गुरुवार, 10 दिसंबर 2020

सरकार ने बाइक पर पीछे बैठने के नियम में किया बदलाव। जानिए क्या है नए नियम




सरकार ने बाइक सवारों को सड़क दुर्घटना से बचाने के लिए कई नियमों में बदलाव किए हैं और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी की है. इसमें बाइक चलाने वालों के साथ-साथ पीछे बैठने वालों को भी कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होगा. सेफ्टी को ध्यान में रखकर इन नियमों में बदलाव किए गए हैं और इनका पालन नहीं करने पर फाइन भरना पड़ सकता है. तो चलिए बताते हैं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई गाइडलाइन...


बाइक सवारों  के लिए जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक बाइक के पीछे की सीट के दोनों तरफ हैंड होल्ड जरूरी है, जिसे पीछे बैठने वाली सवारी की सेफ्टी के लिए अनिवार्य किया गया है।

बाइक के पीछे बैठने वालों कि लिए दोनों तरफ पायदान अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा बाइक के पिछले पहिए के बाएं हिस्से का कम से कम आधा हिस्सा सुरक्षित तरीके से कवर होना चाहिए, ताकि पीछे बैठने वालों के कपड़े पहिए में नहीं उलझे। 


बाइक में कंटेनर लगाने को लेकर भी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं.।इसक तहत कंटेनर की लंबाई 550 mm, चौड़ाई 510 mm और ऊंचाई 500 mm से अधिक नहीं होनी चाहिए।अगर कंटेनर को पिछली सीट पर लगाया जाता है तो बाइक पर सिर्फ ड्राइवर को ही बैठने की मंजूरी होगी।


मंत्रालय द्वारा बाइक के टायर को लेकर भी गाइडलाइन जारी की गई है. इसके तहत अधिकतम 3.5 टन वजन तक के वाहनों के लिए टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम का सुझाव दिया गया है ।इसके जरिए ड्राइवर को ये जानकारी मिल जाती है कि गाड़ी के टायर में हवा की स्थिति क्या है।



शुक्रवार, 13 नवंबर 2020

मंगाई भत्ता पर केंद्र से आई खबर। कब से और कितना बढ़ेगा भत्ता?।। देखिए ये रिपोर्ट



केंद्रीय कर्मचारियों को इस साल अबतक मोदी सरकार ने लीव ट्रैवल अलाउंस, लीव ट्रैवल कन्सेशन और दिवाली बोनस पर खुशखबरी दी है। वहीं कोरोना संकट के चलते महंगाई भत्ते का भुगतान पुरानी दर (17 फीसदी) पर ही दिया जा रहा है। जबकि कर्मचारियों को यह 21 फीसदी की दर पर मिलना चाहिए। केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों पर इसका असर पड़ रहा है।


>केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता जनवरी 2020 से जून 2021 तक नहीं बढ़ेगा। यानी अगले साल जुलाई तक महंगाई भत्ते की प्रभावी दर 17 प्रतिशत ही रहेगी। कर्मचारियों का भत्ता कब बढ़ेगा और 21 फीसदी की दर से कब भुगतान किया जाएगा इसका फैसला जुलाई 2021 के बाद ही हो सकता है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को ही अगले साल जुलाई के बाद इसपर राहत मिल सकती है


मंगलवार, 3 नवंबर 2020

सावधान ।चुनाव के दौरान गलती पर शिक्षक को मिली ये सजा।देखिए ये रिपोर्ट



मोतोहरी में सोशल मिडिया एवं न्यूज चैनल पर प्रकाशित खबर के अनुसार म0 फारूख अहमद,सहायक शिक्षक,उ0 म0 वि0 गोविन्दबारा कन्या,फेनहारा एवं कमाल अख्तर,सहायक शिक्षक, उ0 म0 वि० मडपा मोहन अनु० जाति टोला,फेनहारा के द्वारा आदर्श चुनाव अचार संहिता के उल्लधन करते हुए राजनिति गतिविधि में शामिल पाए गए। 


जिसके कारण विभाग ने शिक्षक आचरण के विपरीत कार्य करने एवं आदर्श आचार संहिता के विरूद्ध कार्य करने के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण एवं अपील) नियमावली 2005 के अधीन दोनो शिक्षको को  तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


विभाग ने कहा है कि निलंबन अवधि में म0 फारूख अहमद,सहायक शिक्षक,उ0 म0 वि0 गोविन्दबारा कन्या,फेनहारा का मुख्यालय प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी,अरेराज का कार्यालय एवं श्री कमालअखतर,सहायक शिक्षक,उ0 म0 वि0 मडपा मोहन,फेनहारा का मुख्यालय प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय पहाडपुर निर्धारित किया जाता है।


विभाग के द्वारा आरोप पत्र अलग से निर्गत किया जाएगा। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। आप सभी शिक्षको से निवेदन है कि किसी भी पार्टी के चुनावी गतिविधि में शामिल होने से बचे।





सोमवार, 2 नवंबर 2020

मिहला कर्मियों के लिए चुनाव आयोग ने जारी किया गाइडलाइन।





भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त चंद्र भूषण कुमार ने शनिवार को राज्य के पहले फेज के भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त चंद्र भूषण कुमार ने शनिवार को राज्य के पहले फेज के 71 विस चुनाव की देखरेख के लिये तैनात किये गये ऑब्जर्वर से वर्चुअल बात की उन्होंने वोटिंग के दौरान कोरोना को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। 

कोरोना को लेकर चुनाव आयोग की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुपालन की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट को जाना। प्रेक्षकों ने बताया कि कोरोना को लेकर सभी जिलों में मास्क, सेनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, पीपीइटी किट भेजने का काम जारी है केवल पटना व भागलपुर जिले को छोड़ कर अन्य सभी जिलों में सामग्री भेज दी गयी है सभी जिलों में आठ-आठ सौ पीपीइटी पर नहीं किट भेजा जा रहा है। 


वहीं निर्वाचन विभाग के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग निर्देशानुसार चुनाव कार्य में लगे महिला कर्मियों को रात में बूथ पर ठहरने की जरूरत नहीं होगी।महिलाओं को मतदान से दो घंटे पहले या प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार मतदान केंद्र पर आना होगा। 71 विस चुनाव की देखरेख के लिये तैनात किये गये ऑब्जर्वर से वर्चुअल बात की उन्होंने वोटिंग के दौरान कोरोना को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। कोरोना को लेकर चुनाव आयोग की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुपालन की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट को जाना। < /div>


प्रेक्षकों ने बताया कि कोरोना को लेकर सभी जिलों में मास्क, सेनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, पीपीइटी किट भेजने का काम जारी है केवल पटना व भागलपुर जिले को छोड़ कर अन्य सभी जिलों में सामग्री भेज दी गयी है सभी जिलों में आठ-आठ सौ पीपीइटी पर नहीं किट भेजा जा रहा है। वहीं निर्वाचन विभाग के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग निर्देशानुसार चुनाव कार्य में लगे महिला कर्मियों को रात में बूथ पर ठहरने की जरूरत नहीं होगी।महिलाओं को मतदान से दो घंटे पहले या प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार मतदान केंद्र पर आना होगा।

रविवार, 1 नवंबर 2020

शिक्षको के वेतन भुगतान पर प्रधान सचिव ने दिया ये बयान।



राज्य में पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए जिलों को दो दिनों में राशि उपलब्ध करा दी जायेगी।


शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने आश्वस्त किया है कि पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए दो नवम्बर तक जिलों को राशि का आवंटन भेज दिया जायेगा।दरअसल, टीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट) के प्रवक्ता अश्विनी पाण्डेय ने वेतन के अभाव में पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों के समक्ष उत्पन्न स्थिति की जानकारी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को दी थी।


उन्होंने प्रधान सचिव को बताया कि वेतन के अभाव में पंचायतीराज एवं नगर निकाय शिक्षकों का दशहरा फीका रहा। उन्होंने वेतन भुगतान का आग्रह किया, ताकि शिक्षक दीपावली और छठ मना सकें।


इस पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने वेतन भुगतान के लिए दो नवम्बर तक जिलों को राशि का आवंटन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।


गुरुवार, 1 अक्तूबर 2020

चुनाव में शामिल शिक्षको और कर्मियों के लिए 30 लाख। देखिए ये रिपोर्ट






आपको बता दे कि लोक सभा विधान सभा निर्वाचन से संबंधित कार्य पर लगाये गये सभी व्यक्ति, जैसे कि कोई पदाधिकारी, पीठासीन पदाधिकारी, मतदान पदाधिकारी, दंडाधिकारी, चौकीदार, ग्राम रक्षा दल के सदस्य, चालक  पुलिस पदाधिकारी, आरक्षी कर्मी, गृह रक्षक, केन्द्रीय सुरक्षा बलों के सदस्य को निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त कर्मी माना गया है ।

वित्त विभाग के संकल्प  कंडिका-3 के अनुसार उग्रवादी या असामाजिक तत्वों की हिंसात्मक कार्रवाईयों यथा रोड माइन्स, बम विस्फोट, शसस्त्र आक्रमण आदि में मृत्यु होने पर 30 लाख रूपये देय होगा।

वही चुनाव में प्रतिनियुक्त कर्मी की मौत अगर कोरोना से होती है तो उसे 30 लाख रुपए की राशि दी जाएगी।।


अनलॉक 5.0 में स्कूलों को खोलने का जारी हुआ निर्देश।



कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने अनलॉक 5.0 के दिशानिर्देश बुधवार को जारी कर दिये.त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार ने अनलॉक-5.0 में छूट बढ़ा दी है।


इसके तहत सरकार ने कंटेनमेंट जोन के बाहर सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, एंटरटेनमेंट पार्क, स्विमिंग पूल को 15 अक्तूबर से खोलने की अनुमति मल्टीप्लेक्स को 50 फीसदी क्षमता के साथ ही खोलने की इजाजत दी गयी है. इसके लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय अलग से एसओपी जारी करेगा।


दिशानिर्देशों के अनुसार,स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को खोलने को लेकर 15 अक्तूबर के बाद राज्य सरकारें अपने हिसाब से फैसला कर सकेंगी हालांकि, इस दौरान माता-पिता की सहमति की जरूरत होगी। 


मंत्रालय ने कहा किकेंद्र की अनुमतिवाली यात्रा को छोड़ कर अंतरराष्ट्रीय यात्रा अभी बंद रहेगी।खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किये जा रहे स्विमिंग पूल को भी 15 अक्तूबर से खोलने की अनुमति दी गयी है, इसके लिए एसओपी युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय जारी करेगा। 


मनोरंजन पार्को और इसी तरह के।स्थानों को भी 15 अक्तूबर से फिर से।खोलने की अनुमति दी जायेगी, इसके लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एसओपी जारी की जायेगी।


कंपनियों के स्तर पर आयोजित होने वाली बिजनेस टू बिजनेस प्रदर्शनियों' को 15 अक्तूबर से खोलने की अनुमति दी गयी है।


बुधवार, 23 सितंबर 2020

शिक्षको के ट्रांसफर को लेकर तैयारी शुरू।देखिए एक रिपोर्ट



बिहार सरकार ने नियोजित शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश तैयार करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।


आदेश में कहा गया है कि माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय सेवा नियमावली 2020 में शिक्षक एवं पुस्तकालय अध्यक्षों के स्थानांतरण का प्रावधान है।  इसमें दिव्यांग शिक्षक, महिला शिक्षक, पुस्तकालय अध्यक्ष को धारित पद के समतुल्य पद पर अंतर जिला नियोजन इकाई में स्थानांतरण की सुविधा होगी।



साथ ही पुरुष शिक्षकों, पुस्तकालय अध्यक्षों को एक बार अंतर नियोजन इकाई पारस्परिक स्थानांतरण की सुविधा होगी। इस हेतु आरक्षण कोटि, वरीयता को ध्यान में रखकर शिक्षा विभाग द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश निर्गत किया जाएगा। 


शिक्षा विभाग के अपर सचिव गिरिवर दयाल सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा अमित कुमार सदस्य, प्रभात कुमार पंकज उपनिदेशक, पंचायती राज विभाग के द्वारा नामित पदाधिकारी, नगर विकास आवास विभाग के पदाधिकारी और पटना NIC के द्वारा नामित पदाधिकारी सदस्य होंगे। समिति को 4 सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है।

शुक्रवार, 4 सितंबर 2020

शिक्षक EPF फॉर्म कैसे भरे ये जानने के लिए देखिए एक रिपोर्ट।



EPF फॉर्म प्रत्येक शिक्षक द्वारा अलग-अलग व्यक्तिगत रूप से भरा जाएगा अर्थात एक फॉरमेट में एक ही शिक्षक का डाटा भरा जाएगा। नीचे शिक्षक अपना हस्ताक्षर कर देंगे। फॉरमेट के साथ अनुलग्नक में आधार कार्ड,पैन कार्ड,पासबुक एवं मैट्रिक मूल प्रमाण पत्र की स्वाभिप्रमाणित छायाप्रति अपने crc के पास जमा करना है।


EPF  फॉर्म कैसे भरे इस जानकारी के लिए इस वीडियो को देेखे



रविवार, 26 जुलाई 2020

लॉकडाउन में सरकार शिक्षको की लगा रही है डियूटी। देखिए ये रिपोर्ट।




कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच स्कूली शिक्षक-कर्मियों की ड्यूटी बाढ़ राहत सामग्री की पैकिंग में लगायी गयी है। इससे कोरोना संक्रमण से घरों में बंद होकर खुद का बचाव कर रहे शिक्षक-कर्मी सहम गये हैं। 

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर शिक्षक-कर्मियों के सामने सवाल यह है कि अगर बाढ़ राहत सामग्री की पैकिंग के लिए आने-जाने के दौरान संक्रमण का शिकार हुए तो? इसलिए कि राजधानी के अधिकांश मुहल्ले कोरोना को लेकर कंटोनमेंट जोन में हैं।

बाढ़ राहत सामग्री की पैकिंग के लिए यहां श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बनाये गये आपदा राहत केंद्र में बाढ़ राहत सामग्री की पैकिंग हो रही है। उसमें सहयोग के लिए राजधानी के पंद्रह के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को लगाये जाने के आदेश शनिवार को जारी किये गये हैं। 

इनमें बी. एन. कॉलेजियेट, पटना कॉलेजियेट, रामलखन सिंह यादव सर्वोदय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पी. एन. एंग्लो संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजेंद्र नगर राजकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय, द्वारका उच्च माध्यमिक विद्यालय, दारोगा प्रसाद राय उच्च माध्यमिक विद्यालय, शहीद राजेंद्र प्रसाद सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कमला नेहरू उच्च माध्यमिक विद्यालय, एवं बीएमपी-पांच उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं।

शनिवार, 25 जुलाई 2020

सरकारी फरमान शिक्षको के लिए बनी गले की हड्डी।देखिए एक रिपोर्ट




कार्यकुशलता की समीक्षा के आधार पर अक्षम पाये जाने वाले पचास वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृति देने का फैसला शिक्षक संगठनों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। इसका शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है।

बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने तय किया है कि संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र सौरभ, महासचिव डॉ. भोला पासवान, कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह एवं कार्यालय सचिव सूर्यकान्त गुप्ता सहित राज्य कार्यसमिति के सदस्यों, जिला अध्यक्षों एवं सचिवों ने कहा है कि विरोध के पहले चरण में 27 जुलाई तीन बजे दिन में राज्य भर में शिक्षक आदेश की प्रति पने-अपने दरवाजे पर मसाल जलाकर रोष प्रकट करेंगे।


दूसरी ओर एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट) के प्रदेश अध्यक्ष माकंडेय पाठक, प्रदेश सचिव अमित कुमार, ईमाम, नाजिर हुसैन,संजीत पटेल और प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने आदेश को आपत्तिजनक कहा है। संगठन ने कहा है कि विरोध करेंगे।

इधर, टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ के राज्य संयोजक राजू सिंह और प्रदेश महासचिव आलोक रंजन ने आदेश का विरोध करते हुए कहा है कि पचास वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों को कार्यकुशलता की समीक्षा के आधार पर रिटायरमेंट देना उचित नहीं है। 


संगठन के उपाध्यक्ष सुधांशु देव और आफताब फिरोज ने संघर्ष की अपील की है। इस बीच परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ के कार्यकारी प्रदेश संयोजक नवनीत कुमार एवं प्रदेश संगठन महामंत्री शिशिर कुमार पाण्डेय ने कहा है कि सेवानिवृति की आयु बढ़ाने के बदले कार्यों के मूल्यांकन के आधार पर पचास वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों की सेवानिवृति उचित नहीं है। संगठन ने सरकार से कहा है कि इस पुनर्विचार करते हुए इसे वापस ले।

शुक्रवार, 24 जुलाई 2020

सेवा से पहले रिटायर होंगे कर्मी , संघ ने किया विरोध |देखिए एक रिपोर्ट




राज्य सरकार ने एक एक पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि अब 50 वर्षों से अधिक जिनकी नौकरी हो गई है उनके कार्यकुशलता की जांच करते हुए उन्हें समय पूर्व रिटायर कर दी जाएगी।

बिहार प्रदेश प्रारंभिक शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष-नवलकिशोर सिंह ने सरकार द्वारा जारी पत्र या उक्त आदेश का घोर विरोध करते हुए कहा कि ऐसे हीं किसी को सेवा से हटाना उचित नहीं है जब तक कर्मचारी खुद को सेवा के लिए अक्षम महसूस न करें या जबतक 60 वर्ष की आयु तक सेवा पूरी न हो लेकिन आखिर सरकार जबर्दस्ती रिटायर क्यों करने पर तुली है।


श्री सिंह ने कहा कि ठीका नियोजन नीति का विरोध एवम उसके खिलाफ संघर्ष करने वाले कर्मचारियों/शिक्षकों के आंदोलन का मज़ाक उड़ाने वाले नियमित पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों के नाम बिहार सरकार द्वारा पत्र जारी कर अच्छे दिन का तोहफा दिया जा रहा है, वह भी वैश्विक महामारी कोरोना के बीच।

आपको बता दे कि बिहार प्रदेश प्रारंभिक शिक्षक संघ उक्त पत्र को कर्मचारी विरोधी करार देते हुए पुरजोर विरोध करता है तथा सरकारी संस्थानों एवं नौकरी को बचाने के लिए बिहार के हर तरह के कर्मचारियों को संगठित हो ठेका, नियोजन और छटनी नीति के वाहक बिहार के नीतीश सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील करता है।


प्रदेश मीडिया प्रभारी-मृत्युंजय ठाकुर ने सरकार के उक्त फरमान पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि जब बिहार के कर्मचारियों, शिक्षकों या अन्य सरकारी सेवकों को 50 वर्ष की आयु का हवाला देकर जबरन रिटायरमेन्ट दिया जा सकता है तो बिहार के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री के साथ साथ सभी मंत्री एवम सताधारी पार्टी के सभी MLA/MLC या MP को क्यों नहीं? क्या वे लोग दक्ष हैं? क्या बिहार के सभी मंत्रियों का मूल्यांकन नहीं होना चाहिए?


श्री ठाकुर ने सरकार से अनुरोध किया कि अब भी वक्त है!पुनर्विचार करते हुए अविलंब उक्त पत्र को रद्द करे/वापस ले जिससे सभी कर्मचारी बिना किसी दबाव के निष्पक्ष रूप से अपने काम पर ध्यान दे सके।

शिक्षको की सेवा सर्त को दिया जा रहा है अंतिम रूप।देखिए एक रिपोर्ट



राज्य में प्रारंभिक विद्यालयों से लेकर उच्च माध्यमिक  विद्यालयों तक के तकरीबन चार लाख नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के सेवा शर्त में सुधार को लेकर प्रस्तावित ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

इसके तहत ड्राफ्ट को बेहतर बनाने की कोशिश में हर दृष्टि से एक्सरसाइज विभाग में चल रहा है।हालांकि, सेवा शर्त में सुधार के लिए पुनर्गठित कमेटी की अगली  बैठक में अभी समय लगने की संभावना है। 


इसलिए कि पुनर्गठित कमेटी के अध्यक्ष सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्यसचिव आमिर सुबहानी हैं, जो फिलहाल अस्वस्थ चल रहे हैं। इसके मद्देनजर यह तय माना जा रहा है कि उनके स्वस्थ होने के बाद ही पुनर्गठित कमेटी की अगली बैठक होगी।

पुनर्गठन के बाद पुनर्गठित कमेटी की पहली बैठक छह जुलाई को इसके अध्यक्ष व सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्यसचिव आमिर सुबहानी की अध्यक्षता में हुई थी। 


शिक्षा विभाग के अपर मुख्यसचिव आर. के. महाजन कमेटी के सदस्य सचिव हैं। कमेटी के बाकी सदस्यों में पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्यसचिव अमृतलाल मीणा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस. सिद्धार्थ, नगर विकास विभाग के सचिव आनन्द किशोर तथा अपर महाधिवक्ता आशुतोष रंजन पाण्डेय शामिल है।

गुरुवार, 23 जुलाई 2020

बिहार शिक्षको के सेवा सर्त पर लगी मुहर मिलेंगे ये सारे फायदे। देखिए एक रिपोर्ट




बिहार में नौकरी कर रहे नियोजित शिक्षकों को फायदा होने वाला हैं। क्यों की उनकी वर्षों की मांग पूरी होने वाली हैं। सरकार ने नियोजित शिक्षकों के सेवाशर्त पर मुहर लगा दी हैं।

इस सेवाशर्त से शिक्षकों को कौन-कौन से फायदे होंगे। तो आइये इसके बारे में विस्तार से जनते है।


1 .सेवा शर्त लागू होते ही नियोजित शिक्षकों को तबादला हो सकेगा।


2 .नियोजित शिक्षकों को अब प्रोन्नति का भी लाभ प्राप्त होगा।


3 .इन्हे एसीपी लाभ और सेवांत लाभ भी मिलेगा।

4 .नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी भविष्य निधि का भी फायदा होगा।

5 .ग्रेच्युटी, ग्रुप इंश्योरेंस समेत अनुकंपा का लाभ मिलने लगेगा।

6 .सेवा शर्त मिलने के बाद शिक्षकों को प्रोन्नति के साथ स्थानांतरण का मिलेगा।

.अब नियोजित शिक्षक प्रधानाध्यापक तक बन सकते हैं।

.इन्हे वेतनमान छोड़कर सभी प्रकार का लाभ प्राप्त होगा।



बुधवार, 22 जुलाई 2020

अभिभावकों ने सरकार को स्कूल बंद करने को कहा।





राज्य में स्कूली बच्चों के अभिभावकों ने सरकार को राय दी है कि अगस्त में स्कूल नहीं खुले । कोरोना से उत्पन्न परिस्थितियों को पूरी तरह से आंकने और बच्चों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होने के बाद ही स्कूल खोलने के निर्णय लिये जायें।

प्रदेश के स्कूली बच्चों के अभिभावकों की राय से केंद्र को राज्य सरकार अवगत करायेगी। दरअसल, केंद्र ने राज्यों से कहा था कि वह स्कूली बच्चों के अभिभावकों से राय ले कि पढ़ाई के लिए स्कूल कब से खोले जायें ? अगस्त से, सितम्बर से या अक्तूबर से? इन सवालों पर अभिभावकोंकी राय लेकर केंद्र ने राज्यों से रिपोर्ट मांगी है।



इसके मद्देनजर ही अभिभावकों की राय ली गयी है। अभिभावकों की राय पर केंद्रित रिपोर्ट केंद्र को सौंपने की तैयारी है। अभिभावकों ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि उनके लिए स्कूलों में अपने बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। हर दृष्टि से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही स्कूल खोले जायें।



स्कूल खोलते समय स्थानीय परिवेश और परिस्थितियों पर गंभीरतापूर्वक ध्यान दिये जायें।स्कूल खोलने और बंद करने के समय, स्कूल अवधि, मध्याह्न भोजन योजना के संचालन, आउटडोर कक्षाओं का संचालन, स्कूल का पाली में संचालन एवं कक्षा की अवधि पर भी अभिभावकों के राय लिये गये हैं।


कोरोना को लेकर स्कूलों में छात्रों, शिक्षकों एवं प्रशासकों के लिए अनुशानिक सीमाएं तय करने तथा थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही स्कूलों में आंगतुकों को प्रवेश देने के अभिभावकों के सुझाव हैं।

अभिभावकों की राय है कि स्कूल जब खुलें, तो छात्रों द्वारा एसेम्बली एवं प्रार्थना का आयोजन नहीं किये जायें। उचस्तरीय स्कूल प्रणाली के भी सुझाव आये हैं । ऐसे सुझावों में वर्चुअल क्लासरूम एवं आईसीटी व्यवस्था भी शामिल हैं।

स्कूलों को अपने परिसर में स्वस्थ परिवेश विकसित करने एवं बच्चों को स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर सुविधाएं देने के सुझाव भी अभिभावकों के हैं। अभिभावकों ने कहा है कि खासकर पढ़ाई के लिए प्राइवेट स्कूल सरकार के आदेश के बाद ही खुलें। साथ ऐसी व्यवस्था हो कि प्राइवेट स्कूलों पर सरकार का नियंत्रण रहे।


गुरुवार, 28 मई 2020

बच्चो के बिना ही चलेंगे स्कूल।






बिहार के सरकारी स्कूल अभी नहीं खुलेंगे। स्कूलों की पढ़ाई ऑनलाइन जारी रहेगी। कोरोना संक्रमण को लेकर जब स्थिति सामान्य होगी तो, स्कूलों की  सामान्य दिनचर्या सबसे अंत में जाकर शुरू होगी। 

राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम मोल लेना नहीं चाह रही है। शहर के विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों ने कहा कि स्कूल तो खुल रहे हैं। सभी शिक्षक स्कूल आ रहे हैं। लेकिन सरकारी आदेश जारी होने के बाद बच्चे स्कूल आयेंगे।


वहीं शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लॉकडाउन के बाद सबसे अंत में सरकारी स्कूल खोले जायेंगे। स्कूल खुलने के बाद भी बच्चों की सुरक्षा के  लिए कई सारी पाबंदियां जारी रहेंगी, स्कूलों में सामाजिक दूरी बनाकर रखना होगा।

आपको बता दे कि  सरकारी स्कूल में सामाजिक दूरी बनाकर रखना चुनौती भरा काम होगा।बिहार शिक्षा परियोजना परिषद यूनीसेफ के साथ-साथ विश्वस्वास्थ्य संगठन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह पर तैयार गाइडलाइन सख्ती से लागू करेगा।


स्कूल परिसर की स्वच्छता पर जोर दिया जायेगा।स्कूल की शुरुआत और अंत में बच्चों को एक जगह इकट्ठा नहीं करना होगा। बच्चे डेस्क पर कम-से-कम एक मीटर की दूरी पर बैठेंगे। बीमार कर्मियों को स्कूल आने से मना किया जायेगा।


7 महीनों से वेतन के लिए तरस गए शिक्षक।देखिए एक रिपोर्ट




बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले के चनपटिया और रामनगर के शिक्षको को विभाग के द्वारा 7 महीने से वेतन नहीं दिया गया है।आपको बता दे कि ये दोनों शहर नगर पंचायत के दायरे में आते है और पिछले नवंबर 2019 से  यँहा के करीब 50 शिक्षको का वेतन बकाया है।


सूत्रों से पता चला है कि नगर पंचातय का आवंटन भुगतान के लिए आया था लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण इन शिक्षको का भुगतान नहीं किया गया और पैसे को वापस कर दिया गया। विभाग के इस लापरवाही  के कारण शिक्षक भूखमरी का शिकार होने लगे है।


आपको बता दे कि पहले इन शिक्षको का जिओबी के माध्यम से भुगतान होता था लेकिन पिछले 2 साल से इन्हें जिओबी से अलग कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि नगर पंचायत का आवंटन अलग से आता है। जिओबी में केवल नगर परिषद का आवंटन आता है।



जैसा कि आप सभी जानते है कि नगर पंचायत में शिक्षको की संख्या कम है जिस कारण संघ और विभाग दोनों इनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहे है इन शिक्षको के बारे में कोई नहीं सोच रहा है शिक्षक भी अपने  वेतन की आश लिए विभाग और संघ के तरफ निहार रहे है।

शिक्षको ने चैनल के माध्यम से विभाग से निवेदन किया है कि जल्द जल्द नगर पंचायत के शिक्षको का भुगतान करने की कृपा की जाए ताकि शिक्षक इस आपदा की स्तिथि में आर्थिक तंगी का शिकार न हो पाए।।

चैनल सभी संघ के जनप्रतिनिधियों से आग्रह करता है कि नगर पंचातय के शिक्षको का आवंटन जिओबी के साथ जोड़ने की कोशिश कराई जाए ताकि पहले की भांति समय से शिक्षको का भुगतान हो सके।।


रविवार, 24 मई 2020

ईद में वेतन पर अधिकारियों ने लगाया ग्रहण।






राज्य में हड़ताल से लौटे शिक्षकों की  ईद वेतन के अभाव में फीकी रहेगी।निर्देश  राज्य सरकार के आदेश-दर-आदेश के बाद भी हड़ताल से लौटे लाखों शिक्षकों के समक्ष पिछले चार महीनों से वेतन के लाले हैं। खास बात यह है कि आवंटन रहने के बाद भी फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई का वेतन जारी नहीं हुआ। 

बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता अभिषेक कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग ने अपने लिखित समझौता तथा हड़ताल वापसी के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिए अपने आदेश में स्पष्ट किया  था कि लॉकडाउन अवधि तथा फरवरी माह के  कार्यरत अवधि का वेतन अविलंब जारी करें। 

इस बीच राज्य सरकार ने भी राज्य के सभी कर्मियों को मई माह का वेतन ईद से पूर्व भुगतान करने का निर्देश जारी किया, मगर शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य के शिक्षकों का वेतन फरवरी से लेकर मई माह तक ईद के पहले जारी नहीं किया गया। यह बात अलग है कि एक-दो जिलों में शिक्षक संघ की विशेष तत्परता पर मात्र फरवरी माह के कार्यरत अवधि का वेतन भुगतान संभव हो सका है।


संघ ने बताया कि एक तरफ शिक्षक वेतन के आभाव मे अपनी गर्मियों की छुट्टियों के बाद भी शिक्षा विभाग के आदेश पर बिना सुरक्षा के कोरेंटाइन सेंटरों में सेवा दे रहे हैं। जिसकी तनिक भी चिंता सरकार को नही है। 



उन्होंने मांग की है कि कोरोना संकट के इस काल में तथा लॉकडाउन की मुश्किल घड़ी में  सरकार व विभाग के आदेश के बाद भी ईद के पर्व पर वेतन भुगतान न करने वाले अधिकारियों पर अविलंब कार्रवाई की जाय।


शुक्रवार, 22 मई 2020

शिक्षको के ऐच्छिक स्थानान्तरण के लिए आवेदन शुरू।






शिक्षा उपनिदेशक ने पटना,भोजपुर,रोहतास,नालंदा,बक्सर और कैमूर के अन्तर्गत राजकीयकृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के स्थानान्तरण के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र निर्गत कर आदेश दिया है कि जून में अधोहस्ताक्षरी कार्यालय द्वारा ट्रांसफर किया जाता है। 


विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी अपने स्तर से अपने अपने जिले के अंदर विद्यालय को अवगत करावे कि ऐच्छिक स्थानान्तरण हेतु विद्यालय में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी अपना आवेदन अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में दिनांक 21 मई से 05 जून तक जमा कर दे  है। 



आपको बता दे कि दिनांक 05.06.2020 के उपरान्त आवेदन स्वीकृत नहीं किया जायेगा। इसलिए जिसे भी ट्रांसफर लेना है ओ समय सीमा के भीतर आवेदन जमा कर दे।

आवेदन करने का फ़ॉर्मेट आप ऊपर के बटन पर क्लिक करके डाउनलोड कर सकते है।

जानिए बच्चो के लिए हफ्ते में कितने दिन खुलेंगे स्कूल।



कोरोना संकट के चलते मार्च से बंद स्कूल 15 जुलाई के बाद खुल सकते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय स्कूलों में पढ़ाई केकोरोना संकट के चलते मार्च से बंद स्कूल 15 जुलाई के बाद खुल सकते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय स्कूलों में पढ़ाई के लिए गाइडलाइंस तैयार कर रहा है। जो जल्द जारी हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक एक दिन में 33% या 50% बच्चे ही स्कूल जाएंगे। उपलब्ध संसाधनों के आधार पर राज्य सरकार और स्कूल प्रशासन तय करेंगे कि कितने बच्चे बुलाने हैं। छात्रों की संख्या के आधार पर हाथ धोने की सुविधा,  टॉयलेट, पीने के पानी के नल इत्यादि बढ़ाने पड़ सकते हैं।

50% छात्रों का फॉर्मूला लागू करने वाले स्कूलों मे छात्र सप्ताह में तीन और 33% का फॉर्मूला लागू करने वाले स्कूलों में सप्ताह में 2 दिन ही स्कूल जाएंगे। बाकी दिन ऑनलाइन पढ़ाई होगी।संक्रमण की स्थिति के आधार पर जून के अंतिम सप्ताह में गाइडलाइंस का रिव्यू होगा।

स्कूलों की गर्मी की छुट्टी हुई रद्द। फूल टाइम होगी डियूटी।





सहरसा के जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में गुरुवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मध्यान्ह भोजन ने संयुक्त रूप से कोरोनटाइन सेंटर के रूप में चिन्हित विद्यालयों में समुचित व्यवस्था के अनुपालन को लेकर समीक्षा बैठक किया।

समीक्षा बैठक में सभी बीआरपी, सीआरसीसी शामिल हुए ।समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया गया कि विभागीय निर्देश के आलोक में प्रारंभिक विद्यालय में दूरदराज के महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों को छोड़कर प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक विद्यालय में बने रहेंगे।


उन्होंने कहा कि जो विद्यालय कोरोनटाइन सेंटर के रूप में संचालित हैं वहां प्रधानाध्यापक अपने स्तर से शिफ्ट में ड्यूटी बंटवारा कर उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि वैसे विद्यालय जहां पर कोरोनटाइन सेंटर नहीं है वहां प्रधानाध्यापक एवं अन्य शिक्षक 10 बजे से चार बजे तक विद्यालय में बने रहेंगे।


जिलाधिकारी ने  बताया कि कोरोना महामारी देखते हुए इस वर्ष गृष्मावकास की छुट्टी नहीं होगी। सभी सीआरसीसी प्रतिदिन अपने अपने संकुलाधीन विद्यालय का भ्रमण कर प्रखंड स्तर पर रिपोर्टिंग करेंगे।जिला स्तर पर बीईओ डीईओ कार्यालय में रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।

जिलाधिकारी ने  कहा कि सभी सीआरसीसी सभी विद्यालय में साफ-सफाई, शौचालय एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित रखेंगे जिससे प्रतिदिन आ रहे प्रवासी मजदूरों को सुविधानुसार रखा जा सके।


उन्होंने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों को इसका अनुपालन शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही हुई तो आपके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी । 

जनवरी 2020 से शिक्षको वेतन में होगी बृद्धि। देखिए एक रिपोर्ट



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय केबिनट ने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते को 17 से 21 फीसदी कर दिया है।

यह 1 जनवरी 2020 से लागू होगा।यह जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।महंगाई भत्ता एक जनवरी 2020 से प्रभावी माना जाएगा।

सरकार की इस घोषणा के बाद महंगाई भत्ता 17 प्रतिशत से बढ़कर 21 प्रतिशत हो गया है। यानी पिछले साल जुलाई में 5 प्रतिशत की बृद्धि की गयी थी और इस बार जनवरी में 4 प्रतिशत की बृद्धि की गयी।


आपको बता दे कि बिहार सरकार के घोषणा करते ही शिक्षको के वेतन में 4 प्रतिशत की बृद्धि हो जाएगी।

गुरुवार, 21 मई 2020

हड़ताल में निलंबित और सेवा समाप्त हुए शिक्षको के लिए सरकार का निर्देश।






04 मई को बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति एवं विहार माध्यमिक शिक्षक संघ के द्वारा हड़ताल समाप्ति के बाद विभाग द्वारा पत्र जारी करके निलंबित शिक्षको के लिए कई निर्देश दिए गए है। 



निलम्बित नियोजित शिक्षकों के संदर्भ में निलंबन को समाप्त करते हुए विभागीय कार्यवाही से मुक्त करने की अनुशंसा जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा संबंधित नियोजन इकाई से की जायेगी।नियोजन इकाई द्वारा प्राप्त अनुशसा के आलोक में अनुवर्ती आदेश निर्गत किए जायेंगे। 


जिन शिक्षकों का निलंबन जिला शिक्षा पदाधिकारी अथवा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा द्वारा किया गया हो, उन शिक्षको के संदर्भ में उनके द्वारा समीक्षा कर निलबन को समाप्त करते हुए विभागीय कार्यवाही से मुक्त करने की कार्रवाई की जायेगी।

निलंबन अवधि के लिए अविलम्ब नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान किया जाए। निलंबन एवं विभागीय कार्यवाही से मुक्त होने के बाद 25 मार्च लॉकडाउन की अवधि है, के लिए पूर्ण वेतन में से भुगतान किये गये जीवन निर्वाह भत्ता की राशि को घटाकर शेष राशि का भुगतान किया जायेगा।


निलंबन की तिथि से 24 मार्च की अवधि,  तक हड़ताल में रहने वाले निलंबित शिक्षको का वेतन भुगतान उनको दिए जीवन निर्वाह भत्ता की राशि को घटाकर शेष राशि का भुगतान भविष्य में अवकाश की अवधि में कार्य करने के उपरान्त अन्य हड़ताली शिक्षकों की ही भांति सामंजित किया जायेगा।


हड़ताल के दौरान  जिन शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई थी उनको अपीलीय प्राधिकार के समक्ष अपील दायर करना होगा। अपील अभ्यावेदन पर अपीलीय प्राधिकार को समीक्षा करते हुए सेवा में वापसी के आदेश पर निर्णय लेना आवश्यक होगा। 


सेवा समाप्ति की तिथि एवं सेवा में वापस होने की तिथि के बीच की अवधि को सेवा में टूट नहीं मानते हुए इस अवधि के लिए उपार्जित अवकाश स्वीकृत करेंगे। उपार्जित अवकाश नहीं रहने  स्थिति में अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया जायेगा।



रविवार, 17 मई 2020

नए नियम के साथ खुलेंगे स्कूल। देखिए एक रिपोर्ट





स्कूल में अब मास्क का नियम लागू होगा, इसलिए हर साल नए यूनिफार्म की सूची में मास्क भी जुड़ेगा। हर बच्चे को मास्क लगाकर आना होगा।इमरजेंसी में स्कूल में भी मास्क रखे जाएंगे। यानी स्कूल में मेडिकल फैसिलिटी में मास्क शामिल किए गए हैं। इसके अलावा बच्चों को स्कूल आने, स्कूल में रहने और छुट्टी के वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा।


यह स्कूल प्रशासन, शिक्षक और अभिभावक पर भी लागू होगा। बच्चों को लेने आने वाले अभिभावकों को स्कूल गेट पर सोशल डिस्टेंसिंग से खड़ा रहना पड़ेगा। लॉकडाउन के बाद स्कूल खुलने के लिए चार स्टेप बनाए गए हैं।  हर स्टेप पर गंभीरता से स्कूलों को पालन करना हैं।  चार स्टेप इस प्रकार है।



पहला स्टेप  विद्यालय खुलने की तिथि से दो दिन पहले केवल स्टाफ आएंगे। स्कूल को सैनेटाइज कराएंगे। कोरोना से बचाव संबंध में निर्देश जगह-जगह चिपकाए जाएंगे।



दूसरा स्टेप : नए नियमों की जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी। स्कूल की ओर से बनाए गए नियमों का अभिभावकों को हर हाल में पालन करना अनिनार्य होगा।

तीसरा स्टेप : बच्चों के स्कूल में प्रवेश करने और जाने के समय सोशल डिस्टेंसिंग रहेगा। इसके अलावा स्कूल बस और वैन में भी इसी नियम का पालन करना होगा।

चौथा स्टेप : एक महीने तक हर दिन कोरोना पर जागरूकता क्लास चलेगी।


इसके अलावा चार बिन्दुओं पर नियमित फोकस किया जाएगा। इसमें लॉकडाउन के दोबारा होने की कल्पना करना, लापरवाही नहीं बरतने का संकल्प लेना, सोशल डिस्टेंसिंगरखा आदिशामिल है।


बुधवार, 13 मई 2020

गर्मी की छुट्टियों के लिए कार्य योजना बना रही है सरकार।।




बिहार समेत देशभर के सरकारी प्रारंभिक स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को पहली बार गर्मी की छुट्टियों में भी मध्याह्न भोजन मिलेगा। यह गर्म पका भोजन हो सकता है, खाद्य सुरक्षा भत्ता के तहत खाद्य सामग्री हो सकती है।

बच्चों को परिवर्तन मूल्य भी दिया जाएगा या फिर इसके एवज में समतुल्य मात्रा में दाल, तेल आदि दिये जा सकते हैं। केन्द्र सरकार नेलॉकडाउनको देखते हुए यह निर्णय लिया है।


गौरतलब है कि मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 28 अप्रैल को बिहार समेत सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों संग हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इसके संकेत दिये थे। अब मंत्रालय के संयुक्त सचिव आरसी मीना ने इसको लेकर बिहार समेत सभी राज्यों के प्रधान शिक्षा सचिवों को पत्र लिखा है।



उन्होंने कहा है कि मध्याह्नभोजन योजना से लाभान्वित बच्चों की प्रतिरोधी क्षमता को कोविड-19 के संक्रमण काल में मजबूत बनाए रखने के मकसद से एमडीएम का निरंतर जारी रखना जरूरी है।

केन्द्रीय संयुक्त सचिव ने बिहार को गर्मी छुट्टी में एमडीएम के संचालन के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा है। साफ-साफ कहा है कि खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में घर-घर अनाज पहुंचाना या फिर ताजा पका गर्म खाना डोर-टू-डोर पहुंचाने में से जो कार्यान्वित किया जा सके, राज्य वैसी योजना बनाएं।


गौरतलब हो कि बिहार के मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने कोरोना संक्रमण काल में भी बच्चों को एमडीएम से वंचित नहीं रखा है। 14 मार्च से स्कूल बंद हैं और तब से लेकर 3 मई तक के लिए मध्याह्न भोजन के बदले समतुल्य मूल्य की राशि प्रत्येक बच्चे के खाते में डीबीटी के माध्यम से दी गयी है।




सोमवार, 20 अप्रैल 2020

लगातार हो रही शिक्षको की मौत पर उठने लगी ये मांग।। पढ़िए एक रिपोर्ट







लगातार हो रही शिक्षको के मौत पर आनंद कौशल ने कहा मुख्यमंत्री के  अहंकारी स्वभाव के कारण ही हड़ताल के इन 63 दिनों के अंदर 55 नियोजित शिक्षकों की मौत हो चुकी है ।



कौशल जी ने कहा कि 04 लाख हड़ताली शिक्षकों के साथ दाँव-पेंच और राजनीतिक चोंचलेबाजी बंद कर शीघ्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वार्ता कर सभी माँगों को पूरी करें । 



आनंद कौशल ने मुख्यमंत्री से तत्काल मानवता का परिचय देते हुए वार्ता के प्रत्याशा में सभी मृत शिक्षकों के परिजनों को 25 लाख रुपया और  सरकारी नौकरी देने की मांग की है ।

उन्होनें मांग किया कि इस लॉक डाउन में आर्थिक तंगी से लगातार हो रही शिक्षकों की मौत को तुरंत रोकने के लिए केंद्र सरकार के आदेश का अनुपालन करते हुए 04 लाख शिक्षकों को फरवरी, मार्च,अप्रैल माह के बकाया वेतन का भुगतान किया जाय और लॉक डाउन अबधि का वेतन रोक कर शिक्षकों को मौत के मुँह में धकेलने वाले पदाधिकारी पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाय ।


कौशल जी ने कहा कि अगर सरकार इस पर अमल नहीं करती है तो  लॉक डाउन खत्म होते ही 04 लाख हड़ताली शिक्षक 05 मई को पटना में राजभवन तक आक्रोश मार्च निकाल कर सरकार की नींद उड़ा देंगें 


गुरुवार, 16 अप्रैल 2020

विद्यालय गए शिक्षको की हड़ताल में होने लगी वापसी।


अब तक हड़ताल में डटे रहे हड़ताली शिक्षको को ये जानकारी देते हुए हमें काफी खुशी हो रही है कि जो शिक्षक बिहार सरकार के झांसे में आकर हड़ताल से वापस अपने विद्यालय चले गए थे उन्होंने दुबारा से हड़ताल में वापसी करना शुरू कर दिया है। 

आपको बता दे कि 17 फरवरी से इस हड़ताल की शुरुवात हुई थी लेकिन कोरोना नामक महामारी के कारण पूरे भारत को लॉकडाउन करना पड़ा। इसी महामारी का फायदा उठाकर बिहार सरकार ने शिक्षको को कभी पत्र के  जरिए तो कभी ऑनलाइन के जरिए विद्यालय में योगदान देने का लालच दे दिया जिससे हड़ताल को कमजोर किया जा सके।

कुछ शिक्षक सरकार के इस धोखे का शिकार भी हुए लेकिन अब दुबारा से वही शिक्षक अपनी गलती का एहसास करते हुए हड़ताल में दोबारा से जुड़ना शुरू कर दिए है। ये ओ पत्र है जो हड़ताली शिक्षको ने हड़ताल वापसी को लेकर अपने अधिकारी के पास लिखे है।