शनिवार, 1 जून 2019

राज्य सरकार की इन बिंदुओं को आधार बना कर संघ ने समान काम समान वेतन के लिए दायर किया याचिका।देखिए एक रिपोर्ट






टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ (टीपीएसएस) ने समान काम समान वेतन को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की।

संघ के राज्य संयोजक राजू सिंह ने बताया कि गत 10 मई को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समान वेतन मामले में जो निर्णय दिया गया, उस पर काफी सोच- विचार और विमर्श के बाद पुनर्विचार याचिका दाखिल करने कानिर्णय लिया गया।



संगठन द्वारा लिये गये उक्त निर्णय के तहत ही शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायलय में न्याय के प्रति आस्था रखते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल की गयी। 

इसमें संविधान के अनुच्छेद 14 और सर्वोच्च न्यायलय के द्वारा दिये गए न्याय निर्णय के विंदु 78 व 80 के साथ कोर्ट से पुनर्विचार की अपील की गयी है। इसका डायरी नम्बर 20218/2019 है।



श्री सिंह ने बताया कि टीईटी शिक्षकों को मजबूत पक्ष यह है उनकी बहाली आरटीई और एनसीटीई गाइड लाइन्स के आधार पर की गई है इसके बावजूद, उन्हें समान काम का समान वेतन नहीं दिया गया। 

कोर्ट ने भी बिहार सरकार को टीईटी शिक्षकों को एक्सपर्ट मानते हुए अलग से पे स्केल के आधार पर वेतन भूगतान की सलाह दी है। इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर पुनर्विचार याचिका के माध्यम से टीईटी शिक्षकों के साथ न्याय की अपील की गयी है।

इसके अलावे पुनर्विचार याचिका में उन तमाम लीगल बिंदुओं का भी उल्लेख किया गया है, जो टीईटी शिक्षकों के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि हाथ पर हाथ रखकर बैठने से अच्छा है विभिन्न मोर्चे पर संघर्ष करना । 




इतिहास साक्षी है कि संघर्ष प्रतिकूल परिस्थितियों को भी अपने वश में कर लेता है। अपनी मांग की पूर्ति के लिए बिहार के सभी शिक्षक संघों के बीच एकता की अपील की जा रही है। इसमें उनका संगठन अगली पंक्ति में खड़ा है।


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