बुधवार, 13 मई 2020

गर्मी की छुट्टियों के लिए कार्य योजना बना रही है सरकार।।




बिहार समेत देशभर के सरकारी प्रारंभिक स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को पहली बार गर्मी की छुट्टियों में भी मध्याह्न भोजन मिलेगा। यह गर्म पका भोजन हो सकता है, खाद्य सुरक्षा भत्ता के तहत खाद्य सामग्री हो सकती है।

बच्चों को परिवर्तन मूल्य भी दिया जाएगा या फिर इसके एवज में समतुल्य मात्रा में दाल, तेल आदि दिये जा सकते हैं। केन्द्र सरकार नेलॉकडाउनको देखते हुए यह निर्णय लिया है।


गौरतलब है कि मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 28 अप्रैल को बिहार समेत सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों संग हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इसके संकेत दिये थे। अब मंत्रालय के संयुक्त सचिव आरसी मीना ने इसको लेकर बिहार समेत सभी राज्यों के प्रधान शिक्षा सचिवों को पत्र लिखा है।



उन्होंने कहा है कि मध्याह्नभोजन योजना से लाभान्वित बच्चों की प्रतिरोधी क्षमता को कोविड-19 के संक्रमण काल में मजबूत बनाए रखने के मकसद से एमडीएम का निरंतर जारी रखना जरूरी है।

केन्द्रीय संयुक्त सचिव ने बिहार को गर्मी छुट्टी में एमडीएम के संचालन के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा है। साफ-साफ कहा है कि खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में घर-घर अनाज पहुंचाना या फिर ताजा पका गर्म खाना डोर-टू-डोर पहुंचाने में से जो कार्यान्वित किया जा सके, राज्य वैसी योजना बनाएं।


गौरतलब हो कि बिहार के मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने कोरोना संक्रमण काल में भी बच्चों को एमडीएम से वंचित नहीं रखा है। 14 मार्च से स्कूल बंद हैं और तब से लेकर 3 मई तक के लिए मध्याह्न भोजन के बदले समतुल्य मूल्य की राशि प्रत्येक बच्चे के खाते में डीबीटी के माध्यम से दी गयी है।




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