शुक्रवार, 3 जनवरी 2020

नए साल में तबादले के साथ मिलेगा वेतन वृद्धि का लाभ।




राज्य के प्रारंभिक से लेकर माध्यमिक-उच्च माध्यमिक सरकार विद्यालयों में कार्यरत करीब चार लाख नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त की मांग नए साल में पूरी होने के आसार हैं।

जैसा कि आप जानते है कि वर्ष 2015 में एक बड़े आंदोलन के बाद नियोजित शिक्षकों के लिए राज्य में नया वेतनमान तो लागू हो गया।लेकिन उनकी सेवा शर्त की मांग लंबित है। इसको लेकर समय-समय पर विभिन्न फोरमों परननियोजित शिक्षक अपनी मांग उठातेनरहे हैं। 

जानकारी के मुताबिक नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त को लेकर सुगबुगी आरंभ हो गयी है। मार्च-अप्रैल माह तक इसके आकार ले लेने के आसार हैं। हालांकि इस पर मुहर के लिए विभाग से लेकर सरकार के स्तर तक तमाम प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

सेवा शर्त की सुविधा मिलते ही नियोजित शिक्षकों की प्रोन्नति का लाभ मिलेगा और हेडमास्टर तक बन पायेंगे। दूसरा बड़ा लाभ नियोजन क्षेत्र से बाहर तबादले का मिल सकता है।

गौरतलब हो कि नियोजित शिक्षकों को पहली जुलाई 2015 से नया वेतनमान का लाभ मिला। लेकिन सेवा शर्त तैयार करने के लिए मुख्य सचिव के स्तर पर एक कमेटी बनायी गयी, वित्त और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव भी कमेटी में शामिल थे।

इस कमेटी के सहयोग के लिए शिक्षा विभाग की भी एक उप समिति बनी। इस उप समिति ने कई दूसरे राज्यों के नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त का भी अध्ययन किया।

सेवा शर्त के साथ ही नियोजित शिक्षकों को वेतन वृद्धि का भी लाभ मिल सकता है। 5 सितम्बर को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि समय आने पर पैसा भी बढ़ायेंगे।हालांकि कितना बढ़ेगा, यह तय नहीं है पर माना जा रहा है कि 20% की वृद्धि हो सकती है।





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