बुधवार, 5 सितंबर 2018

आज कोर्ट में अटर्नी जनरल ने किन-किन बातों को कहा जानिए बिस्तार से।



आज 5 सितंबर को सुप्रिमकोर्ट में समान काम समान वेतन की सुनवाई 11:35 मिनट पर शुरू हुई।

अटॉनी जनरल साहब का लंच के बाद दूसरे कोर्ट रूम मे जाना है.इसलिए आज 1बजे तक बोल सकते थे।

माननीय कपिल सिब्बल साहब ने मजाकिया लहजे में अटार्नी जनरल के के वेणु गोपाल को कहा आज शिक्षक दिवस हैं, आज आप शिक्षकों के पक्ष में बोलिये आज ही शिक्षकों को कोर्ट से सम्मान दिलाइये। हम सब शिक्षकों के आशीर्वाद से ही यहाँ तक पहुंचे है।

A.G साहब ने जब बोलना शुरू किया तो वह वही घिसी-पिटी बहस शुरू किए,जो बिहार सरकार के वकील बोले थे समान काम समान वेतन पर।

वेणुगोपाल पूर्व में दिए गये हलफनामे को दोहराते हुए बोले कि केंद्र सरकार 4 लाख नियोजित शिक्षको इतनी बड़ी राशि देने में सक्षम नहीं।

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि Ssa मद की राशि राज्यों के जनसंख्या के आधार पर और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर दी जाती है न कि वेतन में बढ़ोतरी करने के लिए नहीं दी जाती।

नियमित शिक्षकों की बहाली BPSC से हुई है। इन शिक्षकों की बहाली पंचायती राज संस्था से ठेके पर हुई है।

अटर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि केंद्रीय विद्यालयों में,नवोदय विद्यालय, में नियमित टीचर के अलावा अनुबंध के टीचर पढ़ाते है वहां पढ़ाई पर कोई असर नही पड़ता।

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि शिक्षकों की मांग आगामी चुनाव और राजनीति से प्रेरित है इसलिए केंद्र अंशदान नहीं बढ़ा सकती है।
अटार्नी जनरल ने बिहार सरकार के बातों को दुहराते हुए शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का बखियाँ उधेड़ते हुए 1991 से लेकर अब तक की बहाली का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी बहाली सही तरीके से नही हुई है।

अटार्नी जनरल ने कहा कि शिक्षा सेवा का भाव होना चाहिए न कि सिर्फ पैसों के लिए।

टेट शिक्षक के बारे में उन्होंने बताया कि ये भी समान काम के समान वेतन के हकदार नही, ये शिक्षक योग्य है लेकिन इनकी परीक्षा नियमित की भांति BPSC के द्वारा नही ली गयी है, इसीलिए ये भी नियोजित शिक्षक के ही कैटेगरी में आते है ।

अटार्नी जनरल ने दिल्ली पुलिस बनाम भारत सरकार में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पटल पर रखकर यह कह रहे हैं कि विभिन्न विभागों के विभिन्न ड्राइवर का वेतन अलग-अलग हो सकता है। अलग-अलग कोटि के पुलिस  का अलग-अलग वेतन होता है। इसलिए अलग-अलग शिक्षकों का अलग-अलग वेतन भी हो सकता है।

कपिल सिब्बल बोले अलग अलग विभागों में तो ठीक है लेकिन एक ही विभाग एक ही विद्यालय में समान काम समान कार्य अवधि, लगभग सभी सुविधाएं 1 हो, सिर्फ वेतन कम हो ।इसका और किसी विभाग में उदाहरण हो तो बताएं।


आपको बता दे कि अटर्नी जनरल ने जो भी बाते कोर्ट में कही उससे कोई भी निष्कर्ष नही निकला लेकिन इतना शिक्षको को जरूर पता चला कि केंद्र सरकार बेतनमान देने के पक्ष में नहीं है।

और इसी बहस के साथ लंच का समय हो गया और अटर्नी जनरल साहब भी अपने दूसरी केश की सुनवाई में चले गए इसलिए आज ओ 1 बजे तक का ही समय कोर्ट को दे पाए।



0 टिप्पणियाँ: