रविवार, 31 मार्च 2019

शिक्षको के लिए खुशखबरी ,सरकार की तरफ से जारी हुवा पत्र।देखिए एक रिपोर्ट




प्रदेश में वर्ष 2003 से बड़ी संख्या में आवश्यकतानुसार अप्रशिक्षित शिक्षकों का नियोजन किया गया।अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित कराने के उद्देश्य से इग्नू के द्विवर्षीय डी० पी० ई० कोर्स में नामांकन कराया गया। परन्तु एन० सी० टी० ई० द्वारा बिहार में उस डीo पी० ई o को को मान्यता प्रदान नहीं की गयी।



भारत सरकार से कई बार पत्राचार करने के बाद  दिनांक-22 फरवरी 2012 को छः माह के संवर्धन कार्यक्रम की शर्त के साथ इग्नू0 को डी o पी० ई० एवं छ: माह के संवर्धन कार्यक्रम के प्रशिक्षण को मान्यता प्रदान की गई।

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया कि DPE उत्तीर्ण प्रशिक्षु अगर 6 माह का संवर्धन कोर्स कर लेते हैं तो उन्हें पूर्ण रूप से प्रशिक्षित शिक्षक माना जाएगा।



सरकार के इस आदेश के खिलाफ शिक्षक संघों के द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर की । हाई कोर्ट ने इस मुद्दे पर शिक्षकों के हक में फैसला सुनाते हुए यह आदेश दिया कि प्रशिक्षित तिथि से ही शिक्षकों को प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ दिया जाए।

आपको बता दें कि बिहार के राज्यपाल विनोद कुमार सिंह ने पत्र जारी करके यह आदेश दिया है कि इग्नू से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण उत्तीर्ण होने की तिथि से प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ दिया जाए।



इसमें शिक्षकों की जीत हुई है और सरकार की हार तो यह शिक्षकों के लिए बड़ी अच्छी खबर है सरकार ने पत्र जारी कर दिया है अब जल्द से जल्द शिक्षक संघ शिक्षक हो या लाभ दिलवाने की कोशिश करें ताकि शिक्षकों को उनका हक समय से मिल सके। साथी चैनल की तरफ से DPE शिक्षकों को बहुत-बहुत बधाई हो।

शनिवार, 30 मार्च 2019

स्कूलो को मॉर्निंग करने का निर्देश हुवा जारी।देखिए एक रिपोर्ट।




जिला शिक्षा पदाधिकारी कैमूर द्वारा सभी स्कूलों को  निर्देश दिया गया है कि 01 अप्रैल 2019 से सभी सरकारी एवं निजी प्रारंभिक विद्यालयों का संचालन पूर्वाह्न 06:30 से 11:30 बजे तक किया जायेगा ।




वही दूसरी तरफ जिला शिक्षा पदाधिकारी सारण द्वारा प्रारंभिक विद्यालयो को 5 अप्रैल से 31 अप्रैल तक स्कूल 7 बजे से 12 बजे और 1 मई से ग्रीष्मावकाश तक विद्यालयो को 6:30 बजे से 11:30 बजे तक संचालन करने का निर्देश दिया गया है।


इस आदेश का अनुपालन अपने स्तर से सभी संकुल समन्वयक अपने क्षेत्राधीन विद्यालयों में कराना सुनिश्चित करेंगे ।


बुधवार, 27 मार्च 2019

चुनाव के दौरान घटना हुई तो चुनाव कर्मी को मिलेगा हरजाना।देखिए एक रिपोर्ट।




निर्वाचन विभाग ने सभी को सूचित किया है कि लोक सभा आम निर्वाचन-2019 में प्रतिनियुक्त/ सम्बद्ध कर्मियों के किसी भी दशा में मृत्यु या शारीरिक क्षति होने पर भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के आलोक में उनके निकटतम आश्रित या रिश्तेदार को राहत अनुदान की राशि नियमानुसार प्रदान की जाएगी जो इस प्रकार है:-




1.चुनाव ड्यूटी के दौरान मृत्यु हुआ तो  न्यूनतग 10 लाख रूपया आश्रित को दिया जाएगा।

2.यदि मृत्यु असामाजिक तत्वों द्वारा बम बलास्ट/ रोड गाईन्स / सशस्त्र हमला इत्यादि के द्वारा हुवा तो न्यूनतम 20 लाख रूपया आश्रित को दिया जाएगा।

3. चुनाव कर्मी को स्थायी विकलांगता होने पर न्यूनतम 5 लाख रूपया दिया जाएगा।



4. चुनाव कर्मी को  यदि स्थायी विकलांगता जैसे हाथ/ पैर टूट जाना। आंखों की रौशनी नष्ट हो जाने पर आदि, असामाजिक तत्वों द्वारा बम बलास्ट/ रोड माइन्स/ सशस्त्र हमला, आदि द्वारा हुई हो तो न्युनतम 10.00 लाख रुपया दिया जाएगा।

5.चुनाव की घोषणा की तिथि से चुनाव कार्य में सम्मिलित सभी सरकारी/गैर सरकारी कर्मी इसके लिए पात्र होंगे।

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जानिए शिक्षको के बकाया भुगतान के लिए क्या कर रहा है संघ।देखिए एक रिपोर्ट




बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह के द्वारा बिहार के जमुई,अररिया,मधुबनी, सिवान आदि जिले के ट्रेजरी का लॉक खुलवाने के लिए एजी ऑफिस और सचिवालय में 25 मार्च से कैंप किए हुए है । 



शीघ्र वित्त विभाग से लॉक खोलने के लिए शिथिलीकरण का पत्र और एजी ऑफिस पटना से सामंजन का आदेश निर्गत हो जाएगा ।  आनंद कौशल जी के साथ जमुई के जिला उपाध्यक्ष युगल किशोर यादव, जमुई प्रखंड के उपाध्यक्ष उत्तम कुमार, झाझा के सचिव आर्यन वर्णवाल आदि एजी ऑफिस पटना में डटे हुए है ।



संघ ने बताया कि होली के पहले भी आनंद जी के नेतृत्व में संघर्ष कर दर्जनों जिला का लॉक खुलवाया गया था । जिससे कई जिले में होली के पहले GOB और SSA के शिक्षको का वेतन मिल गया था । होली की छुट्टियां खत्म होते ही पुनः प्रयास जारी है।

यह ट्रेजरी का लॉक का सभी डीईओ कार्यालय की लापरवाही का नतीजा है । समय से उपयोगिता का सामंजन करवाया होता तो सभी शिक्षकों को होली से पहले भुगतान हो जाता। 

मंगलवार, 26 मार्च 2019

सुप्रीमकोर्ट से आई खबर। देखिए एक रिपोर्ट।




सुप्रीम कोर्ट से खबर आ रही है कि 27 मार्च को कोर्ट नंबर 06 मे आपराहन 2:00 बजे अभय मनोहर सप्रे एवं ललित साहब का बेंच एक साथ बैठ रहे है । यैसे में शिक्षक के उमीद कर रहे है कि समान काम समान वेतन का फैसला आ जाए।
आपको बता दे कि बेंच एक साथ होने से यह जरूरी नही है कि निर्णय आ ही जायेगा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में भी समान काम समान वेतन के केस को लिस्टेड नहीं किया गया है।शिक्षको का कहना है कि जब तक निर्णय आ नही जाता तब तक उम्मीद बना रहेगा ।

रविवार, 24 मार्च 2019

शिक्षक के साथ हुई इस घटना की संघ ने की निंदा।




खोरीपाखर मध्य विद्यालय के बूथ नंबर 45 के बीएलओ पर जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है। कि खोरीपाकर के रामपुर विद्यालय बूथ पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए कैंप लगा था। इसी दौरान कुछ लोग उम्र कम होने के बावजूद मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए दबाव बना रहे थे। 



इन्कार करने पर बीएलओ चुन्नू मांझी के गांव के लोगों के साथ बकझक हुई थी। शाम को घर जाने के समय पलटू हाता
गांव से जोगापुर के बीच लोगों ने उनपर चाकू से वार कर उन्हें जख्मी कर दिया गया।उनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। 



बताया गया कि शर्मा मांझी, दिनेश प्रसाद, चंदन मांझी, मंट मांझी सहित आधा दर्जन लोगों ने उन्हें धमकी दी थी। बीएलओ ने आधा दर्जन लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है। इस घटना को लेकर बड़रिया परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ विरोध कर रहा है। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जय प्रकाश प्रसाद ने भी घटना की निंदा की है।


वोट नहीं देने पर कटेंगे पैसे की क्या है सच्चाई।देखिए एक रिपोर्ट




प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री एल वेंकटेश्वर लू ने सोशल मीडिया में चल रहे एवं कतिपय समाचार पत्र में छपे नहीं दिया वोट तो बैंक एकाउन्ट से कटेंगे 350 रुपये के सम्बन्ध में स्पष्ट किया है कि भारत निर्वाचन आयोग ने इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया है। 



इस आशय का छपा समाचार पूर्णतया भ्रामक, निराधार एवं सत्य से परे है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाहों पर कोई ध्यान न दें।




मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्वाचन आयोग ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है कि जिन वोटर्स के एकाउन्ट में पैसा नहीं होगा तो उसका पैसा मोबाइल फोन रिचार्ज कराते समय कट जायेगा।




यानी कि मोबाइल रिचार्ज से लेकर आपके खाते से पैसे कटने की जो बात है वो पूरी तरह गलत और निराधार है। इस तरह के अफवाहो पर आप बिलकुल ध्यान न दे


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शनिवार, 23 मार्च 2019

निर्वाचन आयोग ने कर्मियों के लिए उठाया कड़ा कदम।देखिए एक रिपोर्ट







भागलपुर लोक सभा निर्वाचन-2019 के मतदान कर्त्तव्य हेतु निर्गत प्रथम नियुक्ति पत्र के आलोक में जिलान्तर्गत विभिन्न विभागों/कार्यालयों में पदस्थापित कर्मियों द्वारा स्वास्थ्य के आधार पर निर्वाचन कार्य से विमुक्त करने का आवेदन समर्पित किया जा रहा है।



निर्वाचन विभाग ने स्वास्थ्य के आधार पर निर्वाचन कार्य से विमुक्त करने हेतु दावा करने वाले सभी कर्मियों को आदेश दिया है कि वे स्वास्थ्य के आधार पर मतदान कार्य से विमुक्त होने संबंधी आवेदन दिनांक -27.03.2019 तक जिला कार्मिक कोषांग, भागलपुर को उपलब्ध करा दें।



आपको बता दे कि निर्धारित तिथि तक स्वास्थ्य के आधार पर निर्वाचन कार्य से विमुक्त करने संबंधी प्राप्त आवेदन पर विचार हेतु भागलपुर के चिकित्सा पदाधिकारी के अध्यक्षता में 29 मार्च और 30 मार्च को सुबह 10:30 बजे से स्थानीय कचहरी के पास, भागलपुर में डी0आर0डी0ए0 भवन स्थित सभागार के उपर हॉल में मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया।




निर्वाचन कार्य जिलान्तर्गत विभिन्न विभागों में पदस्थापित कर्मी जिनके द्वारा स्वास्थ्य के आधार पर निर्वाचन कार्य से विमुक्त करने का आवेदन समर्पित किया गया है उनको विभाग ने आदेश दिया है कि वे निर्धारित तिथि को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण करवा लें।



मेडिकल बोर्ड से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर ही निर्वाचन कार्य से विमुक्त करने पर विचार किया जायेगा। मेडिकल बोर्ड के समक्ष स्वास्थ्य परीक्षण हेतु अगर आप उपस्थित नहीं होते है तो आवेदन समर्पित करने पर भी आपको निर्वाचन कार्य के योग्य समझा जाएगा और निर्वाचन कार्य से अनुपस्थित होने पर आर0पी0एक्ट 1951 की धारा-159 के तहत कार्रवाई की जायेगी।

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मतदाता जागरूकता स्लोगन


मतदाता जागरूकता स्लोगन

अपनी ही सरकार है
मत देना अधिकार है

देश के मतदाता है
वोट देना आता है

सबका यह अरमान है
करना अब मतदान है

आन बान और शान से
सरकार बने मतदान से

उम्र अठारह पूरी है
मत देना बहुत जरूरी है

प्रजातंत्र से नाता है
भारत के मतदाता हैं

सत्य और ईमान से
सरकार बने मतदान से

भाई भतीजा नाता है
भारत के मतदाता है

आओ मिलकर अलख जगाएँ
शत प्रतिशत मतदान कराएँ

डरने की क्या बात है
पुलिस प्रशासन साथ है

जागरूक मतदान करेंगें
अपने मन का राज चुनेंगे

बी.एल.ओ. से बात करेंगें
मतदाता हम अवश बनेंगे

सबसे बढ़कर दाता है
भारत के मतदाता है

हम अपना कर्तव्य निभाएँगें
सबसे मतदान कराऐंगे

चुनाव आयोग का है आव्हान
सबको करना है मतदान

एक दो और तीन चार
मतदान का दृढ़ विचार

स्वस्थ जनतंत्र की है पहचान
सबको शिक्षा और मतदान

भारत भाग्य विधाता हूँ
अब तो मैं मतदाता हूँ

अपनी सरकार स्वयं चुनूंगा
मै मतदान जरूर करूंगा

सच्चा योग्य इंसान चुनो
अपने मत से आप चुनो

एक वोट से होय फैसला
मतदाता का यही हौंसला

अपनी सबकी जिम्मेदारी है
आम चुनाव की तैयारी है

ई.वी.एम.में नहीं है खोट
बटन दबाओ लगता वोट

हमको यह समझाना है
सबको वोट दिलाना है

कर्तव्यों से कोई न रूठे
किसी का वोट कभी न छूटे

हम सबका ही है अरमान
सर्वस्व जरूरी हो मतदान

अंतर्मन से देना वोट
बदले मे नही लेना नोट

मतदान हमारा अधिकार है
इससे बनती सरकार है

सरकार बनाना आता है
क्योंकि हम मतदाता है

शुक्रवार, 22 मार्च 2019

बीमारी का बहाना चुनाव कार्य मे पड़ा महंगा।डीएम ने दिया ये आदेश।


रायपुर

बीमारी के कारण चुनाव कार्य करने में अक्षम शिक्षकों की स्थिति को देखते हुए उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की तैयारी की जा रही है।


कलेक्टर ने माना कि गंभीर रूप से बीमार शिक्षक शिक्षकीय कार्य करने में भी अक्षम है. जिले के चार शिक्षकों मनोज कुमार साहू, नमिता वर्मा, रचना मिश्रा एवं गोपीराम जांगड़े ने डायबिटीज औरआंखों की रोशनी कम होने की वजह से चुनाव कार्य करने में अक्षम होने का आवेदन कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया था।


आपको बता दे कि आवेदन के परीक्षण के पश्चात माना गया कि सभी कर्मचारी किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं तथा शासकीय कार्य सम्पादन करने में सक्षम नहीं है इसके अलावा यह भी पाया गया कि जो शिक्षक आंखें कमजोर होने के कारण चुनाव कार्य नहीं कर सकते।वे स्कूलों में शिक्षकीय कार्य कैसे करते होंगे।


बस इसी बीमारी की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने चारों शिक्षकों को निर्वाचन कार्य से मुक्त करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।



बुधवार, 20 मार्च 2019

फिर से जारी हुवा शिक्षको के वेतन भुगतान हेतु आवंटन।देखिए एक रिपोर्ट




दूसरी बार जिओबी शिक्षको के वेतन भुगतान मद में  773 करोड़ 1 लाख 55 हजार 14 रुपए जारी किए गए है।इससे पहले 60 करोड़ 51 लाख 15 हजार 165 रुपए जारी किया गया था और



आपको बता दे कि जिओबी शिक्षको का 4 माह का वेतन भुगतान करना बाकी है जिसमे से किसी जिले में नवंबर तो किसी जिले में नवंबर और दिसंबर के भुगतान हो गया है।



दूसरी बार आवंटन के आ जाने से ये उमीद जताई जा रही है कि इस राशि से जिओबी शिक्षको का मार्च तक का भुगतान हो सकता है।

जिओबी मद की इस राशि को जिलावार भेज दिया गया है जल्द ही ये राशि जिलो को प्राप्त भी हो जाएगी। शिक्षक संघ को अब इसमें थोड़ी तेजी दिखाने की जरूरत ताकी शिक्षको का जल्द से जल्द भुगतान हो सके।

मंगलवार, 19 मार्च 2019

विभाग ने पत्र किया जारी।20 मार्च के परीक्षा के समय सारणी में बदलाव।



जैसा कि आप सभी जानते है कि  छात्र-छात्राओं का वार्षिक परीक्षा /मुल्यांकन दो चरणों में दिनांक 16 मार्च 2019 से 20 मार्च एवं 25 मार्च से 28 मार्च तक निर्धारित है। चूंकि दिनांक 20 मार्च  को होलिका दहन पर्व निर्धारित है इसलिए प्रथम चरण के 20 मार्च की परीक्षा में प्रारंभिक विद्यालयों के विभिन्न संधों से प्राप्त अभ्यावेदन के आलोक में परीक्षा के समय सारणी में बदलाव किया गया है।



आपको बता दे कि विभाग ने 20 मार्च को प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 7 बजे 9 बजे तक और दूसरे पाली की परीक्षा 9 बजकर 30 मिनट से 11 बजकर 30 मिनट तक लेने का आदेश दिया है।




शिक्षा विभाग ने किया 22 और 23 मार्च की छुट्टी रद्द। देखिए एक रिपोर्ट




शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गयी है त्रिदिवसीय विहार दिवस समारोह के आयोजन को लेकर अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है।



इससे संबंधित आदेश शिक्षा विभाग ने सोमवार को जारी किया है। दरअसल, राज्यस्तरीय त्रिदवसीय बिहार दिवस समारोह का आयोजन यहां श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में किया जा रहा है।

राज्य सरकार के इस आयोजन का नोडल विभाग पिछले वर्षों की तरह ही इस बार भी शिक्षा विभाग को बनाया गया है। होली को लेकर पहले से 21 एवं 22 मार्च को राजपत्रित अवकाश घोषित है। होली 21 मार्च को है। और उसके अगले दिन 22 मार्च को त्रिदिवसीय बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन है। 



इसके मद्देनजर शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की 22 मार्च,23 मार्च और 24 मार्च की छुट्टी रद्द की गयी है। शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में अधिकारी-कर्मचारियों से कहा है कि 22 मार्च को अपराह्न तीन बजे एवं 24 मार्च को भी अपराह्न तीन बजे श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। दोनों दिन उनकी उपस्थिति वहीं दर्ज होगी। 



बहरहाल, इस आदेश से शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी होली के अगले दिन होली की खुमारी में भी ड्यूटी पर हाजिर होने को विवश होंगे। शनिवार एवं रविवार की छुट्टी का भी मजा नहीं ले पायेंगे। विभाग के इस आदेश का असर स्कूलो में भी देखने को मिलेगा।


सोमवार, 18 मार्च 2019

शिक्षक नोटा का बटन दबा कर सरकार का करेंगे बहिष्कार।देखिए एक रिपोर्टिंग





2010 में बहाल शिक्षक डीएलएड के रिजल्ट प्रकाशन करने की मांग कर रहे है और रिजल्ट प्रकाशन डेट टीईटी शिक्षको से पहले करने की मांग कर रहे है।

आपको बता दे 2013-15,2016-18,2017-19 डीएलएड में नामांकित 2010 के शिक्षको का रिजल्ट विभाग द्वारा अब तक प्रकाशित नहीं किया गया है वही जो इनके बाद के डीएलएड के बैच थे उनका रिजल्ट प्रकाशित हो चुका है।



शिक्षको का कहना है कि जूनियर बैच का रिजल्ट प्रकाशन डेट पहले होने से वरीय कनीय हो जाएंगे और जो कनीय है वो वरीय हो जाएंगे इस तरह से बिहार के 95000 हजार शिक्षक इससे प्रभावित हो रहे है।



आपको बता की इस मुद्दे को लेकर शिक्षक अब आंदोलन करने की बात कर रहे है। शिक्षको का कहना है कि सरकार ने हमेशा शिक्षको को तोड़ने का कार्य किया है। और अगर हमलोग की मांगे पूरी नहीं हुई तो हमलोग अबकी बार नोटा का बटन दबाएंगे।



डीएलएड 2013-15 बैच की ये मांग बिल्कुल जायज है और इस वेबसाइट के माध्यम से सभी शिक्षक संघो से अपील है कि आप सब शिक्षको के इस मसले को सुलझाने के लिए सरकार से वार्ता करे ताकि समय से इन शिक्षको को प्रशिक्षित का लाभ मिल सके।


एक अप्रैल से वेतन निकासी और आवंटन हो जाएंगे ऑनलाइन। देखिए एक रिपोर्ट।




शिक्षा विभाग में वेतन की निकासी समेकित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (सीएफएमएस) से होगी । जिसकी तैयारी अंतिम चरण में है।डीपीओ  स्थापना और लेखा योजना कार्यालय को कंप्यूटर के अलावा अन्य साधन उपलब्ध कराये गये है।  नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू होगी। 



नई व्यवस्था से सभी विभागों के बजट निर्माण की प्रक्रिया से लेकर बजट के प्रावधान, आवंटन और निकासी सभी ऑनलाइन हो जाएगी। 

नई वित्तीय व्यवस्था को फूल प्रूफ बनाने के लिए वित्त विभाग निजी क्षेत्र की कंसल्टेंसी एजेंसी टीसीएस और पीडब्लूसी की भी सेवा ले रहा है।नई वित्तीय व्यवस्था में काम करने के लिए कर्मचारीऔर अधिकारी को प्रशिक्षित किया जा रहा है।



आपको बता दे कि CFMS के तहत अब प्रत्येक जिले में तीन निकासी एवं व्यवन अधिकारी होंगे। प्रमंडलीय जिला में चार निकासी एवं व्यवन अधिकारी बनाया गया है।


जिले के प्राथमिक, मध्य और बुनियादी विद्यालय के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी,सभी डीपीओ व ऑफिस के अन्य कर्मचारियों का वेतन भुगतान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना करेंगे।

वहीं माध्यमिक व उच्च माध्यामिक विद्यालय का लेखा जोखा के लिए डीपीओ को निकासी एवं व्ययन अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा  प्रखंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन भुगतान डावट के प्राचार्य करेंगे। प्रमंडलीय जिला में क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को निकासी एवं जयन अधिकारी बनाया गया है।




आपको बता दे कि इससे पहले डीडीओ जो विद्यालय के एचएम होते थे प्रखंड के शिक्षकों का वेतन भुगतान करते थे।यह व्यवस्था जुन 2009 से है। जिसमे अब बदलाव कर दिया गया है।



शनिवार, 16 मार्च 2019

मध्यान भोजन को लेकर सरकार हुई सख्त।देखिए एक रिपोर्ट



मध्यान भोजन योजना में गुणवत्ता बनाये रखने के लिए निदेशालय स्तर से निगरानी की तैयारी है।एमडीएम की जांच
के बाद गुणवत्ता में कमी आने के बाद सरकार ने ऐसा निर्णय लिया है।

सभी जिला स्तर के पदाधिकारियों को इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी देते हुए रिपोर्ट तलब की गयी है।सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में जीविका के माध्यम से ही एमडीएम उपलब्ध कराया जायेगा।



हेडमास्टरों को इससे मुक्त कर दिया जायेगा।हालांकि स्कूल स्तर पर गुणवत्ता बनाये रखवाने की जिम्मेदारी हेडमास्टर की ही होगी। हर तीन माह में एक बार निदेशालय स्तर से समीक्षा का  प्रावधान किया गया है।



आपको बता दे कि सरकार ने पांच जिलों में एमडीएम की सैंपलिंग करायी थी।इसे नागपुर के एक लैब में जांच के लिए भेजा गया था। गुणवत्ता में खराबी पायी गयी थी।एमडीएम में पोषक तत्वों की कमी मिली थी। इसका कारण निदेशालय स्तर से तय निर्देश का पालन नहीं करना बताया गया था।



आपको बता दे कि प्रदेश के 12 जिलों में एनजीओ के माध्यम से एमडीएम उपलब्ध कराया जाता है. इनमें औरंगाबाद, बोका, बेगूसराय, भागलपुर, गया, जमुई,कैमूर, कटिहार, नालंदा, रोहतास, शिवहर, वैशाली जिले शामिल हैं।



और 2 जिलो में पायलट प्रोजेक्ट के तहत जीविका के द्वारा मध्यान भोजन तैयार करवाया जा रहा है अगर ये प्रोजेक्ट सफल रहा तो शिक्षको को मध्यान भोजन से मुक्ति मिल जाएगी।


शिक्षको के चार-चार महीने अब नहीं करने पड़ेगा वेतन का इंतजार।देखिए एक रिपोर्ट




केंद्र सरकार के विभिन्न मदों में अनुदान रोके जाने से हरकत में आई राज्य सरकार के मौजूदा गतिविधि से ये स्पष्ट दिख रहा है कि इसबार CFMS सिस्टम से वेतन भुगतान की प्रक्रिया अप्रैल से लागू हो सकती है।



जैसा कि आप जान रहे हैं DDO का कोषागार में प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।कल पटना में सभी जिलों के DPO का प्रशिक्षण था। नियमित शिक्षकों का कई प्रखंडों में CFMS की बची हुई प्रक्रिया पूरी की जा रही है।



ये सभी शुभ संकेत दे रहे हैं कि इसबार अप्रैल माह का वेतन 2 मई को खाते में आ जाना चाहिए।अगर ऐसा होता है तो वेतन के 3 से 6 माह का हरबार के इंतेज़ार का खात्मा हो जाएगा।

SSAऔर GOB की अलग अलग वेतन भुगतान प्रक्रिया से मुक्ति मिल जाएगी।और अल्प वेतन भोगी नियोजित शिक्षक अपने परिवार को अच्छी प्रबंधन के द्वारा शांतिमय ज़िन्दगी गुज़ारने का विकल्प देने में लगभग सफल होंगे।



हालाँकि जबतक समान काम समान वेतन नही मिल जाता है ज़िन्दगी से उदासी दूर नही हो सकती।लेकिन CFMS लागू हो जाने से शिक्षको थोड़ी राहत ज़रूर मिलेगी।


बुधवार, 13 मार्च 2019

शिक्षको को मिलेगी क्षतिपूरक अवकाश।देखिए एक रिपोर्ट।



              



राज्य परियोजना निदेशक, विहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के पत्रांक 1641 दिनांक 06.03.19 के द्वारा वर्ग 05 एवं 08 का वार्षिक परीक्षा दिनांक 16 मार्च 2019 से 20 मार्च 2019तक निर्धारित है।




प्रारंभिक विद्यालयों के अवकाश तालिका में दिनां20.03.19 को होली अवकाश है। इस तिथि में दिनांक 20.03.19 को सभी प्रारंभिक विद्यालय खुले रहेंगे, इसकी क्षतिपूर्ति अवकाश प्रधानाध्यापक द्वारा शिक्षकों को आवश्यकतानुसार दिया जाएगा।

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मंगलवार, 12 मार्च 2019

डीएलएड फेल शिक्षको के लिए जारी हुई सूचना।जानिए कहाँ होगी परीक्षा



एनआईओएस द्वारा ली जाने वाली डीएलएड की परीक्षा में जो अभ्यर्थी फेल हो चुके हैं, उन अभ्यर्थियों को दुबारा परीक्षा देनी होगी। ऐसे अभ्यर्थी के लिए विशेष परीक्षा का आयोजन 26 से 30 मार्च तक किया जाएगा।

विशेष परीक्षा में 501 से 505 विषय कोड वाले परीक्षार्थी शामिल होंगे। एनआईओएस की मानें तो डीएलएड के चार सेमेस्टरों की परीक्षा अलग-अलग तिथि में ली गयी।



इन परीक्षाओं में जो परीक्षार्थी किसी विषय कोड में सफल नहीं हो पाए, तो वे विशेष परीक्षा में शामिल होंगे। विशेष परीक्षा देने के बाद ही उन्हें फाइनल रिजल्ट दिया जाएगा।


आपको बता दे कि प्रदेशभर से विशेष परीक्षा में कुल 25 हजार 700 परीक्षार्थी शामिल होंगे। विशेष परीक्षा का आयोजन केवल पटना में ही किया जायेगा।



इसके लिए कुल 26 केंद्र बनाये गये हैं। डीएलएड का फाइनल रिजल्ट अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक घोषित कर दिया जाएगा। इस कारण विशेष परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।इस संबंध में सभी जानकारी परीक्षार्थियों को दी जा रही है।




डीएलएड के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा 15 और 16 मार्च को होगी। परीक्षा में दो लाख 58 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। 38 जिलों में कुल 450 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं। इनमें पटना जिले में 25 केंद्रों पर परीक्षा ली जायेगी।


वर्ग 5 और 8 कि परीक्षा को लेकर जरूरी निर्देश। स्थगित रहेगी पढ़ाई।



परीक्षा निर्देश



जैसा कि आप सभी जानते है कि शिक्षा विभाग इस बार 5 और 8 वर्ग की परीक्षा को लेकर काफी सचेत है जिसे लेकर विभाग ने कुछ दिशा निर्देश जारी किए है जो इस प्रकार है:-

विभाग ने कहा है कि छात्रा परीक्षा के दौरान उच्च तनाव का अनुभव करते इसलिए सकारात्मक वातावरण में परीक्षा संचालित करने की व्यवस्था की जाय।



प्रश्न-पत्र सह उत्तर-पुस्तिका की गोपनीयता के लिए विद्यालयों को सीलबन्द कर उपलब्ध कराया जाय।

प्रधानाध्यापक एवं वर्ग शिक्षक की उपस्थिति में लिफाफे पर हस्ताक्षर के उपरान्त ही प्रश्न पत्र-सह-उत्तर पुस्तिका के सीलबंद लिफाफे को खोला जाएगा।

शांत वातावरण में परीक्षा संचालन के लिए परीक्षा अवधि में अन्य वर्ग कक्ष का संचालन स्थगित रहेगा।



छात्र/छात्रा अपने छात्र जीवन में पहली बार फेल एवं पास की अवधारणा के साथ परीक्षा में सम्मिलित हो रहे है, अतः परीक्षा अवधि में विद्यालय का पूरा परिवेश न सिर्फ भयमुक्त एवं तनावरहित हो बल्कि उत्सव का माहौल भी रहे। शिक्षकों द्वारा प्रेरक शब्दों का इस्तेमाल किया जाय तथा परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाये जिससे छात्र-छात्रा अगली कक्षाओं में भी परीक्षा को सहजता से दे सके।



कदाचारमुक्त वातावरण में परीक्षा संचालन कराने की जिम्मेवारी विद्यालय प्रधान एवं सभी शिक्षकों की होगी। इसके लिए शिक्षक संघ एवं स्थानीय समुदाय का भी सहयोग लिया जाय।



विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों के द्वारा चेतना सत्र के दौरान परीक्षा के महत्व पर चर्चा करते हुए छात्र/छात्राओं को बिना किसी तनाव के परीक्षा में शामिल होने के लिए
उत्प्रेरित किया जाय। 

छात्राओं के प्रति शिक्षकों का व्यवहार सहयोगात्मक होना चाहिए जैसे-बैठने की व्यवस्था के बारे में बताना आदि।



कक्षा Vएवं VIII के छात्र-छात्राओं को मिलाकर एक कक्ष में सीट प्लान किया जाय।परीक्षा की तिथि को छात्र/छात्राओं द्वारा भूलवश लेखन सामग्री नहीं लाने की स्थिति में विद्यालय द्वारा लेखन सामग्री प्रदान किया जाना प्रशंसनीय होगा ताकि छात्र-छात्रा तनाव में ना रहें।



विद्यालय में विशेष साफ-सफाई एवं पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाय।


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सोमवार, 11 मार्च 2019

वेतन भुगतान कर लिए जिओबी मद में जारी हुई राशि।जानिए कितने माह का होगा भुगतान।





एक लंबे इंतजार के बाद सरकार ने जिओबी शिक्षको के वेतन भुगतान के लिए 60 करोड़ 51 लाख 15 हजार 165 रुपए जारी कर दिया है।



आपको बता दे कि जिओबी शिक्षको का 4 माह का वेतन भुगतान करना बाकी है यैसे में ये उमीद जताई जा रही है कि इस राशि से फरवरी तक का भुगतान हो सकता है।



जिओबी मद की इस राशि को जिलावार भेज दिया गया है जल्द ही ये राशि जिलो को प्राप्त भी हो जाएगी। शिक्षक संघ को अब इसमें थोड़ी तेजी दिखाने की जरूरत ताकी शिक्षको का जल्द से जल्द भुगतान हो सके।

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रविवार, 10 मार्च 2019

स्कूलो के परीक्षा समय सारणी में परिवर्तन। दो चरणों मे होगी परीक्षा।



शिक्षा विभाग ने इस बार दो चरणों मे परीक्षा लेने का निर्णय किया है।आपको बता दे कि प्रथम चरण में वर्ग 5 और 8 का और दूसरे चरण में वर्ग 1,2,3,4,6और 7 का परीक्षा लिया जाएगा।दोनों चरणों का परीक्षा समय सारणी इस प्रकार है।



प्रथम चरण परीक्षा समय सारणी




दूसरे चरण परीक्षा समय सारणी






शिक्षको के वेतन भुगतान मद में तीसरी बार जारी हुई राशि।देखिए एक रिपोर्ट




वितीय वर्ष 2018-19 में समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षको के वेतन भुगतान मद में सरकार ने 9 अरब 22 करोड़ की राशि जारी किया है।



आपको बता दे कि इस राशि से SSA शिक्षको का वेतन और बकाया भुगतान किया जा सकेगा।सरकार ने तीसरी बार समग्र शिक्षा अभियान के तहत राशि जारी की है इससे उमीद लगाया जा रहा है कि SSA शिखको का फरवरी तक का भुगतान पूरा हो सकेगा।



आपको बता दे कि वेतन न मिलने से शिक्षको की हालत काफी खराब हो चुकी है सब वेतन आने की आस लगा कर बैठे है यैसे में ये खबर शिक्षको को राहत देगी।


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शनिवार, 9 मार्च 2019

सरकारी शिक्षको और कर्मियों के मदद लिए सरकार ने बनाए नए नियम।



राज्य सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान 60 दिनों में होगा।इसके लिए शिकायत निवारण नियमावली बनायी गयी है।

इस नियमावली का लाभ रिटायर्ड अधिकारियों-कर्मचारियों को भी मिलेगा प्रोन्नति, सेवांत लाभ, पेंशन, नियुक्ति, सेवा आदि बिंदुओं पर होने वाली शिकायतों के लिए इस नियमावली के तहत शिकायत निवारण पदाधिकारी सुनवाई करेंगे।



अगर तय समय 60 दिनों में अगर शिकायत का निबटारा नहीं हुआ तो संबंधित कर्मचारी-अधिकारी आगे अपील कर सकते हैं। 

बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि आम जन के लिए लोक शिकायत निवारण का प्रावधान है। इसी तर्ज पर सरकार ने शिकायत निवारण नियमावली बनायी है।



बिहार सरकार के वर्तमान व रिटायर्ड अधिकारी-कर्मचारी को सेवा मामलों और सेवांत लाभ भुगतान से संबंधित समस्याओं के लिए भटकना नहीं होगा।ऑनलाइन आवेदन करना होगा।ऑनलाइन ही शिकायतकर्ता को तिथि मिलेगी और सुनवाई होगी।



आपको बता दे कि सरकार की तरफ से कर्मचारियों के हक में यह एक अच्छा फैसला है जिससे कर्मियों को मदद मिलेगी।


सकैडो शिक्षको पर विभाग ने किया एफआईआर।देखिए एक रिपोर्ट


सिवान


इंटर परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं को मूल्यांकन इयूटी में लापरवाही बरतनेवाले शिक्षकों पर गाज गिर गई। 

मूल्यांकन कार्य के लिए योगदान नहीं करनेवाले 199 शिक्षकों पर विह्मर विद्यालय परीक्षा समिति संचालन अधिनियम के तहत महादेवा ओपी में एफआईआर दर्ज करने को लेकर बीईओ ने आवेदन दिया है।



शहर के चार केंद्रों पर इंटर परीक्षा को उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्न चल रहा है। इसके लिए विहार विद्यालय परीक्षा समिति ने प्लस टू स्कूल व कॉलेजों के शिक्षकों को परीक्षक बनाया था।जिन्हें उत्तरपुस्तिकाओं की जांच करनी थी।



आपको बता दे कि इन सभी शिक्षको ने योगदान नहीं किया।जिससे इंटर परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य समय से पूरा नहीं हो सकेगा।



इस पर डीईओ चंद्रशेखर राय ने सदर प्रखंड के बीईओ को निर्देश दिया कि योगदान नहीं करनेवाले शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज कराए। मूल्यांकन केंद्र के निदेशकों ने डीईओ को ऐसे शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराई थी। 



ओपी प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि आवेदन में त्रुटि होने के कारण मामला दर्ज नहीं हो सका है। जबकि वीईओ ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को जो रिपोर्ट भेजी है,उसमें कहा गया है कि केस दर्ज करा दिया गया है।