सोमवार, 24 दिसंबर 2018

विभाग के इस पत्र से दक्षता फेल शिक्षको के चेहरे पर आई खुशी।





बिहार प्रारम्भिक शिक्षक नियोजन एवं सेवा शर्त नियमावली 2006 एवं 2008 के अनुसार नियोजित शिक्षको के लिये राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद बिहार द्वारा प्रारम्भिक शिक्षक मूल्यांकन (दक्षता) परीक्षा 2016 का आयोजन किया गया था।




परीक्षा संपन्न होने के बाद राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद बिहार पटना के द्वारा उक्त परीक्षा में पूछे  गये प्रश्नों  पर परीक्षार्थियों से आपत्ति की माँग की गई ।

आपको बता दे कि  आपत्तियों का निष्पादन हेतु गठित विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा अनुशंसा किया गया कि सामान्य शिक्षक के 7 प्रश्न,शारीरिक शिक्षक के 5 प्रश्न एवं उर्दू शिक्षक के 10 प्रश्न त्रुटिपूर्ण है।



ऐसे सभी त्रुटिपूर्ण  प्रश्नों को छांटकर पूर्णांक एवं उत्तीर्णाक निर्धारित कर निम्नवत् परीक्षाफल प्रकाशन हेतु आदेश निदेशक राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद बिहार, पटना को दिया गया था।



लेकिन परीक्षफल प्रकाशन के उपरान्त कुछ आवेदकों के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में त्रुटिपूर्ण प्रश्नों के बदले में समान अंक प्रदान करते हुए पूर्णक 100 एवं उत्तीर्णाक सामान्य हेतु 45 एवं आरक्षित श्रेणी हेतु 40 अंक निर्धारित कर परीक्षाफल प्रकाशन हेतु अनुरोध किया गया।


आपको बता दे कि उच्च न्यायालय पटना द्वारा पारित आदेश के बाद में दिये गये निर्णय के आलोक में शिक्षक हित को ध्यान में रखते हुए काफी  विचार करने के बाद विभाग द्वारा


निर्णय लिया गया कि 


वैसे सभी परीक्षार्थी जिन्होंने त्रुटिपूर्ण प्रश्नों का उत्तर दिया हो अथवा नहीं दिया हो  ऐसे सभी परीक्षार्थियों को सभी त्रुटिपूर्ण प्रश्नों के बदले में समान अंक प्रदान कर पूर्णांक 100 निर्धारित करते हुए उत्तीर्णाक सामान्य श्रेणी के लिये 45 अंक एवं आरक्षित श्रेणी के लिये 40 अंक पर परीक्षाफल संशोधित कर निदेशक राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, बिहार,


पटना द्वारा प्रकाशित किया जाएगा ।


बिहार प्रारम्भिक शिक्षक नियोजन एवं सेवा शर्त नियमावली 2006 एवं 2008 के अनुसार नियोजित शिक्षको के लिये राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद बिहार द्वारा प्रारम्भिक शिक्षक मूल्यांकन (दक्षता) परीक्षा 2016 का आयोजन किया गया था।



परीक्षा संपन्न होने के बाद राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद बिहार पटना के द्वारा उक्त परीक्षा में पूछे  गये प्रश्नों  पर परीक्षार्थियों से आपत्ति की माँग की गई ।



आपको बता दे कि  आपत्तियों का निष्पादन हेतु गठित विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा अनुशंसा किया गया कि सामान्य शिक्षक के 7 प्रश्न,शारीरिक शिक्षक के 5 प्रश्न एवं उर्दू शिक्षक के 10 प्रश्न त्रुटिपूर्ण है।

ऐसे सभी त्रुटिपूर्ण  प्रश्नों को छांटकर पूर्णांक एवं उत्तीर्णाक निर्धारित कर निम्नवत् परीक्षाफल प्रकाशन हेतु आदेश निदेशक राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद बिहार, पटना को दिया गया था।


लेकिन परीक्षफल प्रकाशन के उपरान्त कुछ आवेदकों के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में त्रुटिपूर्ण प्रश्नों के बदले में समान अंक प्रदान करते हुए पूर्णक 100 एवं उत्तीर्णाक सामान्य हेतु 45 एवं आरक्षित श्रेणी हेतु 40 अंक निर्धारित कर परीक्षाफल प्रकाशन हेतु अनुरोध किया गया।




आपको बता दे कि उच्च न्यायालय पटना द्वारा पारित आदेश के बाद में दिये गये निर्णय के आलोक में शिक्षक हित को ध्यान में रखते हुए काफी  विचार करने के बाद विभाग द्वारा
निर्णय लिया गया कि 


वैसे सभी परीक्षार्थी जिन्होंने त्रुटिपूर्ण प्रश्नों का उत्तर दिया हो अथवा नहीं दिया हो  ऐसे सभी परीक्षार्थियों को सभी त्रुटिपूर्ण प्रश्नों के बदले में समान अंक प्रदान कर पूर्णांक 100 निर्धारित करते हुए उत्तीर्णाक सामान्य श्रेणी के लिये 45 अंक एवं आरक्षित श्रेणी के लिये 40 अंक पर परीक्षाफल संशोधित कर निदेशक राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित किया जाएगा ।




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