बुधवार, 29 अगस्त 2018

सिंधवी जी ने कहा शिक्षको को मिले वेतनमान। जानिए क्या-क्या बाते हुई कोर्ट में




जैसा कि आप सभी जानते है 11:56 मिनट पर आज समान काम समान वेतन की सुनवाई प्रारम्भ हुई।

कोर्ट में बहस की शुरुवात चिदंबरम साहब ने की। चिदम्बरम साहब ने कोर्ट में  आर्टिकल 21(ए) पर काफी देर तक बहस की और उसके बाद बैठ गए।

चिदंबरम जी के बाद सिंधवी जी ने अपने बहस की शरुवात की।
सिंधवी जी ने कोर्ट को बताया कि नियमावली की कंडिका 14 नियोजित शिक्षकों को सेवा पुस्तिका संधारण का अधिकार देता है। किसकी सेवा पुस्तिका खोली जाती है यह कहने  का कोई मतलब नही है।

उन्होंने ने कोर्ट को बताया कि सेवा पुस्तिका का संधारण कोई अन्य नही बल्कि प्रखंड स्तर पर BEO जो कि राज्य सरकार का ही कर्मी है और पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव वह भी राज्य सरकार का सबसे महत्वपूर्ण कर्मी है उन्ही को करना है। 

सिंधवी जी ने कोर्ट को माध्यमिक शिक्षक के आर्थिक आकड़ो व योग्यताओ के बारे में बताया साथ ही राज्य स्तर की बहाली की के बारे में भी बताया।

सिंघवी ने अपने बहस मैं TeT से संबंधित सभी बातों को क्लियर कर दिया और जज भी संतुष्ट हुए की प्राइमरी या सेकंडरी में TeT कोई बाध्यता नहीं है।

सिंधवी जी ने कोर्ट को बताया कि मै जिनका प्रतिनिधित्व कर रहा हूँ ओ 9वी वर्ग से 12 वी वर्ग तक के शिक्षक और पुस्तकल्याध्यक्ष है उनकी कुल संख्या मात्र 33 हजार 529 है जो राज्य सरकार अपने आँकड़ो में भी  दिखाती है उनको समान काम समान वेतन मिलना ही चाहिए।

सिंघवी साहब ने अपने बहस के दौरान पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत कर साबित कर दिया कि 2012 से पूर्व नियोजित शिक्षकों के लिए टेट पास होना अनिवार्य नहीं है, जज महोदय के समक्ष रखी मामले से संबंधित तथ्यात्मक दस्तावेज से संतुष्ट दिखे जज साहब।

सिंधवी जी ने बहस के दौरान कोर्ट से आग्रह किया कि बिहार सरकार के slp को यथाशीघ्र खारिज कर नियोजितो के अधिकार को सुरक्षित करे।





आपको बता दें कि आज का बहस माध्यमिक  शिक्षकों पर आकर केंद्रित हो गया सिंधवी  जी के बाद कोर्ट में बैधनाथ जी और  रंजीत जी बहस किए ।रंजीत जी की बहस आज पूरी नहीं हो सकी औऱ कोर्ट का समय  समाप्त हो गया। कोर्ट ने 30 तारीख की तिथि सुनवाई की घोषित कर दी अब 30 तारीख को रंजीत जी फिर से अपनी बहस को कंटिन्यू करेंगे।

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