शुक्रवार, 18 जनवरी 2019

शिक्षको के प्रोन्नति में विभाग ने की हेराफेरी। सकैडो शिक्षको का प्रमोशन अटका।


पटना। 


प्रारंभिक विद्यालयों के सहायक शिक्षकों के की प्रोन्नति तो हो गयी लेकिन पोस्टिंग में हेराफेरी  हो गयी। हेराफेरी का यह मामला शिक्षा विभाग पहुंचा। उसके बाद से प्रोन्नत होने वाले दो सौ से अधिक शिक्षकों की पोस्टिंग अटकी पड़ी है। पूरे मामले को शिक्षा विभाग गंभीरता से देख रहा है। उसके बाद इस मामले में कारवाई होगी। 



आपको बता दे कि की नालंदा मधेपुरा एवं जहानाबाद जिलों में प्रारंभिक विद्यालयों के अर्हताधारी सहायक शिक्षकों की प्रोन्नति प्रधानाध्यापक के पदों पर होनी थी। इस मामले में कोर्ट का आदेश था और इसकी मॉनीटरिंग शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को करना था।



इसके तहत नालंदा जिले के प्रारंभिक विद्यालयों के अर्हताधारी सहायक शिक्षकों की प्रधानाध्यापक के रूप में प्रोन्नति हो गयी। प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नत होने वाले शिक्षकों की संख्या दो सौ से ज्यादा है। 



आपको पता होगा कि प्रारंभिक विद्यालयों में सिर्फ मध्य विद्यालयों में ही प्रधानाध्यापक के सृजित पद हैं। यानी, प्रोन्नति से प्रधानाध्यापक बनने वाले दो सौ से अधिक शिक्षकों की पोस्टिंग प्रधानाध्यापक के पदों पर होनी थी।

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लेकिनपोस्टिंग की पूरी प्रक्रिया ही विवादों के घेरे में आ गयी। इससे मामला शिक्षा विभाग पहुंच गया। नतीजा यह हुआ कि पोस्टिंग अटकी पड़ी हैविभाग पोस्टिंग में हेराफेरी की शिकायतों को देख रहा है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार स्थानान्तरण के जरिये प्रधानाध्यापक के पद पर पोस्टिंग का मूल नियम कि सबसे पहले आहरण एवं व्ययन।पदाधिकारी के पद की पोस्टिंग होगी, उसके बाद संकुल संसाधन केंद्र के मध्य विद्यालय में और उसके बाद अन्य मध्य विद्यालयों में पोस्टिंग होगी



इस पूरी प्रक्रिया में विशेष  आवश्यकता वाले शिक्षकों, महिला शिक्षकों एवं एक वर्ष में  रिटायर करने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता देने का प्रावधान है। इन नियमों का पोस्टिंग में सख्ती से अनुपालन नहीं किया गया।



यह शिकायत शिक्षकों द्वारा शिक्षा विभाग से की गयी। अब यह मामला शिक्षा विभाग के पास लम्बित है। विश्वस्त सूत्रों की मानें, तो ऐसा लगता है। कि जिले द्वारा की गयी कतिपय अनियमितता की वजह से यह मामला सुलझ नहीं पाया है।

आधिकारिक सूत्रों की मानेंतो पोस्टिंग के पूर्व जिले में यह सुनिश्चित होना है कि प्रत्येक प्रखंड में  उपलब्ध रिक्ति के आधार पर समानुपातिक रूप से प्रधानाध्यापकों की पोस्टिंग की जाय ताकि कोई प्रखंड आवश्यक रूप से प्रधानाध्यापक की कमी महसूस नहीं करे।




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