शनिवार, 4 अगस्त 2018

हाईकोर्ट ने विद्यालय के निरीक्षण करने पर लगाई रोक।



पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश को निरस्त
कर दिया है जिसके तहत जीविका को प्रारंभिक विद्यालयों की
मानिटरिंग का अधिकार दे दिया गया था।


आपको बता दे कि यह एक तरह से प्रारंभिक विद्यालयों को जीविका के अधीन करना था। राज्य सरकार ने 3 अगस्त 2016 को एक आदेश जारी कर प्राइमरी स्कूलों पर अनेक पाबंदी लगा दी थी। 

सरकार ने स्कूलों की मानिटरिंग करने के लिए सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रबंधक जिला कार्यक्रम जीविका को दिशा निर्देश जारी किया गया था।

शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के आलोक में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु कुछ कदम उठाये गए हैं।

इसके तहत जीविका के कम से कम दो सदस्य प्रत्येक
माह कम से कम दो बार अपने क्षेत्र के विद्यालय का भ्रमण करेंगे।
वे विद्यालयों के बारे में संबंधित पदाधिकारी को रिपोर्ट
करेंगे।इनकी रिपोर्ट पर ही शिक्षकों एवं विद्यालयों का भविष्य तय होगा।
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