गुरुवार, 26 जुलाई 2018

250 शिक्षको की नौकरी हो जाएगी खत्म।



समस्तीपुर जिले के सभी 20 प्रखंड के करीब 250 नियोजित शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है।

देश के विभिन्न राज्यों के सात शिक्षण संस्थानों के शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्र को अमान्य कर दिया गया है।

इन प्रमाणपत्रों के आधार पर जिले में लगभग 250 शिक्षक नौकरी
कर रहे हैं।शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को चिह्नित करने को कहा
है। इसको लेकर डीपीओ स्थापना ने सभी बीईओ को निर्देश जारी किया है।

कहा गया है कि सातों संस्थानों को किसी भी सक्षम प्राधिकार द्वारा
शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्र निर्गत करने का अधिकार प्राप्त नहीं है। इन संस्थानों की डिग्री पर करीब 250 शिक्षक विभिन्न प्रखंडों में सेवारत हैं। 


विश्वस्त सूत्रों की माने तो विभूतिपुर में करीब 25 खानपुर
में 12 व बिथान प्रखंड में करीब 8 शिक्षक हैं। इसी प्रकार अन्य प्रखंडों में कहीं 5 तो कहीं 7 की संख्या में टीचर कार्यरत हैं। 


सभी बीईओ को उक्त संस्थानों के प्रमाण पत्रों पर कार्य करने वाले शिक्षकों से विद्यालय प्रधान न ही उपस्थिति दर्ज कराएंगे और न ही किसी भी प्रकार के विद्यालयी कार्य कराएंगे।


फर्जी कागजात सहित अन्य कारणों से अब तक जिले में 83
शिक्षकों की नौकरी जा चुकी है।दो दिन पूर्व ही विभूतिपुर प्रखंड में
फर्जी कागजात मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के पुलिस
निरीक्षक द्वारा विभूतिपुर थाने में 11 शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।


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