शनिवार, 15 दिसंबर 2018

बिहार के 1.52 लाख नियोजित शिक्षकों को सुप्रीमकोर्ट के फैसले का मिलेगा लाभ


पटना


बिहार के 1.52 लाख नियोजित शिक्षकों को D.P.E उतीर्ण तिथि से प्रशिक्षित का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है  इस सबंध मे राज्य सरकार उनके संवर्धन की तिथि से प्रशिक्षित का लाभ देगी।


संवर्धन के नाम पर बिहार सरकार नियोजित शिक्षको के लगभग 4 साल की वरीयता को प्रभावित किया था । इसके विरुद्ध परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ एवं अन्य शिक्षकों ने  माननीय उच्च न्यायालय पटना मे याचिका दायर की थी ।



हाईकोर्ट ने ऊक्त मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए शिक्षकों के पक्ष मे फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को D.P.E उतीर्ण तिथि से प्रशिक्षित का लाभ देने का आदेश किया था , जिसके खिलाफ बिहार  सरकार ने सुप्रीम कोर्ट मे SLP दायर कर दी थी ।



मामलें की जानकारी देते हुए परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ प. चंपारण के जिला महासचिव नंदन कुमार ने बताया कि 1.52 लाख नियोजित शिक्षक इग्नू  द्वारा संचालित कार्यक्रम D.P.E के माध्यम से सत्र 2007-09 , 2008-10 , 2009-11 एवं 2010-12 मे प्रशिक्षण प्राप्त किये थे , जिनकी फाइनल परीक्षा क्रमशः जून 2009 , 2010 , 2011 एवं 2012 मे ली गई एवं परीक्षाफल का प्रकाशन भी उसी वर्षों मे करते हुए प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया । किंतु राज्य सरकार ने वर्ष 2011 मे आदेश जारी कर छः माह के संवर्धन के बाद उन्हे प्रशिक्षित मानने का आदेश जारी कर दिया । 




                       उक्त मामलें मे पटना हाई कोर्ट ने सितंबर 2016 मे पहला फैसला शिक्षको के पक्ष मे दिया , जिसे सरकार ने लागू नही किया । इसके बाद परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने हाईकोर्ट मे सरकार के विरूद्ध अवमाननावाद दायर कर दिया । अवमाननावाद की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए उक्त आदेश को शीघ्र लागू करने को कहा । सरकार घबराकर सुप्रीम कोर्ट चली गई ।



                         संघ की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस कृष्णमूर्ति रामामूर्ति ने बहस करते हुए कहा कि 2016 मे हाईकोर्ट द्वारा दिये गये फैसलें को दो वर्षों बाद चुनौती मे लाना असंवैधानिक है । यह अर्गुमेंट सुनते ही जस्टिस संजय किशन कौल एवं दीपक गुप्ता की दो सदस्यीय खंडपीठ ने बिहार सरकार के SLP को खारिज करते हुए पटना हाईकोर्ट के आदेश को हू - बहू लागू करने का आदेश दिया ।



इस दौरान सुप्रीम कोर्ट मे संघ के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवासी , गोपालगंज जिलाध्यक्ष निलमणि शाही , सीतामढी जिला महासचिव शशीरंजन सुमन , अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे ।


                आपको बता दे सुप्रीम कोर्ट मे बिहार के नियोजित शिक्षकों की यह पहली जीत है । उक्त फैसलें से बिहार के 1.52 लाख नियोजित शिक्षकों को लगभग चार साल की वरियता एवं 30,000 - 50,000 तक एरियर के रुप मे आर्थिक लाभ भी मिलेगा ।

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