गुरुवार, 2 फ़रवरी 2023

शिक्षकों के लिए सरकार का बड़ा ऐलान। देखिए ये रिपोर्ट



नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद शिक्ष का पूरा क्षेत्र बड़े सुधारों के दौर से गुजर रहा है। इसकी बिग फॉक्स को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी पर निर्भर करती है। इसमें छात्रों से लेकर शिक्षकों तक के प्रदर्शन के लिए नए-नए मानकों पर काम हो रहा है। जिसके आधर पर उन्हें नई उड़ान भरने का रास्ता मिलेगा। मौजूदा बजट में केंद्र सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण से एक बड़ा एलान किया है। ऐसे में सभी शिक्षकों को फिर से प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनके स्कूलों का प्रदर्शन कमजोर होगा। शिक्षकों को यह प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के माध्यम से दिया जाएगा। सरकार जिसे वाईब्रेंट एक्सलेंस इंस्टीट्यूट के रूप में तैयार करने की कल्पना की गई है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मलता ने बुधवार को अपने बजट भाषण में शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए आरएलएएन करते हुए कहा कि शिक्षकों को यह प्रशिक्षण नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जाने वाले सभी नवाचारों और मानकों के आधार पर दिया जाएगा। इसलिए ही नहीं, प्रत्येक जिला प्रशिक्षण विद्यालय विद्या समीक्षा केंद्र को डेसेटिंग केंद्र भी बनाया जाएगा। ट्रायल के तौर पर यह माडल भी तैयार किया गया है। देश में करीब 15 लाख प्रशिक्षण संस्थान ऐसे में शिक्षाल सभी पर नजर रखना चाहता है यही कारण है कि कि कि सेंसर निगरानी के लिए जिला स्तर पर तैयारी कर रही है।


रविवार, 15 जनवरी 2023

डीएम का आदेश विद्यालय का समय बदला।



विभाग के अनुसार वर्तमान में जिले में ठंड के मौसम में सुधार हो रहा है, परन्तु ठंड का मौसम और कम तापमान विशेष रूप से सुबह और शाम के समय में जारी है, जिसके कारण बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसलिए जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के द्वारा दिये गये सहमति से जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के सभी वर्गों की पठन-पाठन एवं शैक्षणिक गतिविधियाँ सोमवार पूर्वाहन 09:30 बजे से अपराह्न 02:30 बजे तक संचालित करने का आदेश दिया गया है। 







शुक्रवार, 13 जनवरी 2023

चेहरा दिखाने पर ही बनेगी हाजिरी। सरकार कस रही है लगाम। देखिए रिपोर्ट


पंचायत से लेकर सचिवालय स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मियों को बायोमेट्रिक हाजिरी बनाना अनिवार्य होगा । इस प्रणाली के सुचारू तरीके से काम करने को लेकर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने बेल्ट्रॉन, ई-कनेक्ट समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की है। इसमें निर्णय लिया गया कि बायोमेट्रिक हाजिरी से संबंधित सॉफ्टवेयर के नये संस्करण का उपयोग किया जायेगा। आने वाले समय में इस मशीन को अपग्रेड करके फेस रेकोनाइजेशन या अंगूठे की स्कैनिंग की सुविधा भी अनिवार्य रूप से बहाल करने पर विचार किया गया। 


फिलहाल इसे लेकर सभी स्तर पर विचार- विमर्श करने के लिए कहा गया है। कर्मियों की हाजिरी फेस के आधार पर बनाने की योजना पर विचार किया गया है। इन मशीनों में सॉफ्टवेयर के ऑटो या पुश अपडेशन की सुविधा मौजूद होगी। इससे यह निश्चित समय पर स्वयं अपडेट होता जायेगा। इस बैठक के दौरान कुछ विभागों के कर्मियों को आ रही समस्या पर भी  चर्चा की गयी । यह भी निर्णय लिया गया  कि अब हाजिरी की मशीन में किसी स्तर  के कर्मी की तस्वीर बिना सक्षम प्राधिकार  की अनुमति के बदली नहीं जायेगी।

बुधवार, 11 जनवरी 2023

जातीय जनगणना कर रहे शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर देखिए यह रिपोर्ट



 विभाग का कहना है की जिलों से यह सूचनाएं प्राप्त हुई है कि शिक्षकों को  अपराह्न 04:00 के बाद जातीय जनगणना का कार्य करने का निर्देश दिया गया है।लेकिन ठंढ के मौसम को देखते हुए यह उचित प्रतीत नहीं होता है। साथ ही, वर्तमान में ठंढ के कारण अधिकांश विद्यालयों में कक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। अतः जातीय जनगणना के लिए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करने में यह भी ध्यान रखा जाए कि विद्यालय के सभी शिक्षकों को प्रतिनियुक्त नहीं किया जाए एवं जो प्रतिनियुक्त शिक्षक हैं, वे पूरे दिन की कार्यावधि में जातीय जनगणना का कार्य करें तथा इसी बीच किसी भी समय जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कर लें।






जातीय जनगणना के दौरान हुई शिक्षकों की मौत।जनगणना खारिज करने के लिए याचीका दायर।



बिहार में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच 7 जनवरी से जातीय जनगणना शुरू है। लोगों की गिनती के लिए राज्य के टीचरों को लगाया गया है। कड़ाके की ठंड का सीधा असर सरकारी शिक्षकों पर पड़ रहा है। ठंड के कारण अब तक दो शिक्षकों की असमय मौत हो गयी है। जबकि एक टीचर की मृत्यु प्रशिक्षण लेने के दौरान ही हो गई थी। बताया जा रहा है इनमें एक शिक्षक मधुबनी और एक शेखपुरा जिले के हैं। जानकारी के अनुसार शेखपुरा जिले के गवय पंचायत के लोदीपुर गांव निवासी अंजनी शर्मा की मौत जाति आधारित जनगणना के कार्य के समय हुई है। 

बिहार में जातिगत जनगणना के लिए 6 जून को राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को रद्द करने की मांग को लेकर यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिका में बिहार में जातिगत जनगणना के लिए 6 जून को बिहार सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी गयी है। याचिका में जातिगत जनगणना के नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग की गई है। याचिका नालंदा के रहने वाले अखिलेश कुमार ने वकील बरुण कुमार सिन्हा के माध्यम से दायर की है।

मंगलवार, 10 जनवरी 2023

शिक्षकों की ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू। शुक्रवार को सप्ताहिक छुट्टी घोषित करने की मांग ।


राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय में कार्यरत जिला संवर्ग के मूल कोटि के प्रारंभिक शिक्षकों तथा 34540 कोटि के स्थानांतरण के लिए आवेदन शुरू कर दिया गया है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 जनवरी हैं। पटना जिला अंतर्गत जो भी शिक्षक अपना स्थानांतरण चाहते हैं, वो इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ शिक्षकों को कई कागजात भी देने होंगे।

आपको बता दे की साप्ताहिक छुट्टी शुक्रवार को बहाल करने की मांग मुख्यमंत्री से समाधान यात्रा के दौरान की गई। अब्बास हाश्मी ने कहा है कि उर्दू स्कूलों में शुक्रवार की छुट्टी को रद्द करते हुए रविवार को छुट्टी का आदेश दिया गया है। उन्होंने प्राथमिक शिक्षक पटना के अवकाश तालिका को संसोधित करते हुए पुनः राज्य के सभी उर्दू स्कूलों में पहले जैसे शुक्रवार को छुट्टी बहाल करने की मांग की है। कहा है कि पहले राज्य के सभी उर्दू स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी हुआ करती थी।


सोमवार, 9 जनवरी 2023

जाति आधारित जनगणना कार्य पर विरोध शुरू। देखिए यह रिपोर्ट


 

 

 जाति आधारित गणना कार्य में शिक्षकों को लगाए जाने का बिहार कांग्रेस ने विरोध किया है। हालांकि पार्टी ने कहा सरकार जाति आधारित गणना जन आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए करा रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की पहले से बहुत कमी है। छात्रों को आज भी स्कूलों में सारे विषय नहीं पढ़ाए जा रहे हैं। ऐसे में जातीय गणना में शिक्षकों को लगाना राज्य के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

 

शिक्षकों का काम जाति मुक्त समाज का निर्माण करना है। उन्होंने कहा जब शिक्षक ही जाति पूछने लगेंगे तो वे अपनी गरिमा खो देंगे इससे शिक्षकों को मुक्त किया जाए।जाति आधारित गणना कार्य में शिक्षकों को लगाए जाने का बिहार कांग्रेस ने विरोध किया है। हालांकि पार्टी ने कहा सरकार जाति आधारित गणना जन आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए करा रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की पहले से बहुत कमी है। छात्रों को आज भी स्कूलों में सारे विषय नहीं पढ़ाए जा रहे हैं। ऐसे में जातीय गणना में शिक्षकों को लगाना राज्य के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। शिक्षकों का काम जाति मुक्त समाज का निर्माण करना है। उन्होंने कहा जब शिक्षक ही जाति पूछने लगेंगे तो वे अपनी गरिमा खो देंगे इससे शिक्षकों को मुक्त किया जाए।

मंगलवार, 3 जनवरी 2023

विभाग करेगा शिक्षकों के लिए दक्षता परीक्षा का आयोजन देखिए यह रिपोर्ट




विभाग दक्षता परीक्षा में अनुत्तीर्ण शिक्षकों एवं पूर्व में दक्षता परीक्षा में समिलित नहीं हुए अभ्यर्थियों के लिए दक्षता परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। इस संबंध में विभाग को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से प्रशिक्षणार्थियों की संख्या भी उपलब्ध करायी गई है। जिला कार्यालय से उपलब्ध कराये गये प्रतिवेदन में कितने शिक्षक सामान्य या उर्दू या शारीरिक शिक्षक हैं, अभी ये बात स्पष्ट नहीं है।

विभाग ने दक्षता परीक्षा में सम्मिलित होने योग्य कुल सामान्य, उर्दू एवं शारीरिक शिक्षकों के संबंध में स्पष्ट संख्यात्मक प्रपत्र शीघ्र विभाग को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है ताकि दक्षता परीक्षा में सम्मिलित होने वाले शिक्षको की समेकित सूची तैयार कर दक्षता परीक्षा समय से कराई जा सके।

आपको बता दें कि दक्षता परीक्षा का इंतजार हजारो शिक्षक बेसब्री से कर रहे हैं दक्षता ना होने के कारण शिक्षको का इंक्रीमेंट रुका हुआ है इसलिए दक्षता परीक्षा बहुत अनिवार्य है ताकि शिक्षकों की सैलरी में भी बढ़ोतरी हो सकेl। 








शुक्रवार, 23 दिसंबर 2022

सरकारी स्कूलों को बंद करने का आदेश हुआ जारी। देखिए रिपोर्ट



राज्य में बढ़ते ठण्ड एवं शीतलहर के कारण लगातार जनप्रतिनिधियों, बच्चों के अभिभावकगण तथा शिक्षक संघों द्वारा विद्यालयों को बंद करने हेतु अनुरोध किया जा रहा था। इसी अनुरोध को देखते हुए अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी  जिला अधिकारियो को  बढ़ते ठण्ड एवं शीतलहर की समीक्षा कर अपने जिला के सभी करने पर विचार करने का आदेश दिया है  साथ ही स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इस पर शीघ्र निर्णय लेने की का आदेश दिया है। 







शुक्रवार, 11 नवंबर 2022

शिक्षकों पर सरकार का शिकंजा। अब लोकेशन होगा ट्रेस। देखिए ये रिपोर्ट



बिहार के पहली से लेकर 12 वीं तक के करीब 80 हजार सरकारी विद्यालयों की निगरानी अब बिहार इजी स्कूल ट्रैकिंग सिस्टम (बीईएसटी) प्लस एप से होगी। इसके तहत शिक्षा महकमे से जुड़े अफसरों के अलावा जिलाधिकारी के साथ ही स्थानीय प्रशासन से जुड़ा कोई भी अधिकारी अपने आस-पास के स्कूल की जानकारी ले पाएगा।

पांच साल पूर्व तत्कालीन शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने स्कूलों की मॉनिटरिंग के लिए बेस्ट एप को लॉन्च किया था। अब इसे अपडेट कर तथा इसकी परिधि और फीचर को बढ़ाते हुए बेस्ट प्लस एप के रूप में सक्रिय किया गया है।शुक्रवार को श्रीकृष्ण सिंह मेमोरियल हॉल में आयोजित शिक्षा दिवस समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एप को लॉन्च करेंगे। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा तैयार इस एप के बारे में अपर राज्य परियोजना निदेशक रविशंकर सिंह ने बताया कि डिजिटल तकनीक (मोबाइल फोन) से एप द्वारा सभी स्कूलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो पाएगी। यह जीयो फेसिंग सिस्टम सपोटिंग एप है। 

अनुश्रवण करने वाले पदाधिकारियों को विद्यालय से 500 मीटर की परिधि में रहना आवश्यक होगा।अनुश्रवण के लिए वर्तमान लोकेशन से 5 किमी की परिधि में अवस्थित सभी विद्यालयों का नाम रूटमैप के साथ मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देगा। विद्यालयों से संबंधित तमाम सूचनाएं यथा स्कूल का नाम, प्रखंड, जिला आदि तथा अक्षांश एवं देशांतर एप में पहले से अपलोड है। मॉनिटरिंग रिपोर्ट एवं विश्लेषण के आधार पर विभाग स्तर से आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। 

तत्काल मिल सकेंगी ये जानकारी बेस्ट प्लस एप के माध्यम से स्कूलोंकी निगरानी के दौरान विद्यालय खुलने की स्थिति, शिक्षकों एवं बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, समय- सारणी एवं वर्ग संचालन, शैक्षणिक विद्यालय में स्वच्छता एवं शौचालय की स्थिति आदि से संबंधित वास्तविक सूचनाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, सूचनाएं संकलित हो सकेंगी। एप के जरिए स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों की ट्रैकिंग भी होगी। देर से स्कूल खुलने पर प्रधानाध्यापक सहित अन्य शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

मंगलवार, 18 अक्तूबर 2022

समय से पहले वेतन देने का पत्र हुआ जारी। देखिए ये रिपोर्ट



दिवाली और छठ पर्व को देखते हुए शिक्षा विभाग ने पत्र जारी किया है कि शिक्षकों का समय से पहले अक्तूबर माह का भुगतान कर दिया जाए। सभी जिलों में लगभग इससे संबंधित पत्र निर्गत कर दिया गया है। 

आपको बता दे कि जिनका दो माह का भुगतान बाकी है और जिनका केवल अक्तूबर का भुगतान बाकी है उनके भुगतान  मद मे सभी जिलों को 19 अक्तूबर तक राशि प्राप्त हो जाएगी । आपको बता दें कि विभाग ने इस बार त्योहार को लेकर शिक्षकों का समय से पहले ही यानी 21 अक्तूबर तक भुगतान करने  का निर्णय लिया है जिस से शिक्षको के बीच खुशी की लहर है। 






शिक्षकों की वेतन में हुई । बढ़ोतरी विभाग ने जारी किया पत्र।

 



बिहार सरकार वित्त विभाग ने सप्तम् केन्द्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों को दिनांक 01 जुलाई 2022 के प्रभाव से 34% के स्थान पर 38% महंगाई भत्ता की स्वीकृति के संबंध में पत्र जारी कर दिया है।

आपको बता दे कि राज्य सरकार के कर्मचारियों और शिक्षको को को दिनांक 01जुलाई 2022 के प्रभाव से 34 प्रतिशत की जगह अब 38% कि  दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। 

जैसा कि आप सभी जानते है कि राज्य सरकार भी अपने कर्मियों को महंगाई भत्ता की स्वीकृति केन्द्र सरकार के अनुरूप उसी दर पर एवं उसी तिथि से करती रही है।महंगाई भत्ता की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक पैसे अगले रूपये में पूर्णांकित कर दिया जायगा तथा 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जायेगा। 


पत्र


 

मंगलवार, 30 अगस्त 2022

राज्य सरकार सभी मांगों को करेगी पूरा। अभियान शुरू। देखिए ये रिपोर्ट


गोपालगंज में समान काम के लिए समान वेतन , राज्य कर्मी का दर्जा देने और पुरानी पेंशन लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर जिले के नियोजित शिक्षकों ने आंदोलन तेज वूं वु कर दिया है । इस क्रम में सोमवार को बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ गोपालगंज के आह्वान पर जिले के शिक्षकों ने हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत की । संघ के जिलाध्यक्ष रतिकांत साह ने बताया कि सूबे के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने वादा किया था कि महागठबंधन की सरकार बनने पर राज्य के नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा पुरानी पेंशन योजना , समान काम का समान वेतन सहित सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी । सूबे के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि बिहार के शिक्षक अपने स्कूलों में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाएं तो राज्य सरकार उनकी सभी मांगों को पूरा कर देगी । इसको लेकर सभी नियोजित शिक्षक हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर नई सरकार से अपना वादा पूरा करने की मांग करेंगे ।हस्ताक्षर अभियान में शिक्षक जलेसर प्रसाद ,  ताजुद्दीन , नितेश कुमार के साथ अन्य शिक्षक भी शामिल थे। 

आपको बता दे की  गोपालगंज शहर स्थित जिला कार्यालय में सोमवार को प्रारंभिक माध्यमिक शिक्षक संघ की भी बैठक हुई । बैठक की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष रणदीप सिंह ने की । बैठक में प्रखंड स्तरीय व जिला स्तरीय मुद्दों पर चर्चा की गई । जिला अध्यक्ष ने कहा कि संघ | को मजबूती प्रदान करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे । जिले किसी भी शिक्षक को यदि कोई समस्या हो तो संघ के | पदाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या से अवश्य अवगत कराएं , ताकि समस्या का समाधान जिला स्तर पर कराया जा सके । | बैठक में एरियर भुगतान , नव नियुक्त शिक्षकों का सेवा पुस्तिका , महगाई भत्ता का एरियर भुगतान , अर्जिता अवकाश संबंधी पत्र निर्गत आदि पर विस्तृत चर्चा की गई । जिलाध्यक्ष ने संघ द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में जिला से शिक्षक को चयनित करने पर चर्चा की । बैठक में जिले के सभी प्रखंडों से शिक्षक प्रतिनिधि ने भाग लिया ।




सोमवार, 29 अगस्त 2022

प्रबंधन समिति की निगरानी में प्रधानाध्यापक और शिक्षक करेंगे कार्य। देखिए ये रिपोर्ट




राज्य के सभी 9430 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की प्रबंध समितियों को व्यापक अधिकार दिए गए हैं। इससे संबंधित प्रविधान बिहार राजकीयकृत माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रबंध समिति गठन एवं संचालन नियमावली में किए गए हैं। यह तत्काल प्रभाव से लागू भी है।प्रविधान के मुताबिक प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के कार्यकलापों पर प्रबंध समिति की निगरानी रहेगी . विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में सुधार , शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों पर नियंत्रण , उन्हें समयनिष्ठ बनाना , उपस्कर एवं अन्य सामग्री का संरक्षण उनका लेखा , रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए सक्षम प्राधिकार का ध्यान आकृष्ट कराना , शिक्षक प्रशिक्षण की व्यवस्था संचालन में अभिभावकों एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के सहयोग की व्यवस्था , विद्यालय भवन की मरम्मती एवं सफाई की व्यवस्था , विद्यालय के विकास कार्यक्रमों की व्यवस्था , अनुदान राशि का समय पर उपयोग व लेखा संधारण की व्यवस्था जैसे अधिकार प्रबंध समितियों को दिए गए हैं। प्रबंध समिति के सभी निर्णय बहुमत द्वारा लिए जायेंगे। 

शिक्षा विभाग ने नए प्रविधान के तहत प्रबंध समितियों के लिए विद्यालय विकास कार्य योजना बनाकर उसका ससमय क्रियान्वयन को अनिवार्य कर दिया है। यहां तक कि प्रबंध समिति की बैठक समय - समय पर बुलाने , शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों पर पूर्ण नियंत्रण , विद्यालय में समुचित अनुशासन , शिक्षण की प्रगति , पाठ्यक्रम के तहत शिक्षको की प्रगति , विद्यालय भवन , उपस्कर , पाठ्यसामग्री , कक्षा , प्रयोगशाला , पुस्तकालय की समुचित साफ - सफाई , मासिक , त्रैमासिक , अद्ववार्षिक एवं वार्षिक परीक्षाओं का समय से संचालन , मूल्यांकन एवं परीक्षाफल , खेलकूद एकेडमिक कैलेंडर का जिम्मा भी प्रबंध समितियों के अधिकार में होगा। 

सोमवार, 1 अगस्त 2022

स्कूल जांच मे एमडीएम की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं । प्रधानाध्यापक ने दिया जवाब। देखिए ये रिपोर्ट


विक्रमगंज। स्कूली बच्चों को पोषण युक्त आहार उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में संचालित मध्याहन भोजन योजना का नाम बदल कर प्रधानमंत्री पोषण योजना कर दिया गया है । नाम बदलने के बाद भी विद्यालयों में दिए जाने वाले मिड डे मील की तस्वीर नहीं बदली है । इन दिनों पंचायतों में संचालित स्कूलों की जांच की जा रही है । निरीक्षण के दौरान 60 फीसदी से अधिक विद्यालयों में संचालित एमडीएम योजना की गुणवत्ता में कमी पाई जा रही है । निरीक्षण से स्पष्ट है कि कहीं बच्चों को कम एमडीएम दिया जा रहा है , तो कहीं है । बताया जाता है कि लिमिट और महंगाई ने प्रधानमंत्री पोषण योजना का जायका बिगाड़ दिया है । 

प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत एक पांच कक्षा के बच्चों को 4.97 रुपये और कक्षा छह से आठ तक के छात्रों को 7.45 रुपये की दर से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है । दाल , सब्जी , तेल , रसोई गैस की कीमतों में प्रत्येक दिन तेजी आ रही है । ऐसे में प्रधानाध्यापक के लिए इतनी कम राशि में गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है ।

दूसरी ओर विद्यालयों का लिमिट तय कर दिया गया है । किसी विद्यालय में अगर 70 या 80 प्रतिशत बच्चे आते हैं , तो भी प्रधानाध्यापक को 63 प्रतिशत बच्चे के लिए निर्धारित राशि ही मिलेगी । ऐसे में शेष बच्चों को प्रधानाध्यापक अपनी जेब से कैसे मध्याह्न भोजन खिलाएंगे । प्रधानमंत्री पोषण योजना में किसी भी प्रकार की खर्च की गई राशि का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जाना है । यह राशि भी सीधे वेंडर के खाते में जाएगी । शिक्षक शेखर गुप्ता ने कहा कि पीएफएमस प्रणाली से राशि भुगतान में काफी परेशानी आती है । अभी तक आधे विद्यालयों का भी बीते माह के विपत्र का भुगतान नहीं हो पाया है । प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रेणु देवी कहती हैं कि पोर्टल पर विपत्र अपलोड करने में समस्या आ रही है । इसके बावजूद 50 प्रतिशत से अधिक के विपत्र का भुगतान हो गया है ।