मंगलवार, 11 जून 2019

रसोइयों की बहाली पर लगी रोक।देखिए एक रिपोर्ट।






मध्याह्न भोजन योजना अन्तर्गत विद्यालयों में कार्यरतर सोईया-सह-सहायक की सेवा निवृत्त या किसी कारणवश हटाये जाना एवं अन्य कारणों से उनकी सेवा समाप्त हो जाता है तो उनके जगह पर नये रसोईया -सह- सहायक का चयन निदेशालय स्तर से अनुमोदन के पश्चात् ही किया जाएगा।इसलिए सभी स्कूलों को निदेश दिया जाता है कि विद्यालयों में नये रसोईया-सह-सहायक का चयन तत्काल स्थगित रहेगा। 



विशेष परिस्थिति में यदि आवश्यक हो तो निर्देशक, मध्याह्न भोजन योजना, बिहार, पटना से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरांत ही नये रसोईया -सह- सहायक का चयन किया जा सकता है।

ऊपर के बटन पर क्लिक  करके पत्र डाउनलोड करे

सोमवार, 10 जून 2019

समान काम समान वेतन फैसले में शिक्षको के साथ हुवा है धोखा।देखिए एक रिपोर्ट





आनंद कौशल जी ने लगातार 30 दिनों तक जजमेंट का गहन अध्ययन करने के बाद कई गंभीर त्रुटियों को उजागर किया है। आनंद कौशल जी ने दावा किया है कि माननीय जज द्वय द्वारा पारित जजमेंट से संबिधान के अनुच्छेद 254 का उल्लंघन हुआ है ।




जिससे संबैधानिक संकट उत्पन्न हो गई है । उन्होंने यह भी दावा किया है कि SC भी कानून/एडुकेशन पॉलिसी के खिलाफ/इतर जजमेंट पारित नहीं कर सकती है । इसलिए भरोसा है कि रिव्यु/क्यूरेटिव के दौरान जजमेंट की त्रुटि को जरूर सुधारा जाना चाहिए ।



आनंद जी ने बिहार के सभी संघों के प्रदेश अध्यक्ष/ प्रदेश महासचिव/ केवीएटर /प्रतिवादी का ध्यान निम्नलिखित महत्वपूर्ण साक्ष्यों के ओर आकृष्ट कराया है और एकता का परिचय देते हुए एकरूपता के साथ ही रिव्यु पिटीशन फाइल करने की अपील की है । 


उन्होंने कहा कि जो पहले ही रिव्यु पिटीशन फाइल कर चुके है वो पुनः सप्लीमेंट्री फाइल कर एकरूपता लाने की कृपा करें।


रविवार, 9 जून 2019

स्कूलों के प्रधानाध्यापको को मिलेगा पैसा।देखिए एक रिपोर्ट।





स्कूलों में लगेंगे लाउडस्पीकर सभी सरकारी स्कूलों में लाउड स्पीकर लगाने का भी निर्देश समीक्षा बैठक में दिया गया।शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने इसका निर्देश अगस्त 2018 में ही दिया था।डीएम ने कहा कि सरकारी स्कूलों में लाउडस्पीकर लगाकर चेतना सत्र में होनेवाली प्रार्थना तू ही राम है तू।रहीम... का प्रचार किया जायेगा।


इसके अलावा चेतना सत्र में सभी हेडमास्टर और शिक्षक मौजूद रहेंगे।स्कूलों का लाउड स्पीकर लगाने के लिएनामांकन के अनुसार राशि दी जायेगी।




आपको बता दे कि एक से 15 बच्चों के नामांकन पर 12,500, 16 से 100 तक नामांकन पर 25,000, 101 से 250 तक नामांकन पर 50 हजार, 251 से 1000 नामांकन पर 75 हजार और 1000 से अधिक नामांकन पर एक लाख रुपये दिये जायेंगे।


बुधवार, 5 जून 2019

नई शिक्षा नीति से कितना होगा शिक्षको का फायदा।देखिए एक रिपोर्ट।





नई शिक्षा नीति को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। नई शिक्षा नीति से शिक्षा और शिक्षको में कितना बदलाव होगा ये हम आपको एक एक करके बताएंगे।


1.दोपहर के भोजन के अतिरिक्त बच्चो को अब ब्रेकफास्ट         भी  मिलेगा ।
2.शिक्षा के अधिकार का विस्तार करके इसे 1-12वीं तक           किया जाएगा।
3.देश भर में लगभग दस लाख शिक्षकों के खाली पड़े पदों       को भरा जायगा



4.समेस्टर सिस्टम लागू होगा
5. 12वीं के बाद बीएड चार साल, बी ए के बाद दो साल और       एम ए के बाद एक वर्ष का होगा।
6.बोर्ड परीक्षा का भय कम किया जाएगा।
7.ऑनलाइन मूल्यांकन होगा।



8.टीचर नियुक्तियों में साक्षत्कार अवश्य लिया जायेगा।
9.प्रमोशन में भी विभागीय परीक्षा होगा। 
10.गांव में तैनात शिक्षकों के लिए विशेष भते होंगे।
11.शिक्षकों के तबादले बहुत जरूरी होने पर ही होंगे
12.शिक्षकों के लिए विद्यालय के नजदीक आवास मिलेगा।



13.पूरे देश मे समान पाठ्यक्रम होगा।
14.अध्यापकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया जाएगा।
15.व्यवसायिक शिक्षा पर बल दिया जाएगा।
16.शिक्षक छात्र अनुपात 30:1 होगा।



17.स्कूली स्तर पर आठवी के बाद विदेशी भाषा के कोर्स             होंगे।
18.निजी स्कूलों पर पहले से ज्यादा नियंत्रण होगा।
19.निजी स्कूल के  नाम मे पब्लिक शब्द का इस्तेमाल नही         कर सकेंगे।
20.अध्यापक पात्रता परीक्षा के बिना निजी स्कूलों में भी             शिक्षक नयुक्त नही होंगे।


21. शिक्षा मित्र,पैरा टीचर,गेस्ट टीचरों की नियुक्ति नही होगी।
22.गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति मिलेगी।
23.स्कूल प्रबन्धन समिति अब निजी स्कूलों में भी गठित की       जाएगा
24.राष्ट्रीय शिक्षा आयोग की स्थापना होगी।
25.शिक्षा को अनिवार्य और 100% साक्षरता दर हासिल करने का लक्ष्य होगा।



मंगलवार, 4 जून 2019

बिहार में एक और नए शिक्षक संगठन का हुवा जन्म।देखिए एक रिपोर्ट






04 मई मंगलवार को पूर्वी चंपारण जिला के सभी शिक्षक संगठनो की बैठक पूर्व घोषित कार्यकर्मनुसार गाँधी संग्रहालय परिसर में हुई। बैठक का संचालन शिक्षक श्रीकांत पाठक ने किया बैठक में पूर्व से निर्धारित नीति के अनुसार जिले के सभी शिक्षक संगठनों के 5 5 प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।

बैठक में सभी शिक्षक संगठनों ने अपने बैनर का त्याग करके शिक्षक हित में एक साथ काम करने का शपथ लिया। सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि हमें शिक्षक हित में कार्य करना है।



सभी ने कहा कि शिक्षक हित के लिए पद का त्याग करना पड़े इसके लिए हम सब तैयार हैं हमें इसकी कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि हमारा एक ही लक्ष्य है समान काम समान वेतन को पाना और इससे लक्ष्य पर अब हम सब चल पड़े हैं।



बैठक में सर्वसम्मति से नियोजित शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा का निर्माण किया गया। 7 जून को इस संघ के बैनर तले जिला समहरणालय के सामने 10 बजे दिन में समान काम समान वेतन के लिए धरना प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में 11 शिक्षक संघों में से 10 शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष उपस्थित हुए थे जिंदा 10 शिक्षक संघों ने भाग लिया उनके नाम इस प्रकार हैं



प्रारंभिक शिक्षक संघ न्याय मोर्चा,
शिक्षक एकता मंच
टीईटी एस टीइटी उतीर्ण नियोजित शिक्षक संघ
टीईटी शिक्षक संघ ,परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ
टीटी प्रारंभिक शिक्षक संघ
बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ
बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ
परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ
बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल

सोमवार, 3 जून 2019

मध्यान भोजन योजना में सरकार करेगी बदलाव।देखिए एक रिपोर्ट



नई दिल्ली

स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना की तर्ज पर अब सुबह के नाश्ते की योजना भी शुरू की जा सकती है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय इस मुद्दे पर पहले से ही गंभीरता से विचार कर रहा है। 

अब नई शिक्षा नीति के मसौदे में भी इस बात की सिफारिश की गई है। आने वाले दिनों में जिन 12 लाख प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना चल रहा है, वहां नाश्ते की योजना भी शुरू हो सकती है।

इसका लाभ करीब 12 करोड़ बच्चों को मिलेगा। पोषण की कमी से सीखने की क्षमता पर असरः इसरो के पूर्व चेयरमैन के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति ने दो दिन पहले ही नई सरकार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा सौंपा है।

इसमें प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए कई बदलावों कीसिफारिश की गई है। अभी बच्चों का स्कूलों में नामांकन तो बढ़ गया है, पर उनमें सीखने की क्षमता विकसित नहीं हो पा रही है। 

समिति ने इसके लिए शिक्षकों की पेशेवर कमी के साथ पोषण को भी जिम्मेदार माना है। पौष्टिक नाश्ता जरूरी समिति ने कई वैज्ञानिक अध्ययनों के हवाले से कहा है कि यदि बच्चों को सुबह पौष्टिक नाश्ता मिले तो उनके सीखने और समझने की शक्ति में काफी सुधार होगा।

समिति ने कहा, इसलिए मध्याह्न भोजन योजना को जारी रखते हुए बच्चों को स्कूलों में सुबह का पौष्टिक नाश्ता
भी दिया जाना चाहिए। इसमें उन्हें दूध और फल उपलब्ध कराए जाएं।

रविवार, 2 जून 2019

15 शिक्षक संगठन की हुई अहम बैठक, जानिए किन बातों पर हुई चर्चा।





दिनांक 10 मई 2019  को  माननीय  सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के फल स्वरुप  उत्पन्न स्थिति  पर  आगे की रणनीति तय करने हेतु बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बुलावे पर आज संघ के कार्यालय भुनेश्वर शिक्षक सेवा सदन एग्जिबिशन रोड पटना के मीटिंग हॉल में बिहार में संचालित नियोजित शिक्षकों के विभिन्न प्रमुख 15 संगठनों के प्रतिनिधियों की एक अहम बैठक हुई।




आज की बैठक को संबोधित करते हुए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्री ब्रजनंदन शर्मा ने कहा की वर्तमान सरकार की नीति शिक्षक एवं कर्मचारी विरोधी है उन्होंने शिक्षा एवं शिक्षक हित में सभी को एकजुट होने का आह्वान किया बैठक में शामिल शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में हम लोग एकजुट होकर संघर्ष करेंगे।



प्रदीप कुमार पप्पू की अध्यक्षता में 8 जून 2019 को बुलाई गई शिक्षक संघों की बैठक को तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए उसकी तिथि बढ़ा दी गई है और सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया गया कि आगामी 16 जून 2019 को सभी संघों की संयुक्त बैठक पुन: बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यालय सभागार भुनेश्वर शिक्षक सेवा सदन एग्जीबिशन रोड पटना में होगी जिसमें सभी संघ एक साथ मिलकर एक साथ आंदोलन के आगे की रणनीति एवं संघर्ष की  रूपरेखा तय करेंगे जिसमें सभी शिक्षक संघों के राज्य अध्यक्ष एवं महासचिव भाग लेंगे।


आज की बैठक में कुल 15 शिक्षक संघ के अध्यक्ष महासचिव एवं वरीय पदाधिकारियों समेत विभिन्न जिलों के सैकड़ों प्रमुख नेतृत्वकर्ता नियोजित शिक्षकों ने भाग लिया।

भाग लेने वाले एवं सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख नेताओं में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार पप्पू उपाध्यक्ष श्री विपिन प्रसाद बिहार नगर पंचायत प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल के प्रदेश अध्यक्ष श्री केशव प्रसाद नवनियुक्त माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश शंकर पांडे टी पी एस एस के श्री राजू सिंह  एवं  सुजीत कुमार शांडिल्य परिवर्तनकारी शिक्षक संघ के महासचिव श्री आनंद मिश्रा टी ई टी एस टी ई टी संघ के श्री अमित कुमार टी ई टी के अमित कुमार शारीरिक शिक्षक संघ के यशवंत कुमार बिहार शिक्षक संघर्ष समिति के नवीन कुमार नवीन सेवा पूर्व प्रशिक्षित शिक्षक संघ के विजयकांत राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ उदय संकर गुड्डू बिहार पुस्तकालय अध्यक्ष संघ के शंभू कुमार बिहार अनुकंपा शिक्षक संघ के नवीन कुमार बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के महासचिव रामचंद्र राय,बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के वरीय उपाध्यक्ष श्री राम अवतार पांडे उप महासचिव श्री दिनेश कुमार सिंह राज्य कोषाध्यक्ष श्री बिंदेश्वरी प्रसाद सिंह राज्य कार्यालय सचिव श्री मनोज कुमार नियोजित शिक्षकों के नेता पटना मंडल प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव प्रेमचंद्र पवन कुमार प्रतापी इंद्र भूषण सहित सभी संघों के अध्यक्ष एवं  सचिव तथा प्रमुख साथियों की उपस्थिति रही सभा का संचालन बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यालय सचिव श्री मनोज कुमार ने किया
उपरोक्त आशय की जानकारी विज्ञप्ति जारी कर संघ के अध्यक्ष श्री ब्रजनंदन शर्मा ने प्रेस को दी।


शिक्षक बहाली का रास्ता साफ बैठक में लिया गया निर्णय।देखिए एक रिपोर्ट




मुख्यमंत्री अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य के हाईस्कूलों में खाली 32 हजार शिक्षकों के पद जल्द भरे जाएंगे।

इसी महीने यह प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अलावा कम्प्यूटर शिक्षकों के भी खाली पदों पर नियुक्ति होगी। बैठक में सीएम ने शिक्षकों की कमी दूर करने के साथ ही अगले साल से सभी पंचायतों में उच्चतर माध्यमिक स्कूल भी शुरू कराने का निर्देश दिया। 



बैठक की जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने बताया कि माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में 32 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। साथ ही पंचम चरण के तहत 2017 से नियोजन रुका हुआ है। इसकी भी बहाली होगी। 



समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, सीएम के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त सुभाष शर्मा मौजूद थे।



ईद से पहले वेतन भुगतान करने का विभाग ने दिया कड़ा निर्देश।देखिए एक रिपोर्ट





राज्य में शिक्षक कर्मचारियों को चार जून तक वेतन नहीं मिला, तो संबंधित जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों पर कारवाई होगी। राज्य में सीएफएमएस की व्यवस्था के तहत शिक्षक कर्मियों को वेतनादि का भुगतान किया जाना है।

लेकिन स्थिति यह है कि कई जिलों में शिक्षक-कर्मियों को अब तक गत मार्च को भी वेतन नहीं मिला है। जिन्हें मार्च का वेतन मिल गया है उनके समक्ष अप्रैल के वेतन के लाले हैं।



इसके मद्देनजर शिक्षा विभाग के डिपार्टमेंट ऑफिस एडमिन-सह-अपर सचिव गिरिवर दयाल सिंह ने राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को हिदायत दी है कि लम्बित इम्पलाई डाटा अपडेशन कार्य अविलम्ब पूर्ण करते हुए शत-प्रतिशत कर्मियों का मार्च-अप्रैल और मई माह का वेतनादि भुगतान चार जून तक सुनिश्चित करेंगे।


विभग ने कहा है यदि किसी कर्मी का इम्पलाई डाटा अपडेशन एवं वेतन भुगतान का कार्य चार जून तक लम्बित पाया जाता  है, तो इसकी सारी जिम्मेदारी संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को मानते हुए उनके विरुद्ध तत्काल विभागीय कारवाई होगी।


शनिवार, 1 जून 2019

राज्य सरकार की इन बिंदुओं को आधार बना कर संघ ने समान काम समान वेतन के लिए दायर किया याचिका।देखिए एक रिपोर्ट






टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ (टीपीएसएस) ने समान काम समान वेतन को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की।

संघ के राज्य संयोजक राजू सिंह ने बताया कि गत 10 मई को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समान वेतन मामले में जो निर्णय दिया गया, उस पर काफी सोच- विचार और विमर्श के बाद पुनर्विचार याचिका दाखिल करने कानिर्णय लिया गया।



संगठन द्वारा लिये गये उक्त निर्णय के तहत ही शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायलय में न्याय के प्रति आस्था रखते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल की गयी। 

इसमें संविधान के अनुच्छेद 14 और सर्वोच्च न्यायलय के द्वारा दिये गए न्याय निर्णय के विंदु 78 व 80 के साथ कोर्ट से पुनर्विचार की अपील की गयी है। इसका डायरी नम्बर 20218/2019 है।



श्री सिंह ने बताया कि टीईटी शिक्षकों को मजबूत पक्ष यह है उनकी बहाली आरटीई और एनसीटीई गाइड लाइन्स के आधार पर की गई है इसके बावजूद, उन्हें समान काम का समान वेतन नहीं दिया गया। 

कोर्ट ने भी बिहार सरकार को टीईटी शिक्षकों को एक्सपर्ट मानते हुए अलग से पे स्केल के आधार पर वेतन भूगतान की सलाह दी है। इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर पुनर्विचार याचिका के माध्यम से टीईटी शिक्षकों के साथ न्याय की अपील की गयी है।

इसके अलावे पुनर्विचार याचिका में उन तमाम लीगल बिंदुओं का भी उल्लेख किया गया है, जो टीईटी शिक्षकों के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि हाथ पर हाथ रखकर बैठने से अच्छा है विभिन्न मोर्चे पर संघर्ष करना । 




इतिहास साक्षी है कि संघर्ष प्रतिकूल परिस्थितियों को भी अपने वश में कर लेता है। अपनी मांग की पूर्ति के लिए बिहार के सभी शिक्षक संघों के बीच एकता की अपील की जा रही है। इसमें उनका संगठन अगली पंक्ति में खड़ा है।


शिक्षको के वेतन मद में राशि जारी।






राज्य में समग्र शिक्षा अभियान के लिए 15 अरब 92 करोड़ 21 लाख 11 हजार 763 रुपये की राशि जारी हुई है। यह राशि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2019-20 में समग्र शिक्षा अभियान पर खर्च होगी।




आपको बता दे कि समग्र शिक्षा अभियान केंद्र प्रायोजित योजना है। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी 60 फीसदी एवं राज्य की हिस्सेदारी 40 फीसदी है। इसके मद्देनजर जारी हुई 15 अरब 92 करोड़ 21 लाख 11 हजार 763 रुपये में से 9 अरब 61 करोड़ 12 लाख 93 हजार 820 रुपये की राशि केंद्र से मिली है।



जबकि राज्यांश की राशि 6 अरब 31 करोड़ 8 लाख 17 हजार 943 रुपये है, जो सहायक अनुदान मद में ब्यय की स्वीकृति के साथ विमुक्त हुई है। इस राशि के आने से यह उमीद जताया जा रहा है कि अब शिक्षको का वेतन भुगतान हो जाएगा।