई शिक्षा नीति 2020 को बिहार सरकार जमीन पर  उतारने के लिए राज्य शैक्षिक शोध एवं प्रशिक्षण परिषद राज्य भर के बच्चों द्वारा  बोली जाने वाली भाषाओं की जानकारी इकट्ठा कर रही है, ताकि बच्चों के पाठ्यक्रम उनके घर-आंगन की भाषा में उन्हें समझाया जा सके।दूसरे बड़े निर्णय के तहत, अब विद्यालय परिसर के बाहर चलने वाले राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्र नजदीकी विद्यालय के साथ जोड़ दिए जाएंगे। यह कार्रवाई अगले पंद्रह दिनों में पूरी की जायेगी। 

जिस विद्यालय से आंगनबाड़ी केंद्र जुड़ेंगे उस विद्यालय के एक शिक्षक उस आंगनबाड़ी केंद्र के लिए नामित होंगे। नामित शिक्षक का कार्य संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को  पूर्व-प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना होगा। सरकार द्वारा यह कार्रवाई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत की जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूल से जोड़ने का फैसला मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 23 फरवरी की बैठक में हुआ था। 

आपको बता दे कि प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह द्वारा आदेश जारी किया गया हैं कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के सहयोग से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी वैसे आंगनबाड़ी केंद्र, जो विद्यालय परिसर के बाहर संचालित हैं, उन केंद्रों को नजदीक के विद्यालय के साथ जोड़ कर इससे संबंधित रिपोर्ट प्राथमिक शिक्षा निदेशक को देंगे।

आपको बता दे कि जैसे ही आंगनबाड़ी केंद्र आपके विद्यालय से जुड़ेंगे वैसे ही उस विद्यालय का एक शिक्षक उस आंगनबाड़ी केंद्र में नामांकित बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने हेतु नामित कर दिया जाएगा। इस तरह से एक अतिरिक्त भार शिक्षको पर आ जायेगा।


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