बुधवार, 30 जून 2021

कर्मचारियों के डीए भुगतान पर कैबिनेट सचिव ने सहमति जताई। कर्मचारियों में खुशी का माहौल।देखिए ये रिपोर्ट


कर्मचारी  संगठन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने  कहा कि बीते 26 एवं 27 जून को नार्थ ब्लॉक में नेशनल काउसिंल की बैठक हुई । जिसमें केन्द्र सरकार के कैबिनेट सचिव तथा कर्मचारी पक्ष के महासचिव के तौर पर शिवगोपाल मिश्रा एवं अन्य नेता शामिल हुए। इस बैठक में लगभग 28 महत्वपूर्ण मुददों पर विस्तार से चर्चा हुई।

केन्द्र सरकार ने  कर्मचारियों के संगठन से वादा किया है कि सरकार जनवरी एवं जुलाई 2020 तथा जनवरी 2021 के महंगाई भत्ते की किश्त, इस साल की  जुलाई की किश्त के साथ जोड़ कर सितंबर तक भुगतान करने पर सहमत हो गई है। श्री मिश्रा ने बताया कि यह बैठक अत्यन्त महत्वपूर्ण रही क्योकि अन्य मुद्दों के साथ-साथ इस बैठक में पिछले डेढ़ वर्षों से सरकार द्वारा कोरोना महामारी के नाम पर केन्द्रीय कर्मचारियों के फ्रीज किये मंहगाई भत्ता और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत का मुद्दे पर विचार किया गया।

उन्होंने कहा कि इस बैठक में कैबिनेट सचिव के साथ वार्ता के बाद निर्णय हुआ कि सभी केन्द्रीय कर्मचारियो को पिछले डेढ वर्षों से रुकी हुई तीन किश्तों के साथ उन्हें जुलाई 2021 में देय किश्त के साथ जोडकर जुलाई एवं अगस्त 2021 के एरियर सहित सितम्बर 2021 के माह में भुगतान किया जाएगा। इस पर कैबिनेट सचिव ने सहमति दे दी।

श्री मिश्रा ने कहा कि कैबिनेट सचिव ने कहा है कि इसके भुगतान हेतु शीघ्रता पूर्वक कार्यवाही की जायेगी। जिससे सभी केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके बन्द महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का भुगतान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी के बीच केन्द्रीय कर्मचारी जो अपनी जान की परवाह न करते हुए भी काम करते रहे और कइयों ने अपनी जान भी गवांई, ऐसे में उनको उनके जायज लाभो से वंचित करना सरकार का सर्वथा अनुचित कदम था।

 



मंगलवार, 29 जून 2021

शिक्षको और टोला सेवको को प्राथमिक शिक्षा निदेशक का आदेश।देखिए ये रिपोर्ट



सभी DEO, DPO, BEO, BRP, CRCC, टोला सेवक,  शिक्षक गण को अवगत कराना है कि प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा दिनांक 30 जून, 2021 को दोपहर 12 बजे 2 बजे E-Learning को  जारी रखने की  पहल से तीसरे  यू-ट्यूब सेशन का आयोजन किया जा रहा है।

आपको बता दे कि इससे पहले मिशन कैवल्य के अंतर्गत दो बार लाइव सेसन का आयोजन किया जा चुका है जिसमे लाखो शिक्षको ने भाग लिया था। विभाग ने शिक्षको से आग्रह किया है कि सभी शिक्षक समय से सभी कोर्स को खत्म करे। 30 जून के बाद दो और नए कोर्स शुरू किए जाएंगे जिसकी जानकारी आपको लाइव सेसन के माध्यम से दी जाएगी।

क्या है दीक्षा के माध्यम से सरकार का उद्देश्य।

शिक्षकों की क्षमताओं एवं उनकी चुनौतियों के आधार पर उनकी ज़रूरतों के अनुसार शिक्षण, प्रशिक्षण सामग्री एवं सहयोग तंत्र का विकास करना।

शिक्षकों की आवश्यकतानुसार ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से पेशेवर क्षमता का विकास करना।कनक्षा एवं विषय की प्रकृति के अनुसार शिक्षकों एवं छात्रों के पठन पाठन हेतु सामग्री तैयार कर अपलोड करना।

छात्रों के लर्निंग आउटकम के आकलन हेतु नवाचारी तरीके तथा प्रश्न आदि उपलब्ध कराना। विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गाँव से लेकर राज्य स्तर तक की संस्थाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना।शिक्षकों के बीच उनके विचारों एवं नवाचारों के आदान प्रदान को बढ़ावा देना।





15 अगस्त से पहले हो जाएगी प्रमाण पत्रों की जाँच।देखिए ये रिपोर्ट

 

राज्य में तकरीबन सवा लाख स्कूली शिक्षकों की नियुक्ति 15 अगस्त तक करने की तैयारी है।15 अगस्त से पहले सभी शिक्षको के सर्टीफिकेट की जाँच हो जाएगी। इनमें तकरीबन 94 हजार प्रारंभिक एवं 30 हजार माध्यमिक-उच्च माध्यमिक शिक्षक नियुक्त होंगे। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति के शिड्यूल को अंतिम रूप देने में शिक्षा विभाग जुटा हुआ है। 

जुलाई के दूसरे हफ्ते तक काउंसलिंग शुरू हो जायेगी। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति के शिड्यूल को लेकर सोमवार को शिक्षा विभाग में बैठक हुई। इसमें शिड्यूल को लेकर सभी संभावनाओं पर गौर किया गया। माना जा रहा है कि प्रस्तावित शिड्यूल को दो-तीन दिन में शिक्षा विभाग अंतिम रूप दे देगा। हालांकि, शिक्षा विभाग को जिलों से मिलने वाली इस सूचना का भी इंतजार है कि कितने नियोजन इकाइयों में दिव्यांग अभ्यर्थियों के आवेदन पड़े हैं। इन नियुक्तियों में छूटे हुए दिव्यांग अभ्यर्थियों को पटना उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आवेदन करने के लिए शुक्रवार तक के समय दिये गये थे। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए चार आरक्षण का प्रावधान है।

प्रारंभिक शिक्षक नियोजन इकाइयों में तकरीबन 30 फीसदी नियोजन इकाई ही ऐसे हैं, जहां दिव्यांग अभ्यर्थियों के आवेदन पड़े हैं। इसके मद्देनजर ही 94 हजार  प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए दो शिड्यूल जारी हुए हैं। एक शिड्यूल  तकरीबन उन 70 फीसदी प्रारंभिक शिक्षक नियोजन इकाइयों के लिए, जहां 

दिव्यांग अभ्यर्थियों के आवेदन नहीं पड़े हैं और दूसरा शिड्यूल बाकी 30 फीसदी  प्रारंभिक शिक्षक नियोजन इकाइयों के लिए, जहां दिव्यांग अभ्यर्थियों के आवेदन  पडे हैं। उल्लेखनीय है कि जिन 70 फीसदी नियोजन इकाइयों में दिव्यांगों के आवेदन नहीं पड़े हैं, उनमें मार नि क य नियोजन इकाइयों में पांच जुलाई से,

प्रखंड नियोजन इकाइयों में सात जुला से ग पंचा त नियोजन इकाइयों में 12 जुलाई से काउंसलिंग होनी है। इसी प्रकार जन 30 फीसदी नियोजन इकाइयों में दिव्यांगों के आवेदन पड़े हैं, में दो जुलाई तक औपबंधिक मेधा सूची प्रकाशित की जानी है, उस पर नौ जुलाई तक आपत्तियां ली जानी हैं, इसका निराकरण 

12 जुलाई तक किया जाना है, 15 जुलाई तक अंतिम मेधा सूची का प्रकाशन होना है, इसका 24 जुलाई तक जिला द्वारा अनुमोदन एवं 27 जुलाई को  सार्वजनीकरण किया जाना है। उसके बाद नगर निकाय नियोजन इकाइयों में दो अगस्त से, प्रखंड नियोजन इकाइयों में चार अगस्त से एवं पंचायत नियोजन इकाइयों में नौ अगस्त से काउंसलिंग होनी है ।बहरहाल, अब माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक अभ्यर्थियों को शिड्यूल का इंतजार है।


सोमवार, 28 जून 2021

बड़ी खबर। शिक्षा मंत्री का बयान।चरणबद्ध तरीके से खुलेंगे स्कूल।देखिए ये रिपोर्ट



कोरोना संक्रमण की स्थितियां सामान्य रहीं तो छह जुलाई के बाद चरणबद्ध ढंग से राज्य में शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रविवार को इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि स्थिति में और सुधार होती गई, तभी बच्चों की सुरक्षा ध्यान में रखकर शर्तों के साथ सरकारी और निजी स्कूल-कालेज खोलने हेतु छह जुलाई के बाद शिक्षा विभाग द्वारा तिथि तय की जाएगी। फिलहाल महामारी की स्थिति में सुधार पर नजर रखते हुए शिक्षण संस्थानों को खोलने की तैयारी चल रही है। 

शिक्षा मंत्री ने बताया कि सभी बच्चों की सुरक्षा सरकार  की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। बच्चों की जान जोखिम में डालकर शिक्षण संस्थान नहीं खोले जा सकते। छह जुलाई के बाद पहले चरण में विश्वविद्यालय और महाविद्यालय खोले जाएंगे। दूसरे चरण में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय तीसरे चरण में प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों (कक्षा एक से आठ तक) के बच्चों के लिए कक्षाएं शुरू की जाएंगी। अन्य शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर शिक्षा विभाग की ओर से विशेष रुप से गाइडलाइन जारी होगी।

शिक्षा मंत्री बोले, बच्चों की सुरक्षा का ध्यान में रखकर शर्तों के साथ खोले जाएंगे स्कूल-कालेज अगले सप्ताह शिक्षा विभाग द्वारा तय होगी तिथि, कोरोना प्रोटोकाल का कड़ाई से होगा अनुपालन


रविवार, 27 जून 2021

जुलाई में 3% वेतन वृद्धि के बाद कितना बनेगा ट्रेंड,अनट्रेंड शिक्षको का वेतन।देखिए ये रिपोर्ट


 जैसा कि आप सभी जानते है कि जुलाई में शिक्षको की सैलरी में 3% का इजाफा हो जाता है तो इस आर्टिकिल में आपको वेतन चार्ट के द्वारा अनट्रेंड और ट्रेंड शिक्षको के जुलाई वेतन  चार्ट को दिखाया गया



अनट्रेंड शिक्षको का वेतन चार्ट


ट्रेंड शिक्षको का वेतन चार्ट






जुलाई से शिक्षको के वेतन में 32 प्रतिशत की वृद्धि।देखिए ये रिपोर्ट

कोरोना संक्रमण के कारण पिछले डेढ़ साल से कर्मचारियों की महंगाई भत्ते की रुकी हुई तीन किस्तों के अलावा चौथी किस्त भी आगामी जुलाई से मिलने शुरू हो जाएगी। यानी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों का महंगाई भत्ता में जुलाई 2021 का भी डीए जुड़ जाएगा जिससे डीए बढ़कर 17 से 32 प्रतिशत हो जाएगा। 

कोरोना की  पहली लहर में संपूर्ण लॉकडाउन  के कारण केंद्र  सरकार ने सरकारी खर्चे रोकने के लिए अनेक निर्णय लिए  थे, जिनमें केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की किस्त रोक दी गई थी। उस वक्त यह दर 17 फीसद थी। तव प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की वढ़ी किस्त मिलेगी, लेकिन एरियर नहीं मिलेगा। शनिवार को कैविनेट सचिव की अध्यक्षता में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और सरकारी कर्मियों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इस बैठक में रेलवे और रक्षा मंत्रालय में कार्यरत करीव 25000 अंशकालिक अप्रैटिस को नियमित करने का भी फैसला हुआ है। दोनों मंत्रालय अपने अंशकालिक अप्रैटिस कर्मचारियों की सूची देंगे और उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। बैठक में फैसला लिया गया कि देश की आर्थिक स्थिति में सुधार होते ही कर्मचारियों को डीए की किस्त जारी की जाएगी।


शनिवार, 26 जून 2021

शिक्षा विभाग ने जारी किया प्रधानध्यापको के लिए निर्देश।देखिए ये रिपोर्ट


मिड डे मील की राशि अब कैश के रूप में प्रधानाध्यापक के पास नहीं रहेगी और न ही स्कूल के खाते में वास्तविक राशि  रहेगी। अब नए सिरे से जीरो बैलेंस वाला खाता जिले के सभी स्कूलों काखुलेगा। एक जुलाई से मिड डे मील राशि भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाएगी। मिड डे मील सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए एक नई पहल हो रही है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों  को निर्देश दिया है कि वर्तमान खाते को तत्काल बंद कर देना है और नए सिरे से जीरो बैलेंस का खाता खुलवाना होगा। मिड डे मील गया के डीपीओ अनिल कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है। सभी स्कूल के प्रधानाध्यापकों को 27 जून तक इस संबंध में जिला शिक्षा कार्यालय को सूचित करना होगा। 

अब किसी भी स्कूल के खाते में वास्तविक राशि नहीं  रहेगी, बल्कि क्रेडिट कार्ड की तरह खरीदारी करनी होगी, यानी जिस तरह क्रेडिट कार्ड की राशि खाते में रहती है, उसी तरह स्कूल के नए खाते में फ्लोटिंग राशि रहेगी। वास्तविक राशि स्टेट खाते में रहेगी। आमतौर पर एमडीएम राशि वसूलने में काफी लेट लतीफी हो रही थी, इसको ध्यान में रखकर और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि सबसे पहले कैश राशि को अपने खाते में जमा करें। फिर अपने खाते को ब्याज सहित अपडेट कराना होगा। इसके बाद विभाग द्वारा दिए गए खाते में पैसा ट्रांसफर करना होगा। राशि ट्रांसफर होने के बाद बैंक से क्लोजर सर्टिफिकेट लेना होगा। इसके बाद जमा राशि का विवरण और क्लोजर सर्टिफिकेट जिला शिक्षा कार्यालय को तत्काल जमा करना होगा।


शिक्षा मंत्री के इस बयान से दौड़ी खुशी की लहर।देखिए ये रिपोर्ट



एसटीईटी परीक्षा में सफल सभी छात्रों को नौकरी मिलेगी। इसमें अभ्यर्थी को घबराने की जरूरत नहीं है। नियुक्ति प्रक्रिया नियमानुसार होगी। यह बात शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 
शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात के दौरान कही।

एआईएसएफ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से कहा कि मार्च महीने में आपने परीक्षाफल जारी करते समय उत्तीर्ण होने  वाले सभी अभ्यर्थियों को पक्की नौकरी  देने का भरोसा दिलाया था।प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से सभी  उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को बहाली प्रक्रिया में शामिल करने और इसका नोटिफिकेशन शीघ्र जारी करने की मांग की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग इस संबंध में निर्णय ले चुका है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण सभी अभ्यर्थियों को बहाली प्रक्रिया में शामिल कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कुछ गड़बड़ियां हुई थी जिसे सुधार लिया गया है। शीघ्र ही इसका नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने बहाली प्रक्रिया में रिक्तियों एवं रोस्टर का पालन करते हुए कट ऑफ जारी करने की मांग की। जिस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि नियोजन इकाइयां रोस्टर का पालन करते हुए मेरिट लिस्ट तैयार करेगी। इस संबंध में नियोजन शुरू होने से पहले सभी इकाइयों को निर्देश पहुंच जाएगा। शिक्षा मंत्री से एसटीईटी की नियुक्ति में सरकार के वादे के अनुसार महिलाओं  को 35 फीसदी आरक्षण देने की मांग की। 

शिक्षा मंत्री ने कहा की महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार कृत संकल्पित है। उन्होंने इस मसले की तरह ध्यान आकृष्ट कराए जाने के लिए एआईएसएफ के प्रतिनिधिमंडल को धन्यवाद दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसे भी बैठक में निर्णय लेकर हर हाल में लागू कराया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी सरकार ने 33 फीसदी सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित की है। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से कहा कि पिछले दिनों कोरोना की वजह से लगातार कैंपस बंद है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में निर्णय लेने का अधिकार कुलाधिपति एवं कुलपति को है। शिक्षा मंत्री से वार्ता करने वाले

प्रतिनिधिमंडल में एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार, राज्य अध्यक्ष अमीन हमजा, राज्य सह सचिव जन्मेजय कुमार, धर्मेन्द्र मुरारी मौजूद थे।


शुक्रवार, 25 जून 2021

सरकार ने टीईटी शिक्षक के जीवन का बना दिया मजाक।देखिए ये रिपोर्ट


बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की एक गलती से एक युवक का भविष्य अंधकार में पहुंच गया है।परीक्षा की तैयारी के साथ इस युवक ने  शिक्षक पात्रता परीक्षा दी थी, लेकिन एडमिट कार्ड और परिणाम में नाम व फोटो बदलने से वह परेशान है।




जिले के मखदुमपुर प्रखंड क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी ऋषिकेश के एसटीईटी परीक्षा के एडमिट कार्ड पर साउथ की एक एक्ट्रेस का फोटो लगा दिया  था। ऋषिकेश द्वारा उस समय बिहार बोर्ड से शिकायत भी की गई थी। परीक्षा समिति द्वारा इसमें सुधार करने की बात कहकर बोर्ड ने दूसरे पहचान पत्र पर परीक्षा में शामिल होने दिया । जब रिजल्ट जारी हुआ तो मार्कशीट पर अभिनेत्री का नाम और फोटो लगा हुआ आया। इस घटना से ऋषिकेश बहुत दुखी है और नौकरी पर भी संशय की स्तिथि बनी हुई है।




परेशान ऋषिकेश ने बताया की 2019 में शिक्षक पात्रता परीक्षा आनलाइन फार्म भरा,रजिस्ट्रेशन तक सब ठीक रहा लेकिन जब एडमिट कार्ड आया तो उसमे साउथ की एक्ट्रेस की फोटो लगी हुई आयी।कई बार बिहार बोर्ड में संपर्क कर इसे सुधरवाने की कोशिश की गई लेकिन बोर्ड वालो के द्वारा परीक्षा के बाद इसे सुधारने की बात कही गयी।हालात ये है कि अभी तक इसमें कोई सुधार नहीं हुआ और अब बात बहाली पर आ गयी है पता नहीं इसका अंजाम क्या होगा।





गुरुवार, 24 जून 2021

शिक्षको के वेतन में जुलाई से होगी 11 प्रतिशत की बृद्धि।देखिए ये रिपोर्ट

शिक्षा मंत्री देंगे हाथों हाथ नियुक्ति पत्र।देखिए ये रिजॉर्ट


राज्य के प्रारंभिक स्कूलों में 94 हजार शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए काउंसिलिंग की तिथि तय हो गयी है। पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर गुरुवार  तक दिव्यांग शिक्षक अपना आवेदनnकरेंगे। इस बीच बुधवार को ही शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक स्कूलों के लिए दो अंतिम नियोजन शिड्यूल तैयार कर लिया है। 5 जुलाई से 9 अगस्त के बीच प्रारंभिक स्कूलों के लिए चयनित सभी अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर ली जाएगी।

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 'हिन्दुस्तान' को बताया कि 5 जुलाई से  प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति आरंभ हो जाएगी। कहाकि बुधवार शाम तक मिली रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के बहुत कम नियोजन इकाइयों में दिव्यांग अभ्यर्थियों  के आवेदन आए हैं। विभाग ने नियोजन इकाइयों को दो श्रेणियों में बांटकर अलग-अलग नियोजन शिड्यूल बनाए हैं।

पहली श्रेणी उन नियोजन इकाइयों की है जहां दिव्यांगों ने आवेदन नहीं किए हैं।  दूसरी श्रेणी की नियोजन इकाइयां वैसी हैं जहां दिव्यांगों के आवेदन आए हैं। श्री चौधरी ने बताया कि काउंसिलिंग के दौरान अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच साथ ही नियुक्ति पत्र बांट दिए जाएंगे। जहां दिव्यांगों ने आवेदन किए वहां काशिड्यूल अलगः बकौल शिक्षा मंत्री, दिव्यांगों के आवेदन नहीं आने वाली नियोजन में से 5 जुलाई को नगर निकाय नियोजन इकाइयों में, 7 जुलाई को प्रखंड नियोजन इकाइयों में और 12 जुलाई को पंचायत नियोजन इकाइयों में काउंसिलिंग होगी। 

जिन नियोजन इकाइयों में दिव्यांगों के आवेदन आए अगस्त को नगर निकाय नियोजन इकाइयों में, 4 अगस्त को प्रखंड नियोजन इकाइयों में और 9 अगस्त को पंचायत नियोजन इकाईयो द्वारा फाइनल काउंसलिंग करायी जाएगी।


दीक्षा कोर्स पूरा नही करने वाले शिक्षको के लिए विभाग का निर्देश।देखिए ये रिपोर्ट



मिशन कैवल्य के तहत दिनांक 07.08.2021 को DIKSHA e-SCORT कार्यक्रम अन्तर्गत दो Short e-courses 1.बुनियादी साक्षरता-सीखने के सिद्धांतों की समझ और 2.मुद्रा शिक्षण की समझ लॉंच किए गए थे। राज्य के सभी शिक्षकों द्वारा इन दोनो Courses को DIKSHA Portal के माध्यम से दिनांक 18.06.2021 तक पूर्ण किया जाना था। लेकिन कुछ शिक्षकों के कोर्स कंप्लीट नहीं करने की स्तिथि में इन दोनों Courses को पूर्ण करने की तिथि 21.06.2021 तकनविस्तारित की गई थी। इसके पश्चात् भी विभिन्न जिलों से यह समस्या साझा की जा रही है कि कई शिक्षकों द्वारा  तकनीकी कारणों से कोर्स पूर्ण नहीं किया जा सका है। 

इस संबंध में विभाग का  कहना है कि विभाग सभी शिक्षकों की पेशेवर बेहतरी की चिंता करता है तथा सभी शिक्षक इन Courses को पूरा करें इस उद्देश्य के साथ काम कर रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में वैसे सभी शिक्षकों के लिए जो तकनीकी कारणों से अब तक प्रथम दो कोर्स पूर्ण नहीं कर पाए है, उपर्युक्त दोनो कोर्स को पूर्ण करने की तिथि को दिनांक 28.06.2021 तक विस्तारितनहीं किया जाता है।

शिक्षकों को कोर्स कंप्लीट करने के दौरान अगर कोई समस्या आ रही है तो आपके निराकरण हेतु राज्य स्तर पर प्रोग्राम सपोर्ट टीम का गठन किया गया है। इस टीम के सदस्यों से बात करके आप अपनी समस्या को दूर कर सकते है। इस टीम के स्पोर्ट सदस्यों में से एक है आशीष उपाध्याय,जिनका मोबाइल नंबर है 6202918884,दूसरे है मो० इसरार अहमद, जिनका मोबाइल नंबर है 8789494215, श्री हर्ष प्रकाश सुमन,  जिनका मोबाइल नंबर है 9008440732,दीक्षा से जुड़ी समस्या के लिए ही आप इनसे बात कर सकते है।




बुधवार, 23 जून 2021

शिक्षको के तबादले का रोड मैप तैयार।देखिए ये रिपोर्ट



राज्य में पंचायतीराज एवं नगर निकायों के महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों के ऐच्छिक तबादले के लिए जुलाई के पहले हफ्ते से आवेदन लिये जाने के आसार हैं । उसी तिथि से पुरुष शिक्षकों के lपारस्परिक स्थानान्तरण के आवेदन भी लिये आवेदन वेब पोर्टल के माध्यम से लिये जाने हैं तबादले की तैयारी को लेकर मंगलवार को शिक्षा विभाग में प्रेजेंटेशन हुआ। 

इसमें शिक्षा विभाग के सभी संबंधित अधिकारी शामिल थे। इस बीच शिक्षक संघ बिहार के प्रदेश अध्यक केशव कुमार एवं प्रदेश सचिव ऋतुराज सौरभ ने कहा है कि ऐच्छिक तबादले से वैसे दिव्यांग शिक्षक वंचित रह जायेंगे, जो शिक्षामित्र से शिक्षक बने हैं। इसलिए कि एच्छिक तबादले के दायरे में वैसे दिव्यांग शिक्षक लाये गये हैं, जिनकी नियुक्ति दिव्यांग कोटि के पदों पर हुई है, जबकि शिक्षामित्रों की नियुक्ति में दिव्यांगों के लिए अलग से पद नहीं थे। शिक्षामित्र से शिक्षक बने दिव्यांगों को ऐच्छिक तबादले के दायरे में लाने के लिए संगठन ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के अपर मुख्यसचिव एवं निदेशक को ज्ञापन भेजा है।


सरकार ने फिर बढ़ाई शिक्षको की मुश्किलें।देखिए ये रिपोर्ट


शिक्षको की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई। कुछ दिन पहले मेघा सूची ने शिक्षको को किया था फिर सरकार ने उसकी बाध्यता खत्म कर दी। लेकिन फिर से सरकार ने मेघा सूची की जगह शिक्षको के सामने  मेघा अंक और मेघा क्रमांक की समस्या खडी कर दी है।

प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मंगल कुमार साह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सरकार नियोजित शिक्षकों को जांच के नाम पर ड्रामा कर रहीं हैं,नियोजित शिक्षकों से मेधासूची की माँग किये जाने पर कड़ी आपत्ति जतायी जाने के बाद मेधा सूची को अनिवार्य से हटाकर मेधा अंक और मेधा क्रमांक की अनिवार्य करना सरकार की मंशा नियोजित शिक्षकों के प्रति ठीक नहीं है क्योंकि मेधा अंक, मेधा क्रमांक भी नियोजन ईकाई पास ही रहता हैं। 

निगरानी विभाग में इतनी बड़ी संख्या में प्रमाण पत्र एवं मेघा अंक, मेधा क्रमांक जमा नहीं होना विभाग की घोर लापरवाही है सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए तथा ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिये।सरकार शिक्षकों से मेधा अंक,मेधाक्रमांक माँग किये जाने के आदेशको वापस लें अन्यथा संघ नियोजित शिक्षकों के हित में आन्दोलन करने को विवश होगी।


मंगलवार, 22 जून 2021

बिहार में अनलॉक 3।सराकरी विभाग 100% उपस्तिथि।शिक्षण संस्थान पर अनुमति।देखिए ये रिपोर्ट



बिहार में अनलॉक-3 में बड़ी रिवायतें दी गई है। अब सभी सरकारी और प्राइवेट ऑफिस 100% उपस्थिति के साथ खुल सकेंगे। दुकानें भी अब शाम में 6 बजे  की जगह 7 बजे तक खुलेंगी। हालांकि अभी अल्टरनेट सिस्टम जारी रहेगा।

नाइट कयूं रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। सभी पाकों-उद्यानों को भी अब सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक खोलने की अनुमति दे दी गई  है। बिहार में अनलोंक-2 को अवधि 22 जून को खत्म हो रही है। अब अगले 14 दिनों के लिए अनलॉक-3 की घोषणा की गई है। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की मीटिंग के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। 

उन्होंने  कहा कि यह छूट फिलहाल 23 जून से  6 जुलाई तक के लिए है। अभी भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इसके बाद अब अनलॉक की डिटेल गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। अनलॉक-3 में शादी समारोह, अंतिम संस्कार अब में थोड़ी छूट दी गई है। अनलॉक-3 शादियों में अब 25 लोगों की अनुमति रहेगी। इसमें बारात, जुलूस और डीजे नहीं रहेंगे। 3 दिन पहले नजदीकी थाने को सूचना देनी होगी। अंतिम संस्कार श्राद्ध में भी 25 व्यक्तियों की अनुमति होगी। जानकारों का कहना है कि जैसे जैसे हालात सामान्य होते जाएंगे, सरकार समीक्षा के बाद राहत बढ़ाती जाएगी।

शिक्षा मंत्री पहले ही कह चुके हैं कोरोना के केस ऐसे ही घटते रहे तो सरकार अगले महीने से शिक्षण संस्थानों को कुछ शर्त के साथ खोलने की अनुमति दे सकती है। दरअसल, आशंका है कि एक बार में ही बड़ी छूट देने से संक्रमण की दर दोबारा बढ़ सकती है, इसलिए सरकार धीरे-धीरे हट देने की नीति पर चल रही है। 


मुख्यमंत्री ने बिहार वासियो को दी बड़ी सौगात।देखिए ये रिपोर्ट

 


मुख्यमंत्री ने बिहार के लोगो को सोमवार को कई सौगातें दीं। इन सबमें सबसे महत्‍वपूर्ण सौगात दिल्‍ली में बने बिहार सदन का उद्घाटन करके  दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण विभाग की कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। वर्चुअल तरिके से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सीएम ने दिल्ली स्थित 10 मंजिला बिहार सदन को लेकर कहा कि बिहार से बड़ी संख्‍या में लोग इलाज कराने दिल्‍ली जाते हैं। अब उन्‍हें वहां कोई परेशानी नहीं होगी। 

मुख्यमंत्री ने बिहार सदन की नींव दो साल पहले ही रखी थी। यह भवन दिल्ली के द्वारिका सेक्टर-19 में करीब दो एकड़ में फैला हुआ है। इस भवन को 78 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसमें 10 मंजिलें हैं और इसमें 108 कमरे हैं। इसके अलावा इसमें राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ वीवीआईपी के लिए आठ अलग-अलग कमरे हैं। कैबिनेट मंत्रियों के लिए भी छह कमरे बनाए गए हैं।

आपको बता दे कि बिहार सदन भूकंप रोधी है। आने वाले समय मे  इसमें सोलर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा । इसमें बिहार भवन में विभागों के लिए अलग-अलग कार्यालय भी बनाया गया है। बिहार सदन के अलावा मुख्यमंत्री ने सोमवार को करीब 1411 करोड़ रुपये की लागत से बने 21 विभागों के 169 भवनों का उद्घाटन भी किया। इसके साथ ही उन्‍होंने 725.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 12 विभागों के 73 भवनों का भी शिलान्यास किया।

सीएम नीतीश ने अररिया, मधेपुरा, बेतिया, किशनगंज और गोपालगंज के इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन किया। साथ ही पटना, मोतिहारी, औरंगाबाद, लखीसराय में पांच सर्किट हाउस का भी उद्घाटन किया।इस वर्चुअल समारोह में मुख्‍य रूप से राज्य के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी के साथ, बिहार के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी और कई अन्‍य मंत्री मौजूद रहे।



सोमवार, 21 जून 2021

शिक्षक ने की शिकायत।बीईओ की हुई पिटाई।देखिए ये रिपोर्ट।



भोजपुर के नारायणपुर मध्य विद्यालय के शिक्षक अजय कुमार की शिकायत पर भोजपुर के पीरो में निगरानी विभाग ने BEO को उसके चैंबर में 80 हजार घूस लेते अरेस्ट किया है। विभाग के अफसरों ने उसकी पिटाई भी कर दी। निगरानी विभाग ने यह कार्रवाई खुफिया तरीके से ऑपरेशन चलाकर की। निगरानी टीम ने पीरो के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अभय कुमार को रंगे हाथ घुस लेते हुए पकड़ लिया। 

आपको बता दे कि उस समय ऑफिस में कोई स्टाफ नहीं था। इसलिए किसी को इस ऑपरेशन की भनक नहीं लगी। घूस लेने निगरानी विभाग की टीम दोपहर को BEO कार्यालय में पहुंची। 

अभय कुमार अपने चैंबर में मौजूद था। टीम ऑफिस में अचानक घुसी और चैंबर तक पहुंच गई। ऑफिस के अन्य स्टाफ को इसकी जानकारी तब हुई, जब गेट से बाहर निगरानी विभाग के अधिकारियों ने BEO की पिटाई करने लगे। आवाज सुनकर अन्य कर्मी निकले।लेकिन निगरानी के अधिकारियों द्वारा परिचय दिए जाने पर सभी सहम गए।सामान्य व्यक्तियों की तरह दिखने वाले निगरानी विभाग के चार अधिकारी आरोपी BEO को अपनी गाड़ी में बैठा कर बाहर लेकर चल दिए। बाद में शिक्षा विभाग एवं अन्य लोग माजरा जानने के लिए पीरो थाने के तरफ भी गए। लेकिन निगरानी विभाग की टीम वहां नहीं मिली।


शिक्षा विभाग के फरमान ने शिक्षको की बढ़ाई परेशानी। देखिए ये रिपोर्ट




पंचायतीराज व नगर निकाय शिक्षकों को मेधा सूची अपलोड करने की जिम्मेवारी से मुक्त करने की मांग शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग से की है। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि मेधा सूची नियोजन इकाइयों के पास होती है, उसे शिक्षक कहां से लायेंगे? बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्यसचिव को पत्र लिख कर उनसे आग्रह किया है कि वेब पोर्टल पर शिक्षकों को मेधा सूची अपलोड करने की जिम्मेवारी से मुक्त किया जाय तथा जिन शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच हो चुकी है, उन्हें एनओसी दिया जाय।

संघ ने  कहा है कि पंचायतीराज व्यवस्था के तहत 11 महीनों के लिए शिक्षा मित्र की नियुक्ति की जाती थी, जिन्हें बाद में पंचायत, प्रखंड एवं नगर शिक्षकों का दर्जा मिला। ऐसे शिक्षकों की मेधा सूची पंचायत समितियों के पास है, तो उसे शिक्षक कहां से लाएंगे।

वही बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने शिक्षा निदेशक को ईमेल से पत्र भेज कर कहा है कि शिक्षकों के पास उनके शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र और नियोजन पत्र ही उपलब्ध हैं । मेघा एवं नियुक्ति संबंधी अन्य अभिलेख नियोजन इकाई के पास रहते ऐसे वेब पोर्टल पर अपलोड करने लिए शिक्षक मेघा सूची कहां से लायेंगे।उन्होंने सरकार से पत्र में शिक्षकों को मेधा सूची अपलोड करने से मुक्त करने को कहा।

इधर, परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवासी ने मुख्यमंत्री, शिक्षा विभाग अपर मुख्यसचिव एवं निदेशक से शिक्षकों को मेधा सूची अपलोड करने संबंधी शिक्षकों को दिये गये आदेश वापस लेने एवं संबंधित मेधा सूची संबंधित कार्यालयों को अपलोड का आदेश देने की मांग की है।ब्रजवासी जी  ने कहा है कि संबंधित कार्यालय में मेधा सूची उपलब्ध नहीं की स्थिति में अभिलेख प्रभारी पर अभिलेख गायब करने की प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिये। 

उधर, टीईटी एसटीइटी उत्तीर्ण  नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट) के मेधा सूची अध्यक्ष मार्कण्डेय पाठक ने कहा है कि मेघासूची, आवेदन रोस्टर आदि के देखरेख और संधारण कि जम्मेदारी

नियोजन इकाई की है। ऐसे में उसे शिक्षक कैसे अपलोड करेंगे? इससे शिक्षकों को मुक्त करने की मांग करते हुए संगठन ने कहा है कि टीईटीएसटीइटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के नाम पता के साथ उनकी सूची सार्वजनिक की जाय । इससे यह साफ हो जायेगा कि एक ही प्रमाण पत्र पर बहाल लोगों में कौन सही हैं और कौन गलत।

सभी संगठन शिक्षकों द्वारा प्रमाण पत्र दिये जाने के बावजूद फोल्डर जमा नहीं करने वाले अधिकारियों पर भी काररवाई की मांग कर रहे है। संघ ने शिक्षकों को दिये गये मेधा सूची अपलोड करने का बाध्यकारी आदेश वापस लेने की मांग करते हुए कहा है कि  मेधा सूची अपलोड करने के लिए संबंधित नियोजन इकाइयों को जवाबदेह बनाया जाय।







 

रविवार, 20 जून 2021

सरकार दे रही है लाभ।10 लाख लीजिए और केवल 5 लाख दीजिए।महिलाओ के लिए फ्री।देखिए ये रिपोर्ट


मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री युवा (सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग) उद्यमी योजना का शुभारंभ सीएम नीतीश कुमार ने शुक्रवार को किया। इस योजना के तहत अब सामान्य और पिछड़ा वर्ग के युवाओं तथा सभी वर्ग की महिलाओं को भी उद्योग लगाने के लिए 10 लाख तक की मदद सरकार करेगी। इसमें पांच लाख अनुदान के रूप में मिलेगा। वहीं, पांच लाख लोन होगा, जिस पर मात्र एक प्रतिशत ब्याज युवाओं को लगेगा। यानी 10 लाख लीजिए और केवल 5 लाख वापस कीजिए।महिलाओं को इस लोन पर कोई ब्याज नहीं देना होगा। लोन को 84 किस्तों में लौटाने की सुविधा होगी। दो किस्तों में यह राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इन योजनाओं की लॉन्चिग पर कहा कि  इससे महिलाओं और युवाओं में  उद्यमिता विकास एवं स्वरोजगार को  और बढ़ावा मिलेगा। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में सरकार में आने के बाद से महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तीकरण को लेकर कई कदम उठाए गए। हमलोगों का शुरू से उद्देश्य रहा है कि महिलाएं सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनें।राज्य का विकास तभी होगा, जब पुरुषों के साथ महिलाओं की भी भागीदारी होगी। आपको बता दे कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा।ऑनलाइन वेबसाइट है www.udyami.bihar.gov.in इसका लिंक नीचे डिस्क्रिप्सन में दिया हुआ है।


मुख्यमंत्री ने इस वेब पोर्टल का भी लोकार्पण किया। इस वेब पोर्टल पर योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन अपलोड किए जा सकेंगे। कार्यक्रम में दोनों उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद और रेणु देवी के साथ ही उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन भी मौजूद थे।



शनिवार, 19 जून 2021

जुलाई में स्कूल खोलने के लिए कमिटी हुई गठित।देखिए ये रिपोर्ट


शिक्षा विभाग जुलाई महीने में स्कूल खोलने से पहले प्रदेश के सभी तरह के  सरकारी एवं निजी स्कूलों के बच्चों की  सुरक्षा संबंधी जवाबदेही को तय करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर रही है।माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर भारत दयाल सिंह अध्यक्षता में गठित इस साक्षरता समिति में शिक्षा विभाग के छह विशेष पदाधिकारी हैं।यह समिति स्कूलों विभाग के प्रबंध समितियों के लिए दयित्वों का  निर्धारण करेगी।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक विनोदानंद झा एवं प्राथमिक शिक्षा के अवकाश प्राप्त संयुक्त निदेश शरणागत सिंह विशेष सदस्य बनाये गये हैं।इस संबंधनऔपचारिक जानकारी जल्दी ही साझा की जायेगी।शिक्षा विभाग ने यह समिति भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की तरफ से जारी विशेष गाइड लाइन के तहत गठित की है।

शिक्षा विभाग की यह उच्चस्तरीय समिति तय करेगी कि प्रदेश के राजकीय स्कूलों में गठित प्रबंध समिति को बच्चों राजकीयकृत, अनुदानित और निजी सुरक्षा के संबंध में जरूरी दयित्व निधारित करेगी। दरअसल कोविड महामारी के दौर में इन सभी सभी विद्यालय प्रबंध समितियों को इस कार्य लिए जवाब देह बनाया जायेगा,केंद्रीय शिक्षा विभाग की तरफ से इस दिशा में राज्य शिक्षा विभाग को एक गाइडलाइन भी भेजी है।जिसमें साफ किया गया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।


पूरे सीजन नहीं खोले जाए स्कूल। देखिए ये रिपोर्ट


दैनिक जागरण आईनेक्स्ट द्वारा कराए इस ऑनलाइन सर्वे में 20246 पैरंट्स ने भाग लिया। सर्वे में 12 शहर के पैरेंट्स ने भाग लिया इस सर्वे में आधे से ज्यादा पेरेंट्स ने यह साफ कर दिया कि स्कूल अभी नहीं खोले जाने चाहिए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर स्कूल खोले जाते हैं तो वो अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भी अवाइड करेंगे क्योंकि उन्हें डर है कि बच्चा अगर ऐसी कंडीशन में बाहर जाता है तो उसकी सेहत के साथ खिलवाड़ हो सकता है।

आपको बता दे कि बच्चो को स्कूल भेजने के  सर्वे में सामने आया कि 47 परसेंट पेरेंट्स को बच्चों के घर से बाहर निकालने में ही डर लग रहा है। वही 32 परसेंट को दूसरा सबसे बड़ा डर यह भी है कि स्कूल जाने पर बच्चों को उनके साथियों से कोरोना न हो जाए।वही 21 परसेंट पेरेंट्स को इस बात का डर है कि स्कूलों में कोरोना को लेकर सही इंतजम नहीं होंगे। 

स्कूल खोलने के निर्णय पर 64 परसेंट पेरेंट्स ने कहा कि अगर स्कूल खुलता है तो वो अपने बच्चों को स्कूल भेजना अवाइड करेंगे।जबकि 36 परसेंट ने कहा कि अगर स्कूल खोले जाते है तो वो बच्चों को स्कूल भेजेंगे।

कब स्कूलों को खोल जाए इस  सवाल पर स्कूल 27 परसेंट पेरेंट्स ने अगस्त के पहले स्कूल खोलने की बात कही, जबकि 37 परसेंट ने कहा कि सितंबर के बाद स्कूल खोले जाए जबकि 36 परसेंट पेरेंट्स ने पूरे सीजन भर स्कूल न खोले जाने की वकालत की।


शुक्रवार, 18 जून 2021

शिक्षको से होगी वेतन रिकवरी।देखिए ये रिपोर्ट

बिहार में नगरानी जांच से छूटे 93 हजार फर्जी शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। सरकार के आदेश के मुताबिक 17 जुलाई तक जिला के एनआईसी पोर्टल पर जो शिक्षक सभी जरूरी सर्टिफिकेट अपलोड नहीं करेंगे, उनकी बहाली फर्जी मानते हुए हटा दिया जाएगा। 

निगरानी जांच में सर्टिफिकेट फर्जी मिलने पर नौकरी से हटाने के साथ ही वेतन की रिकवरी भी होगी। फर्जी शिक्षकों के मामले में बुधवार को शिक्षा विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने सभी डीईओ और डीपीओ (स्थापना) को दिशा निर्देश जारी किया है। इसके पहले सभी जिलों के पोर्टल पर ऐसे लगभग 93 हजार नियोजित शिक्षकों के नाम, स्कूल अपलोड किए जा चुके हैं। अब इन शिक्षकों से उनका सर्टिफिकेट अपलोड कराना है।2006 से 2015 तक विभिन्न नियोजन  इकाइयों से बहाल शिक्षकों में 1लाख शिक्षकों के फोल्डर निगरानी को जांच के लिए नहीं मिले थे। बाद में पिछले दिनों समीक्षा में पाया गया कि इसमें अब 93 हजार शिक्षक ही ऐसे बचे हैं।

पिछले काफी दिनों से जांच में छूटे शिक्षकों के नाम एनआईसी वेब पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा जा रहा था। बिहार में शिक्षक नियोजन प्रक्रिया के दौरान शुरूआती दौर में भारी गड़बड़ी देखने को मिली थी। नियोजन इकाई पर काबिज लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर नियोजन को अंजाम दिया। जब मामला सामने आया तो ऐसे फर्जी शिक्षकों का डॉक्यूमेंट ही गायब कर दिया गया। नियोजन इकाई के इसी धांधली को अब खत्म करने के लिए विभाग ने ये कदम उठाया है।


गुरुवार, 17 जून 2021

वितीय संकट। शिक्षको के वेतन में कटौती।देखिए ये रिपोर्ट


केंद्रीय शिक्षा परियोजनाओं से जुड़े प्रदेश के 2021 22 वित्तीय वर्ष के शिक्षा बजट में भारी कटौती की गयी है।केंद्रीय स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की सचिव अनीता करवाल की अध्यक्षता में करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस वर्चुअल मीटिंग में बिहार के लिए 6632 करोड़ के बजट की अनुशंसा की गयी।जबकि बिहार सरकार के द्वारा 13142 करोड़ के बजट की मांग की गई थी। 


आपको बता दे कि कोरोना के दौरान आए वित्तीय संकट का असर केंद्र प्रायोजित शिक्षा परियोजनाओं पर साफ तौर पर पड़ने लगा है। प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की मीटिंग में बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार एवं बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक संजय सिंह मौजूद रहे। आपको बता दे कि कटौती का सबसे ज्यादा असर बिहार के आधारभूत संरचना से जुड़े निर्माण कार्य और शिक्षकों के वेतन मद में मिलने वाली राशि पर पड़ा है। 


केंद्र सरकार द्वारा सबसे ज्यादा फोकस शिक्षा में इनोवेशन पर किया गया है। उसके लिए राशि भी समुचित दी गयी है। शिक्षकों की सैलरी के लिए 5131 करोड़ की मांग की गयी थी। इसमें केवल 3308 करोड़ की अनुशंसा ही की गयी है।

बुधवार, 16 जून 2021

पटना की इस छात्रा ने रच दिया इतिहास। पढ़ने वाले बच्चों के लिए सिख।देखिए ये रिपोर्ट



आईआईटी पटना के छात्रों ने अपने परिवार के साथ साथ पूरे राज्य का मान बढ़ा दिया है।आईआईटी पटना की बीटेक अंतिम वर्ष की छात्रा दीक्षा बंसल को गूगल की ओर से सालाना 54.57 लाख रुपये का जॉब ऑफर हुआ है। साथ ही संस्थान के एमटेक के छात्र करणजीत सिंह गिल को  एमटीएक्स कंपनी की ओर से 52.50 लाख का सालाना पैकेज ऑफर हुआ है।दोनों कंप्यूटर साइंस विभाग से है। आईआईटी पटना के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब वर्तमान सत्र 2020 -2021 में कुल 223 जॉब ऑफर छात्रों को मिले हैं।

इस बार आईआईटी पटना में 50 से अधिक नई कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट को आईं जो कंस्लटिंग, एनालिटिक्स, इ कॉमर्स, आईटी और सॉफ्टवेयर से जुड़ी थीं। ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल के इंचार्ज कृपाशंकर सिंह ने बताया कि इस बार कई सारे रिकॉर्ड टूटे हैं। छात्र छात्राओं ने अपनी मेधा से संस्थान का नाम ऊंचा किया है। प्रमुख कंपनियों में गूगल, राकुटिन, माइक्रोसॉफ्ट, गोल्डमैन सैक्स, कोडनेशन, डायरेक्ट आई, अमेजोन इंडिया व अन्य कंपनियां हैं। सरकार की पीएसयू में एचपीसीएल और आइओसीएल में भी संस्थान के छात्रों का चयन हुआ है।

बीटेक में प्लेसमेंट
वर्ष             औसत सैलरी 
2016 -17     9.93 लाख
2017 -18     11.12 लाख
 2018 -19      13.05 लाख
 2019 -20      14.76 लाख
 2020 -21      16.17 लाख

एमटेक में प्लेसमेंट
वर्ष              औसत सैलरी 
2016 -17     6.62 लाख
2017 -18     8.43 लाख
2018 -19     9.95 लाख
2019 -20     12.71 लाख
2020 -21     12.11 लाख

इतनी कंपनियां आईं
वर्ष              कंपनियां
2016 -17     46
2017 -18     88
2018 -19     95
2019 -20     106
2020 -21     125 

शिक्षक ना करे ये गलती ।सरकार ने लगाई रोक।देखिए ये रिपोर्ट

कोरोना वैक्सीन लगवाते हुए सोशल मीडिया  इन दिनों कई लोग अपनी सर्टिफिकेट शेयर कर रहे हैं। ऐसा करने से लोगो को वैक्सीन लगवाने की प्रेरणा मिलती  है, पर कई लोग इसके साथ एक बड़ी जानकारी भी शेयर  कर देते हैं, जो बाद में उनके लिए  खतरा बन सकता है।सरकार ने इसे लेकर लोगों को अलर्ट किया है। सरकार का कहना है कि इससे आपका निजी डाटा लीक हो सकता है गृह मंत्रालय ने कहा कि वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में नाम, उम्र, जेंडर और अगले डोज की तारीख समेत कई अहम जानकारियां होती है, जो क्रिमिनल्स के लिए मददगार साबित हो सकती हैं। गृह मंत्रालय ने इसके लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्टर भी जारी किया है सरकार  का कहना है कि कुछ लोग सोचते  हैं कि अगर सर्टिफिकेट पर अपना  आधार नंबर जैसी कुछ जानकारियों को छिपा देंगे तो किसी तक उनकी निजी जानकारी नहीं पहुंचेगी, मगर, ये भी एक बड़ी गलतफहमी है।

आपको बता दे कि साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि सर्टिफिकेट पर बने क्यू-आर कोड को स्कैन करते ही बाकी की डिटेल भी आपकी मिल जाती है जिसे अपराधी अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते है। सर्टिफिकेट में पैन कार्ड आदि का डिटेल्स होता है जिसको शयेर से वितीय जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इस सर्टिफिकेट को शेयर करने से बचे।



 

मंगलवार, 15 जून 2021

विभाग ने प्रधानध्यापको का वेतन किया बंद ।देखिए ये रिपोर्ट


सिवान जिले में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आवंटित क्लास रूम व पुस्तकालय का निर्माणकार्य शुरू नहीं कराने  वाले पांच प्रधानाध्यापकों का वेतनबंद कर  दिया गया है।

आंदर प्रखंड के उच्च विद्यालय गहिलापुर के प्रधानाध्यापक राजेन्द्र मांझी, एसएल जैन उच्च विद्यालय दरौली के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार,  हाई स्कूल महाराजगंज के प्रधानाध्यापक  रामवचन यादव, प्रोजेक्ट स्कूल सह इंटर कॉलेज पचबेनिया दरौली के  हेडमास्टर डॉ. सुनील तिवारी व प्रेमचंद्र , गोरेयाकोठी के प्रधानाध्यापक विनय  कुमार तिवारी का वेतन बंद किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार  इन सभी प्रधानध्यापको को किसी न किसी निर्माण कार्य की जिमेदारी दी गयी थी लेकिन इनके द्वारा निर्माण कार्य को आज तक बाधित रखने के साथ ही इन पर विभागीय कार्य में लापरवाही बरतने, वरीय अधिकारी के आदेश की अवहेलना करने सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को बाधित करने, आरटीई के तहत छात्रों को उनके मौलिक अधिकारों से चितरखने का आरोप है।

आपको बता दे कि विभाग के तकनीकी दल द्वारा बार-बार संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को निर्माण कार्य शुरूकराने के लिए अनुरोध किया जाता रहा। डीपीओ ने शोकॉज किया इसके, बावजूद अब-तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है।

डीपीओ ने बताया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने तक वेतन बंद किया गया है। अतिरिक्त वर्ग कक्षा व पुस्तकालय निर्माण के लिए जिला कार्यालय द्वारा काफी समय पहले आवंटित योजनाओं की 50 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराने के बावजूद पांच विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने आज-तक विद्यालय में आवंटित योजनाओं का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। इसे देखते हुए इनका वेतन बंद कर दिया गया है। इस विषय में डीईओ का आदेश प्राप्त है।


स्कूल खुलने पर भी शिक्षको को स्कूल आने पर मनाही।जारी हुआ पत्र।देखिए ये रिपोर्ट



राजगीर के बीईओ सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने पत्र जारी कर आदेश दिया है कि वैक्सिनेशन नहीं कराने वाले शिक्षकों की स्कूल खुलने के बाद प्रवेश पर रोक लगा दिया जाएगा। क्योंकि, वैक्सिनेशन नहीं कराने वाले स्कूल आए शिक्षकों से बच्चों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। इसलिए स्कूल खुलने के बाद हर हाल में वैक्सिनेशन का प्रमाणपत्र लेकर ही स्कूल आएं।

कोरोना संक्रमण में वैक्सीनेशन को लेकर जिले में असमंजश की स्थिति है। सरकारी तौर पर बहुत सारी जगहों पर यह बैनर लगा है कि वैक्सीनेशन के लिए जबरदस्ती नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों ने इसे हर हाल में जरूरी करार दिया है। इतना ही नही, वैक्सीनेशन नहीं कराने वाले को सजा भी दिया जा रहा है।

आपको बता दे कि राजगीर के बीईओ का आदेश शिक्षकों को काफी अजीब लग रहा है। शिक्षक संघ के नेताओ ने इसे तुगलकी फरमान बता रहे है।परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार ने कहा कि जब जिला व राज्य के वरीय अधिकारियों ने इसे जरूरी करार नहीं दिया है तो फिर ये इसे कैसे जरूरी करार दे सकते हैं। वैसे भी जिले के अधिकांश शिक्षक अपनी मर्जी से वैक्सीनेशन लगवा रहे हैं। ऐसे में इस फरमान क्या मतलब है निकाला जाए। बीईओ का ये आदेश सरासर गलत है। क्योंकि, जो शिक्षक अभी कोरोना से ठीक हुए हैं वे वैक्सीन नहीं ले सकते हैं। या फिर गर्भवती महिला या जिसे अभी बच्चा हुआ वे कैसे वैक्सीन ले सकती हैं। तो क्या उनलोगों को स्कूल जाने से रोक दिया जाएगा। जल्द ही संघ के लोग इस मामले को लेकर वरीय अधिकारियों से मुलाकात कर बात करेंगे।


सोमवार, 14 जून 2021

बिहार में 16 जून से अनलॉक 2 ।50 प्रतिशत होगी उपस्तिथि।और भी चीजो में मिलेगी छूट।देखिए ये रिपोर्ट



बिहार में 16 जून से मिलेगी राहत  अनलॉक-2 की होगी  शुरुआत। CM नीतीश कुमार मंगलवार को मंत्रियों और अधिकारियों से फीडबैक लेने के बाद क्राइसिसनमैनेजमेंट ग्रुप की बैठक करेंगे। इसमें ही अनलॉक-2 पर फैसला लेंगे। 15 जून तक अनलॉक-1 लागू है। 

अनलॉक-1 की तरह अनलॉक-2 में भी शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक रात में कर्फ्यू रहेगा। स्टेडियम, जिम, पार्क पर कुछ रियायत दी जा सकती है। सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, ट्रेनिंग एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। सरकारी स्कूल, कॉलेजों में किसी तरह की परीक्षा नहीं होगी। सभी धार्मिक स्थल, सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, खेलकूद, शैक्षणिक, सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजन/समारोह पर प्रतिबंध जारी रहेगा।.

सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के सरकारी एवं निजी आयोजन पर रोक जारी रहेगी। रेस्टोरेंट्स, होटल, ढाबे में से खाने के सामान की होम डिलीवरी/टेक होम सुविधा के साथ 25 फीसदी बैठाकर खिलाने की छूट मिल सकती है। आवासीय होटलों में रुके गेस्ट्स के लिए इन-रूम डाइनिंग की सुविधा रहेगी। जरूरी सरकारी-निजी सेवाओं में इनको छूट जारी रहेगी।

आपको बता दे कि 16 जून से अनलॉक-2 शुरू होगा। सूत्रों की माने तो इस बार यह 15 दिनों का होगा। कुछ पाबंदियों को छोड़कर यह अनलॉक पिछले हफ्ते जैसा ही होगा। अगले हफ्ते तक कुछ रियायतों को बढ़ाया जा सकता है। लेकिन, बिहार सरकार अभी बहुत रिस्क लेने के मूड में नहीं है। अनलॉक-2 में  एक दिन के अंतराल पर सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक खुल रही थीं। अनलॉक-2 में उसे रोज खोलने की अनुमति मिल सकती है। 50% क्षमता के साथ सभी सरकारी और प्राइवेट गाड़ियों के चलने का नियम जारी रहेगा। प्राइवेट और सरकारी ऑफिस में अब 50% कर्मचारियों की उपस्थिति रह सकेगी।

शादी समारोह में बढ़ सकती है संख्या अनलॉक-2 में भी में रेल-हवाई सफर के लिए जा सकेंगे। आवश्यक कार्यों में शामिल सेवाओं के कर्मी निजी वाहनों से जा सकेंगे। स्वास्थ्य सेवा से जुड़े वाहन चल सकेंगे। आवश्यक सेवा से जुड़े सरकारी वाहन चलेंगे। वैसे वाहन जिन्हें जिला प्रशासन से पास प्राप्त है, इंटर स्टेट यात्रा करने वाले वाहन आ-जा सकेंगे। शादी समारोह, अंतिम संस्कार/श्राद्ध में पाबंदी जारी रहेगी, लेकिन शादियों में संख्या को बढ़ाया जा सकता है।

पहले की तरह बारात, जुलूस और DJ नहीं रहेंगे। 3 दिन पहले नजदीकी थाने को सूचना देनी होगी। अंतिम संस्कार-श्राद्ध में भी संख्या को बढाया जा सकता। 9 जून से अनलॉक-1 लागू है। एहतियात बरतने के साथ विकास कार्य को भी गति देना जरूरी अनलॉक में कई तरह की छूट लोगों को दी गई है। लेकिन, CM ने साफ कहा है कि थर्ड वेब से बचाव के लिए एहतियात बरतना जरूरी है। वहीं, दूसरी तरफ विकास कार्य गति पकड़े इसका भी ध्यान रखना होगा। ऐसे में तय है कि अनलॉक-2 में छूट के साथ सख्ती भी सरकार बरतेगी।


समग्र शिक्षा मद में 7 हजार करोड़ रुपए जारी।देखिए ये रिपोर्ट



नई दिल्ली

शिक्षा मंत्रालय ने सत्र 2021-22 के लिए समग्र शिक्षा योजना के तहत राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 7622 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि किताबों, यूनिफार्म, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के संचालन, शिक्षा, वोकेशनल एजुकेशन,इनफार्मेशन-कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एवं डिजिटल पहलों को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए जारी की गई है।

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर कहा,सरकार की प्राथमिकता एवं सिद्धांत ईज ऑफ गवर्नेस और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना है। इसके लिए हमनें पिछले वर्ष समग्र शिक्षा योजना के तहत राज्यों के सालाना प्लान को मंजूर करने के लिए पढ़ो और बढ़ो की मीटिंग करवाने में मदद के लिए प्रबंध सिस्टम लांच किया था।





सड़क हादसे में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक ने छोड़ा शिक्षको का साथ।देखिए ये खबर


राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मानपुर प्रखंड के गौरी कन्या उच्च विद्यालय के हेडमास्टर डॉ. प्रबोध कुमार  की रविवार की शाम सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। स्कूल के हेडमास्टर डॉ. प्रबोध कुमार अपनी कार से जीटी रोड होते हुए औरंगाबाद से गया आ रहे थे। 

कार उनका बेटा चला रहा था। रास्ते में अचानक एक गाय सड़क पर आ गई। गाय को बचाने के चक्कर में बेटे गौतम कुमार ने गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो दिया। इससे कार खाई में गिरते हुए एक पेड़ से टकरा गई। इस घटना में डॉ. प्रबोध कुमार बुरी तरह से जख्मी हो गए। हालांकि वो कार में पीछे वाली सीट पर बैठे थे। इसके बावजूद उन्हें गम्भीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। कार चला रहा लड़का गौतम भी जख्मी हो गया है। 

आपको बता दे कि प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें गया शहर के नूतन नगर लाया गया है। सड़क दुर्घटना में मारे गए डॉ. प्रबोध कुमार 2012 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हुए थे। उनका निजी मकान शहर के नूतन नगर में स्थित है। इस घटना से शहर के शिक्षाविदों के बीच शोक की लहर दौड़ पड़ी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। 

रविवार, 13 जून 2021

खुलेंगे बिहार के सरकारी स्कूल।शिक्षा मंत्री ने दिया बयान।देखिए ये रिपोर्ट



आज शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने एक राहत भरी जानकारी दी है। शिक्षा मंत्री ने संभावना जताई है कि अगर बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में ऐसी ही कमी दिखती रहेगी, तो जुलाई से शैक्षणिक संस्थान खोले जा सकेंगे। 

शिक्षा मंत्री का यह बयान तब सामने आया है जब बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमती दिख रही है। इसका मतलब साफ है कि शैक्षणिक संस्थानों के खुलने की प्रक्रिया तभी शुरू होगी जब कोरोना के मामलों में ऐसी ही गिरावट जारी रहेगी।बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी हो गयी है।बिहार में कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से नीचे गिर रहा है। 

आपको बता दे कि शिक्षा मंत्री ने ये जानकारी सोशल मीडिया पर दी।इस जानकारी को  सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्होंने कहा है कि, "मौजूदा समय की तरह ही अगर कोरोना से हालात ऐसे ही सुधरते रहे तो जुलाई से शैक्षणिक संस्थान अपनी सामान्य क्लास फिर से शुरू कर सकते हैं। हालांकि उन्हें कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना होगा।"

आपको जानकारी दे दे कि शैक्षणिक संस्थानों को खोलने पर अंतिम फैसला क्राईसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में लिया जाएगा। यह चरणबद्ध होगा और सबसे पहले उच्च शिक्षा से जुड़े शैक्षणिक संस्थान खुलेंगे। इसके बाद माध्यमिक और सबसे अंतिम में छोटे बच्चों के स्कूल खोले जाएंगे।

आपको ज्ञात है कि 445 दिन से  बिहार में स्कूल  बंद पड़े है।साथ ही अब पैरेंट्स उनकी पढ़ाई की चिंता भी कर रहे हैं। कोरोना की थर्ड वेव की आशंका है। माना जा रहा है कि अब सबसे ज्यादा खतरा बच्चों पर है। बच्चों के लिए वैक्सीन भी अभी दूर ही नजर आ रही है। ट्रायल अभी शुरूआती फेज में है। इधर, साल भर से ज्यादा समय बीत गया और पढ़ाई ठप है जिसे लेकर सरकार और शिक्षक सभी परेशान है।



अप्रशिक्षित शिक्षकों को सेवामुक्त करने का आदेश।पत्र हुवा जारी।देखिए ये रिपोर्ट


भोजपुर जिला के डीईओ ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पत्र के माध्यम से आदेश देते हुए कहा कि 26 नवंबर 2020 के पत्र अनुसार वैसे अप्रशिक्षित शिक्षक जो दिनांक 31.03.2019 तक प्रशिक्षित नहीं हुए हैं,उनको सेवामुक्त कर एवं उचित कार्रवाई करते हुए अधोहस्ताक्षरी को सूचित किया जाए। डीईओ ने बताया कि किसी भी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा इससे संबंधित किसी प्रकार की सूचना कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई। जो अत्यंत ही खेदजनक है एवं कार्य के प्रति लापरवाही का संकेतक है। डीईओ ने सभी को आदेश दिया है कि उक्त पत्र के निदेश के आलोक में यथाशीघ कार्रवाई कर अधोहस्ताक्षरी को सूचित कराना सुनिश्चित करें, अन्यथा की स्थिति में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी।





राज्य का बैक बोन है बिहार के शिक्षक।शिक्षको के इस कार्य की हो रही है सराहना।देखिए ये रिपोर्ट।Niyojit teacher news


राज्य के कई जिलों में नीदरलैंड के सहयोग से बाल श्रम उन्मूलन कार्यक्रम अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ और कई स्वयंसेवी संस्थाएं एक साथ मिल कर चला रही हैं। ये कार्यक्रम वर्क नो चाइल्ड बिजनेस के नाम से चलाये जा रहे हैं। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष व्रजनंदन शर्मा, उन्मूलन कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार एवं महासचिव नागेंद्रनाथ शर्मा ने शनिवार को बताया कि बिहार के अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा दिए गए निर्देशानुसार बाल श्रम की समाप्ति हेतु कटिबद्ध हैं। गया, पश्चिम चंपारण, पटना सहित कई जिलों में बाल श्रम उन्मूलन हेतु शिक्षक संगठन द्वारा कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो कोविड के चलते गति नहीं पकड़ सका है।


आपको बता दे कि बाल श्रम देश की सबसे बड़ी समस्या है जिसे लेकर सरकार इस पर चिंतीत है। शिक्षको के द्वारा इस पहल को समाज के साथ-साथ सरकार भी सराहना कर रही है।कोविड-19 के इस दौर में बाल श्रमिकों के बढ़ने की संभावना है। ऐसी स्थिति में राज्य के शिक्षकों का यह प्रयास होगा कि अधिक से अधिक संख्या में बाल श्रमिकों का विद्यालय में नामांकन कराया जाए और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

श्रम उन्मूलन हेतु अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में 14 जून को जूम एप के माध्यम से एक बैठक का आयोजन किया गया है। जिसे एनसीईआरटी के पूर्व निदेशकजे. एस. राजपूत एवं नेशनल कोएलिशन फॉर एजुकेशन केराष्ट्रीय संयोजक रामाकांत राय संबोधित करेंगे।